बदायूं के ककोड़ा मेले की तैयारियां तेज, एडीजी बरेली ने किया निरीक्षण।

मेला क्षेत्र में लगाए जाएंगे 17 वाच टावर तथा अलग-अलग सीसीटीवी कैमरे।

निगरानी के लिए कंट्रोल रूम होगा स्थापित, श्रद्धालुओं के लिए चलाई जाएंगीं रोडवेज की 106 बसें।

115 सफाई कर्मचारियों के साथ 19 वॉटर टैंकर के साथ-साथ मेला क्षेत्र में स्थापित होंगे चिकित्सा शिविर।

प्रवाह ब्यूरो
बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जनपद में ककोड़ा नामक स्थान पर लगने वाले ऐतिहासिक मेले की तैयारियां तेज हो गई है। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गंगा नदी के किनारे आयोजित होने वाले मेले की तैयारियों को लेकर एडीजी जॉन बरेली ने निरीक्षण करते हुए सुरक्षा की व्यवस्था देखी तथा आवश्यक निर्देश दिए हैं। यह मेला बदायूं और कासगंज जिले की सीमा पर गंगा नदी के किनारे पर लगता है।

लगातार 15 दिनों तक चलने वाले कार्तिक पूर्णिमा के इस मेले की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बदायूं के ककोड़ा में आयोजित होने वाले मिनी कुंभ के नाम से प्रसिद्ध मेले के आयोजन को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। बदायूं प्रशासन ने सुरक्षा यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए विशेष सतर्कता रखने को कहा है। व्यवस्था को लेकर एडीजी जॉन बरेली की निरीक्षण कर चुके हैं।

मेले में 17 वॉच टावर और एक अलग कंट्रोल रूम होगा स्थापित

मेला क्षेत्र में 17 वॉच टावर लगाए जाएंगे तथा महत्वपूर्ण चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जाएगी।
मेला क्षेत्र में ही सुरक्षा के उद्देश्य से एक अलग कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाएगा। मेला क्षेत्र की निगरानी कंट्रोल रूम से ही की जाएगी, जहां सभी सीसीटीवी कैमरों मुख्य केंद्र होगा।

बैरिकेडिंग और यातायात की व्यवस्था को लेकर सतर्कता।

मेला क्षेत्र में गहरे पानी की ओर बेरीकेडिंग की जाएगी, जिससे कि श्रद्धालु उससे आगे स्नान करने के लिए नहीं पहुंच सकें। श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान के लिए चिन्हित घाटों पर ही स्नान करने के लिए कहा जाएगा। इसके साथ ही गंगा घाट पर सरकारी व निजी गोताखोर भी तैनात किए जाएंगे। यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहेगा तथा महत्वपूर्ण चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस कर्मी मौजूद रहेंगे। मुख्य मार्गों के साथ मीना बाजार और वीआईपी मार्ग का निर्माण भी चल रहा है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सरकारी रोडवेज की 106 बसें मेले तक ले जाने के लिए चलाई जाएंगी।
इसके साथ ही जिला पंचायत की टीमों को भी सक्रिय कर दिया गया है, जिसके तहत 115 सफाई कर्मचारी तैनात किए जा रहे हैं।
पानी और शौचालय व्यवस्था को लेकर धूल नियंत्रण के लिए अलग से 19 वॉटर टैंक लगाए जा रहे हैं तथा अस्थाई शौचायलयों का भी निर्माण किया जा रहा है। चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग की ओर से एंबुलेंस तथा एंटी वेनम चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे।

मनोरंजन के लिए मेले में बच्चों के झूले स्टॉल भी लगने शुरू।

मेला क्षेत्र में अलग-अलग स्थान पर बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले और स्टॉल भी लगने शुरू हो गए हैं। जिससे मेला में आने वाले बच्चे भी अपना आनंद ले सकें और मनोरंजन किसी सुविधा का लाभ ले सकें।
इसके अलावा संत महात्माओं और अधिकारियों के ठहरने के लिए भी टेंट लगाने का काम चल रहा है।

बदायूं से हिमालय शर्मा की रिपोर्ट…

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