
◆ सड़क किनारे टेंट लगाकर बैठे किसान, बोले- बुलंदशहर पट्टे के नाम पर संभल में हो रहा है खनन।
◆ कहा- खनन से है 30 से ज्यादा गांवों पर बाढ़ और कटान का खतरा।
प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल जनपद के गुन्नौर तहसील क्षेत्र में अवैध खनन के विरोध में किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। भारतीय किसान यूनियन (असली) के पदाधिकारियों और क्षेत्रीय किसानों ने ग्राम बीबीपुर में चल रहे खनन कार्य को रुकवाने की मांग को लेकर महावली-अहरोला नवाजी मार्ग पर टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। किसानों के धरने के चलते क्षेत्र में खनन को लेकर माहौल गर्मा गया है।
धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि जिस स्थान पर खनन किया जा रहा है, उसका पट्टा बुलंदशहर जनपद का बताया जा रहा है, जबकि खनन की गतिविधियां संभल जिले की सीमा में हो रही हैं। इससे गुन्नौर तहसील के करीब 30 से 35 गांव सीधे प्रभावित हो रहे हैं। किसानों के अनुसार इन गांवों की कुल आबादी लगभग 50 से 60 हजार के बीच है, जो भविष्य में बाढ़ एवं कटान जैसे गंभीर खतरे का सामना कर सकती हैं।
किसानों का आरोप है कि लगातार हो रहे खनन से क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति बदल रही है, जिससे आने वाले समय में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही नदी किनारे कटान होने की भी आशंका है, जिससे किसानों की खेती और गांवों की आबादी दोनों प्रभावित हो सकती हैं। किसानों का कहना है कि अगर समय रहते खनन नहीं रोका गया तो आने वाले समय में हमारे क्षेत्र की किसानों को बड़ा नुकसान हो सकता है।
धरना दे रहे किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर खनन पर तुरंत रोक लगाई जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक खनन पूरी तरह बंद नहीं किया जाएगा, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
इस दौरान भारतीय किसान यूनियन (असली) के कई पदाधिकारी और किसान नेता मौके पर मौजूद रहे। धरने में ब्लॉक अध्यक्ष जुनावई केदार सिंह, एड. रामवीरेश यादव, सचिन यादव, जिलाध्यक्ष संभल राजपाल सिंह, विकास यादव, ललित यादव, दिलीप कुमार, महाराज सिंह, जयवीर सिंह समेत बड़ी संख्या में किसान साथी शामिल रहे।
