संभल में 19 नवंबर को कैलादेवी धाम से हरिहर मंदिर तक निकलेगी पदयात्रा।

मुख्य याचिकाकर्ता महंत ऋषिराज गिरी बोले- विवादित स्थल पर  वह नमाज पढ़ सकते हैं, तो हम पदयात्रा क्यों नहीं।

संभल की जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर विवाद को 24 नवंबर को हो जाएगा एक वर्ष।

महंत ऋषि राज गिरी महाराज ने प्रेस वार्ता कर दी जानकारी।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल की शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर विवाद को एक वर्ष 24 नवंबर को हो जाएगा। इससे ठीक कुछ पहले 19 नवंबर को कैला देवी धाम मंदिर से हजारों की संख्या में आश्रम के महंत ऋषिराज गिरी महाराज के नेतृत्व में लोगों द्वारा पदयात्रा निकाली जाएगी, जो हरिहर मंदिर तक जाएगी और परिक्रमा करेगी।
रविवार को आश्रम के महंत ऋषिराज गिरी महाराज ने प्रेस वार्ता कर 19 नवंबर को आयोजित होने वाली पदयात्रा की जानकारी दी।
अंतर्राष्ट्रीय हरिहर सेना के संस्थापक तथा कैलादेवी आश्रम के महंत और संभल की शाही जामा मस्जिद तथा हरिहर मंदिर वाद के मुख्य याचिका कर्ता ऋषि राज गिरी महाराज ने रविवार को प्रेसवार्ता कर जानकारी देते हुए कहा कि संभल में हरिहर सेना द्वारा हमारे नेतृत्व में 19 नवंबर को एक पद यात्रा निकाली जाएगी जो हरिहर मंदिर तक जाएगी और उसकी परिक्रमा की जाएगी तथा वापस कैला देवी धाम पर आकर यात्रा संपन्न होगी।
पत्रकारों के पूछने पर उन्होंने बताया कि यदि वह विवादित स्थल है तो वह नमाज क्यों पड़ रहे हैं और यदि वह नमाज पढ़ सकते हैं तो हम परिक्रमा क्यों नहीं कर सकते? दूसरी तरफ संभल जनपद में शांति व्यवस्था स्थापित करने हेतु धारा 163 लागू हो गई है। जिसके चलते पदयात्रा की सूचना पर प्रशासन भी अलर्ट हो गया है।
ऋषि राज गिरी महाराज ने बताया कि यह यात्रा बड़े प्रेम पूर्वक होगी।
विवादित स्थल पर हरिहर मंदिर था, और हरिहर मंदिर ही रहेगा। यही हमारा उद्देश्य है। पदयात्रा को लेकर लोगों को लगातार जागरूक भी किया जा रहा है, जिससे कि सनातनी श्रद्धालु अधिक से अधिक संख्या में सम्मिलित हो सकें। हजारों की संख्या में पदयात्रा लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
ऋषि राज जी महाराज ने बताया कि हम मुख्य याचिकाकर्ता हैं तो हम उसके अंदर नहीं जाएंगे लेकिन बाहर से कोटे की परिक्रमा करेंगे।
जहां प्रेसवार्ता के दौरान ऋषि राज गिरी महाराज ने हरिहर मंदिर तक पदयात्रा की जानकारी दी तो वही यात्रा की जानकारी होने पर प्रशासन भी अलर्ट हो गया है।

शकरपुर से खिरनी होते हुए मोती नगर तक जाएंगे वाहन।

रविवार को प्रेस वार्ता के दौरान महंत ऋषि राज गिरी ने कहा कि यह सनातनियों की पदयात्रा है जिसमें अधिक से अधिक सनातनियों को एकत्रित करने की अपील की गई है साथ ही यह यात्रा मां कैलादेवी धाम से शुरू होकर वाहन द्वारा शकरपुर होते हुए खिरनी होकर मोती नगर तक वाहन से जाएगी। ताड़ो तदोपरांत मोती नगर से पैदल यात्रा करेंगे और हरिहर मंदिर की परिक्रमा करते हुए वापस पैदल ही मोती नगर तक आएंगे जहां से वाहन में सवार होकर कैला देवी पर आकर पदयात्रा संपन्न होगी।

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