बदायूं में डबल मर्डर से सनसनी: हिंदुस्तान पेट्रोलियम के मैनेजर व डिप्टी मैनेजर की दिनदहाड़े हत्या।

◆ नौकरी से निकाले जाने पर उठाया खौफनाक कदम, आरोपी ने गैस प्लांट में घुसकर बरसाई गोलियां।

◆ घटना के बाद प्लांट में दहशत, मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात।

प्रवाह ब्यूरो
बदायूं। बदायूं के मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैंजनी स्थित HPCL पावर प्लांट में गुरुवार को कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए  हमलावरों ने मैनेजर सुधीर गुप्ता और डिप्टी मैनेजर हर्षित मिश्रा को मौत के घाट उतार दिया। हमलावरों ने प्लांट के अंदर घुसकर  ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं, जिससे पूरे औद्योगिक क्षेत्र में भगदड़ व दहशत का माहौल पैदा हो गया। दोहरे हत्याकांड से इलाके में सनसनी फैल गई। 
जहां तत्काल मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। जहां पुलिस द्वारा अंदर मौजूद स्टॉफ व लोगों से पूछताछ की गई।
पूरा मामला थाना मूसाझाग के सैजनी गांव का है। जानकारी के अनुसार गोली मारने का आरोप प्लांट में लोडर के पद पर रह चुके एक कर्मचारी पर है। बताया जा रहा है किसी विवाद के चलते उस कर्मचारी को कंपनी से निकाल दिया गया था। जानकारी के अनुसार इससे पहले भी मैनेजर और डिप्टी मैनेजर को मारने की कोशिश की गई थी। तदोपरांत उन्होंने प्रशासन से निज सुरक्षा की गुहार भी लगाई थी।
बता दें कि गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे सैजनी गांव का रहने वाला अजय प्रताप सिंह कुछ लोगों के साथ जबरन हिंदुस्तान पेट्रोलियम के बायो गैस प्लांट में घुस आया। बताया जा रहा है कि नौकरी से निकाले जाने को लेकर उसका प्लांट के मैनेजर सुधीर गुप्ता और डिप्टी मैनेजर हर्षित मिश्रा से पहले से विवाद चल रहा था।
प्लांट परिसर में पहुंचते ही अजय प्रताप सिंह ने दोनों अधिकारियों से बहस शुरू कर दी और देखते ही देखते माहौल गरमा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद बढ़ने पर उसने अपने साथ आए लोगों के साथ अचानक अधिकारियों पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। गोलियां लगने से दोनों अधिकारी गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े।
मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने दोनों को तुरंत दातागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक खून बहने और सीने में घातक चोट लगने के कारण उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद आरोपी अपने साथियों के साथ मौके से फरार हो गया। वारदात के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। एहतियात के तौर पर एचपीसीएल प्लांट, दातागंज सीएचसी और जिला अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
पुलिस के अनुसार दोनों के शब को कब्जे में लेकर पोस्टमार्डम के लिए भेज दिया गया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जहां परिजनों ने भी सख्त कार्रवाई कर जल्द आरोपियों के गिरफ्तारी की मांग की है।
जहां घटना के बाद प्लांट में दहशत का माहौल बना हुआ है।
दिनदहाड़े हुए इस दोहरे हत्याकांड की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी बदायूं व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्लांट का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें गठित कर दी हैं।
फिलहाल पुलिस इस जघन्य हत्याकांड के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी है। पुलिस प्लांट के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि सभी हमलावरों की पहचान की जा सके।
एसएसपी डॉ. ब्रजेश सिंह ने बताया– HPCL प्लांट में ऑफिसर्स मीटिंग कर रहे थे। इसी दौरान प्लांट का पूर्व वेंडर आता है और फायरिंग करने लगता है। तत्काल घायलों को अस्पताल भेजा गया। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

खनन के विरोध में गुन्नौर में किसानों का अनिश्चितकालीन धरना।

◆ सड़क किनारे टेंट लगाकर बैठे किसान, बोले- बुलंदशहर पट्टे के नाम पर संभल में हो रहा है खनन।

