संभल में कांवड़ यात्रा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम।

● सेक्टर मजिस्ट्रेटों की लगाई गई ड्यूटी, कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मदिरा की दुकानें।

● कांवड़ यात्रा के दौरान रेस्टोरेंटों संचालकों बनाना होगा बिना लहसुन-प्याज का खाना।

● ड्रोन तथा सीसीटीवी कैमरों से की जायेगी कांवड़ियों की निगरानी ।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। जहां शुक्रवार से सावन मास आरंभ हो गया तो वहीं संभल में पुलिस प्रशासन के साथ जनपदीय प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। कावडियों की सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से ड्रोन तथा सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी।
शुक्रवार को भी पुलिस में कांवड़ यात्रा की सुरक्षा को लेकर आरआरएफ व पीएसी के साथ एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में पैदल मार्च किया गया।
साथ ही डीजे को लेकर गाइडलाइन जारी की गई है, जिसमें डीजे की ऊंचाई 10 फीट से अधिक नहीं रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सावन मास शुरू होते ही पुलिस प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। संभल एसपी कृष्ण कुमार के निर्देश पर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने भी कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं, साथ ही सेक्टर मजिस्ट्रेटों को भी तैनात किया गया है।
संवेदनशील मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। किसी प्रकार की समस्या या व्यवधान उत्पन्न करने वालों पर सख्त कार्यवाई के निर्देश दिए गए हैं।
शिव मंदिरों के पास कावड़ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में जिले के 11 प्रमुख मंदिरों पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर लगाया जाएगा।
इसके अलावा कांवड़ मार्गों पर शराब की दुकानें तथा मांस की दुकानों पर प्रतिबंध लगाया गया है।
साथ ही अवैध तथा बिना पंजीकृत चल रहे होटलों पर भी कार्यवाई के निर्देश दिते हुए उन्हें बंद रखने को कहा गया है।
व संचालित रेस्टोरेंटों पर कांवड़ यात्रा के दौरान सिर्फ बिना लहसुन-प्याज का खाना मिलने के निर्देश दिए गए हैं।
शुक्रवार को अलग अलग थाने की पुलिस और आरआरएफ व पीएसी बल के साथ एएसपी उत्तरी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने कांवड़ यात्रा की सुरक्षा को लेकर पैदल मार्च किया एवं ड्रोन कैमरे से भी निगरानी की गई।
प्रशासन ने कावड़ यात्रा के दौरान डीजे की ऊंचाई 10 फीट से अधिक नहीं रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही उन पर भगवान शिव और कांवड़ से संबंधित भजन ही बजाए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

संभल से वीरेश कुमार रिपोर्ट…

बाइक सवार बदमाशों ने मारी गोली, भाई की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज।

● बहजोई थाना क्षेत्र के रफीपुर में गुरुवार देर रात हुई घटना।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल के बहजोई थाना क्षेत्र के रफीपुर गांव में गुरुवार देर रात बाइक सवार दो बदमाशों ने एक युवक को गोली मार दी। गोली बाईं जांघ में लगने से युवक घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं दोनों बाइक सवार बदमाश गाली-गलौज करते हुए मौके से फरार हो गए। भाई की तहरीर पर दो अज्ञात बाइक सवार बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
बहजोई थाना क्षेत्र के रफीपुर गांव निवासी धीरेंद्र सिंह एक निजी डॉक्टर है। गुरुवार देर रात्रि धीरेंद्र अपनी डॉक्टर की दुकान पर अपने भाई देवपाल पुत्र प्रेमपाल, गांव के राजू पुत्र नेकसे और ईशुक पुत्र ईदे खां सहित कुर्सियों पर बैठकर बातें कर रहे थे। इस समय एक बाइक पर दो लोग अचानक आए और बराबर में बाइक रोककर तमंचा निकाल इतनी देर में वहां सभी खड़े हो गए। कुछ समझते उससे पहले ही बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने धीरेंद्र पर गोली चला दी। गोली धीरेंद्र के बाईं जांघ में लगी। जिससे वह घायल हो गया। उसके भाई देवपाल व अन्य लोगों ने पीछा किया तो वह बाइक तेज करके गाली-गलौज करते हुए फरार हो गए। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं भाई देवपाल की तहरीर पर दो अज्ञात बाइक सवार बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
थाना प्रभारी बहजोई हरीश कुमार ने बताया कि अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच कर कार्यवाई की जाएगी।

