यूपी में पंचायत चुनाव की तारीख का ऐलान, तेज हुई सियासी हलचल।

◆ मंत्री राजभर का बड़ा दावा- तैयारियां पूरी समय, इस तारीख तक संपन्न हो जायेंगें पंचायत चुनाव।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर चल रही अटकलों पर अब विराम लग गया है। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने बड़ा बयान देते हुए साफ किया है कि पंचायत चुनाव 12 जुलाई तक संपन्न करा लिए जाएंगे।
राजभर ने बताया कि चुनाव की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं। जिलों में मतपत्र छप चुके हैं और 15 अप्रैल तक मतदाता सूची का प्रकाशन भी कर दिया जाएगा। इसके साथ ही सीटों का आरक्षण जल्द तय होगा और यह प्रक्रिया चक्रानुसार पूरी की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव पुरानी व्यवस्था के तहत ही कराए जाएंगे और इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह पालन होगा।

ओबीसी आरक्षण को लेकर भी सरकार का रुख साफ है। राजभर के अनुसार 2011 की जनगणना के आधार पर ही आरक्षण लागू होगा, किसी नई गणना की जरूरत नहीं होगी। साथ ही आगामी कैबिनेट बैठक में ओबीसी आयोग के गठन पर भी मुहर लग सकती है।
इधर, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने चुनाव में देरी को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि क्या वह संवैधानिक समयसीमा के भीतर चुनाव करा पाएगी। यह सुनवाई अधिवक्ता इम्तियाज हुसैन की जनहित याचिका पर हुई, जिसमें समयबद्ध कार्यक्रम तय करने की मांग की गई है।
कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि 15 अप्रैल को मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद क्या 26 मई तक चुनाव संभव हैं, क्योंकि ग्राम पंचायतों का कार्यकाल इसी तारीख को समाप्त हो रहा है। अगर समय पर चुनाव नहीं हुए, तो प्रशासकों की नियुक्ति करनी पड़ सकती है। वहीं, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पहले कहा था कि फिलहाल पंचायत चुनाव समय पर कराना मुश्किल नजर आ रहा है। उन्होंने बताया था कि सरकार की मशीनरी इस समय SIR, जाति जनगणना और मकान गणना जैसे बड़े कार्यों में व्यस्त है।
अब देखना होगा कि सरकार और चुनाव आयोग तय समयसीमा के भीतर पंचायत चुनाव कराने में कितनी सफल होती है।

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