◆ कहा- खनन से है 30 से ज्यादा गांवों पर बाढ़ और कटान का खतरा।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल जनपद के गुन्नौर तहसील क्षेत्र में अवैध खनन के विरोध में किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। भारतीय किसान यूनियन (असली) के पदाधिकारियों और क्षेत्रीय किसानों ने ग्राम बीबीपुर में चल रहे खनन कार्य को रुकवाने की मांग को लेकर महावली-अहरोला नवाजी मार्ग पर टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। किसानों के धरने के चलते क्षेत्र में खनन को लेकर माहौल गर्मा गया है।
धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि जिस स्थान पर खनन किया जा रहा है, उसका पट्टा बुलंदशहर जनपद का बताया जा रहा है, जबकि खनन की गतिविधियां संभल जिले की सीमा में हो रही हैं। इससे गुन्नौर तहसील के करीब 30 से 35 गांव सीधे प्रभावित हो रहे हैं। किसानों के अनुसार इन गांवों की कुल आबादी लगभग 50 से 60 हजार के बीच है, जो भविष्य में बाढ़ एवं कटान जैसे गंभीर खतरे का सामना कर सकती हैं।
किसानों का आरोप है कि लगातार हो रहे खनन से क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति बदल रही है, जिससे आने वाले समय में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही नदी किनारे कटान होने की भी आशंका है, जिससे किसानों की खेती और गांवों की आबादी दोनों प्रभावित हो सकती हैं। किसानों का कहना है कि अगर समय रहते खनन नहीं रोका गया तो आने वाले समय में हमारे क्षेत्र की किसानों को बड़ा नुकसान हो सकता है।
धरना दे रहे किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर खनन पर तुरंत रोक लगाई जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक खनन पूरी तरह बंद नहीं किया जाएगा, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
इस दौरान भारतीय किसान यूनियन (असली) के कई पदाधिकारी और किसान नेता मौके पर मौजूद रहे। धरने में ब्लॉक अध्यक्ष जुनावई केदार सिंह, एड. रामवीरेश यादव, सचिन यादव, जिलाध्यक्ष संभल राजपाल सिंह, विकास यादव, ललित यादव, दिलीप कुमार, महाराज सिंह, जयवीर सिंह समेत बड़ी संख्या में किसान साथी शामिल रहे।

मातृभूमि की शहादत में कुपवाड़ा में शहीद हुआ संभल का लाल।

◆ पेट्रोलिंग के दौरान खाई में गिरा वाहन, देश सेवा में गई जान।

गुन्नौर के गांव पुसवाली के रहने वाले थे शहीद सूबेदार ओमप्रकाश गोस्वामी।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में तैनात बीएसएफ के सूबेदार ओमप्रकाश गोस्वामी शहीद हो गए। पेट्रोलिंग के दौरान उनका वाहन अचानक नियंत्रण खोकर गहरी खाई में जा गिरा, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जैसे ही यह दुखद खबर उनके पैतृक गांव और परिवार तक पहुंची, घर में मातम छा गया। शहीद सूबेदार ओमप्रकाश गोस्वामी जनपद संभल की तहसील गुन्नौर के थाना जुनावई क्षेत्र के गांव पुसावली के मूल निवासी थे। उनके पिता मुकुट नाथ गोस्वामी और माता चंद्रावती हैं। परिवार में उनकी पत्नी सुदेश देवी थीं, जिनका कोरोना काल में कोविड-19 संक्रमण के कारण निधन हो गया था। पत्नी के निधन के बाद से ही ओमप्रकाश अपने बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए पूरी जिम्मेदारी निभा रहे थे और सेना में अपनी सेवा जारी रखे हुए थे।

शहीद ओमप्रकाश गोस्वामी के परिवार में एक बेटा ऋतिक और एक बेटी जिया है। उनका बेटा ऋतिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है और बीटेक का छात्र है, जबकि बेटी जिया प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटी हुई है। बहजोई कस्बे में बस अड्डे के पास उनका दूसरा मकान है, जहां उनके दोनों बच्चे अपने ननिहाल पक्ष के साथ रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। ओमप्रकाश अक्सर फोन पर बच्चों से बात कर उनका हौसला बढ़ाते थे और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते थे। बुधवार शाम करीब सात बजे शहीद सूबेदार ओमप्रकाश गोस्वामी का पार्थिव शरीर दिल्ली से बीएसएफ के जवानों की मौजूदगी में उनके बहजोई स्थित आवास पर लाया गया। जैसे ही तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर घर पहुंचा, वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। परिवार के सदस्य और ग्रामीण अपने वीर सपूत की अंतिम झलक पाने के लिए उमड़ पड़े। प्रशासन और सुरक्षा बलों की मौजूदगी में पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की तैयारियां भी पूरी कर ली गईं।
शहीद के भतीजे रवि ने बताया कि मंगलवार शाम बीएसएफ मुख्यालय से फोन आया था, जिसमें उनके चाचा ओमप्रकाश गोस्वामी के दुर्घटना में शहीद होने की जानकारी दी गई। यह खबर सुनते ही परिवार के लोग स्तब्ध रह गए। बाद में परिवार के सदस्य पार्थिव शरीर लेने के लिए दिल्ली रवाना हुए और वहां से उन्हें पूरे सम्मान के साथ बहजोई लाया गया।
शहीद सूबेदार ओमप्रकाश गोस्वामी को श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी उनके आवास पहुंचे। उत्तर प्रदेश सरकार में माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी तेज, प्रचार-प्रसार को लेकर हुई बैठक।

