◆ जीआईसी शहबाजपुर में नारी शक्ति का जलवा, शौर्य और संस्कृति का शानदार प्रदर्शन।
प्रवाह ब्यूरो संभल। शुक्रवार को राजकीय इंटर कॉलेज, शहबाजपुर कलां में “नारी शक्ति वंदन” के अंतर्गत भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में शौर्य प्रदर्शन, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में विद्यालय की विभिन्न कक्षाओं की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कक्षा-4 की छात्रा अलीशा ने रानी लक्ष्मीबाई के वीरतापूर्ण जीवन पर आधारित प्रभावशाली प्रस्तुति दी, जबकि राधिका ने सुंदर गीत प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कक्षा-8 की छात्रा आफिया ने सावित्रीबाई फुले के संघर्षपूर्ण जीवन को लघुनाटिका के माध्यम से जीवंत किया। वहीं अजमी परवीन ने फातिमा शेख के योगदान पर प्रकाश डालते हुए प्रेरणादायक प्रस्तुति दी। कक्षा-7 की छात्रा शबनूर ने अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला के जीवन पर आधारित अभिनय प्रस्तुत कर सभी का ध्यान आकर्षित किया। इसके अतिरिक्त कक्षा-10 की छात्राओं अलशिका रानी और खुशी ने अनुशासन एवं वीरता के प्रदर्शन हेतु ड्रिल तकनीक का शानदार प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं समस्त शिक्षकगणों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। प्रधानाचार्य वेदप्रकाश यादव ने अपने संबोधन में नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने और समाज में अपनी सशक्त भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी छात्राओं की सराहना की गई और उन्हें भविष्य में इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। जहां आयोजन छात्राओं के आत्मविश्वास, साहस और प्रतिभा को मंच प्रदान करने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुआ।
एक्शन से दहली मुरादाबाद पुलिस: एक साथ बड़ी कार्रवाई से हड़कंप।
प्रवाह ब्यूरो मुरादाबाद। जनपद में पुलिस महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सतपाल अंतिल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक साथ 46 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। यह कार्रवाई काम में लापरवाही और गंभीर शिकायतों के आधार पर की गई है। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई की जद में कटघर, सिविल लाइंस, भोजपुर, कांठ समेत कुल 15 थानों के हेड कांस्टेबल और सिपाही आए हैं। नगर और देहात दोनों क्षेत्रों के पुलिसकर्मी इस सख्त फैसले से प्रभावित हुए हैं। SSP सतपाल अंतिल ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता को बेहतर पुलिसिंग देना उनकी प्राथमिकता है। आदेश जारी करते हुए सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर पुलिस लाइन भेजा जाए। सूत्रों के मुताबिक, इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद यह कड़ा कदम उठाया गया। एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। गौरतलब है कि SSP सतपाल अंतिल अपने सख्त और सक्रिय कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। उनके नेतृत्व में अपराध और लापरवाही के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई देखने को मिल रही है।
पुलिस को घर की चाबी दे, कबूला जुर्म, आरोपी गिरफ्तार।
प्रवाह ब्यूरो संभल। रविवार को गुन्नौर तहसील के थाना रजपुरा क्षेत्र के गांव सिंघौली कल्लू में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां एक पति ने अपनी पत्नी की लोहे की रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी और फिर खुद ही थाने पहुंचकर अपना जुर्म कबूल कर लिया। मृतका की पहचान 22 वर्षीय ज्योति प्रजापति के रूप में हुई है, जो आरोपी दुर्गेश कुमार की पत्नी थी। जानकारी के अनुसार, आरोपी ने सुबह करीब 11 बजे इस वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद उसने घर पर ताला लगाया और सीधे थाना रजपुरा पहुंच गया। थाने में आरोपी ने पुलिस को घर की चाबी सौंपते हुए बताया कि उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है। यह सुनते ही पुलिस ने तुरंत उसे हिरासत में ले लिया और थाना प्रभारी संदीप चौधरी के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घर का ताला खुलवाकर महिला के शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी गांव से कुछ दूर खेत में बने मकान में रहते थे, जिससे घटना की जानकारी ग्रामीणों को भी पुलिस के पहुंचने के बाद ही हो सकी। मृतका के पिता केवल सिंह, जो बदायूं जिले के थाना जरीफनगर क्षेत्र के गांव विजयगढ़ी के निवासी हैं, ने करीब एक साल पहले अपनी बेटी की शादी दुर्गेश से की थी। शादी के बाद दोनों खेत में बने अलग मकान में रह रहे थे। इस खौफनाक हत्याकांड के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई है। