वेतन आदि समस्यों को लेकर व्यवसायिक प्रशिक्षकों नें सौंपा ज्ञापन।

◆ माध्यमिक शिक्षा मंत्री के आवास पर एकत्रित हुए सभी व्यवसायिक प्रशिक्षक।

◆ समय पर वेतन न मिलने व टेंडर अवधि 11 माह करने आदि समस्याओं से कराया अवगत।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। शनिवार को सभी प्रशिक्षक एकत्रित होकर माध्यमिक शिक्षा मंत्री के आवास पहुंचे और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
प्रशिक्षकों ने बताया कि उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश के समस्त व्यावसायिक प्रशिक्षकों ने अपनी सेवा अवधि, मानदेय वृद्धि और नौकरी सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में प्रशिक्षकों ने अपनी समस्याओं और मांगों को विस्तार से रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
प्रशिक्षकों का कहना है कि वर्तमान में शिक्षा मित्रों का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये तथा अनुदेशकों का 17 हजार रुपये कर दिया गया है, जबकि व्यावसायिक प्रशिक्षकों की सेवा अवधि मात्र 7.5 माह निर्धारित कर रखी है। बोर्ड परीक्षाएं समाप्त होने के बाद उनकी सेवाएं खत्म कर दी जाती हैं और जुलाई में नए सत्र से पुनः नियुक्ति दी जाती है। इस दौरान उन्हें कोई मानदेय नहीं मिलता, जिससे परिवार के भरण-पोषण में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था के कारण प्रशिक्षकों का शोषण हो रहा है तथा कई महीनों तक मानदेय का भुगतान लंबित रहता है। कुछ प्रशिक्षकों को 6 माह से वेतन नहीं मिलने की बात भी सामने आई है, जिससे आर्थिक संकट गहरा गया है।
प्रशिक्षकों ने अपनी प्रमुख मांगों में सेवा अवधि 7.5 माह से बढ़ाकर न्यूनतम 11 माह करने, 1 अप्रैल 2026 से मानदेय 30 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने, आउटसोर्सिंग सेवा आयोग को प्रभावी रूप से लागू करने, नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक माह की 1 से 5 तारीख के बीच अनिवार्य रूप से मानदेय भुगतान कराने की मांग की है। साथ ही समस्त व्यावसायिक प्रशिक्षकों की सेवाएं सरकार के अधीन करने और कंपनियों की भूमिका समाप्त करने की भी मांग उठाई गई है।
प्रशिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया तो वे आगे आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे। ज्ञापन की प्रतिलिपि संबंधित अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है।

आपत्तिजनक पोस्ट पड़ी भारी, आरोपी डॉक्टर इकबाल गिरफ्तार।

दो फोटो पोस्ट होते ही सक्रिय हुई खुफिया एजेंसियां, संभल में बढ़ी सतर्कता।

बहजोई के विनायक अस्पताल में कार्यरत है जम्मू कश्मीर के श्रीनगर का रहने वाला डॉक्टर।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल में सोशल मीडिया पर पीएम मोदी की आपत्तिजनक पोस्ट करना एक डॉक्टर को भारी पड़ गया। आरोपी डॉक्टर इकबाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है।
तस्वीर वायरल हुई, तो पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। जहां
उसने दो अलग-अलग फोटो बनाकर उन्हें स्टेटस पर लगाया था।
पोस्ट सामने आते ही खुफिया तंत्र हरकत में आ गया। स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) और अन्य एजेंसियों ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूरा मामला जनपद के बहजोई थाना क्षेत्र का है।

बता दें कि आरोपी संभल के एक निजी अस्पताल में काम करता है। वह जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के डार का रहने वाला है।
दरअसल, शुक्रवार को “Dr Iqbal yahiya Vinayak hospital” नाम की फेसबुक आईडी से प्रधानमंत्री की दो एडिटेड तस्वीर पोस्ट की गई। इसी फोटो का व्हाट्सएप स्टेटस भी लगाया गया था। पोस्ट और स्टेटस वायरल हुआ तो पुलिस ने जांच शुरू की। जहां आरोपी की पहचान डॉ. इकबाल हुसैन के रूप में हुई। पुलिस उसे हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