◆ लोक अदालत के प्रचार-प्रसार को निकला वाहन, जिला जज ने किया रवाना।

◆ 14 मार्च की लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों के निस्तारण पर जोर।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। आगामी 14 मार्च 2026 को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन और व्यापक प्रचार-प्रसार को लेकर बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, संभल स्थित चंदौसी में बैठक आयोजित की गई।
माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 11 मार्च को प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के विश्राम कक्ष में जिला सूचना अधिकारी और जनपद के पत्रकारों के साथ बैठक हुई।
बैठक में प्रभारी सचिव दीपक कुमार जायसवाल ने राष्ट्रीय लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए कहा कि समय-समय पर होने वाली बैठकों और कार्यक्रमों की जानकारी मीडिया के माध्यम से समय से प्रकाशित की जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग लोक अदालत का लाभ उठा सकें।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में वादकारियों और संबंधित अधिकारियों के साथ भी समय-समय पर बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिससे राष्ट्रीय लोक अदालत का प्रचार-प्रसार व्यापक स्तर पर हो सके और 14 मार्च को प्रस्तावित लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों का निस्तारण किया जा सके।
बैठक में जिला सूचना अधिकारी ब्रजेश कुमार सहित जनपद के समस्त पत्रकार मौजूद रहे। जानकारी प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दीपक कुमार जायसवाल ने दी।

इश्क बना मौत की वजह: ईंट भट्ठा मजदूर की हत्या में दो चाचा सहित तीन गिरफ्तार।

◆ कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर उतारा मौत के घाट, पिता सहित दो फरार।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। बुधवार को संभल पुलिस ने पांच दिन पहले हुई एक ईंट भट्टा मजदूर की हत्या का खुलासा किया। अवैध संबंध के शक में ईंट भट्ठा मजदूर की बेरहमी से हत्या करने के मामले में पुलिस ने लड़की के दो चाचा सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि लड़की का पिता समेत दो आरोपी अब भी फरार हैं। आरोप है कि मजदूर की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या कर दी गई थी, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस के मुताबिक मृतक का गांव की एक युवती से प्रेम संबंध बताया जा रहा था। इसी बात से नाराज युवती के परिजनों ने घटना को अंजाम दिया। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कई जगह दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि मुख्य आरोपी पिता सहित दो अन्य की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बुधवार को पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई और चंदौसी सीओ दीपक तिवारी ने संभल के जिला कलेक्ट्रेट बहजोई स्थित कार्यालय में इस घटना का खुलासा किया। यह वारदात 6 मार्च की रात करीब 8 बजे तहसील चंदौसी के थाना कुढ़ फतेहगढ़ क्षेत्र के बलकरनपुर गांव में हुई थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव निवासी राय सिंह के 20 वर्षीय बेटे बॉबी को घर से बुलाया गया था। बाद में उसके हाथ-पैर बांधकर कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या कर दी गई। मृतक के भाई बलबीर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जसराज उर्फ तुल्लन पुत्र छोटेलाल उनके भाई बॉबी को खाना खाते समय घर से बुलाकर ले गया था। काफी देर तक बॉबी के वापस न लौटने पर परिजनों ने उसके घर जाकर देखा, जहां बॉबी लहूलुहान पड़ा था और उसकी मौत हो चुकी थी। उसके हाथ-पैर रस्सी से बंधे थे और गर्दन कुल्हाड़ी से काटी गई थी।
पुलिस ने बलबीर की शिकायत पर जसराज, नेपाल, हरपाल (पुत्र छोटेलाल), नत्थू और तेजपाल (पुत्र रामस्वरूप) के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। मृतक बॉबी अपने चार भाइयों में सबसे छोटा था।
एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बुधवार को बताया कि हत्याकांड की विवेचना के दौरान यह सामने आया कि बॉबी की हत्या नेपाल की लड़की से अवैध संबंध होने के कारण की गई थी। हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी बरामद कर ली गई है। जिनमें से जसराज उर्फ तुल्लन, हरपाल और नत्थू लाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।

