प्रदेश के वार्षिक कैलेंडर में छाए संभल के दो प्रमुख स्थल।

◆ प्राचीन श्री कल्कि विष्णु मंदिर व पीएम श्री स्कूल को मिली जगह।

सूचना विभाग उत्तर प्रदेश ने जारी किया 2026 का वार्षिक कैलेंडर।

नेतृत्व की मिसाल बनी डीएम की पहल, संभल में 16 पीएम श्री विद्यालयों की बदली तस्वीर।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। सूचना विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा जारी किए गए 2026 के वार्षिक कैलेंडर में संभल जनपद को विशेष पहचान मिली है। प्रदेश स्तर पर प्रकाशित इस प्रतिष्ठित कैलेंडर में संभल के दो प्रमुख स्थलों को स्थान दिया गया है, जिनमें प्राचीन श्री कल्कि विष्णु मंदिर और जनपद के आटा स्थित पीएम श्री विद्यालय शामिल हैं। इस कैलेंडर में प्रकाशित कुल 24 स्थान में से संभल के दो स्थलों को जगह मिलना जनपद के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा 2026 का वार्षिक कैलेंडर जारी किया गया है। जिसे शासन के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी किया गया है, जिसमें संभल जनपद के दो स्थानों में एक शिक्षा के मंदिर तो एक धार्मिक आस्था वाले मंदिर को जगह मिली है।
सूचना विभाग द्वारा जारी किए गए वार्षिक कैलेंडर में दोनों स्थानों की कार्यकारिणी को दर्शाया गया है तथा जिन्हें अपनी विशेष पहचान के साथ उजागर किया गया है।
संभल के जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया के नेतृत्व में बीते दिनों जनपद में 16 पीएम श्री विद्यालयों का निर्माण कराया।
जिनका उद्देश्य आधुनिक डिजिटल युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बच्चों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना, आधुनिक व्यवस्थाओं के अनुरूप शिक्षा प्रणाली को सशक्त बनाना तथा विद्यालयों के समग्र कायाकल्प को मजबूत और सुदृढ़ करना था।
जिससे शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार हुआ और विद्यालयों की तस्वीर पूरी तरह बदल गई।

निजी स्कूलों से भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी द्वारा जनपद में 16 पीएम श्री विद्यालयों का निर्माण कराया गया, जिसकी बदौलत उनकी सतत मेहनत और दूरदर्शी सोच अब धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगी है।
यहां के स्कलों में हर विद्यार्थी समुचित गणवेश (प्रॉपर ड्रेस) में उपस्थित होने के साथ-साथ हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में भी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन विद्यालयों में एजुकेशन पार्क, साइंस की आधुनिक लैब, भोजनालय, औषधीय वाटिका के साथ ही हरिश्चंद्र सभागार भी आकर्षण का केंद्र हैं। जिसके चलते ही अब इन विद्यालयों में बच्चों का तेजी से दाखिला हो रहा है। यहां के दिव्यांगों के लिए की गई प्रेरक व्यवस्था के लिए सीएम योगी द्वारा डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया को सम्मानित भी किया गया।

बनिया खेड़ा विकासखंड के आटा स्थित पीएम श्री विद्यालय की कायाकल्प पूरी तरह से बेहतर सुविधाएं प्रदान करते हुए बेहतर शिक्षा प्रणाली को दर्शा रही है। अपनी इसी पहचान के साथ उसे शासन द्वारा जारी किए गए वार्षिक कैलेंडर में जगह मिली है।
इसके अलावा जनपद के संभल स्थित प्राचीन श्री कल्कि विष्णु मंदिर को भी जारी किए गए वार्षिक कैलेंडर में दर्शाया गया है। प्राचीन श्री कल्कि विष्णु मंदिर धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। जनपद के इस प्राचीन कल्कि मंदिर का जीर्णोद्धार अहिल्याबाई होल्कर द्वारा कराया गया था। अयोध्या की तर्ज पर यहां भी 24 कोसी परिक्रमा मार्ग बनाने की तैयारी की जा रही है। यह मार्ग ही संभल की पहचान बनेगी। इसके जरिए श्रद्धालु 68 तीर्थों का भ्रमण कर सकेंगे। जल्द ही इस परिक्रमा मार्ग का निर्माण लोक निर्माण विभाग पूरा कराया जायेगा।
अब इसे प्रदेश के वार्षिक कैलेंडर में शामिल किए जाने से न केवल इसकी ऐतिहासिक महत्ता को मान्यता मिली है, बल्कि इससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

वहीं दूसरी ओर, जनपद के आटा स्थित पीएम श्री विद्यालय को कैलेंडर में स्थान मिलना जनपद में शिक्षा के क्षेत्र में हुए सकारात्मक बदलावों को दर्शाता है। यह उपलब्धि संभल जिलाधिकारी डा. राजेंद्र पैंसिया के नेतृत्व और सतत प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है। डीएम की पहल और निगरानी में जनपद के 16 पीएम श्री विद्यालयों की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। इन विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विकास, स्मार्ट कक्षाएं, स्वच्छ परिसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था और छात्रों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। शिक्षा सुधार की यह पहल अब प्रदेश स्तर पर उदाहरण बनकर उभरी है, जिसका प्रमाण सूचना विभाग के वार्षिक कैलेंडर में पीएम श्री स्कूल को मिली जगह से स्पष्ट होता है। जनपद के अधिकारियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई है।
“आपकी समस्या का अंतिम पड़ाव” स्लोगन को सार्थक करते हुए संभल के जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया आमजनमानस में न केवल अपने उत्कृष्ट और संवेदनशील व्यवहार के लिए पहचाने जाते हैं, बल्कि जनपद के सर्वांगीण उत्थान के लिए किए गए उनके नवाचारों ने संभल को प्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी एक नई पहचान दिलाई है। उनकी कार्यशैली, जनहितैषी निर्णय और प्रभावी प्रशासन ने जिले को विकास की नई दिशा दी है।

कुल मिलाकर, 2026 के प्रदेशीय वार्षिक कैलेंडर में संभल के इन दो स्थलों का चयन जनपद की धार्मिक विरासत और शैक्षिक प्रगति दोनों को एक साथ दर्शाता है, जहां सूचना एवं जन संपर्क विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा राज्य के 24 प्रमुख स्थानों को वार्षिक कैलेंडर में शामिल किया गया है वहां अकेले संभल जनपद के दो स्थानों को जगह मिलना संभल के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।

दैनिक प्रवाह के लिए डा. गौरव उन्मुक्त की रिपोर्ट…

Leave a comment