संभल से लापता पिता पुत्र की हत्या, शामली के जंगल में मिले शव‌।

◆ शवों के घर पहुंचते ही मचा कोहराम, गांव में छाया मातम, हर आंख हुई नम।

◆ सपा विधायक बोले- पुलिस ने की लापरवाही, सरकार को देना चाहिए 50-50 लाख का मुआवजा।

◆ बोले-  यह एक गंभीर कृत्य, सख्त से सख्त हो कार्रवाई।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। गुन्नौर तहसील के भिरावटी गांव में पिता-पुत्र की निर्मम हत्या से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। इस घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। जहां इलाके में शोक के साथ-साथ आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
लूट के इरादे से बदमाशों ने दोनों की निर्मम हत्या कर शवों को संभल से करीब 200 किलोमीटर दूर शामली जनपद के एक गन्ने के खेत में फेंक दिया और फरार हो गए।
मृतक नरेश (48) और उनका बेटा भीमसेन (24) पिकअप वाहन चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे।

करीब साढ़े चार महीने पहले उन्होंने लोन पर वाहन खरीदा था। 2 अप्रैल को उन्हें मेरठ से मजदूर लाने के लिए गाड़ी बुकिंग का कॉल आया, जिसके बाद वे दो अज्ञात लोगों को लेकर घर से निकले। रात करीब 10 बजे परिवार से आखिरी बार बात हुई, इसके बाद उनका फोन बंद हो गया।
परिजनों की सूचना पर पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज में वाहन टोल प्लाजा तक दिखाई दिया, लेकिन उसके बाद कोई सुराग नहीं मिला। कॉल डिटेल के आधार पर जांच आगे बढ़ी और मामला बदायूं निवासी मनोज कुमार तक पहुंचा।
पुलिस ने मनोज को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया, जिसमें उसके पैर में गोली लगी।

पूछताछ में उसने नरेश और भीमसेन की हत्या की बात कबूल की। उसकी निशानदेही पर मंगलवार शाम करीब 6 बजे शामली के गन्ने के खेत से दोनों के शव बरामद किए गए। शव क्षत-विक्षत हालत में थे और हाथ बंधे हुए थे।
बुधवार सुबह पोस्टमॉर्टम के बाद जैसे ही शव गांव पहुंचे, माहौल गम और आक्रोश में बदल गया। परिजनों और ग्रामीणों ने भिरावटी चौराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी व मुआवजे की मांग पर अड़ गए। ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे, अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
स्थिति को संभालने के लिए चार थानों की पुलिस, पीएसी और आरआरएफ को तैनात किया गया। करीब तीन घंटे तक चले हंगामे और पुलिस-ग्रामीणों के बीच नोकझोंक के बाद अधिकारियों के आश्वासन पर लोग शांत हुए और अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।
मौके पर सीओ गुन्नौर आलोक सिद्धू, सीओ बहजोई डॉ. प्रदीप कुमार, एडीएम प्रदीप वर्मा और एसडीएम गुन्नौर अवधेश कुमार सिंह सहित कई अधिकारी पहुंचे और हालात को नियंत्रित किया।
एएसपी कुलदीप सिंह के अनुसार, गाड़ी लूटने के इरादे से इस वारदात को अंजाम दिया गया। मामले में थाना कैलादेवी क्षेत्र के रहने वाले दो सगे भाई संतोष और अरविंद फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

इस बीच राम खिलाड़ी यादव भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन देते हुए अपनी ओर से एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को प्रति व्यक्ति 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की।

विधायक ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते यह दर्दनाक घटना हुई।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और पूरे मामले की गहन जांच जारी है।

Leave a comment