संभल में कूलर लूटकांड का खुलासा, चार बदमाश गिरफ्तार।

◆ कूलर गिरने का झांसा देकर रुकवाई थी पिकअप, फिर वारदात को दिया अंजाम।

◆ 70 सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस को मिली सफलता।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल के असमोली थाना क्षेत्र में बीते 8 मार्च को सेंट्रो कार में सवार बदमाशों ने रास्ते में 20 कूलर भरी पिकअप गाड़ी को चालक से छीनकर फरार हो गए। चालक की तहरीर पर पुलिस ने जांच शुरू की और लगातार सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से बदमाशों तक पहुंच कर चारों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया, जिनके पास से पुलिस ने पिकअप गाड़ी और उसमें लगे 20 कूलर तथा घटना करने वाली सेंट्रो कार भी बरामद कर ली।
बीते 8 मार्च को अमरोहा के हादरपुर निवासी निवासी शाहिद पुत्र महमूद पिकअप में 20 कूलर लादकर बहजोई जा रहा था। रास्ते में जाते समय मातीपुर के पास एक सेंट्रो सफेद रंग की कार में सवार चार बदमाशों ने गाड़ी में से कूलर नीचे गिरने का बहाना देते हुए चालक को रोका और गाड़ी रुकवा कर जब चालक ने देखा तो बदमाशों ने चालक को घेर लिया और उससे पिकअप छीन कर
गाड़ी में लदे 20 कूलर लेकर फरार हो गए। तदोपरांत चालक शाहिद ने असमोली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
जहां असमोली थाना प्रभारी ने पुलिस टीम के साथ सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से छानबीन शुरू कर दी और लगातार 70 सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से अंत में बदमाशों का पता लगाया जहां कार्यवाहक असमोली थाना प्रभारी संजीव गिरी द्वारा पुलिस टीम के साथ 10 मार्च को असमोली से इकरोटिया को जाने वाले रास्ते से अमरोहा जनपद के मोतीशाह तकिया निवासी शमीम पुत्र नोशे, अमरोहा के मोहल्ला कोट लाल मस्जिद निवासी समीर पुत्र नवाब दुल्ला, अमरोहा के मोहल्ला नल निवासी कासिम पुत्र विरासत तथा मोहल्ला दरबारे कला निवासी आफताब पुत्र नायाब को गिरफ्तार कर लिया।
जिनके पास से पुलिस ने लूट गई वहां पिकअप के साथ 20 कूलर तथा घटना में प्रयुक्त सेंट्रो कार भी बरामद कर ली।
जहां सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर कार्यवाही करते हुए जेल भेजा गया है।

अब जनशिकायतों के निस्तारण पर तय होगी थाने-चौकियों में तैनाती।

◆ थानों और आउटपोस्ट में तैनाती को लेकर डीजीपी राजीव कृष्ण के सख्त निर्देश।

◆ जनशिकायतों के निस्तारण में कमी पर सख्ती, समीक्षा के बाद लिया गया ये फैसला।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अब थानों और चौकियों में पुलिसकर्मियों की तैनाती का आधार जनशिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण होगा। इस संबंध में डीजीपी राजीव कृष्ण ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।
डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि जिलों में की जा रही समीक्षा के दौरान जनशिकायतों के निस्तारण में कई स्थानों पर कमी पाई गई है। इसे गंभीरता से लेते हुए निर्णय लिया गया है कि अब थानों और आउटपोस्ट में तैनात पुलिसकर्मियों के कार्य प्रदर्शन का आकलन भी जनशिकायतों के समाधान के आधार पर किया जाएगा।
दरअसल, पिछले कुछ समय से समीक्षा के क्रम में थाना और चौकियों के स्तर पर जनशिकायतों की सुनवाई में उदासीनता का मामले सामने आ रहे थे। अब ऐसे जिलों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। डीजीपी राजीव कृष्ण के स्तर पर हुई समीक्षा के क्रम में जिलास्तरीय अधिकारियों को साफ किया गया कि आम लोगों की समस्याओं को हर हाल में दूर किया जाना चाहिए। जनशिकायतों का प्रभावी निस्तारण होना चाहिए। इसी आधार पर पुलिस अधिकारियों की थाने और चौकियों में तैनाती मिलनी चाहिए।