डॉक्टर संभल के बहजोई क्षेत्र कस्बा स्थित विनायक अस्पताल में काम करता है। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन को जब्त कर लिया है। सोशल मीडिया अकाउंट की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार आरोपी डॉक्टर इकबाल मूल रूप से श्रीनगर के डार का रहने वाला है और उसने चाइना से एमबीबीएस की डिग्री ली है। वह साल 2023 से कस्बा बहजोई में रह रहा है। गांव मझोला निवासी डॉ. सूरजपाल के विनायक हॉस्पिटल में डॉक्टर है। आरोपी डॉक्टर ने MBBS की पढ़ाई चाइना से की है। जहां वह विनायक हॉस्पिटल में  ऊपरी मंजिल पर सपरिवार रहता है।
प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक व भ्रामक सामग्री पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है और क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
उपरोक्त संबंध में बहजोई इंस्पेक्टर संत कुमार ने बताया कि डॉक्टर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

परीक्षा समाप्त होने पर इंटर की छात्राओं ने खेली होली, एक दूसरे को लगाया गुलाल।

◆ इंटरमीडिएट विज्ञान वर्ग की परीक्षा समाप्त होने पर परीक्षा केंद्र पर होली खेली छात्राएं।

◆ कैला देवी के बाबा रतन गिरि आदर्श इंटर कॉलेज में एक दूसरे पर लगाया गुलाल।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट विज्ञान वर्ग की परीक्षा समाप्त होने पर कैला देवी के बाबा रतनगिरि आदर्श इंटर कॉलेज में छात्राओं ने कक्षा से निकलकर विद्यालय परिसर में एक दूसरे को गुलाल लगाते हुए होली खेली।

यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट विज्ञान वर्ग की परीक्षा भौतिक विज्ञान के पेपर के साथ शुक्रवार को समाप्त हो गई। परीक्षा समाप्त होने के बाद कैला देवी के बाबा रतन गिरि आदर्श इंटर कॉलेज में जैसे ही छात्राएं बाहर निकलीं तो उन्होंने एक दूसरे पर गुलाल लगाकर खुशी जाहिर की और होली खेली।
छात्राओं ने बताया कि भौतिक विज्ञान का पेपर थोड़ा कठिन था, लेकिन इतना नहीं। परीक्षा कक्ष से निकलकर विद्यालय परिसर में ही छात्राओं ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर खुशी जाहिर की।

शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए खुशखबरी, योगी सरकार ने बढ़ाया मानदेय।

◆ शिक्षामित्रों को 18 हजार तो अनुदेशकों को 17 हजार रुपए प्रतिमाह का ऐलान।

नए शैक्षणिक सत्र से मिलेगा बढ़ा मानदेय, शिक्षामित्रों में खुशी की लहर।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। यूपी विधानसभा के बजट सत्र में सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने शुक्रवार को बड़ा ऐलान किया है।
जहां सरकार ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को बड़ी राहत देते हुए उनके मानदेय में वृद्धि कर दी है। सरकार के फैसले के अनुसार अब शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपए तथा अनुदेशकों को 17 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। बताया गया है कि बढ़ा हुआ मानदेय नए शैक्षणिक सत्र से लागू होगा। इस निर्णय के बाद प्रदेश भर के शिक्षामित्रों में खुशी की लहर दौड़ गई है। लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे शिक्षामित्रों और अनुदेशकों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यह फैसला शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और शिक्षामित्रों व अनुदेशकों का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण और बेहतर होगा।
अभी मौजूदा वक्‍त में शिक्षा मित्रों को लगभग 10,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। नए फैसले के बाद उन्हें सीधे 8,000 रुपये की बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा।
इसी तरह, अनुदेशकों को अब तक करीब 9,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता रहा है, जिसे बढ़ाकर 17,000 रुपये किया गया है। यानी उन्हें भी 8,000 रुपये तक की वृद्धि का लाभ मिलेगा।
प्रदेश में करीब 1.50 लाख से अधिक शिक्षामित्र कार्यरत हैं साथ ही लगभग 25,000 अनुदेशक अलग-अलग परिषदीय विद्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं। इस फैसले से करीब 1.75 लाख कर्मियों को सीधा लाभ मिलने का अनुमान है।
शिक्षा मित्र और अनुदेशक संगठन लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे। बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री की इस घोषणा को इन वर्गों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