नवीन रूप में दिखा 9 माह बाद टंगा संभल का ऐतिहासिक चक्की पाट।

● मूसलाधार बारिश के चलते 18 सितंबर 2024 को हुआ था जमींदोज।

● नगर पालिका ने कराया दीवार का निर्माण, पाट टांगने के बाद लोग जाता रहे आभार।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल की पहचान व ऐतिहासिक धरोहर चक्की का पाट लगभग 9 माह बाद नगर पालिका द्वारा मजबूत दीवार बनाकर पुन: प्रतिस्थापित करा दिया गया। चक्की के पाट को पुनः दीवार पर टंगा देखकर शहर की प्राचीनता के साथ-साथ ऐतिहासिक धरोहर को लेकर चर्चा का माहौल बन गया।
बता दें कि कई वर्षों से शहर के डाकखाना मार्ग पर किले की जर्जर दीवार पर टंगा होने के चलते 18 सितंबर 2024 को मूसलाधार बारिश के दौरान यह पाट जमींदोज हो गया था।
तदोपरांत जिला प्रशासन ने मजबूत दीवार तैयार करने का फैसला लिया जिसके लिए पीडब्ल्यूडी और नगर पालिका ने संयुक्त रूप से काम आरंभ किया। 24 नवंबर को जमा मस्जिद के सर्वे के विरोध में हिंसा हुई तो काफी दिनों के लिए कार्य थम गया। हालात सामान्य होने के बाद कार्य में फिर से तेजी आई तो मजबूत दीवार का निर्माण करा उस पर लाल पत्थर लगाकर पाट को पुनः प्रतिस्थापित कर नए रूप में संवार दिया गया। बता दें की चक्की के पाट का जिक्र प्रसिद्ध पुस्तक ‘संभल महात्म’ में भी उल्लेखित है। जिसमें इसे करीब 1000 साल पुराना होने का दावा है। इसका किस्सा पृथ्वीराज चौहान कन्नौज नरेश राजा जयचंद के किस्से से जुडा है।
कहा जाता है कि जयचंद की सेना के योद्धा आल्हा, ऊदल और मलखान अपना भेष बदलकर नट की वेशभूषा में जयचंद की बेटी संयोगिता का पता लगाने संभल पहुंचे थे। जहां उन्हें राजा पृथ्वीराज चौहान को किले में होने की जानकारी मिली थी। वर्तमान में जिस स्थान पर चक्की का पाट टंगा हुआ था यह कभी किले की दीवार हुआ करती थी जहां एक खिड़की थी। नट की वेशभूषा वाले आल्हा ने खिड़की से झांकने के लिए पहले एक छलांग लगाकर कील ठोंकी फिर वहां चक्की का पाट टांगा। जहां उस समय पाट की ऊंचाई लगभग 60 फिट होने का जिक्र मिलता है।
अब ऐतिहासिकता का प्रतीक गर्व और धरोहर रूपी चक्की का पाट पुन: टंगने को लेकर लोगों में खुशी का माहौल है। जहां लोग शासन-प्रशासन सोशल मीडिया पर इस जीर्णोद्धार कार्य को लेकर बधाई देते हुए आभार व्यक्त करते नजर आ रहे हैं।

टीएमयू नर्सिंग के पचास से अधिक स्टूडेंट्स का प्लेसमेंट।

● यूपी, उत्तराखंड, बिहार के इन स्टुडेंट्स ने पाई मैक्स हेल्थकेयर में जॉब।

● प्लेसमेंट ड्राइव में कुल 85 विद्यार्थियों ने लिया था भाग।

प्रवाह ब्यूरो
मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के पचास से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रतिष्ठित अस्पताल समूह मैक्स हैल्थकेयर में जॉब पाकर सफलता का परचम लहराया है। जहां तीर्थंकर महावीर कॉलेज ऑफ नर्सिंग, मुरादाबाद और तीर्थंकर पार्श्वनाथ कॉलेज ऑॅफ नर्सिंग, अमरोहा के नर्सिंग कॉलेजों के स्टुडेंट्स के लिए यह ख़बर खुशियों का नजराना है।
बता दें कि इन कॉलेजों के 51 छात्र-छात्राओं ने प्रतिष्ठित अस्पताल समूह मैक्स हैल्थकेयर में जॉब पाकर अपनी कॉलेज का नाम रोशन किया है। बीएससी नर्सिंग और पोस्ट बेसिक नर्सिंग के नियुक्त ये स्टुडेंट्स उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड और बिहार के रहने वाले हैं। प्लेसमेंट ड्राइव में कुल 85 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया जहां समस्त छात्र-छात्राओं को मैक्स हेल्थकेयर की टीम द्वारा ज्ञान, व्यवहार, पेशेवर दृष्टिकोण व दक्षताओं को लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के जरिए परखने के बाद चयनित किया है। नर्सिंग की प्रो. एसपी सुभाषिनी ने चयनित सभी स्टुडेंट्स को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
मैक्स हेल्थकेयर की ओर से चयन टीम में दीन दयाल, सुजीत, दीपक कपूर, पद्मा, जयप्रकाश और ज्योति सिंह, जबकि टीएमयू कॉर्पाेरेट रिसोर्स सेंटर-सीआरसी की ओर से ज्वाइंट डायरेक्टर सिद्धार्थ सिंह, दानिश रहमानी, सुधांशु सिंह व महविश आदि उपस्थित रहे।

वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भगवान परशुराम की हुई मूर्ति स्थापना।

