सिंहावली ध्वजा मेले में श्रद्धा का सैलाब, दूर-दूर से पहुंचे भक्त।

◆ चप्पे-चप्पे पर दिखा पुलिस का पहरा, सीसीटीवी से रखी गई पैनी नजर।

◆ मेले में दिखा उत्साह : महिलाओं ने की खरीदारी तो बच्चों ने उठायाझूलों का लुत्फ।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल तहसील क्षेत्र के सिंहावली स्थित श्री गोपाल धाम बाबरा बाबा आश्रम पर लगने वाले ध्वजा मेले में लाखों लोगों का सैलाब दिखा जिसमें श्रद्धालुओं का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। जहां दूर-दूर से आए हजारों भक्तों ने मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मेले में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती रही, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया।
मेले में भक्ति के साथ-साथ उत्साह और रौनक भी देखने को मिली। महिलाओं ने पूजा-अर्चना करने के बाद मेले में जमकर खरीदारी की, जबकि बच्चों ने झूलों और मनोरंजन के साधनों का भरपूर आनंद उठाया। दिनभर मेले में चहल-पहल बनी रही।
मेले को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा और सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरे मेले की पैनी निगरानी की गई। पुलिस अधिकारी भी लगातार मेले का जायजा लेते रहे।
जहां कैलादेवी थाना पुलिस ने मेले में आने वाले मार्गो पर बैरिकेडिंग कर यातायात व्यवस्था को सुलभ बनाया साथ ही वाहनों की अलग पार्किंग व्यवस्था भी की गई। मेले में पीएसी बल के साथ अलग-अलग कई थानों की पुलिस मौजूद रही।

बता दें कि सिंहावली स्थित श्री गोपाल धाम बाबरे बाबा आश्रम पर होली मिलन के अगले दिन लगने वाले ध्वज मेले में लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ मंदिर में पूजा अर्चना कर मेले में जमकर खरीदारी की। महिलाओं ने मीना बाजार में खरीदारी की तो बच्चों ने खेल खिलौने खरीदे और चांट पकोड़ी खाकर मौज मस्ती की, वहीं झूले का आनंद लिया। साथ ही मेले में मौजूद राजस्थानी ऊंटों से युवाओं तथा बच्चों ने जमकर आनंद लिया।
चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर ही मंदिर में महिलाओं तथा पुरुषों के प्रवेश की अलग व्यवस्था रही। महिला पुलिस कर्मियों ने मीना बाजार तथा मंदिर के आसपास व्यवस्था संभाली।
बता दें कि थाना प्रभारी जितेंद्र वर्मा ने सभी मेला कमेटी के सदस्यों के साथ पूर्व में ही बैठक आयोजित कर जानकारी ली थी साथ ही मेले में व्यवस्था को सही रूप देने के लिए सहयोग हेतु अपील की थी।
मेले में भारी संख्या में पीएसी जवान भी मौजूद रहे तथा फायर ब्रिगेड मशीन भी दिन भर मेले में मौजूद रही। हर वर्ष की भांति इस बार भी स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भी मेले में कैंप लगाया गया।
वहीं सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा जगह-जगह पानी की पर्याप्त व्यवस्था की गई।
व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाने के लिए साउंड के जरिए संचालन होता रहा जहां निरंतर सभी को निर्देशित करते हुए मेले में भाईचारा एवं शांति व्यवस्था बनाने रखने की अपील की जाती रही। जहां मेले में भाजपा जिलाध्यक्ष हरेंद्र सिंह रिंकू पूर्व एमएलसी परमेश्वर लाल सैनी एवं पवांसा ब्लॉक प्रमुख के पति हृदेश यादव आदि मौजूद रहे।

