
◆ वरिष्ठ अधिकारी सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने दिया ‘उत्कृष्ट सेवा अलंकरण’।
◆ कुशल नेतृत्व और सख्त कार्रवाई से हमेशा सुर्खियों में रहते हैं संभल एसपी कृष्ण बिश्नोई।
◆ सम्मान के मंच पर संस्कारों की झलक, कृष्ण बिश्नोई ने माता-पिता को सीएम योगी से मिलवाया।
प्रवाह ब्यूरो
संभल। रविवार को प्रदेश की कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई को वरिष्ठ अधिकारी सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा अलंकरण’ से सम्मानित किया।
बता दें कि राजस्थान राज्य के धोरीमन्ना निवासी युवा आइपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई ने पुलिस में अपनी कार्यकुशलता, नेतृत्व क्षमता से प्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर बाड़मेर जिले का नाम रोशन किया है। कृष्ण बिश्नोई ने महज 24 वर्ष की आयु में यूपीएससी में 174वीं रैंक से आइपीएस बनकर इतिहास रचा। सेवा के शुरुआती वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में तैनाती के दौरान उन्होंने कुख्यात अपराधियों पर सख्त कार्रवाई कर आठ सौ करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति जब्त कराई, तदोपरांत वे चर्चाओं में आए।

जिसकी चलते ही अब यूपी के संभल जिले के पुलिस अधीक्षक के रूप में उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें पुलिस मंथन-2025 सम्मेलन में बेस्ट पुलिस अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदान किया।
राजस्थान मूल के आईपीएस अधिकारी कृष्ण कुमार बिश्नोई अपने कार्यकाल के दौरान अपराध नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई, संवेदनशील मामलों में संतुलित निर्णय और जनसुनवाई के लिए लगातार चर्चा में रहे हैं। संभल जैसे संवेदनशील जिले में उनकी सख्त कार्यशैली और टीमवर्क के चलते कई बड़ी सफलताएं दर्ज की गईं। एसपी कृष्ण बिश्नोई की कुशल नेतृत्व क्षमता, सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई तथा प्रभावी पुलिसिंग जनपद के साथ-साथ प्रदेश की प्रशासनिक भी व्यवस्था की रीढ़ है। क्योंकि संभल जैसी संवेदनशील जनपद में उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखा और जनता में पुलिस के प्रति भरोसा कायम किया।
संभल में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान कानून-व्यवस्था को सधे हुए ढंग से संभालने के साथ-साथ आइपीएस कृष्ण बिश्नोई ने एक वर्ष के भीतर 100 करोड़ रुपए से अधिक की बीमा और वित्तीय धोखाधड़ी का पर्दाफाश कर अपराध के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया। इस गिरोह के 17 मामलों में 68 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यह संगठित गिरोह वर्षों से देशभर में मरणासन्न अथवा मृत व्यक्तियों के नाम पर फर्जी बीमा पॉलिसी, बैंक खाते और फाइनेंस के जरिए करोड़ों की ठगी कर रहा था। जांच में हत्या तक कराने और मृतकों के नाम पर फर्जी ट्रैक्टर फाइनेंस कराने जैसे गंभीर आरोप भी सामने आए। संभल पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद यूआइडीएआई ने आधार संशोधन प्रक्रियाओं में देशव्यापी सुधार किए। साथ ही यूपी पुलिस द्वारा आयोजित इंश्योरेंस कॉन्क्लेव में 50 से अधिक बीमा कंपनियों के साथ नीतिगत सुधारों पर मंथन हुआ, जिससे उत्तर प्रदेश पुलिस की राष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक छवि बनी।
सम्मान मिलने पर एसपी कृष्ण बिश्नोई ने इसे पूरी पुलिस टीम की मेहनत का परिणाम बताते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना ही उनका सर्वोच्च लक्ष्य है। इस उपलब्धि पर जिले के प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस कर्मियों और जनप्रतिनिधियों ने भी उन्हें बधाई दी।
अवगत रहे कि कृष्ण बिश्नोई एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता सुजानाराम बिश्नोई किसान हैं। कृष्ण की प्रारंभिक शिक्षा बाड़मेर के गांव में ही हुई। उनकी मेहनत और प्रतिभा का ही परिणाम है कि फ्रांस सरकार ने उन्हें शिक्षा के लिए 40 लाख रुपए की अंतरराष्ट्रीय स्कॉलरशिप भी प्रदान की थी। पुलिस सम्मान अवार्ड के दौरान कृष्ण बिश्नोई अपने माता-पिता को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलवाया। जहां मुख्यमंत्री ने उनके कार्यों की भी सराहना की।
■ दैनिक प्रवाह के लिए संभल से ‘गौरव उन्मुक्त’ की रिपोर्ट…