● पूर्व मंत्री/विधायक अजीत कुमार उर्फ राजू यादव ने किया अनावरण।

● ब्राह्मण शक्ति संघ के प्रदेश अध्यक्ष सहित सैकड़ो परशुराम भक्त रहे मौजूद।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। सोमवार को गुन्नौर के पीपलवाला स्थित मां चामुंडा देवी मंदिर परिसर में भगवान परशुराम की मूर्ति की स्थापना की गई।
सोमवार को पूर्व निर्धारित समयानुसार सुबह 11 बजे वैदिक रीति-रिवाज और मंत्रोच्चारण के बीच भगवान परशुराम की भव्य मूर्ति की स्थापना संपन्न हुई। इस शुभ अवसर पर क्षेत्र के पूर्व मंत्री एवं विधायक अजीत कुमार ‘राजू’ ने विधिवत पूजन आदि कर मूर्ति का अनावरण किया।
मूर्ति स्थापना समारोह में ब्राह्मण शक्ति संघ के प्रदेश अध्यक्ष विवेक मिश्रा सहित बड़ी संख्या में परशुराम भक्तों की उपस्थिति रही।

श्रद्धालुओं ने गले में जय श्री राम व जय परशुराम का पटका आदि डालकर परंपरागत पोशाकों में भाग लिया एवं कार्यक्रम स्थल पर विशेष पूजा-अर्चना की गई। पंडित राजाराम शर्मा द्वारा वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ ही धार्मिक वातावरण की सृष्टि हुई।
इस अवसर पूर्व मंत्री अजीत कुमार ‘राजू’ ने भगवान परशुराम की जय का उद्घोष करते हुए अपने संबोधन में कहा कि हम सब लोगों का सौभाग्य है कि आज हम सब भगवान परशुराम की मूर्ति अनावरण में शामिल हुये हैं भगवान परशुराम हमारे ज्ञान, शक्ति और न्याय के प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमा समाज को मर्यादा, अनुशासन और संस्कृति की प्रेरणा देती रहेगी।” यहां भगवान परशुराम की मूर्ति प्रतिस्थापित कर सभी लोग ने बहुत ही अच्छा कार्य किया है। यह सनातन को बढ़ावा देने का पुनीत कार्य है। जो भारतीय संस्कृति और धर्म की श्रेष्ठता को दर्शाता है। हमारी सनातन संस्कृति और धर्म विश्व में अद्वितीय और सर्वश्रेष्ठ हैं।

दूसरी तरफ अपने वक्तव्य में ब्राह्मण शक्ति संघ के प्रदेश अध्यक्ष विवेक मिश्रा ने भगवान परशुराम बारे में बताते हुए कहा कि भगवान परशुराम ब्राह्मण थे लेकिन, उनमें गुण क्षत्रियों वाले थे। भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम ऋषि जमदग्नि और रेणुका के पांच पुत्रों में से चौथे पुत्र थे। परशुराम भगवान शिव के परम भक्त थे। उन्हें न्याय का देवता भी कहा जाता था।
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, भगवान परशुराम सात चिरंजीवी पुरुषों में से एक हैं और कलयुग में आज के समय में भी धरती पर मौजूद हैं। भगवान परशुराम के जन्म का नाम राम था। जब उन्होंने अपनी कठोर तपस्या से भगवान शिव को प्रसन्न किया। तदोपरांत भगवान शिव ने इन्हें कई अस्त्र और शस्त्र प्रदान किए। जिसमें से परशु भी मुख्य है। उन्होंने परशु धारण किया जिसके बाद ये परशुराम कहलाए। माहौल की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रतिमा अनावरण के मद्देनजर विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन का व्यापक इंतजाम रहा। जिसके तहत मोके पर दर्जनों पुलिसकर्मियों के साथ-साथ पुलिस बल द्वारा चाक चौबंद व्यवस्था रही।

इस अवसर पर आयोजक एवं क्षेत्रवासियों द्वारा आए हुए समस्त सम्मानित गणमान्य व्यक्तियों को माल्यार्पण करते हुए बुके व प्रतिमा आदि भेंट कर सम्मानित किया गया। इसी क्रम में डॉ. गौरव कुमार शर्मा व रामौतार शर्मा ने अनावरण मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री व विधायक अजीत कुमार ‘राजू’ को भगवान परशुराम की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित करते हुए आभार व्यक्त किया।

तदोपरांत प्रसाद वितरण के बाद कार्यक्रम का संपन्न किया गया। इस अवसर पर ब्राह्मण शक्ति संघ के पदाधिकारियों में प्रदेश संयोजक मुकेश गौड, प्रदेश कोषाध्यक्ष सचिन शर्मा, जिला महामंत्री विमल शर्मा व प्रदेश मीडिया प्रभारी मुनीष शर्मा के साथ-साथ एड. प्रवेश शर्मा, अभिषेक शर्मा, हिमालय शर्मा, पं. रामवीर शर्मा, आशीष शर्मा, मुकेश गुप्ता, गोपाल कुशवाह, रामौतार शर्मा, मनोज शर्मा, गौरव कुमार शर्मा, अनमोल शर्मा, आकाश शर्मा, वेदवसु आर्य, गणेश शर्मा, मनमोहन शर्मा, शिवा राघव, वीरेश यादव आदि के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और गणमान्य व्यक्तियों व सैकड़ो परशुराम भक्तों ने भाग लिया।