होली के रंग में रंगे बदायूं एसएसपी, जमकर लगाए ठुमके।

◆ पुलिस कर्मियों ने कंधे पर बिठा जमकर उडाया अमीर गुलाल।

प्रवाह ब्यूरो
बदायूं। गुरुवार कोपुलिस लाइन में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार सिंह अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ होली के रंगों में रंगे दिखे। कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों ने एसएसपी को कंधों पर उठा लिया जहां एसएसपी भी डीजे की धुन पर नृत्य करते तथा गुलाल उड़ाते नजर आए।
समारोह में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।
समारोह के दौरान पुलिसकर्मियों ने डीजे की धुन पर जमकर नृत्य किया। पूरे परिसर में होली का भव्य उल्लास दिखाई दिया।
एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने भी सभी को होली की बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। एसएसपी ने जनपद में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता तथा समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

समारोह के दौरान पुलिसकर्मियों ने डीजे की धुन पर जमकर नृत्य किया। पूरे परिसर में होली का उल्लास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी के लिए जलपान की व्यवस्था की गई, जहां सौहार्दपूर्ण माहौल में होली मिलन समारोह संपन्न हुआ।
इस दौरान सभी ने आपसी भाईचारे के साथ पर्व का आनंद लिया। कार्यक्रम में एएसपी ग्रामीण डॉ. हृदेश कठेरिया, एएसपी नगर विजयेन्द्र द्विवेदी, क्षेत्राधिकारीगण, थाना प्रभारी व बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।

संभल में जलती होली के बीच जा खड़ा हुआ युवक, मचा हड़कंप।

युवक को बाहर खींचकर बचाया, जान बचते ही मौके से भागा।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। बुधवार को थाना गुन्नौर क्षेत्र के गांव नदरौली में होलिका दहन के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक अचानक जलती हुई होली के बीच जा खड़ा हुआ। आग में खड़े होकर सबको हाथ जोड़कर राम-राम करने लगा। इसके बाद होली मुबारक के नारे लगाने लगा। करीब 15 सेकेंड तक आग की लपटों के बीच हाथ जोड़े खड़ा रहा। ऐसा देखकर लोगों की आंखें फटी की फटी रह गईं। आग की तेज लपटों के बीच युवक को खड़ा देख मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान एक व्यक्ति ने बहादुरी दिखाते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना युवक को जलती होली से बाहर खींच लिया। तब तक युवक गंभीर रूप से झुलस चुका था। उसके आधे से अधिक कपड़े भी जल चुके थे। जैसे ही युवक आग से बाहर निकला, वह मौके से भागने लगा।
लोगों ने उसे नजदीकी सीएचसी पहुंचाया। जहां युवक का इलाज जारी है। परिजनों ने बताया कि युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। वह बिना बताए घर से निकला था।