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में दहशत का माहौल बन गया और ग्रामीणों की भीड़ मौके के आसपास जुटने लगी। लोग आपस में इस वारदात को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं और हर कोई इस घटना से स्तब्ध नजर आ रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एहतियातन गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, जबकि अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। उक्त संबंध में रजपुरा थाना प्रभारी संदीप चौधरी ने बताया कि मामले में शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और आरोपी से पूछताछ कर हत्या के कारणों की जांच की जा रही है।
◆ शवों के घर पहुंचते ही मचा कोहराम, गांव में छाया मातम, हर आंख हुई नम।
◆ सपा विधायक बोले- पुलिस ने की लापरवाही, सरकार को देना चाहिए 50-50 लाख का मुआवजा।
◆ बोले- यह एक गंभीर कृत्य, सख्त से सख्त हो कार्रवाई।
प्रवाह ब्यूरो संभल। गुन्नौर तहसील के भिरावटी गांव में पिता-पुत्र की निर्मम हत्या से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। इस घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। जहां इलाके में शोक के साथ-साथ आक्रोश का माहौल बना हुआ है। लूट के इरादे से बदमाशों ने दोनों की निर्मम हत्या कर शवों को संभल से करीब 200 किलोमीटर दूर शामली जनपद के एक गन्ने के खेत में फेंक दिया और फरार हो गए। मृतक नरेश (48) और उनका बेटा भीमसेन (24) पिकअप वाहन चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे।
करीब साढ़े चार महीने पहले उन्होंने लोन पर वाहन खरीदा था। 2 अप्रैल को उन्हें मेरठ से मजदूर लाने के लिए गाड़ी बुकिंग का कॉल आया, जिसके बाद वे दो अज्ञात लोगों को लेकर घर से निकले। रात करीब 10 बजे परिवार से आखिरी बार बात हुई, इसके बाद उनका फोन बंद हो गया। परिजनों की सूचना पर पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज में वाहन टोल प्लाजा तक दिखाई दिया, लेकिन उसके बाद कोई सुराग नहीं मिला। कॉल डिटेल के आधार पर जांच आगे बढ़ी और मामला बदायूं निवासी मनोज कुमार तक पहुंचा। पुलिस ने मनोज को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया, जिसमें उसके पैर में गोली लगी।
पूछताछ में उसने नरेश और भीमसेन की हत्या की बात कबूल की। उसकी निशानदेही पर मंगलवार शाम करीब 6 बजे शामली के गन्ने के खेत से दोनों के शव बरामद किए गए। शव क्षत-विक्षत हालत में थे और हाथ बंधे हुए थे। बुधवार सुबह पोस्टमॉर्टम के बाद जैसे ही शव गांव पहुंचे, माहौल गम और आक्रोश में बदल गया। परिजनों और ग्रामीणों ने भिरावटी चौराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी व मुआवजे की मांग पर अड़ गए। ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे, अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। स्थिति को संभालने के लिए चार थानों की पुलिस, पीएसी और आरआरएफ को तैनात किया गया। करीब तीन घंटे तक चले हंगामे और पुलिस-ग्रामीणों के बीच नोकझोंक के बाद अधिकारियों के आश्वासन पर लोग शांत हुए और अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। मौके पर सीओ गुन्नौर आलोक सिद्धू, सीओ बहजोई डॉ. प्रदीप कुमार, एडीएम प्रदीप वर्मा और एसडीएम गुन्नौर अवधेश कुमार सिंह सहित कई अधिकारी पहुंचे और हालात को नियंत्रित किया। एएसपी कुलदीप सिंह के अनुसार, गाड़ी लूटने के इरादे से इस वारदात को अंजाम दिया गया। मामले में थाना कैलादेवी क्षेत्र के रहने वाले दो सगे भाई संतोष और अरविंद फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस बीच राम खिलाड़ी यादव भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन देते हुए अपनी ओर से एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को प्रति व्यक्ति 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की।
