◆ राष्ट्रपति व डीजीपी से मिला एसएसपी समेत पांच पुलिसकर्मियों को पदक।
प्रवाह ब्यूरो बदायूं। बदायूं में 79वें स्वतंत्रता दिवस पर डीएम अवनीश राय ने कलक्ट्रेट में ध्वजारोहण किया। जहां पुलिस लाइन में एसएसपी डॉ. ब्रजेश सिंह ने ध्वजारोहण कर सराहनीय कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को भी सम्मानित किया। सम्मान पाकर पुलिसकर्मी गदगद नजर जाए। इसके अलावा जनपद के स्कूल-कॉलेजों में भी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
बता दें कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मियों को विशिष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। इसी क्रम में राष्ट्रपति ने बदायूं के एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह को उत्कृष्ट पुलिस सेवा पदक से नवाजा तो वहीं परिवहन शाखा में तैनात निरीक्षक रामविलास पांडेय को भी उत्कृष्ट पुलिस सेवा पदक से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ने भी बदायूं के तीन अन्य पुलिसकर्मियों को सराहनीय सेवा चिन्ह से सम्मानित किया है। जिनमें थाना उझानी में तैनात उप निरीक्षक किशनवीर सिंह, रिजर्व पुलिस लाइन्स में तैनात हेड कांस्टेबल धर्मेन्द्र सिंह व हेड कांस्टेबल रतन सिंह शामिल हैं जिन्हें यह सम्मान प्राप्त हुआ है।
◆ भतीजा बोला- लूट की नीयत से की हत्या, गहने-जेवरात भी उतारे।
◆ गांव के ही हिस्ट्रीशीटर पर हत्या की आशंका, खुलासे के लिए नियुक्त हुईं पुलिस, एसओजी समेत चार टीम।
प्रवाह ब्यूरो बदायूं। बदायूं के इस्लामनगर थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। सोमवार रात घर में घुसे बदमाशों ने दरोगा की बुजुर्ग मां की हत्या कर दी। जानकारी के अनुसार दरोगा की वृद्ध मां अपने मकान में अकेले रहती थीं। पुलिस ने आशंका जताई है कि हत्या लूट के दौरान हत्या की गई है। बता दें कि यूपी के बदायूं जनपद के इस्लामनगर थाना क्षेत्र के मौसमपुर गांव में सोमवार रात घर में अकेली रह रही मनवीर सिंह यादव की 65 वर्षीय मां रातरानी की बदमाशों ने धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी और उनके सोने-चांदी के आभूषण लूटकर फरार हो गए। पुलिस ने इस मामले में गांव के ही एक हिस्ट्रीशीटर पर शक जताया है, जो वारदात के बाद परिवार सहित लापता भी है। हत्या के बाद बदमाशों ने दरोगा की मां के कानों के कुंडल, पाजेब, नथ और गले का लॉकेट आदि भी उतार लिये और मौके से फरार हो गए। सुबह जब घर से कोई हलचल नहीं दिखी, तो पड़ोस की ही एक दुलारो नामक महिला उन्हें देखने पहुंचीं। दरवाजा न खुलने पर ग्रामीणों को सूचना दी गई। छत के रास्ते घर में दाखिल हुए ग्रामीणों ने बरामदे में चारपाई पर खून से लथपथ शव देखा, जिसके बाद गांव में सनसनी फैल गई।
वहीं दूसरी तरफ मृतका के भतीजे रामकिशोर ने बताया कि बदमाशों ने लूट की नीयत से हत्या की होगी। जिसके चलते ही उनके कानों के कुंडल, नाक की लौंग, गले का ताबीज और पैरों की पाजेब आदि गायब है। जहां लूट का विरोध करने पर बदमाशों ने हत्या की होगी। मंगलवार सुबह मौके पर पहुंचे एसएसपी डॉ. ब्रजेश सिंह और एसपी देहात केके सरोज ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। जहां फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य एकत्रित किए। घर में अन्यत्र कहीं लूटपाट आदि के निशान नहीं मिले, जिससे स्पष्ट है कि बदमाशों का निशाना केवल आभूषण थे। पुलिस को संदेह है कि गांव का हिस्ट्रीशीटर, जो वारदात के बाद परिवार सहित गायब है, इस हत्या में शामिल हो सकता है। एसएसपी ने बताया कि लूट के इरादे से हत्या की गई है और शक के आधार पर हिस्ट्रीशीटर की तलाश में पुलिस व एसओजी की चार टीमें लगाई गई हैं। जल्द ही घटना का खुलासा किया जायेगा।