बता दें कि गुन्नौर थाना क्षेत्र के नंदरौली गांव में 4 मार्च की सुबह होलिका दहन का कार्यक्रम चल रहा था। होली जलने के बाद लोग जौं, गन्ना आदि भून परिक्रमा कर रहे थे। कई महिलाएं घरों की छतों से इस पूरे आयोजन का वीडियो और तस्वीरें बना रही थीं। माहौल पूरी तरह उत्सव का था।
इसी दौरान सफेद कुर्ता-पैजामा पहने और सिर पर गमछी बांधे एक युवक पहुंचा। देखते ही देखते सैकड़ों लोगों की आंखों के सामने होलिका की ऊंची-ऊंची लपटों के बीच जाकर खड़ा हो गया।
जहां करीब 15 सेकेंड तक युवक आग की लपटों के बीच खड़ा रहा। हाथ जोड़कर लोगों को राम-राम बोलता रहा। दोनों हाथ हवा में उठाकर होली मुबारकबाद देने लगा। होलिका जलाने के लिए पहुंचे लोगों ने जब यह नजारा देखा तो हक्का-बक्का रह गए। भीड़ में से एक युवक ने जान पर खेलते हुए आग में जाकर युवक का हाथ खींचकर उसे लपटों से बाहर निकाल लिया। आग से बाहर निकलने के बाद युवक तेजी से भीड़ से दूर भागने लगा।
तब तक युवक के पकड़े और शरीर के कई अंग बुरी तरह से झुलस चुके थे। लोगों ने एंबुलेंस 108 की मदद से युवक को गुन्नौर सीएचसी पहुंचाया, जहां मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक वीरपाल का इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार वीरपाल की मानसिक हालत ठीक नहीं है और वह गांव में ही रहकर खेतीबाडी करता है। उसके दो बेटे हैं। वीरपाल, बहजोई थाना क्षेत्र के गांव सिंगपुर का निवासी है। नंदरौली गांव में ससुराल होने की चलते वह वहां होली मनाने के लिए आया हुआ था। ससुर मलखान ने बताया- वीरपाल की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। होली दहन के दौरान वह भी अन्य लोगों के साथ मौजूद था और अचानक जलती होली पर चढ़कर खड़ा हो गया।
घटना को लेकर कुछ देर तक वहां मौजूद लोगों में चर्चा का माहौल बना रहा। आखिरकर स्थानीय लोगों की सूझबूझ और बहादुरी से एक बड़ा हादसा टल गया।
इस घटना का एक 2 मिनट का वीडियो गुरुवार से सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जहां वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक कुछ लोगों के साथ भीड़ से गुजरते हुए होलिका के पास तक पहुंचता है। देखते ही देखते आग की लपटों से होते हुए जलती हुई होलिका के बीच जाकर खड़ा हो जाता है। पहले लोगों को हाथ जोड़कर राम-राम करता है और फिर दोनों हाथ हवा में उठाकर होली मुबारक के नारे लगाने लगता है। भीड़ में से एक युवक जान जोखिम में डालकर आग के बीच जाता है और युवक का हाथ खींचकर उसे बाहर निकाल लेता है। बाहर आते ही सिरफिरा युवक भीड़ से दूर भागने लगता है।
गुन्नौर थाना प्रभारी राजीव मलिक ने बताया कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो से मामला संज्ञान में आया है।
युवक की पहचान हो चुकी है जिसका सीएचसी गुन्नौर में इलाज जारी है। जहां उसकी हालत खतरे से बाहर है, युवक की मानसिक स्थिति आदि को लेकर भी परिजनों से पूछताछ की जा रही है।