विधायक ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते यह दर्दनाक घटना हुई। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और पूरे मामले की गहन जांच जारी है।
◆ महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि ने बताया- अयोध्या, मथुरा और संभल का आध्यात्मिक महत्व।
◆ बोले- आज संभल भयमुक्त, हर जुबान पर गूंज रहा राम-राम।
◆ 4 से 8 अप्रैल तक संभल के बहजोई में बडे मैदान पर आयोजित हो रही है श्रीमद् राम कथा।
प्रवाह ब्यूरो संभल। जनपद की पावन धरा इन दिनों भक्ति और आस्था के रंग में रंगी हुई है। बहजोई के बड़े मैदान पर आयोजित श्रीमद् राम कथा में दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचकर धर्म लाभ ले रहे हैं। जहां श्री राम कथा के तीसरे दिन निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि ने मर्यादा और भक्ति का संदेश दिया। जहां कथा के दौरान पूरा वातावरण राममय हो गया है और श्रद्धालु राम कथा के रस में सराबोर नजर आ रहे हैं। महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि महाराज ने अपने प्रवचनों में अयोध्या, मथुरा और संभल की धार्मिक महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि आज संभल भयमुक्त है और यहां रहने वाला हर व्यक्ति “राम-राम” कहता है। उनके विचारों ने श्रद्धालुओं के मन में भक्ति और विश्वास की नई ऊर्जा भर दी। उन्होंने कहा कि संभल की रक्षा स्वयं देवाधिदेव भगवान संभलेश्वर महादेव करते हैं, जिससे यह भूमि विशेष रूप से पवित्र और सुरक्षित है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि भगवान का भोजन अहंकार है, इसलिए साधु-संत सदैव विनम्र और झुके हुए रहते हैं। सोमवार को जनपद संभल के जिला कलैक्ट्रेट के बड़ा मैदान में कैलाशानंद गिरि महाराज ने श्रद्धालुओं की उत्सुकता पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि जब 5 दिन की कथा में इतनी अधिक श्रद्धा और भीड़ देखने को मिल रही है, तो 9 दिन की कथा में भक्तों का उत्साह और भी बढ़ेगा।
जहां उन्होनें यज्ञ, गुरु, परंपरा तथा मन की शांति पर विशेष प्रवचन दिए। महामंडलेश्वर ने अपने प्रवचनों में भगवान राम, भगवान कृष्ण और भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान राम ने अयोध्या को, भगवान कृष्ण ने मथुरा को और भगवान शिव ने संभल को चुना, जहां भविष्य में भगवान कल्कि का अवतार होगा। 4 अप्रैल से 8 अप्रैल तक चलने वाली इस पांच दिवसीय श्रीमद् राम कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और भक्ति का आनंद ले रहे हैं। आयोजन स्थल पर भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
उन्होंने अयोध्या, मथुरा और संभल की महिमा का वर्णन किया, साथ ही यज्ञ, गुरु, परंपरा तथा मन की शांति पर विशेष प्रवचन दिए। आगे बोलते हुए महामंडलेश्वर गिरी ने कहा उत्तर प्रदेश सहित भारत क जिन सभा राज्यों में, जहां सनातनी परंपराओं और भारतीय संस्कृति के संरक्षकों की सरकारें हैं, वहाँ के हर अधिकारी को वर्ष में कम से कम एक कथा आयोजित करने का निर्देश मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि उनके शिष्य डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने इस पहल की शुरुआत की है, और यह संदेश पूरे देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में भी फैल गया है।
संभल पर बोलते हुए महामंडलेश्वर ने कहा, ‘आज संभल भयमुक्त है। अब किसी को सुबह 5 बजे उठने या 6 बजे यहाँ से जाने की ज़रूरत नहीं है। अब आप रात को अकेले 1 बजे भी यहाँ से निकल सकते हैं। यदि कोई कुछ कहे तो जिलाधिकारी को बता देना। अब या तो वह संभल में रहेगा तो राम-राम कहेगा, और यदि संभल में नहीं रहेगा तो वह अपनी मर्जी से नाम का जप करेगा।’ वैसे भी राम राज्य वह है जहाँ हर राज्य, देश और घर में राम की चर्चा हो। प्रत्येक व्यक्ति के मानस पटल पर राम का नाम हो, मुख में राम नाम हो, कानों में राम नाम की गूँज पड़े, हाथों में राम नाम की माला हो और जुबान पर ‘जय सियाराम’ हो। उन्होंने सभी से अपने तन, मन और वाणी को पवित्र करने का आह्वान किया। जहां श्रीमद् राम कथा में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। जहां प्रदेश भर से सैकड़ों जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण तथा हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन स्थल पर भक्ति और श्रद्धा का माहौल छाया रहा, जहां हर ओर राम नाम की गूंज सुनाई दी।