भाजपाइयों ने मनाई डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती।

● जिलाध्यक्ष बोले – डा. मुखर्जी के लिए सर्वोपरि थी देश की एकता और अखंडता।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। रविवार को भाजपाइयों ने संभल के धनारी में भारतीय जन संघ के संस्थापक, महान शिक्षाविद एवं प्रखर राष्ट्रवादी, कुशल राजनीतिज्ञ व समाजसेवी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती मनाई। इस अवसर पर धनारी मंडल में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी हरेंद्र सिंह रिंकू ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्पार्पण कर दीप प्रचलित कर श्रद्धांजलि देते हुए उनके जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारतीय जनसंघ के संस्थापक थे, जो बाद में भारतीय जनता पार्टी बनी। डॉ. मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई, 1901 को कलकत्ता में हुआ था। आजाद भारत के इतिहास में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी एक ऐसे नाम हैं, जिनके लिए देश की एकता और अखंडता से बढ़कर कुछ भी नहीं था। उत्तर में कश्मीर से लेकर पूर्व में बंगाल तक, उन्होंने देश की इंच-इंच भूमि के लिए संघर्ष किया और जम्मू-कश्मीर से दो प्रधान, दो विधान, दो निशान समाप्त करने के संघर्ष में शहीद हो गए। जनसंघ की स्थापना से उन्होंने एक ऐसा राजनीतिक विकल्प दिया, जिसके मूल में भारतीयता थी। वे महान विचारक, हम सब के प्रेरणापुंज व सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के सच्चे उपासक थे। जहां भाजपा जिला अध्यक्ष का पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा फूलमालाओं बुके आदि भेंट कर सम्मानित किया गया।

वहीं अपनी बात रखते हुए मंडल अध्यक्ष भुवनेश राघव ने मुखर्जी की जयंती पर मंडल कार्यकारणी बूथ अध्यक्ष, सेक्टर संयोजक और मौजूद कार्यकर्ताओं से एक-एक वृक्ष लगाने का आह्वान किया। जहां जिलाध्यक्ष चौधरी हरेंद्र सिंह रिंकू के साथ-साथ स्वयं मंडल अध्यक्ष ने पौधारोपण कर अन्य को प्रेरित किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम में लायक राम, दिनेश चंद शर्मा, ऋषि पाल सिंह, उमेश राणा, ओमप्रकाश राणा, अनिल, केसरी राणा, हुकुम सिंह कुशवाह, आशु चौहान, नवरत्न सिंह, हरिओम प्रकाश राघव, पुष्पेंद्र कुशवाहा, वीरेश यादव, गिरराज कश्यप, हरि सिंह, संजय राघव, शिवा राघव आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।

बुलेट नहीं तो फेरे नहीं, मचा घमासान, बगैर दुल्हन लौटी बरात।

● घराती-बाराती में जमकर मारपीट, आधा दर्जन से अधिक लोग घायल।

● प्रकरण बना क्षेत्र में चर्चा का विषय, पूरा मामला संभल के चंदौसी कोतवाली क्षेत्र का।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। यूपी के संभल जिले में दहेज में बुलेट मोटरसाइकिल की मांग पर दूल्हा और दुल्हन पक्ष भिड़ गए। बाद में समझौते की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं बनी, जिसके चलते बरात बैरंग लौट गई।
बता दें कि शुक्रवार को गणेश कॉलोनी निवासी दंपति की पुत्री की बारात आंवला क्षेत्र के मनोना धाम से आई थी। बरात आने के बाद सीता आश्रम पुलिस चौकी के पास स्थित धर्मशाला में दावत चल रही थी। साथ ही शादी के रीति-रिवाज कार्यक्रम भी जारी थे। तभी धर्मशाला में आयोजित शादी समारोह में दूल्हा पक्ष ने स्प्लेंडर मोटरसाइकिल की जगह बुलेट मोटरसाइकिल की मांग रख दी। लड़की के पिता द्वारा इनकार करने पर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। लडकी पक्ष का कहना था कि दूल्हा पक्ष की मांग और अपनी सामर्थ्य के अनुसार पहले ही दहेज का सामान पूरा कर दिया है। अब इस अतिरिक्त मांग को पूरा नहीं कर सकते। तभी देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। जिसमें आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। जिन्हे चंदौसी के ही एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया। जहां घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। उसके बाद शुक्रवार मध्यरात रात तक तमाम लोगों के द्वारा मामला सुलझाने का भरकस प्रयास चलता रहा परन्तु बात नहीं बनी। जहां मारपीट के बाद दूल्हे पक्ष ने शादी से ही इनकार कर दिया। आखिरकार बारात बिना दुल्हन के ही वापस लौट गई। वधू पक्ष ने इस मामले में कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर दी है। चंदौसी प्रभारी मोहित चौधरी ने बताया कि अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर दुल्हन पक्ष से तहरीर मिली है मामले की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया बुलेट मोटरसाइकिल की मांग के अलावा डीजे पर हुआ विवाद भी विवाह में मारपीट एवं विवाद का कारण बना है।