होली से पूर्व प्रशासन अलर्ट, पीस कमेटी बैठक में शांति का संदेश।

डीएम-एसपी के सख्त निर्देश अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई।

मुस्लिम धर्मगुरुओं की अपील – सौहार्द और भाईचारे के साथ मनाएं त्यौहार।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल में होली, रमजान और ईद के त्यौहारों को लेकर जिला स्तरीय पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में नई परंपरा डालने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में 64 जुलूस, 1215 होलिका दहन और 17 मेले लगेंगे। बैठक शनिवार शाम 3:30 बजे शुरू होकर 5:30 बजे समाप्त हुई।जहांहोली के त्यौहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। शनिवार को पूर्व कलेक्ट्रेट सभागार में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनप्रतिनिधि, धर्मगुरु, समाजसेवी और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में डीएम और एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी तरह की अफवाह या भड़काऊ पोस्ट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि त्योहार को आपसी प्रेम, भाईचारे और परंपरागत उल्लास के साथ मनाएं।

मौके पर मौजूद मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी समाज को एकता और सद्भाव का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि होली रंगों का त्योहार है, इसे आपसी सम्मान और सौहार्द के साथ मनाया जाना चाहिए। किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा और शांति व्यवस्था भंग करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। बैठक में पीस कमेटी के सदस्यों ने कई समस्याएं और सुझाव प्रस्तुत किए। बदायूं चुंगी चंदौसी के पास पार्किंग, त्योहारों पर बैंक और एटीएम में नकदी की कमी, सिरसी के मोहल्ला चौधरियान में होलिका दहन स्थल के पास ढीले विद्युत तार और संभल में पुरानी तहसील के पास सड़क में गड्ढे जैसी शिकायतें शामिल थीं।जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं के तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए।
एडीएम प्रदीप वर्मा ने होलिका दहन स्थलों का निरीक्षण करने के लिए लेखपालों और ग्राम सचिवों को निर्देशित किया ताकि किसी भी बाधा को दूर किया जा सके। उन्होंने होली पर अवैध शराब की बिक्री रोकने के निर्देश दिए और ऐसी किसी भी शिकायत पर तत्काल जिला आबकारी अधिकारी या संबंधित थाने को सूचित करने को कहा। होलिका दहन स्थलों पर साफ-सफाई, पेयजल और विद्युत की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
सीएमओ को एम्बुलेंस और पर्याप्त दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया। डीजे के प्रयोग को निर्धारित मानकों के अनुसार करने को कहा गया। साथ ही होली के जुलूस केवल निर्धारित मार्गों पर ही निकाले जाएं और कोई नई परंपरा शुरू न की जाए। जुलूस के आयोजकों को इसे लीड करने, निर्धारित मार्ग का पालन करने और स्वयंसेवकों की व्यवस्था करने के लिए कहा गया।
एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दिया जाए, अगर कोई अफवाह फैलाता पाया गया उस पर कड़ी कार्यवाही होगी, त्यौहारों पर कोई भी नई परम्परा न डाली जाए। उन्होंने बताया कि जनपद में 64 जुलूस एवं शोभायात्रा निकाली जाएंगी, कुल 1215 होलिका दहन स्थल हैं तथा 17 मेले लगेंगे। सोशल मीडिया पर भी निगरानी रहेगी, किसी ने भ्रामक पोस्ट की तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने कहा कि सौहार्द का संदेश दें। रात्रि 10 बजे के बाद शोरगुल ना हो, डीजे मानक के अनुसार ही बजे।
जहां बैठक में सीडीओ गोरखनाथ भट्ट, एएसपी कुलदीप सिंह, सीएमओ डाॅ. तरुण पाठक, एसडीएम संभल रामानुज, एसडीएम चंदौसी आशुतोष तिवारी, एसडीएम गुन्नौर अवधेश कुमार, डिप्टी कलक्टर विकास चन्द, सीओ चंदौसी दीपक तिवारी, सीओ बहजोई डॉ. प्रदीप कुमार, जिला सूचना अधिकारी बृजेश कुमार, अखिल भारतीय युवा व्यापार मण्डल के अध्यक्ष सागर गुप्ता, अखिल भारतीय युवा व्यापार मण्डल के युवा प्रदेश उपाध्यक्ष शाह आलम मंसूरी, हाजी एहतेशाम, मोहम्मद नाजिम आदि उपस्थित रहे।