◆ साल 2020-21 में भी वायरल हुआ था यह संदेश, एक्सपर्ट बोले कुछ नहीं, सिर्फ अफवाह।
प्रवाह ब्यूरो लखनऊ। आजकल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक भ्रामक मैसेज बिना पुष्टि के ही जमकर वायरल हो रहा है। जिसमें दावा किया जा रहा है कि फेसबुक एक नया नियम लागू करने वाला है, जिसके तहत कंपनी यूजर्स के डेटा जैसे नाम, तस्वीर, वीडियो, फोन नंबर आदि का इस्तेमाल अपने मुताबिक कर सकेगी। अफवाह उड़ते ही पिछले 48 घंटे में लाखों लोग अपनी प्रोफाइल से धड़ाधड़ ऐसे मैसेज पोस्ट करते हुए एक डिस्क्लेमर दे रहे हैं कि मेरे डेटा का इस्तेमाल नहीं किया जाए। इसको लेकर लखनऊ में जब प्रवाह टीम ने सोशल मीडिया एक्सपर्ट से बात कर इसकी हकीकत जानी तो सोशल मीडिया साइबर एक्सपर्ट ने कहा कि इसमें कोई सच्चाई नहीं है बल्कि एक अनावश्यक भ्रम फैलाया जा रहा है। इससे पूर्व ऐसा साल 2020-21 में भी हो चुका है तब भी ठीक ऐसा ही एक मैसेज वायरल हुआ था। ऐसे पोस्ट कई सालों से चल रहे हैं। वास्तविकता में ऐसी कोई पॉलिसी नहीं बन रही है। इसके विपरीत जब आप फेसबुक जैसी प्लेटफार्म पर लाॅग इन करते हैं तभी आपको मेटा/फेसबुक के नियमों का विकल्प चुनना होता है न कि इसके उपरांत। यहां तक कि उनके नियम व शर्तो को माने बिना आप किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर साइन अप तक भी नहीं सकते हैं।
◆ नए थानों की सौगात से पहले ही मिली थानाध्यक्ष की तैनाती।
◆ रोशन सिंह बने बबराला थानाध्यक्ष तो वहीं बोबिन्द्र कुमार को बनाया गया रायसत्ती थानाध्यक्ष।
प्रवाह ब्यूरो संभल। संभल जनपद में 7 अगस्त को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान जहां तैयारियां तेज हो गई हैं तो वहीं मुख्यमंत्री द्वारा संभल जनपद की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से दो नवीन थानों की सौगात दी जाएगी। नवीन थानों की सौगात से पहले ही थाना अध्यक्षों की तैनाती कर दी गई है।
संभल जनपद कानून व्यवस्था की स्थिति को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु प्रशासनिक समायोजन को दृष्टिगत रखते हुए एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई द्वारा जनपद के नवीन दो थाने में थाना अध्यक्षों की तैनाती कर दी गई है। रजपुरा के टीसीएल चौकी प्रभारी रोशन सिंह को बबराला थाना अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं स्वाट टीम प्रभारी उप निरीक्षक बोबिन्द्र कुमार को रायसत्ती थानाध्यक्ष के पद पर तैनाती दी गई है। इसके अलावा स्वाट टीम का प्रभारी अपराध शाखा से निरीक्षक लोकेंद्र त्यागी को बनाया गया है।
◆ ड्राइवर को पेड से बांधकर पीटा, ट्रैक्टर, डीजे में की आगजनी।
◆ मौके पर पीएसी के साथ दो थानों का पुलिस फोर्स तैनात, हालत सामान्य।