यूपी पंचायत चुनाव का बजा बिगुल, आरक्षण का आधार होगी 2011 की जनगणना।

● अब कुल 57691 पंचायतों में होगा मतदान, महिलाओं को मिलेंगी 33 फीसदी सीटें।

● राज्य निर्वाचन आयोग ने भी मतपेटियों के लिए जारी किये ई-टेंडर।

● सूत्रों की माने तो आगामी मार्च-अप्रैल में पंचायत चुनाव होने की  जताई जा रही है प्रबल संभावना।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। यूपी में पंचायत चुनाव का बिगुल बज चुका है, इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। यूपी के ग्राम पंचायतों के मौजूदा ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 2026 में खत्म हो रहा है। सूबे में करीब 57691 ग्राम प्रधान, पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, 826 ब्लॉक प्रमुख, 3200 जिला पंचायत सदस्य और 75 जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव होने हैं। यूपी के चुनाव आयोग सूबे में पंचायत चुनाव को अगले साल हर हाल में कराने की तैयारी में है।
जहां आगामी वर्ष 2026 के मार्च-अप्रैल में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। साथ ही माना जा रहा है कि यह चुनाव 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक सेमीफाइनल की तरह होगा, जो कि सभी राजनीतिक दलों के लिए अपनी ताकत आजमाने का मौका होगा। सत्तारूढ़ बीजेपी के साथ-साथ सपा, कांग्रेस और प्रदेश के छोटे दलों ने भी अकेले मैदान में उतरने की ताल ठोक दी है। जिसके बाद प्रदेश के सियासी समीकरण तेजी से बदलते दिख रहे हैं। एनडीए और इंडिया अलायन्स के दल भी अलग चुनाव लड़ने का दावा कर रहे हैं, जिस कारण लड़ाई और दिलचस्प होती जा रही है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं, जिसमें मतपेटियों के लिए ई-टेंडर आदि जारी कर दिये गए हैं। शनिवार को
पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि इस बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत ग्राम पंचायतों में आरक्षण की व्यवस्था 2011 की जनगणना के आधार पर होगा। पूर्ववत् हर वर्ग के आरक्षण में 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। साथ ही पिछले चुनाव में लागू नियमावली में निर्धारित की गई आरक्षण की रोटेशन की व्यवस्था का भी पालन किया जायेगा।
राजभर ने पंचायतीराज निदेशालय में विभागीय कार्यों की समीक्षा के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ग्राम पंचायत की जो सीट पिछली बार सामान्य, पिछड़ी, महिला या अनुसूचित जाति व जनजाति के लिए आरक्षित रही, इस बार के चक्रानुक्रम में उसकी श्रेणी में बदलाव हो सकता है। उन्होंने बताया कि जिन ग्राम पंचायतों का परिसीमन होना है, वहां उनमें सर्वे जारी है। परिसीमन का कार्य पूरा होते ही तत्काल आरक्षण की व्यवस्था पर भी विचार होगा।  पंचायत चुनाव में आरक्षण व्यवस्था को बेहतर ढंग से लागू किया जाएगा। जिसके चलते ही कुछ गांवों में बदलाव हुआ है।
राजभर ने कहा कि आरक्षण के कोटे में कोटा लागू कराने के लिए वे जल्द प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे।
गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव किसी दल के सिंबल पर नहीं होता है। ऐसे में इस चुनाव में गठबंधन का सवाल ही नहीं है। सभी जिलों में जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधान के पद पर चुनाव लड़ा जाएगा।

दिल्ली के जीबी पंत हॉस्पिटल तक फैले थे बीमा माफियाओं के तार, बैंक कर्मचारी सहित पांच गिरफ्तार।

● संभल के रजपुरा थाना पुलिस को मिली कामयाबी, एएसपी अनुकृति शर्मा के नेतृत्व में चल रहा था अभियान।

● फर्जी बीमा गैंग से जुड़े 61 बीमा माफियाओं की हो चुकी है गिरफ्तारी।

● जीबी पंत हॉस्पिटल में मरीज के परिजनों से मिल, तैयार करते थे फर्जी दस्तावेज।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल जनपद में फर्जी बीमा माफियाओं के जाल को संभल पुलिस लगातार तोड़ने में लगी हुई है। एएसपी अनुकृति शर्मा के नेतृत्व में बीते कई महीनो से चल रहे अभियान के तहत जहां दर्जनों बीमा माफिया जेल जा चुके हैं तो वहीं करोड़ों रुपए के घोटाले की भी जांच चल रही थी।
फर्जी बीमा माफियाओं के तार दिल्ली के जीबी पंत हॉस्पिटल तक फैले हुए थे, जहां से हॉस्पिटल के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार कर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर बीमा राशि हड़पने का कार्य करते थे। एसपी कृष्ण कुमार के निर्देश पर लगातार चल रहे अभियान के तहत एएसपी अनुकृति शर्मा के नेतृत्व में रजपुरा पुलिस ने दिल्ली के जीबी पंत हॉस्पिटल तक फैले बीमा माफियाओं के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। जीबी पंत हॉस्पिटल के डॉक्टरों के फर्जी हस्ताक्षर और मोहर सहित अन्य दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। सभी बीमा माफियाओं के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही करते हुए जेल भेजा गया है
संभल जनपद में फर्जी बीमा करने वाले गिरोह का लगातार पर्दाफाश हो रहा है। जहां संभल एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के निर्देशन में एएसपी अनुकृति शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार अभियान चलाकर बीमा माफियाओं की धर पकड़ और खुलासा करने में लगी हुई थी। जिसमें अब तक लगभग 61 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
जहां पुलिस ने जीबी पंत हॉस्पिटल दिल्ली से जुड़े बीमा माफियों में पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से गाजियाबाद का रहने वाला है। जिनमें दिल्ली के तिमारपुर निवासी वीरेंद्र कुमार पुत्र महावीर, दिल्ली के ही वेलकम थाना अंतर्गत नवाज अहमद पुत्र सफीक अहमद, दिल्ली के हर्ष विहार थाना अंतर्गत निवासी कल्पना पुत्री संजय कुमारी, दिल्ली के ही सुलेमान नगर थाना अंतर्गत प्रेम पुत्र किशनलाल तथा गाजियाबाद के लोनी थाना अंतर्गत राजनगर कॉलोनी निवासी रविंद्र गुप्ता पुत्र श्याम सुंदर प्रसाद को गिरफ्तार किया गया है। जिनके खिलाफ संबंधित धाराओं में दर्ज मुकदमे के आधार पर कार्यवाही करते हुए जेल भेजा गया है।