◆ पूर्व मंत्री अजीत कुमार ‘राजू’ यादव ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां।
प्रवाह ब्यूरो संभल। सरकार के सफल नौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में बुधवार को रजपुरा ब्लॉक परिसर में एक विशेष गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना और लोगों को उनके लाभों के प्रति जागरूक करना रहा। गोष्ठी का शुभारंभ दोपहर करीब 12 बजे मुख्य अतिथि भाजपा के पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री अजीत कुमार उर्फ राजू यादव ने फीता काटकर किया। इस दौरान ब्लॉक प्रशासन के अधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। जहां कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि सरकार की कार्यशैली का मूल मंत्र ‘अंत्योदय’ है, यानी समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना। उन्होंने विभिन्न जनहितकारी योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से गरीबों को पक्के मकान मिल रहे हैं, वहीं उज्ज्वला योजना से महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिली है। इतना ही नहीं आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है, जबकि स्वच्छ भारत मिशन से स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है। साथ ही जल जीवन मिशन के जरिए हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य को भी तेजी से पूरा किया जा रहा है। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही। पूर्व मंत्री ने उन्हें योजनाओं की रीढ़ बताते हुए अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंच रहा है, जिससे आम जनता के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
◆ मंत्री राजभर का बड़ा दावा- तैयारियां पूरी समय, इस तारीख तक संपन्न हो जायेंगें पंचायत चुनाव।
प्रवाह ब्यूरो लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर चल रही अटकलों पर अब विराम लग गया है। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने बड़ा बयान देते हुए साफ किया है कि पंचायत चुनाव 12 जुलाई तक संपन्न करा लिए जाएंगे। राजभर ने बताया कि चुनाव की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं। जिलों में मतपत्र छप चुके हैं और 15 अप्रैल तक मतदाता सूची का प्रकाशन भी कर दिया जाएगा। इसके साथ ही सीटों का आरक्षण जल्द तय होगा और यह प्रक्रिया चक्रानुसार पूरी की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव पुरानी व्यवस्था के तहत ही कराए जाएंगे और इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह पालन होगा।
ओबीसी आरक्षण को लेकर भी सरकार का रुख साफ है। राजभर के अनुसार 2011 की जनगणना के आधार पर ही आरक्षण लागू होगा, किसी नई गणना की जरूरत नहीं होगी। साथ ही आगामी कैबिनेट बैठक में ओबीसी आयोग के गठन पर भी मुहर लग सकती है। इधर, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने चुनाव में देरी को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि क्या वह संवैधानिक समयसीमा के भीतर चुनाव करा पाएगी। यह सुनवाई अधिवक्ता इम्तियाज हुसैन की जनहित याचिका पर हुई, जिसमें समयबद्ध कार्यक्रम तय करने की मांग की गई है। कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि 15 अप्रैल को मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद क्या 26 मई तक चुनाव संभव हैं, क्योंकि ग्राम पंचायतों का कार्यकाल इसी तारीख को समाप्त हो रहा है। अगर समय पर चुनाव नहीं हुए, तो प्रशासकों की नियुक्ति करनी पड़ सकती है। वहीं, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पहले कहा था कि फिलहाल पंचायत चुनाव समय पर कराना मुश्किल नजर आ रहा है। उन्होंने बताया था कि सरकार की मशीनरी इस समय SIR, जाति जनगणना और मकान गणना जैसे बड़े कार्यों में व्यस्त है। अब देखना होगा कि सरकार और चुनाव आयोग तय समयसीमा के भीतर पंचायत चुनाव कराने में कितनी सफल होती है।