प्रवाह ब्यूरो संभल। शुक्रवार को बदायूं के बरेली-मथुरा हाईवे पर बड़ा बवाल हो गया, जहां से तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्राली ने सड़क किनारे आराम कर रहे एक कांवड़िए को कुचल दिया जिससे उसकी मौत हो गई, इसके बाद साथी कांवड़ियों ने जमकर हंगामा काटा। उग्र कांवड़ियों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली और डीजे में आग लगा दी साथ ही ट्रैक्टर चालक समेत दो लोगों को पेड़ से बांध कर जमकर पीटा। जानकारी के अनुसार बरेली जनपद के भुता थाना क्षेत्र के गांव नागवानपुर निवासी अंकित (18) पुत्र नरेंद्र अपने 20-22 साथियों के साथ कछला गंगा घाट से जल भरकर वापस लौट रहा था। जहां उसका जत्था बरेली-मथुरा हाईवे पर बुटला बोर्ड गांव के नजदीक आराम कर रहा था। इस दौरान एक अन्य जत्थे की ट्रैक्टर-ट्रॉली ने सड़क किनारे लेटे कांवड़िए अंकित को कुचल दिया और उसकी मौत हो गई। जिसके बाद दोनों कांवड़ियों के गुटों के बीच बवाल हो गया। जहां कांवड़ियों के बीच आपस में ही टकराव और मारपीट की स्थिति उत्पन्न हो गई। जब तक घटनास्थल पर पुलिस पहुंचती उससे पहले ही वहां सैकड़ों की संख्या में भीड़ एकत्र हो गई। बवाल और हंगामे के दौरान गुस्साए एक पक्ष के कांवड़ियों ने मौजूद ट्रैक्टर-ट्रॉली और डीजे को आग के हवाले कर दिया। आगजनी की सूचना के बाद मौके पर आसपास के थानों का पुलिस बल और फायर बिग्रेड की गाड़ियां पहुंचीं। जिसके बाद बमुश्किल आगपर काबू पाया गया। जहां सैकड़ो लोगों की भीड़ जमा हो गई। जिसके चलते बरेली-मथुरा हाईवे पर काफी देर तक यातायात बाधित रहा। हालांकि, कई थानों की पुलिस बल व पीएसी के साथ प्रशासन ने स्थिति को संभालते हुए शांति व्यवस्था कायम की। पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस ले गई। तदोपरांत पुलिस व प्रशासन द्वारा दोनों गुटों को समझाकर शांत कराया गया। जहां मौके पर पीएसी के साथ दो थानों का पुलिस फोर्स तैनात है। उझानी सीओ डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि टक्कर मारने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली बरेली के नवाबगंज के कांवड़ियों की है। चालक को हिरासत में ले लिया गया है। हालात नियंत्रण में हैं और रोड पर कांवड़ियों समेत वाहनों का आवागमन सुचारू चल रहा है।
बदायूं में कमिश्नर व डीआईजी ने किया गंगा घाट का निरीक्षण।
● कांवड़ यात्रा को लेकर देखी सुरक्षा व्यवस्था, दिए आवश्यक निर्देश।
प्रवाह ब्यूरो बदायूं। बदायूं में आगामी कांवड़ यात्रा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कमिश्नर तथा डीआईजी ने डीएम, एसएसपी के साथ गंगा घाट का निरीक्षण किया। जहां उन्होंने निरीक्षण करते हुए आवश्यक निर्देश दिए तथा गंगा घाट कछला में कांवड़ यात्रा के दौरान कावड़ कंट्रोल रूम भी संचालित किया जाएगा। सावन का महीना आगामी 11 जुलाई से शुरू हो जाएगा। सावन के महीने में जहां गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है तो वहीं कांवड़ यात्रा को लेकर भी प्रशासन सख्त हो गया है। बदायूं के कछला गंगा घाट पर सावन महीने के सोमवार को लाखों श्रद्धालुओं के भीड़ स्नान करने के लिए पहुंचती है साथ ही कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु जल भरते हैं।
शुक्रवार को बरेली कमिश्नर सौम्या अग्रवाल व डीआईजी बरेली रेंज अजय कुमार साहनी ने बदायूं के एसपी तथा जिलाधिकारी के साथ कछला गंगा घाट का निरीक्षण किया। जहां अलग-अलग कई जनपदों तथा अन्य राज्यों से भी कांवड़िए पहुंचते हैं। साथ ही कछला नगर पंचायत के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर आवश्यक निर्देश दिए। आवश्यक रूट डायवर्जन को लेकर एसपी को आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही गंगा घाट पर अतिरिक्त पुलिस बल के साथ पीएसी भी तैनात की जाएगी। कछला घाट पर कांवड़ यात्रा के दौरान 24 घंटे कांवड़ कंट्रोल रूम संचालित किया जाएगा। इस दौरान एडीएम प्रशासन अरुण कुमार, एसपी सिटी विजेंद्र द्विवेदी, एसडीएम मोहित कुमार, सीओ सिटी रजनीश कुमार उपाध्याय सहित नगर पंचायत के अधिकारी तथा अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