बीमा माफियाओं का फर्जी बीमा करने का यह था तरीका।

गिरफ्तार किए गए वीरेंद्र कुमार की भूमिका का विवरण-

गिरफ्तार किए गए फर्जी बीमा माफियाओं में से वीरेंद्र कुमार पुत्र महावीर निवासी दिल्ली द्वारा बताया गया कि वह कक्षा 12 तक पढ़ा हुआ है। बचपन से ही क्रिकेट खेलने का शौक था। लेकिन पैसों की कमी के चलते ट्रेनिंग नहीं ले पा रहा था। 2020 से 2022 तक जीबी पंत हॉस्पिटल दिल्ली के बाहर गार्ड की नौकरी की। जीवी पंत हॉस्पिटल में किसी मरीज को दिखाने के लिए पर्ची लगानी पड़ती है। वीरेंद्र अपनी जानकारी से लोगों की पर्ची जल्दी बनवा देता था और दलाली के लिए उसे सौ से दो सौ रुपए तक मिल जाते थे।
2022 के अंत में शाहरुख खान से जीबी पंत हॉस्पिटल के बाहर जानकारी हुई। शाहरुख खान ने बताया कि उसके पास फर्जी बीमा करने का एक तरीका है। जिसमें कम समय में काफी रुपया मिल सकता है। क्रिकेट खेलने का सपना भी पूरा हो जाएगा। अस्पताल में आने वाले मरीजों को देखकर उनके परिजनों से बात कर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड प्राप्त करने होंगे। जिन्हें वह शाहरुख खान को देगा।
फिर यही खेल शुरू हुआ। शाहरुख खान दस्तावेज लेकर अपनी महिला मित्र कल्पना की मदद से उनके बैंक खाता खुलवाता और अकाउंट की पासबुक, डेबिट कार्ड तथा चेक बुक अपने पास ही रख लेते थे। बीमा की राशि आने पर उसका 20 प्रतिशत हिस्सा नॉमिनी को देते थे। जहां वह फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र भी जरूरत पड़ने पर एमसीडी के बाहर काम करने वाले दलाल प्रेम से बनवाते
थे। इस प्रकार धोखाधड़ी से कई लोगों का बीमा कराया और मोटी बीमा राशि भी प्राप्त की। इसके बाद वीरेंद्र ने गिरोह के साथ जुड़ने के बाद गार्ड की नौकरी भी छोड़ दी थी और क्रिकेट एकेडमी में ट्रेनिंग शुरू कर दी थी।

एक मृतक त्रिलोकी का भी बीमा करने के लिए जीबी पंत हॉस्पिटल से बनवाया था मृत्यु प्रमाण पत्र।