यूपी बोर्ड परीक्षा आज से: 5 अहम बदलाव जो हर छात्र को जानने चाहिए।

◆ अब हर पन्ने पर लिखना होगा अनुक्रमांक और कॉपी नंबर, नकल पर कसेगा शिकंजा।

कॉपी में नाम, चिह्न या पहचान के अलावा रखे रूपये तो सील होगी कॉपी।

8 हजार परीक्षा केंद्रों पर बड़ी तैयारी, 53 लाख से अधिक परीक्षार्थियों की इस बार ए4 साइज में लंबवत होगी उत्तर पुस्तिका।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। एशिया के सबसे बड़े शिक्षा बोर्डों में गिने जाने वाले यूपी बोर्ड परीक्षा आज से शुरू हो रही हैं। जिसमें इस बार कई अहम बदलाव किए गए हैं। इस साल करीब 53 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे, जिसके लिए 75 जिलों में कुल 8033 परीक्षा केंद्र बनाए गए है। नकल पर सख्ती और पारदर्शिता के लिए बोर्ड ने नई व्यवस्था लागू की है। नकलविहीन परीक्षा के लिए ऑनलाइन मॉनिटरिंग और कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
इसमें से कई बदलावों से छात्रों का स्ट्रेस काफी हद तक कम भी होने वाला है। परीक्षाएं पूरे राज्य में पेन-एंड-पेपर मोड में होंगी। सुबह का सेशन सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक चलेगा, जबकि दोपहर का सेशन दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगा। क्लास 10 और 12 दोनों के लिए पहली परीक्षा हिंदी की है।
इन नियमों के तहत महिला स्टाफ की तैनाती से लेकर जांच के दौरान जूते मोजे उतारने से लेकर कई सारे अहम निर्देश जारी किए गए हैं।
यूपी बोर्ड परीक्षा में जांच के दौरान छात्रों के साथ खराब व्यवहार के कई मामले सामने आ चुके हैं। जिसके चलते ही परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी और ऑडियो रिकॉर्डिंग के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बोर्ड ने बताया कि इस बार जांच के दौरान छात्रों को जूते और मोजे नहीं उतारने होंगे। बोर्ड ने नकल रोकने के लिए ये फैसला लिया है। अतिसंवेदनशील कैटेगरी में पड़ने वाले केंद्रों की दो बार जांच की जाएगी। वहीं 20 एग्जाम सेंटर्स में जैमर लगाया जाएगा। पहले कॉपियां आड़ी होती थीं अब उन्हें लंबवत कर दिया गया है। साथ ही हर आंसर शीट पर यूनिक नंबर और सुरक्षा चिह्न भी लगाए गए हैं। हर पेज पर रोल नंबर और कॉपी की संख्या लिखना जरूरी है। कॉपी में नाम, चिह्न या फिर पहचान लिखना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। एग्जाम कॉपी में पैसे मिलने पर आंसर शीट को सील कर दिया जाएगा। साथ ही परीक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई भी हो सकती है। बरामद राशि को सरकारी ट्रेजरी में जमा किया जाएगा। घटना की रिपोर्ट जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजी जाएगी। बोर्ड ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि एग्जाम से पहले वे सभी स्टूडेंट्स को ये सभी नियम बता दें।
उत्तर पुस्तिकाओं में चार रंगों में क्रमांक, परिषद का लोगो और UPMSP की सूक्ष्म अंकन जैसा विशेष सुरक्षा फीचर्स जोड़ा गया है, जिससे अदला-बदली रोक जा सके। इस साल पहली बार परीक्षा की ऑनलाइन मॉनीटरिंग भी की जाएगी। इसके अलावा, ‘उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024’ के तहत परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई होगी।
राज्य मंत्री गुलाब देवी ने लखनऊ में राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया। हर परीक्षा कक्ष में दो वॉयस रिकॉर्डर वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के साथ राउटर, डीवीआर और हाई-स्पीड इंटरनेट भी उपलब्ध है। परीक्षा की संपूर्ण लाइव मॉनिटरिंग वेबकास्टिंग के माध्यम से होगी। इन केन्द्रों पर एसटीएफ और स्थानीय टीम लगातार निगरानी करेगी। परीक्षा के संबंध में स्टूडेंट्स और पैरेंट्स को अगर कोई समस्या आती है तो मदद के लिए लखनऊ में राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम बनाए गए और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं- टोल-फ्री नंबर 18001806607 और 18001806608 जबकि माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के टोल-फ्री नंबर 18001805310 और 18001805312 भी सक्रिय रहेंगे। साथ ही शिकायत या सुझाव ईमेल, फेसबुक, एक्स (X) और व्हाट्सएप के माध्यम से भी भेजे जा सकते हैं। प्रयागराज मुख्यालय के साथ ही वाराणसी, मेरठ, बरेली और गोरखपुर के क्षेत्रीय कार्यालयों में भी कंट्रोल सेंटर बनाए गए हैं, जिससे परीक्षार्थियों को हर जगह मदद मिल सके।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: संभल एसओजी की पूरी टीम निलंबित।