◆ सोशल मीडिया पर पोस्ट लिख बोले- साजिश के तहत जेल भेजे गए किसान, किसी भी कीमत पर रुकने नहीं देंगे गुन्नौर के रास्ते।
◆ किसानों की गिरफ्तारी से नाराजगी, अवैध खनन के खिलाफ आंदोलन को मिला समर्थन।
प्रवाह ब्यूरो संभल। गुन्नौर क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों की गिरफ्तारी को लेकर सियासत गरमा गई है। जहां गुन्नौर विधानसभा के नवागत भाजपा नेता संजीव यादव ने ब्लॉक जुनावई के ग्राम बीबीपुर में गंगा किनारे हो रहे अवैध खनन और उसके विरोध में धरना दे रहे किसानों की गिरफ्तारी को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने इस कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताई है और किसानों के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं। संजीव यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखते हुए आरोप लगाया कि किसानों को साजिश के तहत जेल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि यह किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास है, जिसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि गुन्नौर के रास्तों को किसी भी कीमत पर रुकने नहीं दिया जाएगा और अवैध खनन के विरुद्ध किसानों का आंदोलन अब जारी रहेगा। भाजपा नेता ने अवैध खनन के खिलाफ चल रहे इस आंदोलन को जायज बताते हुए कहा कि किसान अपने हक और क्षेत्र के हित के लिए लड़ रहे हैं, जिसका समर्थन किया जाना चाहिए।
किसानों की गिरफ्तारी को लेकर क्षेत्र में नाराजगी का माहौल है और यह मुद्दा अब राजनीतिक तूल पकड़ता नजर आ रहा है। आगे बोलते हुए उन्होनें किसानों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और पुलिस प्रशासन व खनन ठेकेदार की कार्यप्रणाली की कड़ी निंदा की। बोले प्राप्त जानकारी के अनुसार खनन अवैध है और गलत जगह हो रहा है जिससे 40 गांवों पर बाढ़ का खतरा है। खनन का पट्टा जनपद बुलंदशहर की तहसील डिबाई के ग्राम ऊंचा गांव खादर के नाम पर आवंटित है। साथ ही टीम द्वारा किए गए सर्वे में भी यह स्पष्ट हो चुका है कि आवंटित पट्टे का 65% भाग जलमग्न है, जहाँ खनन करना तकनीकी रूप से असंभव है। इसके बावजूद ठेकेदार द्वारा गुन्नौर की सीमा में अवैध रूप से खनन किया जा रहा है। जिससे आने वाले समय में विधानसभा के 35 से 40 गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। शांतिपूर्ण आंदोलन करना संवैधानिक अधिकार है बावजूद इसके रात के अंधेरे में गिरफ्तारी के घटनाक्रम पर दुख जताते हुए कहा कि अपनी जमीन और सुरक्षा के लिए 7 मार्च 2026 से शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे किसानों को ठेकेदार व पुलिस प्रशासन ने साजिश के तहत रात 12 बजे गिरफ्तार किया। 60 निर्दोष किसानों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेजना लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है।
किसानों को दिया न्याय का भरोसा दिलाते हुए संजीव यादव ने कहा कि मैं जल्द उपस्थित हो अपने किसान भाइयों से मिल पूरी घटना की जानकारी लूंगा। मैं गुन्नौर की जनता को भरोसा दिलाता हूं कि अवैध खनन के पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। किसी भी सूरत में क्षेत्र के रास्तों को बंद नहीं होने दिया जाएगा। आपका अपना भाई हर मुश्किल वक्त में आपके साथ खड़ा रहेगा। भाजपा नेता के इस बयान के बाद इलाके में अवैध खनन का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। जहां, अब किसानों के परिवारों में भी न्याय मिलने की नई उम्मीद जाग उठी है।
◆ अर्टिगा कार एवं टेंपो की भीषण टक्कर के चलते हुआ हादसा।
