
◆ भव्य भंडारे के साथ हुआ भक्तों का भोज, बरसे रंग, गुलाल व फूल।
◆ शोभा यात्रा में निकाली गईं भव्य, मनमोहक झांकियां, घोडी नृत्य रहा आकर्षण का प्रमुख केंद्र।
प्रवाह ब्यूरो
संभल। माघ पूर्णिमा के सुअवसर पर शनिवार को भक्तों एवं ग्रामवासियों ने प्रभातफेरियां व शोभायात्राएं निकालीं। जिनमें भव्य झांकियों को भी शामिल किया गया। शोभायात्रा में श्रद्धालूजन डीजे और भव्य झांकियां के साथ संगीतमय धुन पर भजन कीर्तन में झूमते दिखे। माघ मास के अंतिम दिन पूर्णिमा से एक दिन पूर्व भंडारे, शोभायात्रा निकाले जाने की श्रृंखला में ग्रामवासियों व प्रभात फेरी के भक्तों ने गांव में शोभायात्रा निकाली। जो गांव के मुख्य मंदिर से प्रारंभ होकर गांव की समस्त गलियों में प्रभात फेरी की तरह ही घूमते हुए ही हनुमान मंदिर पर पहुंचकर संपन्न हुई।
शनिवार को सिंघौली कल्लू के प्राचीन मंदिर पर माघ पूर्णिमा के सुअवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस अवसर पर मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन किया गया। सुबह से ही मंदिर पर भक्तों का जमावड़ा शुरू हो गया। बाल रूप में बने राम, लक्ष्मण, सीता की शोभायात्रा भव्यता के साथ पूरे गांव में घुमाई गई। हाथों में जय श्री राम के झंडों के साथ गले में रामनामी दुपट्टा और माथे पर तिलक चंदन किए भक्त शोभायात्रा में झूम रहे थे। शोभायात्रा गांव के प्राचीन मंदिर से आरंभ होकर पूरे गांव में घुमाते हुए हनुमान मंदिर पर पहुंचकर सम्पन्न हुई। तदुपरान्त धार्मिक अनुष्ठानों और वेद मंत्रों के साथ भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण को भोग लगाकर उनकी पूजा अर्चना की गई।
इस अवसर पर प्रभात फेरी वाले भक्तों में जबरदस्त उत्साह दिखा। झांकियों में लोग सड़कों पर उतरे और शोभा यात्रा में बढ़ चढ़कर भाग लिया। इस दौरान हरि बोल, जय श्री राम व राधे-राधे के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। शोभा यात्रा के दौरान राम-कृष्ण के भजनों पर भक्त जमकर थिरके। गांव के साथ-साथ आसपास के गांवों में भी माहौल किसी महोत्सव सा प्रतीत हो रहा था। शोभा यात्रा के दौरान साथ चल रहे श्रद्धालुओं एवं भक्तों को प्रसाद भी वितरण किया गया। बड़ी संख्या में ग्रामवासियों ने बालरूप राम सीता और लक्ष्मण के दर्शन कर खुद को सौभाग्यशाली माना। इतना ही नहीं धूमधाम से निकाली गई भगवान स्वरूप झांकियों की शोभा यात्रा क्षेत्र में आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही।
इस अवसर पर मा. ओमप्रकाश शर्मा, डां. तिलक, महावीर शर्मा भगतजी, गजेंद्र शर्मा, श्याम सुंदर, कोमिल प्रसाद, गोलू शर्मा, रामप्रकाश फौजी, अनुज, अतुल, सोनू शर्मा, प्रशांत शर्मा, महेश गौड, अंकित डीजे वाले के साथ-साथ अनेकों संत-महात्मा एवं सैकड़ो की संख्या में भक्त मौजूद रहे।