वीरेंद्र ने मृतक त्रिलोकी के परिजनों से बात की। मृत्यु से पहले गंभीर हालत में उसे जीबी पंत हॉस्पिटल में दिखाने के लिए कहा गया था लेकिन वीरेंद्र ने वहां की जगह उसे लोकनायक अस्पताल में दिखाने को कहा। जब त्रिलोकी की मृत्यु हो गई तो उसने शाहरुख से बात की और मृत्यु के बाद भी बीमा कराने का आश्वासन दे दिया। वीरेंद्र ने फिर मृतक त्रिलोकी की पत्नी सपना से बात करते हुए मृतक के आधार और पैन कार्ड भेजने को कहा। सभी दस्तावेज लेने के बाद शाहरुख को दे दिए गए। जहां तीन पॉलिसी कराई गईं। अब बीमा पॉलिसी कराने के बाद उसकी मृत्यु होना भी दोबारा जरूरी था। इसके लिए जीबी पंत हॉस्पिटल के फर्जी मेडिकल प्रपत्र तैयार किए गए और त्रिलोक को जीबी पंत हॉस्पिटल के दस्तावेजों के अनुसार 27 दिसंबर 2024 को हृदयघात से मरना दिखाया गया।
अस्पताल में जान पहचान होने के चलते अस्पताल के कर्मियों में से एक नवाज अहमद नाम का व्यक्ति था जो जीबी पंत में काम करता था। वह ईसीजी निकालना जानता था। नवाज से योजना के बारे में बात की और पांच हजार रुपए में इसीजी तथा जीबी पंत के सभी खाली फॉर्म के 12 हजार रुपए बताए। वहां काम करने वाले डॉक्टरों की मोहर तथा फर्जी हस्ताक्षर तैयार किए गए। हृदयाघात की पूरी फाइल के फोटो खींचकर शाहरुख को भेज दिए गए जिससे कि वह भी त्रिलोक की इस तरह फाइल तैयार की जा सके
प्रक्रिया पूरी होने के बाद क्लेम के लिए आवेदन करना शुरू कर दिया था। एचडीएफसी लाइफ पॉलिसी का इन्वेस्टिगेशन रविंद्र गुप्ता ने आवेदन किया था। जिसका नाम शाहरुख ने राजेश के नाम से सेव कर लिया था। रविंद्र से सेटिंग होने के बाद क्लेम के कागज में जो भी कमियां होती थीं उसे पूरी कल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट भी कंपनी को भेज देती थी, जिसकी वजह से एचडीएफसी लाइफ का 20 लाख रुपया नॉमिनी सपना का खाते में आ गया।
गिरफ्तारी के बाद सपना के डेबिट कार्ड, बैंक पासबुक पुलिस ने बरामद कर लिए थे तो वह रुपए नहीं निकाल पाए।

अन्य बीमा माफियाओं के शामिल होने की कहानी।

कल्पना ने बताया कि उसने बीए किया है। वह एक वर्ष से सीएसबी बैंक में बिजनेस डेवलपमेंट के पद पर कार्यरत है। 2022 में उत्कर्ष में और उसके बाद उज्जीवन बैंक में कार्य कर चुकी है। उसका वेतन 25 हजार रुपए महीने का था। 2022 में शाहरुख नाम के व्यक्ति से संपर्क किया, दोस्ती हुई, और बैंक में खाता खुलवाने के लिए शाहरुख द्वारा भी कल्पना से संपर्क तय कर लिया गया।
जिसमें बीमा माफिया प्रेम की भी भूमिका थी। जो कि कोरोना काल में दिल्ली के एमसीडी के बाहर लोगों के फार्म भरवाने का काम करता था। जिससे उसकी पहचान एमसीडी के कर्मचारियों से हो गई थी। लोग फॉर्म भरवाने के लिए आते थे। वह धोखाधड़ी से लोगों का बीमा करवाता था और शाहरुख के साथ काम करने से उसकी अच्छी कमाई हो रही थी।
इसके अलावा रविंद्र गुप्ता, जिसने 12वीं तक की पढ़ाई की थी। सीपीएस कंपनी में करीब 6 साल तक बीमा पॉलिसी की इन्वेस्टीगेशन का काम किया। दिल्ली एनसीआर का काम होने के चलते वह केएलसीआर कंपनी में इन्वेस्टिगेशन का काम करने लगा। मृतक त्रिलोक के एचडीएफसी बीमा क्लेम की इन्वेस्टीगेशन उसी के पास आई थी। शाहरुख खान नाम के व्यक्ति से मुलाकात हुई और सभी कमियां पूरी करके उसकी फाइल भेज दी थी।

पांचों अभियुक्तों से यह दस्तावेज हुए बरामद।

गिरफ्तार किए गए फर्जी बीमा माफियाओं के अंतर्राज्यीय गिरोह के पांच सदस्यों के पास से पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान एक मोबाइल वीरेंद्र से व एक मोबाइल नवाज अहमद से, बीमा माफिया कल्पना से डॉक्टर के फर्जी हस्ताक्षर और सील मोहर, बरामद किए गए हैं।
सभी बीमा माफियाओं के खिलाफ संबंधित धाराओं में दर्ज मुकदमे के आधार पर कार्यवाही करते हुए जेल भेजा गया है।

संभल से वीरेश कुमार की रिपोर्ट…

बांध धाम पर धार्मिक अनुष्ठानों के संग शुरू हुआ गुरु पूर्णिमा महोत्सव।

● एक सप्ताह तक चलेगा महोत्सव, हर दिन होगें विधिवत कार्यक्रम।

● इस बार 4 जुलाई से लेकर 10 जुलाई तक मनाया जायेगा यह महोत्सव।

● संभल के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शुमार है हरि बाबा बांध धाम।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। रजपुरा क्षेत्र के हरि बाबा बांध धाम पर गुरू पूर्णिमा का मंगलकारी महोत्सव शुक्रवार से आरम्भ हो गया। हरि बाबा बांध धाम पर प्रति यह महोत्सव बड़ी धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। आसपास के क्षेत्र से तमाम श्रद्धालु यहां जुटे रहते हैं। इतना ही नहीं आसपास के गांवों के तमाम लोग यहां आकर हरिनाम संकीर्तन में उत्साह के साथ प्रतिदिन भागीदारी करते हैं।