वेतन आदि समस्यों को लेकर व्यवसायिक प्रशिक्षकों नें सौंपा ज्ञापन।

◆ माध्यमिक शिक्षा मंत्री के आवास पर एकत्रित हुए सभी व्यवसायिक प्रशिक्षक।

◆ समय पर वेतन न मिलने व टेंडर अवधि 11 माह करने आदि समस्याओं से कराया अवगत।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। शनिवार को सभी प्रशिक्षक एकत्रित होकर माध्यमिक शिक्षा मंत्री के आवास पहुंचे और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
प्रशिक्षकों ने बताया कि उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश के समस्त व्यावसायिक प्रशिक्षकों ने अपनी सेवा अवधि, मानदेय वृद्धि और नौकरी सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में प्रशिक्षकों ने अपनी समस्याओं और मांगों को विस्तार से रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
प्रशिक्षकों का कहना है कि वर्तमान में शिक्षा मित्रों का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये तथा अनुदेशकों का 17 हजार रुपये कर दिया गया है, जबकि व्यावसायिक प्रशिक्षकों की सेवा अवधि मात्र 7.5 माह निर्धारित कर रखी है। बोर्ड परीक्षाएं समाप्त होने के बाद उनकी सेवाएं खत्म कर दी जाती हैं और जुलाई में नए सत्र से पुनः नियुक्ति दी जाती है। इस दौरान उन्हें कोई मानदेय नहीं मिलता, जिससे परिवार के भरण-पोषण में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था के कारण प्रशिक्षकों का शोषण हो रहा है तथा कई महीनों तक मानदेय का भुगतान लंबित रहता है। कुछ प्रशिक्षकों को 6 माह से वेतन नहीं मिलने की बात भी सामने आई है, जिससे आर्थिक संकट गहरा गया है।
प्रशिक्षकों ने अपनी प्रमुख मांगों में सेवा अवधि 7.5 माह से बढ़ाकर न्यूनतम 11 माह करने, 1 अप्रैल 2026 से मानदेय 30 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने, आउटसोर्सिंग सेवा आयोग को प्रभावी रूप से लागू करने, नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक माह की 1 से 5 तारीख के बीच अनिवार्य रूप से मानदेय भुगतान कराने की मांग की है। साथ ही समस्त व्यावसायिक प्रशिक्षकों की सेवाएं सरकार के अधीन करने और कंपनियों की भूमिका समाप्त करने की भी मांग उठाई गई है।
प्रशिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया तो वे आगे आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे। ज्ञापन की प्रतिलिपि संबंधित अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है।

आपत्तिजनक पोस्ट पड़ी भारी, आरोपी डॉक्टर इकबाल गिरफ्तार।

दो फोटो पोस्ट होते ही सक्रिय हुई खुफिया एजेंसियां, संभल में बढ़ी सतर्कता।

बहजोई के विनायक अस्पताल में कार्यरत है जम्मू कश्मीर के श्रीनगर का रहने वाला डॉक्टर।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल में सोशल मीडिया पर पीएम मोदी की आपत्तिजनक पोस्ट करना एक डॉक्टर को भारी पड़ गया। आरोपी डॉक्टर इकबाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है।
तस्वीर वायरल हुई, तो पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। जहां
उसने दो अलग-अलग फोटो बनाकर उन्हें स्टेटस पर लगाया था।
पोस्ट सामने आते ही खुफिया तंत्र हरकत में आ गया। स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) और अन्य एजेंसियों ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूरा मामला जनपद के बहजोई थाना क्षेत्र का है।

बता दें कि आरोपी संभल के एक निजी अस्पताल में काम करता है। वह जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के डार का रहने वाला है।
दरअसल, शुक्रवार को “Dr Iqbal yahiya Vinayak hospital” नाम की फेसबुक आईडी से प्रधानमंत्री की दो एडिटेड तस्वीर पोस्ट की गई। इसी फोटो का व्हाट्सएप स्टेटस भी लगाया गया था। पोस्ट और स्टेटस वायरल हुआ तो पुलिस ने जांच शुरू की। जहां आरोपी की पहचान डॉ. इकबाल हुसैन के रूप में हुई। पुलिस उसे हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

डॉक्टर संभल के बहजोई क्षेत्र कस्बा स्थित विनायक अस्पताल में काम करता है। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन को जब्त कर लिया है। सोशल मीडिया अकाउंट की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार आरोपी डॉक्टर इकबाल मूल रूप से श्रीनगर के डार का रहने वाला है और उसने चाइना से एमबीबीएस की डिग्री ली है। वह साल 2023 से कस्बा बहजोई में रह रहा है। गांव मझोला निवासी डॉ. सूरजपाल के विनायक हॉस्पिटल में डॉक्टर है। आरोपी डॉक्टर ने MBBS की पढ़ाई चाइना से की है। जहां वह विनायक हॉस्पिटल में  ऊपरी मंजिल पर सपरिवार रहता है।
प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक व भ्रामक सामग्री पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है और क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
उपरोक्त संबंध में बहजोई इंस्पेक्टर संत कुमार ने बताया कि डॉक्टर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