जनशिकायतों के निस्तारण का मामला डीजीपी राजीव कृष्ण की अपराध समीक्षा बैठक में उठा। इस दौरान जनशिकायतों के निस्तारण में पीछे रहे जिलों के पुलिस अधिकारियों को डीजीपी ने कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनशिकायतों के प्रभावी निस्तारण के लिए थानों-चौकियों पर तैनाती के आधार के रूप में भी शामिल किया जाए। मतलब, थाना-चौकियों पर जनशिकायतों को निस्तारित करने में सफलता के आधार पर पुलिस अधिकारियों की रेटिंग तय होगी। इसी आधार पर उन्हें थाना-चौकियों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
डीजीपी ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अपराध समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी जिलों को जनशिकायतों में 40 फीसदी कमी लाने का लक्ष्य दिया था। समीक्षा में पाया गया कि संभल, फिरोजाबाद और इटावा में जनशिकायतों में करीब 70 फीसदी की कमी दर्ज की गई। डीजीपी ने इन जिलों की प्रशंसा की। प्रदेश के 15 जिलों में जनशिकायतों में 40 फीसदी से अधिक की कमी दर्ज की गई है। जबकि लखनऊ, कानपुर और वाराणसी समेत 48 जिलों में जनशिकायतों में 30 फीसदी से अधिक की कमी दर्ज की गई। डीजीपी ने इन जिलों में जनसुनवाई को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही, जिन जिलों में जनशिकायतों की प्रभावी सुनवाई नहीं हो पाई है, वहां तत्काल स्थिति में सुधार का निर्देश दिया गया।
साथ ही डीजीपी ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे नियमित रूप से जनशिकायतों की समीक्षा करें और लंबित मामलों का शीघ्र समाधान कराएं, ताकि पुलिस व्यवस्था के प्रति आमजन का विश्वास मजबूत हो सके।

