
◆ गणेश मंदिर सहित जगमगाया संपूर्ण मेला परिसर, बुधवार को रथयात्रा में स्वचालित झांकियां रहेंगी आकर्षण का केंद्र।
◆ 25 अगस्त से 14 सितंबर तक चलेगा गणेश जन्मोत्सव कार्यक्रम।
चंदौसी। उत्तर भारत के प्रसिद्ध मेला गणेश चौथ मेला का आज शुभारंभ होगा। जहां चारों धर्मों के प्रतिनिधियों द्वारा मेले का भव्य आगाज किया जाएगा। साथ ही बुधवार को गणेश चतुर्थी पर श्रीगणेश मंदिर से स्वचलित झांकियों संग गणपति बप्पा की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। जो मेले का मुख्य आकर्षण रहेगी। जिसके चलते ही श्रीगणेश मंदिर को रंगीन झालरों से अलंकृत किया गया है। व्यवस्थाओं को लेकर शनिवार को जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई भी गणेश मंदिर एवं मेला ग्राउंड का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले चुके हैं।
प्रसिद्ध गणेश चौथ मेला हर वर्ष की भांति इस बार भी भव्य रूप में आयोजित हो रहा है। 25 अगस्त से 14 सितंबर तक चलने वाले गणेश जन्मोत्सव कार्यक्रम की समस्त तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। साफ-सफाई से लेकर विद्युत व्यवस्था तथा आवागमन और पार्किंग व्यवस्था आदि के पुख्ता इंतजामात किए गए हैं। जिसके चलते ही इस बार समस्त मेला क्षेत्र की सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। साथ ही डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया की पहल पर इस बार मेले को प्लास्टिक मुक्त बनाने हेतु भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आज घट स्थापन और द्वार पूजन के साथ मेला गणेश चौथ का शुभारंभ किया जाएगा जहां पांच धर्म के प्रतिनिधि मेले का उद्घाटन करेंगे और बुधवार को गणेश चतुर्थी के सुअवसर पर रथयात्रा में स्वचालित झांकियों को नगर में भ्रमण कराया जाएगा।

बता दें कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश का यह प्रसिद्ध मेला सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक है। मेले में सभी धर्मों के लोग बढ़चढ़ कर भागीदारी करते हैं, साथ ही देशवासियों को सांप्रदायिक एकता का संदेश देते हैं।
इतना ही नहीं समस्त शहर में 21 दिनों के लिए भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। जिसके चलते ही यह मेला महाराष्ट्र के बाद गणेश चतुर्थी पर देश में लगने वाला सबसे बड़ा मेला है। इस दौरान भगवान गणेश की भव्य रथ यात्रा एवं झांकियां को देखने के लिए शहर में लाखों भक्त एकत्र होते हैं। चंदौसी के गणेश जन्मोत्सव को भव्य महोत्सव बनाने वाले मेला गणेश चौथ के संस्थापक डॉ. गिरिराज किशोर गुप्ता ने सन् 1962 में पहली बार एक मूर्ति बनाई, तब से ही यह क्रम आज तक निरंतर जारी है।

मेले में दुकानदार अपनी-अपनी दुकानें सजाने के लिए दिन रात काम कर रहे हैं। मेला इंचार्ज रविंद्र कुमार रूपी ने बताया कि इस बार मेले में 382 दुकानें लगाई जा रही हैं। इनमें मुरादाबाद के पीतल के आइटम, अलीगढ़ के ताले, राजस्थानी कपड़े और चप्पल, ब्रज की पोशाक, हाथरस की हींग व चूरन की दुकान समेत उत्तराखंड के रेस्टोरेंट, रामपुर की फूड आदि की दुकानें आई हैं। इसके अलावा मेले में सिर्फ सिंगल यूज प्लास्टिक बैग का प्रयोग अपरिहार्य कर दिया गया है। स्वच्छता की दृष्टि से सभी दुकानदारों को डस्टबिन रखने और अग्निशमन यंत्र रखना आदि भी अनिवार्य कर दिया गया है। हर बार की भांति इस बार भी मेले में बिजली से चलने वाले झूले मुख्य आकर्षण रहेंगे। इस बार आधे दर्जन से अधिक झूले बुलाए गए हैं। जिनमें लोगों की डिमांड पर इस बार टोरा-टोरा झूले के साथ ही मेले में व्हील, नाव, ड्रैगन ट्रेन, ब्रेक डांस, सूज वाला झूला आदि झूले आए हैं।
मेला गणेश चौथ में प्रतिदिन मेले के दौरान सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। जिसके चलते ही मेला परिसर में लगने वाला कार्यक्रम स्टेज और पंडाल को भी वाटरप्रूफ बनाया गया है। जिसमें डेढ़ हजार से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। साथ ही अन्य वर्षो की तुलना में इस बार मेले में सड़कों का भी ब्राॅडीकेशन किया गया है, जिससे मेले में आई श्रद्धालु को अधिक भीड होने के चलते दिक्कत का सामना न करना पड़े। साथ ही मेला परिसर में बारिश के पानी आदि से बचाव के चलते अंडरग्राउंड पाइपलाइन भी डाली गई है।
जहां चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था रखने की चलते प्रशासन और पुलिस अधिकारी रोजाना मेला स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।
■ दैनिक प्रवाह के लिए डॉ. गौरव उन्मुक्त की रिपोर्ट…