◆ एसपी कृष्ण बिश्नोई ने लिया बड़ा एक्शन, दरोगा समेत 8 पुलिसकर्मी निलंबित।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। जनपद में भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आने के बाद पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया गया है। कृष्ण बिश्नोई ने सख्त रुख अपनाते हुए एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) की पूरी टीम को निलंबित कर दिया है।
कार्रवाई के तहत एक दरोगा, दो हेड कांस्टेबल और पांच कांस्टेबल समेत कुल आठ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। बताया जा रहा है कि टीम के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायत मिलने के बाद प्राथमिक जांच में मामला प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर यह कदम उठाया गया। निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में एक उपनिरीक्षक, दो हेड कांस्टेबल और पांच सिपाही शामिल हैं। एसपी की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
बता दें कि पुलिस अधीक्षक को पिछले दिनों एसओजी टीम से जुड़ी दो गंभीर शिकायतें मिली थीं। पहली शिकायत 2 फरवरी की रात की है, जब एसओजी टीम ने मुरादाबाद के बिलारी निवासी आस मोहम्मद को ई-कचरा ले जाते हुए पकड़ा था। आरोप है कि टीम उसे चौधरी सराय पुलिस चौकी ले गई और कथित तौर पर पैसे लेकर छोड़ दिया, साथ ही बरामद ई-कचरा भी अपने पास रख लिया।
दूसरी शिकायत में बताया गया कि एसओजी टीम को एक युवक-युवती का कथित अश्लील वीडियो किसी व्यक्ति द्वारा दिया गया था। इसके आधार पर टीम ने दो युवकों को हिरासत में लिया, लेकिन बाद में उनके खिलाफ कोई कार्रवाई किए बिना रिश्वत लेकर छोड़ दिया गया। जब दोनों मामलों की जांच पुलिस अधीक्षक स्तर पर कराई गई, जिसमें आरोपों में प्रथम दृष्टया सत्यता पाई गई। इसके बाद एसपी ने कड़ा फैसला लेते हुए एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक मोहित कुमार सहित पूरी टीम को निलंबित कर दिया।
निलंबित किए गए पुलिस कर्मियों में एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक मोहित कुमार, हेड कांस्टेबल अरशद, कुलवंत सिंह तथा सिपाही अजनबी, विवेक कुमार, बृजेश तोमर, आयुष और हीरेश ठेनुआ शामिल हैं। वहीं, एसओजी की नई टीम के गठन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
फिलहाल, बोबिंद्र कुमार को स्वाट टीम का प्रभारी नियुक्त किया गया है। बोबिंद्र कुमार को पहले थाना रायसत्ती का प्रभारी बनाया गया था, लेकिन एक जनप्रतिनिधि की शिकायत के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था। वह इस समय पुलिस लाइन में तैनात थे।
अधिकारियों का कहना है कि विभाग में भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी जांच के आधार पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