यूपी के दो चर्चित IPS अफसर जल्द लेंगे सात फेरे।

◆ तीन साल पहले गोरखपुर में शुरू हुई कहानी, अब बाड़मेर में होगा विवाह।

◆ 29 मार्च को विवाह जबकि दिन 30 मार्च को जोधपुर में होगा ग्रैंड रिसेप्शन।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी जल्द ही विवाह बंधन में बंधने जा रहे हैं।संभल एसपी केके बिश्नोई और बरेली एसपी अंशिका वर्मा अब जल्द शादी करने जा रहे हैं। शादी के सभी कार्यक्रम राजस्थान में होंगे।
दोनों अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में मेहनत, ईमानदारी और समर्पण के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में यह विवाह सिर्फ दो व्यक्तियों का नहीं बल्कि दो जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों के जीवन का एक नया अध्याय भी है। युवा वर्ग के लिए भी यह जोड़ी प्रेरणादायक मानी जा रही है, क्योंकि दोनों ने कठिन प्रतियोगी परीक्षा को पार कर देश की प्रतिष्ठित सेवा में स्थान प्राप्त किया और अब अपने निजी जीवन में भी एक नई शुरुआत करने जा रहे हैं। केके बिश्नोई यूपी कैडर के 2018 बैच के IPS अधिकारी हैं। वह राजस्थान के बाड़मेर जिले के धोरीमना गांव के रहने वाले हैं। वर्तमान में संभल में एसपी के पद पर तैनात हैं। जबकि प्रयागराज के सिविल लाइन इलाके की रहने वाली अंशिका वर्मा 2021 बैच की IPS अधिकारी हैं और बरेली में एसपी के पद पर तैनात हैं।
संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई और बरेली की पुलिस अधीक्षक अंशिका वर्मा की शादी आगामी 29 मार्च को राजस्थान के बाड़मेर में संपन्न होगी। इस खबर के सामने आने के बाद पुलिस विभाग और उनके परिचितों में खुशी का माहौल है।
दोनों अधिकारी वर्तमान में उत्तर प्रदेश में महत्वपूर्ण जिलों में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। एक ओर जहां संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई कानून व्यवस्था संभाल रहे हैं, वहीं बरेली की एसपी अंशिका वर्मा अपने कार्यकुशल और सख्त प्रशासनिक रवैये के लिए जानी जाती हैं। अब दोनों अधिकारी अपने व्यस्त प्रशासनिक जीवन के बीच निजी जीवन की एक नई शुरुआत करने जा रहे हैं। उनकी शादी 29 मार्च को राजस्थान के बाड़मेर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आयोजित होगी। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई मूल रूप से राजस्थान के बाड़मेर जिले के निवासी हैं। राजस्थान की मिट्टी में पले-बढ़े कृष्ण बिश्नोई ने कड़ी मेहनत और लगन से संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर आईपीएस अधिकारी बनने का सपना पूरा किया। वहीं एसपी अंशिका वर्मा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की रहने वाली हैं। उन्होंने भी अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की और भारतीय पुलिस सेवा में स्थान प्राप्त किया।
दोनों अधिकारी अपने-अपने जिलों में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। संभल जिले में एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने अपराध नियंत्रण, पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने और आम जनता में विश्वास बढ़ाने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं।
दूसरी ओर बरेली की एसपी अंशिका वर्मा भी अपनी सख्त कार्यशैली और तेज प्रशासनिक फैसलों के कारण चर्चा में रहती हैं। उन्होंने महिला सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं।
दोनों आईपीएस अधिकारियों की शादी की खबर सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी खुशी का माहौल है। सहकर्मी अधिकारी और कर्मचारी उन्हें बधाई दे रहे हैं और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना कर रहे हैं। पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों के भी इस विवाह समारोह में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
कार्ड से मिली जानकारी के अनुसार 27 मार्च को बाड़मेर जिले के धोरीमना गांव में हल्दी-संगीत सेरेमनी होगी। जहां 28 मार्च को शादी और 30 मार्च को जोधपुर के लारिया रिसोर्ट में रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा। दोनों की पहली मुलाकात 2021 में गोरखपुर में पोस्टिंग के दौरान हुई थी। बिश्नोई गोरखपुर में एसपी सिटी थे। यहीं पर अंशिका अंडर ट्रेनिंग IPS ऑफिसर थीं। यहीं से दोनों की लव स्टोरी शुरू हुई। अब दोनों शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं।
शादी समारोह राजस्थान के बाड़मेर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आयोजित किया जाएगा। परिवार के सदस्य, रिश्तेदार, मित्र और प्रशासनिक सेवा से जुड़े कई लोग इस खास मौके के गवाह बनेंगे। राजस्थान की पारंपरिक संस्कृति और रीति-रिवाजों के बीच होने वाला यह विवाह समारोह खास और यादगार होने की उम्मीद है। 29 मार्च को होने वाली यह शादी न केवल दोनों परिवारों के लिए बल्कि उनके मित्रों, सहकर्मियों और परिचितों के लिए भी खुशी का अवसर है। दोनों आईपीएस अधिकारी अब अपने पेशेवर जीवन के साथ-साथ वैवाहिक जीवन की नई जिम्मेदारियों की भी शुरुआत करने जा रहे हैं। जिसके चलते ही व्यक्तिगत माध्यम के अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आदि से लोग उनके उज्जवल और सुखद भविष्य की कामना कर रहे हैं।