परीक्षा समाप्त होने पर इंटर की छात्राओं ने खेली होली, एक दूसरे को लगाया गुलाल।

◆ इंटरमीडिएट विज्ञान वर्ग की परीक्षा समाप्त होने पर परीक्षा केंद्र पर होली खेली छात्राएं।

◆ कैला देवी के बाबा रतन गिरि आदर्श इंटर कॉलेज में एक दूसरे पर लगाया गुलाल।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट विज्ञान वर्ग की परीक्षा समाप्त होने पर कैला देवी के बाबा रतनगिरि आदर्श इंटर कॉलेज में छात्राओं ने कक्षा से निकलकर विद्यालय परिसर में एक दूसरे को गुलाल लगाते हुए होली खेली।

यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट विज्ञान वर्ग की परीक्षा भौतिक विज्ञान के पेपर के साथ शुक्रवार को समाप्त हो गई। परीक्षा समाप्त होने के बाद कैला देवी के बाबा रतन गिरि आदर्श इंटर कॉलेज में जैसे ही छात्राएं बाहर निकलीं तो उन्होंने एक दूसरे पर गुलाल लगाकर खुशी जाहिर की और होली खेली।
छात्राओं ने बताया कि भौतिक विज्ञान का पेपर थोड़ा कठिन था, लेकिन इतना नहीं। परीक्षा कक्ष से निकलकर विद्यालय परिसर में ही छात्राओं ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर खुशी जाहिर की।

शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए खुशखबरी, योगी सरकार ने बढ़ाया मानदेय।

◆ शिक्षामित्रों को 18 हजार तो अनुदेशकों को 17 हजार रुपए प्रतिमाह का ऐलान।

नए शैक्षणिक सत्र से मिलेगा बढ़ा मानदेय, शिक्षामित्रों में खुशी की लहर।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। यूपी विधानसभा के बजट सत्र में सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने शुक्रवार को बड़ा ऐलान किया है।
जहां सरकार ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को बड़ी राहत देते हुए उनके मानदेय में वृद्धि कर दी है। सरकार के फैसले के अनुसार अब शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपए तथा अनुदेशकों को 17 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। बताया गया है कि बढ़ा हुआ मानदेय नए शैक्षणिक सत्र से लागू होगा। इस निर्णय के बाद प्रदेश भर के शिक्षामित्रों में खुशी की लहर दौड़ गई है। लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे शिक्षामित्रों और अनुदेशकों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यह फैसला शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और शिक्षामित्रों व अनुदेशकों का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण और बेहतर होगा।
अभी मौजूदा वक्‍त में शिक्षा मित्रों को लगभग 10,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। नए फैसले के बाद उन्हें सीधे 8,000 रुपये की बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा।
इसी तरह, अनुदेशकों को अब तक करीब 9,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता रहा है, जिसे बढ़ाकर 17,000 रुपये किया गया है। यानी उन्हें भी 8,000 रुपये तक की वृद्धि का लाभ मिलेगा।
प्रदेश में करीब 1.50 लाख से अधिक शिक्षामित्र कार्यरत हैं साथ ही लगभग 25,000 अनुदेशक अलग-अलग परिषदीय विद्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं। इस फैसले से करीब 1.75 लाख कर्मियों को सीधा लाभ मिलने का अनुमान है।
शिक्षा मित्र और अनुदेशक संगठन लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे। बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री की इस घोषणा को इन वर्गों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