प्रवाह ब्यूरो संभल। रविवार शाम आगरा-मुरादाबाद नेशनल हाईवे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार अर्टिगा कार और टेंपो की आमने-सामने की टक्कर में एक बच्ची समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जहां एक व्यक्ति ने अस्पताल पहुंचने के बाद दम तोड़ दिया जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा गुन्नौर तहसील के थाना धनारी क्षेत्रांतर्गत गांव उधरनपुर के सपीप शाम करीब 6 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और 108 एंबुलेंस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से घायलों को बाहर निकालकर इलाज के लिए सीएचसी बहजोई भिजवाया, जहां कुछ की हालत भी गंभीर बनी हुई है।
पुलिस ने मृतकों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में टेंपो की ओवरलोडिंग, तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। जहां स्थानीय लोगों में इस हादसे को लेकर भारी आक्रोश और दुख का माहौल है। वहीं प्रशासन द्वारा घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था कराई जा रही है। बताया जा रहा है कि अर्टिगा कार तेज रफ्तार में थी और बहजोई जिला मुख्यालय की ओर से बबराला की तरफ जा रही थी, जबकि सामने से टेंपो बहजोई की ओर आ रहा था। इसी दौरान कार चालक ने एक वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश की, जिससे वाहन अनियंत्रित हो गया और सीधे टेंपो से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए। टेंपो में बच्चों और महिलाओं समेत कुल 12 लोग सवार थे, जबकि अर्टिगा कार में चालक सहित दो लोग मौजूद थे। हादसे में मृतकों की पहचान फिलहाल नहीं हो सकी है। मरने वालों में एक महिला, एक किशोरी और दो युवक शामिल बताए जा रहे हैं। इस भीषण हादसे में कुल 10 लोग घायल हुए हैं। जिनमें ओमपाल (35), उनकी पत्नी प्रवेश (32), बेटी रजनी (12), सलोनी (7) और बेटा कुलदीप (2) निवासी रायपुर कला थाना बहजोई शामिल हैं। इसके अलावा शौकीन (32) निवासी अकबरपुर, रजनीश (20) निवासी पाठकपुर की मढ़ैया, प्रियांशु (14), कृपाल (35) निवासी लहरा नगला श्याम थाना जुनावई और किशोरी लाल (40) निवासी मानपुर थाना धनारी भी घायल हुए हैं।
उक्त संबंध में बहजोई सीओ डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि टेंपो में सवार 10 व्यक्ति जबकि आर्टिगा के दो व्यक्ति घायल हुये हैं जिन्हें तत्काल थाने पर तैनात क्रिटिकल केयर टीम द्वारा अस्पताल भिजवाया गया जहां चिकित्सकीय निरीक्षण के दौरान पता चला कि दो व्यक्ति और एक बच्ची मृत हुए जबकि अन्य सभी के बेहतर उपचार के लिए तत्काल हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। साथ ही थाने पर तैनात क्रिटिकल टीम द्वारा निरीक्षण किया जा रहा है कि घटना की क्या वजह रही व किस लापरवाही के चलते घटना घटित हुई।
◆ बीते सोमवार दिनदहाड़े सैलून में फायरिंग कर युवक को बनाया था निशाना।
◆ सक्रिय पुलिसिंग का असर: 7 दिन में खुलासा, आरोपी सलाखों के पीछे।
प्रवाह ब्यूरो बदायूँ। उघैती थाना क्षेत्र के ईखखेड़ा गांव में 16 मार्च को हुए सनसनीखेज सैलून गोलीकांड का पुलिस ने सफल खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए घटना के पीछे प्रेम प्रसंग को मुख्य वजह बताया है। पुलिस के मुताबिक, 16 मार्च को एक युवक पर सैलून में घुसकर जानलेवा फायरिंग की गई थी, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। घटना के बाद से ही पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी और लगातार दबिश दे रही थी। इसी दौरान दौरान पुलिस ने ऐपुरा मोड़ से चारों आरोपियों यशपाल (26) निवासी मेवली, राकेश (27) निवासी खडुआ, आशीष (19) निवासी स्वरूपपुर और मनवीर (26) निवासी मेवली को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि घायल समीर के आरोपी मनवीर की पत्नी से शादी से पहले संबंध थे। शादी के बाद भी समीर लगातार संपर्क करने की कोशिश करता रहा, जिससे नाराज होकर मनवीर ने अपने साथियों के साथ मिलकर हमले की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बाइक के अलावा अवैध तमंचा, कारतूस, चाकू और मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। नवागत एएसपी अंकित शर्मा के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है, साथ ही मामले के अन्य पहलुओं की भी गहन जांच जारी है। घटना के खुलासे के बाद जहां पुलिस ने राहत की सांस ली है, वहीं क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है।