योगी सरकार का बड़ा फैसला, लड़कियों की शादी पर अब 1 लाख का अनुदान।

◆ यूपी बजट में महिलाओं और बेटियों पर विशेष फोकस, शिक्षा, सुरक्षा और स्वावलंबन पर दिखी प्राथमिकता।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। प्रदेश की योगी सरकार ने लड़कियों की शादी कराने के लिए दिए जाने वाले अनुदान की राशि दोगुना करने की घोषणा कर दी है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस योजना को लागू किया था।
जहां यूपी के इस बजट में महिलाओं और लड़कियों पर फोकस किया गया है। जिसमें गरीब परिवार की बेटियों को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अनुदान राशि दिए जाने का प्रावधान है। अब योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में बडी राशि का प्रावधान किया है। यूपी विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सभी वर्ग की लड़कियों के विवाह के लिए अनुदान राशि बढ़ाए जाने की घोषणा की। इस योजना के तहत पहले 51,000 रुपये की राशि अनुदान के तौर पर मिलती थी। यूपी बजट 2026 में इसे बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। बजट में योजना के लिए 750 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। सीएम योगी के नेतृत्व वाली सरकार ने इस योजना के जरिए गरीब परिवारों को फोकस किया है। गरीब परिवारों में बेटी की शादी एक बड़ी चुनौती बनती है। ऐसे में अगर सरकार की ओर से एक लाख रुपये की आर्थिक मदद की जाती है तो यह उनके लिए बड़ी राहत होगी। यूपी चुनाव 2027 से पहले सभी वर्ग के लोगों के लिए बजट में किए गए इस प्रावधान से बड़े स्तर पर लोगों को जोड़ने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

महाशिवरात्रि के मद्देनज़र जनपद में आज से लागू रहेगा रूट डायवर्जन।

◆ श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर बुधवार सुबह 8 बजे से 15 फरवरी शाम 6 बजे तक लागू रहेगा रूट डायवर्जन।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जनपद में यातायात व्यवस्था में अस्थायी परिवर्तन किया गया है। प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार बुधवार सुबह 8 बजे से 15 फरवरी शाम 6 बजे तक रूट डायवर्जन प्रभावी रहेगा। डायवर्जन अवधि के दौरान भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा तथा प्रमुख मंदिरों और शिवालयों की ओर जाने वाले मार्गों पर विशेष यातायात व्यवस्था लागू की जाएगी। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल तैनात रहेगा तथा संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी की व्यवस्था की गई है। किसी भी असुविधा से बचने के लिए नागरिकों से समय से पहले यात्रा की योजना बनाने की भी अपील की गई है।
एसपी कृष्ण बिश्नोई ने बताया कि महाशिवरात्रि पर कांवड़िये हरिद्वार, ऋषिकेश, गढ़मुक्तेश्वर, राजघाट, नरौरा इत्यादि विभिन्न स्थानों से जल/कांवड़ लेकर आते हैं और विभिन्न मार्गों से होते हुए शिव मंदिरों तक पहुंचते हैं। जिसमें पैदल कांवड़ियें भी शामिल होते हैं। इसको देखते हुए जिले में रूट डायवर्जन किया गया है। जिन मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू रहेगा। वहां से भारी व्यवसायिक एवं मालवाहक वाहन जैसे ट्रक, डीसीएम, कैंटर, ट्रैक्टर, प्राइवेट बस, रोडवेज बस आदि को जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। तय मार्ग से ही वाहन आगे जाएंगे।
वहीं महाशिवरात्रि का पावन पर्व नजदीक आते ही मिनी वृंदावन कहीं जाने वाली चंदौसी में धार्मिक उत्साह चरम पर है। इसी क्रम में जहां 14 फरवरी को भगवान भोलेनाथ की बरात बड़े धूमधाम के साथ नगर के प्रमुख मार्गों से निकाली जाएगी।
जिसको लेकर ब्रह्म बाजार स्थित नया मंदिर में कांवड़ सेवा समिति के सदस्य सहित अन्य शिवभक्त आकर्षक झांकियां तैयार करने में जुटे हुए हैं। कांवड़ सेवा समिति के डायरेक्टर हीरालाल वाष्णेय ने बताया कि इस वर्ष शिव बरात में कई जनपदों से विशेष झांकियां शामिल होंगी। जिनमें जलेसर का भूत-पिशाच, मेरठ की शिव बारात, एटा का झुमका गिरा रे और फर्रुखाबाद का शिव तांडव आदि आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