यूपी बोर्ड परीक्षा आज से: 5 अहम बदलाव जो हर छात्र को जानने चाहिए।

◆ अब हर पन्ने पर लिखना होगा अनुक्रमांक और कॉपी नंबर, नकल पर कसेगा शिकंजा।

कॉपी में नाम, चिह्न या पहचान के अलावा रखे रूपये तो सील होगी कॉपी।

8 हजार परीक्षा केंद्रों पर बड़ी तैयारी, 53 लाख से अधिक परीक्षार्थियों की इस बार ए4 साइज में लंबवत होगी उत्तर पुस्तिका।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। एशिया के सबसे बड़े शिक्षा बोर्डों में गिने जाने वाले यूपी बोर्ड परीक्षा आज से शुरू हो रही हैं। जिसमें इस बार कई अहम बदलाव किए गए हैं। इस साल करीब 53 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे, जिसके लिए 75 जिलों में कुल 8033 परीक्षा केंद्र बनाए गए है। नकल पर सख्ती और पारदर्शिता के लिए बोर्ड ने नई व्यवस्था लागू की है। नकलविहीन परीक्षा के लिए ऑनलाइन मॉनिटरिंग और कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
इसमें से कई बदलावों से छात्रों का स्ट्रेस काफी हद तक कम भी होने वाला है। परीक्षाएं पूरे राज्य में पेन-एंड-पेपर मोड में होंगी। सुबह का सेशन सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक चलेगा, जबकि दोपहर का सेशन दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगा। क्लास 10 और 12 दोनों के लिए पहली परीक्षा हिंदी की है।
इन नियमों के तहत महिला स्टाफ की तैनाती से लेकर जांच के दौरान जूते मोजे उतारने से लेकर कई सारे अहम निर्देश जारी किए गए हैं।
यूपी बोर्ड परीक्षा में जांच के दौरान छात्रों के साथ खराब व्यवहार के कई मामले सामने आ चुके हैं। जिसके चलते ही परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी और ऑडियो रिकॉर्डिंग के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बोर्ड ने बताया कि इस बार जांच के दौरान छात्रों को जूते और मोजे नहीं उतारने होंगे। बोर्ड ने नकल रोकने के लिए ये फैसला लिया है। अतिसंवेदनशील कैटेगरी में पड़ने वाले केंद्रों की दो बार जांच की जाएगी। वहीं 20 एग्जाम सेंटर्स में जैमर लगाया जाएगा। पहले कॉपियां आड़ी होती थीं अब उन्हें लंबवत कर दिया गया है। साथ ही हर आंसर शीट पर यूनिक नंबर और सुरक्षा चिह्न भी लगाए गए हैं। हर पेज पर रोल नंबर और कॉपी की संख्या लिखना जरूरी है। कॉपी में नाम, चिह्न या फिर पहचान लिखना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। एग्जाम कॉपी में पैसे मिलने पर आंसर शीट को सील कर दिया जाएगा। साथ ही परीक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई भी हो सकती है। बरामद राशि को सरकारी ट्रेजरी में जमा किया जाएगा। घटना की रिपोर्ट जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजी जाएगी। बोर्ड ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि एग्जाम से पहले वे सभी स्टूडेंट्स को ये सभी नियम बता दें।
उत्तर पुस्तिकाओं में चार रंगों में क्रमांक, परिषद का लोगो और UPMSP की सूक्ष्म अंकन जैसा विशेष सुरक्षा फीचर्स जोड़ा गया है, जिससे अदला-बदली रोक जा सके। इस साल पहली बार परीक्षा की ऑनलाइन मॉनीटरिंग भी की जाएगी। इसके अलावा, ‘उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024’ के तहत परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई होगी।
राज्य मंत्री गुलाब देवी ने लखनऊ में राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया। हर परीक्षा कक्ष में दो वॉयस रिकॉर्डर वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के साथ राउटर, डीवीआर और हाई-स्पीड इंटरनेट भी उपलब्ध है। परीक्षा की संपूर्ण लाइव मॉनिटरिंग वेबकास्टिंग के माध्यम से होगी। इन केन्द्रों पर एसटीएफ और स्थानीय टीम लगातार निगरानी करेगी। परीक्षा के संबंध में स्टूडेंट्स और पैरेंट्स को अगर कोई समस्या आती है तो मदद के लिए लखनऊ में राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम बनाए गए और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं- टोल-फ्री नंबर 18001806607 और 18001806608 जबकि माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के टोल-फ्री नंबर 18001805310 और 18001805312 भी सक्रिय रहेंगे। साथ ही शिकायत या सुझाव ईमेल, फेसबुक, एक्स (X) और व्हाट्सएप के माध्यम से भी भेजे जा सकते हैं। प्रयागराज मुख्यालय के साथ ही वाराणसी, मेरठ, बरेली और गोरखपुर के क्षेत्रीय कार्यालयों में भी कंट्रोल सेंटर बनाए गए हैं, जिससे परीक्षार्थियों को हर जगह मदद मिल सके।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: संभल एसओजी की पूरी टीम निलंबित।