यहां पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, मुम्बई, हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों के शहरों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने गुरु पूर्णिमा पर आते हैं। शुक्रवार को श्री हरि धाम बांध ट्रस्ट समिति द्वारा उपलब्ध कराये गए कार्यक्रम ब्यूरा के अनुसार इस वर्ष कार्यक्रम कुछ इस प्रकार रहेंगे।

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर यहां प्रतिवर्ष रासलीला के सुंदर मंचन के साथ-साथ श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन भी किया जाता है। जिसे यहां आये लाखों श्रद्धालु बडे भक्ति भाव से दर्शन एवं श्रवण करते हैं। इतना ही नहीं यहां आये पर्यटक व भक्तगण हरि नाम संकीर्तन में भक्तिमय होते दिखाई देते हैं।

यही वजह है कि महोत्सव के पहले दिन से ही यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालुगण आना शुरू हो जाते हैं। महोत्सव के उपलक्ष्य में यहां सप्ताह भर श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन होता है। एक सप्ताह तक चलने वाला यह महोत्सव इस वर्ष 4 जुलाई से लेकर 10 जुलाई तक मनाया जा रहा है। जिसमें गौरांग कृष्ण लीला मंडल वृंदावन के लोकप्रिय कलाकारों की रासलीला के साथ-साथ पं. दीपक कृष्ण उपाध्याय की भागवत कथा के प्रवचन सुनने का सौभाग्य प्राप्त हो सकेगा।

बता दें कि संभल जिले के गवां क्षेत्र में बने हरिबाबा बांध धाम में लोगों की अगाध आस्था है। पंजाब के होशियारपुर जनपद के गंदोवाल से 1918 में गवां आए हरिबाबा ने इस क्षेत्र को बाढ़ से बचाने के लिए गंगा नदी पर एक लंबा तटबंध बनवाया था। तब से लोग उन्हें बड़े श्रद्धाभाव से पूजते हैं।

यूं तो विख्यात संत परम पूज्य श्री हरिबाबा महाराज का नाम किसी परिचय विशेष का मोहताज नहीं है। लाहौर मेडिकल कालेज से एमबीबीएस की पढ़ाई छोड़कर आए बाबा ने इस क्षेत्र की सेवा में अपना जीवन लगा दिया। श्रमदान कर 35 मील लंबा मिट्टी का बांध बनाकर क्षेत्रवासियों को हर वर्ष होने वाली गंगा की बाढ़ की विनाश लीला से बचाया। यही वजह रही कि हरिबाबा क्षेत्र के लिए एक अवतार बने। क्षेत्रवासियों ने उनके अनेक चमत्कार भी देखे। क्षेत्र के लोग उन्हें भगवान की भांति पूजते हैं। बांध धाम पर गुरु पूर्णिमा पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। कई राज्यों से श्रद्धालु यहां आते है। इतना ही नहीं सन् 1970 से ही हरे राम-हरे राम, राम-राम हरे, हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण-कृष्ण हरे-हरे महामंत्र का जाप यहां अनवरत 24 घंटे चल रहा है।

बता दें कि महान संत हरिबाबा का जन्म पंजाब के होशियारपुर जिले के गंधवाल गांव में सरदार प्रताप सिंह के घर पर हुआ था। अपने गुरुदेव सच्चिदानंद और भगवान में पूर्ण आशक्ति रखने वाले हरिबाबा जन्म से ही बैरागी स्वभाव के थे। लाहौर मेडिकल कालेज से एमबीबीएस फाइनल छोड़कर वे घूमने निकल पड़े। यहां-वहां घूमते हुए जब वे गवां क्षेत्र में आये तो हालात देखकर उनका हृदय द्रवित हो गया। यहां गंगा की भीषण बाढ़ से प्रलय मची हुई थी। हांलाकि बाढ़ को रोकने के लिए ब्रिटिश सरकार ने भी तमाम प्रयास किये लेकिन सफल नहीं हुई।
अंग्रेज हर साल बाढ़ रोकने को मिट्टी का बांध बनाते थे जो बह जाता था। इसके बाद गंगा गुन्नौर तहसील क्षेत्र के अलावा सहसवान क्षेत्र तक अपनी विनाश लीला दिखाती थी। क्षेत्रीय जनता की पीड़ा देखकर बाबा ने 1920 में स्थानीय लोगों के सहयोग से बांध का निर्माण शुरू करवाया। हौसले इतने जबरदस्त थे कि 35 मील लंबा बांध छह माह में बनकर तैयार हो गया। इस तरह बाबा ने कम समय में वह कार्य कर दिखाया जो ब्रिटिश सरकार सालों में नहीं कर सकी थी।
इसके बाद बाबा बनारस में ब्रह्मालीन हो गए। उनके पार्थिव शरीर को यहां उनकी कर्मस्थली में लाकर समाधि दी गयी और यहां एक भव्य मंदिर की स्थापना हुई। यही कारण है कि आज भी यहां आने वाले श्रद्धालु बांध पर अपना श्रमदान करना नहीं भूलते हैं। हरिबाबा के दर्शन करने के बाद बांध पर एक छबड़ा मिट्टी अवश्य डाली जाती है। जो दर्शन पूर्ण होने का प्रतिफल माना जाता है।