जनपद संभल के लिए ये है रूट प्लान

मुरादाबाद से संभल होकर दिल्ली जाने वाला यातायात चौधरी सराय चौकी से वाया खिरनी तिराहा, गंवा, केसरपुर तिराहा से रजपुरा, नूरपुर तिराहा से इन्द्राचौक बबराला, नेहरू चौक गुन्नौर से नरौरा पुल होकर अपने गंतव्य की ओर जाएगा।

मुरादाबाद से चंदौसी होकर दिल्ली, अलीगढ़ एवं आगरा जाने वाला यातायात बिलारी में बिलारी-सिरसी तिराहे से हजरतनगर गढ़ी होकर सिरसी-बिलारी तिराहे से संभल में चौधरी सराय होते हुए अपने गंतव्य की ओर जाएगा।

बदायूं से चंदौसी होकर दिल्ली, अलीगढ़ एवं आगरा जाने वाला यातायात चंदौसी में धन्नूमल तिराहे से चंदौसी बाईपास से सिम्स कालेज बाईपास (बहजोई रोड) से संभल तिराहा से संभल चौधरी सराय से आगे बढ़ेगा।

इस्लामनगर (बदायूं) रोड से बहजोई होकर दिल्ली एवं अलीगढ़ जाने वाला यातायात इस्लामनगर रोड जिला बदायूं से बहजोई होकर दिल्ली एवं अलीगढ़ जाने वाले वाहन, बहजोई में इस्लामनगर चौराहा से संभल तिराहा, बहजोई से बेहटा जय सिंह चौराहा, टिक्टा रोड से रजपुरा की ओर जायेंगे।

विधानसभा के पटल पर वाराणसी प्रकरण, सपा विधायक ने सरकार से की उच्चस्तरीय जांच की मांग।

◆ कहा- मणिकर्णिका घाट का ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व, देश-विदेश में प्रसिद्ध।