◆ एसपी कृष्ण बिश्नोई ने लिया बड़ा एक्शन, दरोगा समेत 8 पुलिसकर्मी निलंबित।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। जनपद में भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आने के बाद पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया गया है। कृष्ण बिश्नोई ने सख्त रुख अपनाते हुए एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) की पूरी टीम को निलंबित कर दिया है।
कार्रवाई के तहत एक दरोगा, दो हेड कांस्टेबल और पांच कांस्टेबल समेत कुल आठ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। बताया जा रहा है कि टीम के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायत मिलने के बाद प्राथमिक जांच में मामला प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर यह कदम उठाया गया। निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में एक उपनिरीक्षक, दो हेड कांस्टेबल और पांच सिपाही शामिल हैं। एसपी की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
बता दें कि पुलिस अधीक्षक को पिछले दिनों एसओजी टीम से जुड़ी दो गंभीर शिकायतें मिली थीं। पहली शिकायत 2 फरवरी की रात की है, जब एसओजी टीम ने मुरादाबाद के बिलारी निवासी आस मोहम्मद को ई-कचरा ले जाते हुए पकड़ा था। आरोप है कि टीम उसे चौधरी सराय पुलिस चौकी ले गई और कथित तौर पर पैसे लेकर छोड़ दिया, साथ ही बरामद ई-कचरा भी अपने पास रख लिया।
दूसरी शिकायत में बताया गया कि एसओजी टीम को एक युवक-युवती का कथित अश्लील वीडियो किसी व्यक्ति द्वारा दिया गया था। इसके आधार पर टीम ने दो युवकों को हिरासत में लिया, लेकिन बाद में उनके खिलाफ कोई कार्रवाई किए बिना रिश्वत लेकर छोड़ दिया गया। जब दोनों मामलों की जांच पुलिस अधीक्षक स्तर पर कराई गई, जिसमें आरोपों में प्रथम दृष्टया सत्यता पाई गई। इसके बाद एसपी ने कड़ा फैसला लेते हुए एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक मोहित कुमार सहित पूरी टीम को निलंबित कर दिया।
निलंबित किए गए पुलिस कर्मियों में एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक मोहित कुमार, हेड कांस्टेबल अरशद, कुलवंत सिंह तथा सिपाही अजनबी, विवेक कुमार, बृजेश तोमर, आयुष और हीरेश ठेनुआ शामिल हैं। वहीं, एसओजी की नई टीम के गठन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
फिलहाल, बोबिंद्र कुमार को स्वाट टीम का प्रभारी नियुक्त किया गया है। बोबिंद्र कुमार को पहले थाना रायसत्ती का प्रभारी बनाया गया था, लेकिन एक जनप्रतिनिधि की शिकायत के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था। वह इस समय पुलिस लाइन में तैनात थे।
अधिकारियों का कहना है कि विभाग में भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी जांच के आधार पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।