
◆ बेटे मलखान ने ग्रामीण पर लगाया आगजनी का आरोप, जांच में जुटी पुलिस।
प्रवाह ब्यूरो
संभल। जनपद संभल के थाना धनारी क्षेत्र के खलीलपुर गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। जहां झोपड़ी में सो रही एक वृद्ध महिला की आग लगने से जलकर मौत हो गई। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई।
मृतका के परिजनों ने गांव के ही एक व्यक्ति पर झोपड़ी में आग लगाने का गंभीर आरोप लगाया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। परिजनों की तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
उक्त घटना संभल जनपद की तहसील गुन्नौर के थाना धनारी क्षेत्र के गांव खलीलपुर में हुई। मृतक महिला की पहचान राममूर्ति (75) पत्नी रामलाल के रूप में हुई है।
सूचना मिलने पर बहजोई सीओ डॉ. प्रदीप कुमार और थाना अध्यक्ष संजय कुमार पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे।
पुलिस ने झोपड़ी के अंदर से बुजुर्ग महिला का जला हुआ शव बरामद कर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतका के पुत्र मलखान ने गांव के ही महेंद्र नामक व्यक्ति पर हत्या का आरोप लगाया है। मलखान ने पुलिस को बताया कि आरोपी पक्ष ने पहले भी उन्हें फंसाने का प्रयास किया था।
बेटे मलखान ने बताया कि महेंद्र ने आग लगाई थी। घर पर कोई नहीं था, इसी का फायदा उठाकर पीछे से आग लगा दी गई। हमने उन्हें भागते हुए नहीं देखा। जिन लोगों से पुरानी दुश्मनी थी, उन्हीं के घर पहले आग लगी थी। वे लोग कह रहे थे कि अगर हमारे घर में आग लगी है तो हम भी तुम्हारे घर में आग लगा देंगे। बाद में मेरे घर में आग लगा दी गई, जिसमें मेरी मां जल गई। सूचना पर पुलिस पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
मलखान ने बताया कि आरोपियों से पहले से रंजिश थी। इस संबंध में पहले भी थाना धनारी में तहरीर दी गई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
नीरज ने बताया कि मेरी मम्मी भैया को साथ लेकर कपड़े दिलाने बाजार गई थीं। मैं घर पर अकेली रह गई थी। दादी को झोपड़ी के अंदर खटिया पर लिटाकर मैं बाहर चली गई थी। मैंने चेतना से कहा था कि दादी को देखते रहना, लेकिन चेतना दिखाई नहीं दी। इसी बीच दादी ने आवाज दी— “नीरज, मेरी खटिया ठीक कर दे।”
मैंने थोड़ी आग सुलगाने की बात कही तो दादी ने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि अभी मत सुलगाना, अभी करीब पांच बजे हैं, एक-डेढ़ घंटे बाद सुलगा देना। मैंने कहा कि किसी से जलवा लेना, मैं घर जा रही हूं। तभी शोर मच गया कि तुम्हारे घर में आग लग गई है।
आग की लपटें देखकर परिवार और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब खाट से नीचे पड़ी दादी बुरी तरह जल चुकीं थी और उनके प्राण निकल चुके थे।
उक्त संबंध में बहजोई पुलिस क्षेत्राधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया 75 वर्षीय महिला राममूर्ति अपनी झोपड़ी के अंदर थी वहीं पर आग लग जाने के कारण उनकी मृत्यु हुई है पोस्टमार्टम के लिए शव को कब्जे लेकर भेज दिया गया है आवश्यक विधिक कार्रवाई साक्ष्य संकलन आदि किया जा रहा है प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।