◆ बदायूं की सहसवान विधानसभा से विधायक हैं बृजेश यादव।

प्रवाह ब्यूरो
बदायूं। यूपी विधानसभा में वाराणसी से जुड़े प्रकरण को लेकर बजट सत्र के पहले दिन ही जोरदार चर्चा देखने को मिली।
सहसवान विधायक ब्रजेश यादव ने मणिकर्णिका घाट पर स्थित अहिल्याबाई होलकर द्वारा निर्मित मंदिर को तोड़े जाने के कथित प्रकरण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यदि किसी ऐतिहासिक धरोहर या मंदिर को नुकसान पहुंचाया गया है तो यह अत्यंत गंभीर विषय है। जहां विधायक ने सदन के पटल पर मामला उठाते हुए सरकार से इसकी उच्चस्तरीय जांच कराने की भी मांग की।
सपा विधायक ब्रजेश यादव ने कहा कि मणिकर्णिका घाट का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व न केवल देश बल्कि विदेशों में भी प्रसिद्ध है। ऐसे पवित्र और विश्वविख्यात स्थल से जुड़े किसी भी प्रकरण को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और मणिकर्णिका घाट की गरिमा एवं प्रतिष्ठा बनी रहे। उन्होंने सरकार से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ब्रजेश यादव ने कहा कि प्रदेश की जनता धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को लेकर संवेदनशील है। इसलिए सरकार को इस विषय पर स्पष्ट बयान देना चाहिए ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे।
बजट सत्र के संदर्भ में बोलते हुए विधायक ने प्रस्तुत बजट पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बजट में आम जनता, किसानों, युवाओं और बेरोजगारों के मुद्दों को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी गई है। राज्यपाल के अभिभाषण का उल्लेख करते हुए उन्होंने सरकार की नीतियों की आलोचना की और कहा कि जमीनी समस्याओं पर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। जहां सदन में इस मुद्दे को लेकर कुछ समय तक बहस का माहौल बना रहा।

कानून का छात्र निकला फर्जी अफसर, पुलिस ने दबोचा।

◆ 2 करोड़ के फर्जी नोटिस से डराया, कार्रवाई टालने को मांगे 24 लाख।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल पुलिस ने नखासा थाना क्षेत्र में खुद को इनकम टैक्स अफसर बताकर अवैध वसूली करने वाले एक एलएलबी छात्र को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया है और आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
यह घटना संभल जिले के नखासा थाना क्षेत्र के अख्तियारपुर तगा गांव की है। आरोपी मोहित उर्फ प्रिंस पुत्र पुरुषोत्तम, निवासी ठिलूपुरा ने अख्तियारपुर तगा निवासी शीशपाल पुत्र पीतांबर को 2 करोड़ रुपए के काले धन का फर्जी नोटिस थमाया था। उसने आयकर विभाग की कार्रवाई रोकने के एवज में 12 प्रतिशत के हिसाब से 24 लाख रुपए की अवैध वसूली की मांग की।
ग्रामीण शीशपाल ने इस संबंध में पुलिस से शिकायत की। जांच के बाद, बीते रविवार को पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2), 338, 336(3), 340(2), 351(2) के तहत मामला दर्ज किया। सोमवार को पुलिस ने फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी बने छात्र मोहित उर्फ प्रिंस को गिरफ्तार कर लिया।
शीशपाल ने बताया कि आरोपी उसे पिछले 15 दिनों से परेशान कर रहा था। उसने बताया कि दो लोग फोन करते थे और एक बार उसे बहजोई भी बुलाया था। जब शीशपाल ने कार्यालय चलने को कहा, तो उन्होंने समय पूरा होने का बहाना बनाकर मना कर दिया। ग्रामीण के अनुसार, आरोपी उसके अच्छे घर और 2 करोड़ रुपए की रकम का हवाला देकर 12 प्रतिशत के हिसाब से पैसे मांग रहा था।

सोमवार को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस अभियुक्त को थाने से न्यायालय ले जा रही थी। इस दौरान उसकी मां भी वहां मौजूद थीं, जो अपने बेटे को हथकड़ी में देखकर भावुक हो गईं। पिता पुरुषोत्तम ने बताया कि अमरोहा के उझारी में बीए एलएलबी की पढ़ाई कर रहा है, हमें इसकी जानकारी नहीं है यह क्या कर रहा था हमसे तो केवल घर से यह कह कर जाता था कि मैं संभल कचहरी जा रहा हूं।
थाना प्रभारी संजीव बालियान ने बताया कि ग्रामीण शीशपाल की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मोहित उर्फ प्रिंस को गिरफ्तार किया गया है। इनकम टैक्स का फर्जी अधिकारी बनकर 2 करोड़ रुपए पर 12% अवैध वसूली की मांग कर रहा था। कानूनी कार्रवाई पूरी होने के बाद अब उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।