■ दैनिक प्रवाह के लिए हिमालय शर्मा की रिपोर्ट…

सिंहावली ध्वजा मेले में श्रद्धा का सैलाब, दूर-दूर से पहुंचे भक्त।

◆ चप्पे-चप्पे पर दिखा पुलिस का पहरा, सीसीटीवी से रखी गई पैनी नजर।

◆ मेले में दिखा उत्साह : महिलाओं ने की खरीदारी तो बच्चों ने उठायाझूलों का लुत्फ।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल तहसील क्षेत्र के सिंहावली स्थित श्री गोपाल धाम बाबरा बाबा आश्रम पर लगने वाले ध्वजा मेले में लाखों लोगों का सैलाब दिखा जिसमें श्रद्धालुओं का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। जहां दूर-दूर से आए हजारों भक्तों ने मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मेले में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती रही, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया।
मेले में भक्ति के साथ-साथ उत्साह और रौनक भी देखने को मिली। महिलाओं ने पूजा-अर्चना करने के बाद मेले में जमकर खरीदारी की, जबकि बच्चों ने झूलों और मनोरंजन के साधनों का भरपूर आनंद उठाया। दिनभर मेले में चहल-पहल बनी रही।
मेले को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा और सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरे मेले की पैनी निगरानी की गई। पुलिस अधिकारी भी लगातार मेले का जायजा लेते रहे।
जहां कैलादेवी थाना पुलिस ने मेले में आने वाले मार्गो पर बैरिकेडिंग कर यातायात व्यवस्था को सुलभ बनाया साथ ही वाहनों की अलग पार्किंग व्यवस्था भी की गई। मेले में पीएसी बल के साथ अलग-अलग कई थानों की पुलिस मौजूद रही।

बता दें कि सिंहावली स्थित श्री गोपाल धाम बाबरे बाबा आश्रम पर होली मिलन के अगले दिन लगने वाले ध्वज मेले में लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ मंदिर में पूजा अर्चना कर मेले में जमकर खरीदारी की। महिलाओं ने मीना बाजार में खरीदारी की तो बच्चों ने खेल खिलौने खरीदे और चांट पकोड़ी खाकर मौज मस्ती की, वहीं झूले का आनंद लिया। साथ ही मेले में मौजूद राजस्थानी ऊंटों से युवाओं तथा बच्चों ने जमकर आनंद लिया।
चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर ही मंदिर में महिलाओं तथा पुरुषों के प्रवेश की अलग व्यवस्था रही। महिला पुलिस कर्मियों ने मीना बाजार तथा मंदिर के आसपास व्यवस्था संभाली।
बता दें कि थाना प्रभारी जितेंद्र वर्मा ने सभी मेला कमेटी के सदस्यों के साथ पूर्व में ही बैठक आयोजित कर जानकारी ली थी साथ ही मेले में व्यवस्था को सही रूप देने के लिए सहयोग हेतु अपील की थी।
मेले में भारी संख्या में पीएसी जवान भी मौजूद रहे तथा फायर ब्रिगेड मशीन भी दिन भर मेले में मौजूद रही। हर वर्ष की भांति इस बार भी स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भी मेले में कैंप लगाया गया।
वहीं सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा जगह-जगह पानी की पर्याप्त व्यवस्था की गई।
व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाने के लिए साउंड के जरिए संचालन होता रहा जहां निरंतर सभी को निर्देशित करते हुए मेले में भाईचारा एवं शांति व्यवस्था बनाने रखने की अपील की जाती रही। जहां मेले में भाजपा जिलाध्यक्ष हरेंद्र सिंह रिंकू पूर्व एमएलसी परमेश्वर लाल सैनी एवं पवांसा ब्लॉक प्रमुख के पति हृदेश यादव आदि मौजूद रहे।

होली के रंग में रंगे बदायूं एसएसपी, जमकर लगाए ठुमके।

◆ पुलिस कर्मियों ने कंधे पर बिठा जमकर उडाया अमीर गुलाल।

प्रवाह ब्यूरो
बदायूं। गुरुवार कोपुलिस लाइन में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार सिंह अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ होली के रंगों में रंगे दिखे। कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों ने एसएसपी को कंधों पर उठा लिया जहां एसएसपी भी डीजे की धुन पर नृत्य करते तथा गुलाल उड़ाते नजर आए।
समारोह में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।
समारोह के दौरान पुलिसकर्मियों ने डीजे की धुन पर जमकर नृत्य किया। पूरे परिसर में होली का भव्य उल्लास दिखाई दिया।
एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने भी सभी को होली की बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। एसएसपी ने जनपद में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता तथा समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

समारोह के दौरान पुलिसकर्मियों ने डीजे की धुन पर जमकर नृत्य किया। पूरे परिसर में होली का उल्लास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी के लिए जलपान की व्यवस्था की गई, जहां सौहार्दपूर्ण माहौल में होली मिलन समारोह संपन्न हुआ।
इस दौरान सभी ने आपसी भाईचारे के साथ पर्व का आनंद लिया। कार्यक्रम में एएसपी ग्रामीण डॉ. हृदेश कठेरिया, एएसपी नगर विजयेन्द्र द्विवेदी, क्षेत्राधिकारीगण, थाना प्रभारी व बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।