
◆ शिक्षामित्रों को 18 हजार तो अनुदेशकों को 17 हजार रुपए प्रतिमाह का ऐलान।
◆ नए शैक्षणिक सत्र से मिलेगा बढ़ा मानदेय, शिक्षामित्रों में खुशी की लहर।
प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। यूपी विधानसभा के बजट सत्र में सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बड़ा ऐलान किया है।
जहां सरकार ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को बड़ी राहत देते हुए उनके मानदेय में वृद्धि कर दी है। सरकार के फैसले के अनुसार अब शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपए तथा अनुदेशकों को 17 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। बताया गया है कि बढ़ा हुआ मानदेय नए शैक्षणिक सत्र से लागू होगा। इस निर्णय के बाद प्रदेश भर के शिक्षामित्रों में खुशी की लहर दौड़ गई है। लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे शिक्षामित्रों और अनुदेशकों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यह फैसला शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और शिक्षामित्रों व अनुदेशकों का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण और बेहतर होगा।
अभी मौजूदा वक्त में शिक्षा मित्रों को लगभग 10,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। नए फैसले के बाद उन्हें सीधे 8,000 रुपये की बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा।
इसी तरह, अनुदेशकों को अब तक करीब 9,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता रहा है, जिसे बढ़ाकर 17,000 रुपये किया गया है। यानी उन्हें भी 8,000 रुपये तक की वृद्धि का लाभ मिलेगा।
प्रदेश में करीब 1.50 लाख से अधिक शिक्षामित्र कार्यरत हैं साथ ही लगभग 25,000 अनुदेशक अलग-अलग परिषदीय विद्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं। इस फैसले से करीब 1.75 लाख कर्मियों को सीधा लाभ मिलने का अनुमान है।
शिक्षा मित्र और अनुदेशक संगठन लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे। बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री की इस घोषणा को इन वर्गों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।