● दोनों सगी बहनों का एक साथ चयन होने से परिवार में छायीं खुशियां।
● दोनों बहनों का इकलौता भाई दस साल पहले हो गया था लापता।
प्रवाह ब्यूरो बदायूं। एक पिता जिसने तंग हालत में भी गुजर बसर कर अपनी अपनी बेटियों को शिक्षित बनाया। हालात जब अधिक बदतर हुए तब भी उसने बेटियों की शिक्षा नहीं रोकी बल्कि बदायूं के कादरचौक में साइकिल पंचर की दुकान खोल दी। आज पंचर की दुकान चलाने वाले देव सिंह के घर में खुशियों का माहौल है क्योंकि देव सिंह की दोनों बेटियां उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही बन गई हैं। बीते 15 जून को दोनों को नियुक्त पत्र मिला तो परिवार में खुशियां छा गईं। देव सिंह का इकलौता बेटा है, जो दो साल पहले लापता हो गया था। दोनों बेटियों के सिपाही बनने पर घर में वापस खुशी लौट आईं। ट्रेनिंग पर जाने से पहले दोनों बहनों का भव्य स्वागत किया गया। गांव के लोगों ने उनको शुभकामनाएं दीं और क्षेत्र में दोनों बेटियों का एक साथ उत्तर प्रदेश पुलिस में चयन होना चर्चा का विषय बन गया लोग कहते नजर आए कि ईश्वर जिसे देता है छप्पर फाड़ कर देता है।
दोनों बेटियों को गांव वासीयों ने धूमधाम से ट्रेनिंग के लिए किया रवाना।
कादरचौक ग्राम पंचायत का नाम रोशन करने वाली दोनों बहनों को गांववालों ने सम्मान सहित व धूमधाम से ट्रेनिंग के लिए रवाना किया। सिपाही में चयन होने से पूर्व सुजाता गौतम ने ब्लॉक में पंचायत सहायक के रूप में काम भी किया था। इन बहनों का इकलौता भाई अभिनव था, जो दो साल पहले लापता हो गया। परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन वह कहीं नहीं मिला। पिता देव सिंह आंखों में खुशी के आंसू छलाकते हुए बोले कि एक लंबे अरसे बाद आज मैं बहुत खुश हूं। हमने झोपड़ी में रहकर दिन गुजारे, लेकिन बच्चों की पढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। बेटियों ने नाम रोशन किया है। एक बेटी और है, उसे भी खूब पढ़ाऊंगा, जिससे वह भी अपनी बहनों की तरह काबिल बन सकें। इस मौके पर प्रधान दिनेश कुमार, एडीओ पंचायत शिवकुमार के अलावा गांव के सैकडों लोग मौजूद रहे।
पुलिस गिरफ्त में कर्तव्य पटेल की हत्या का आरोपी शौर्य ठाकुर
● बीते रविवार को अपने तीन दोस्तों के साथ दो बाइकों से घूमने निकला था छात्र।
● आपसी बहस के बाद शौर्य ठाकुर ने गोली मारकर कर दी थी हत्या।
प्रवाह ब्यूरो बदायूं। बदायूं में बीते रविवार सुबह अपने दोस्तों के साथ घूमने निकले एमकॉम के छात्र की गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी शौर्य ठाकुर को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बदायूं के बदरपुर गांव निवासी 22 वर्षीय छात्र कर्तव्य पटेल राजकीय डिग्री कॉलेज में एमकॉम प्रथम वर्ष का छात्र था। वह सदर कोतवाली क्षेत्र के ब्रह्मपुर में मकान में रहकर पढ़ाई करता था और फाइनेंस कंपनी में लोन रिकवरी का एजेंट भी था। बीते रविवार सुबह कर्तव्य पटेल अपने दोस्त अजय, उत्सव और काका के साथ दो बाइकों से घूमने निकला था। उसी समय बैंक्विट हॉल के सामने शौर्य ठाकुर नाम के व्यक्ति से किसी बात को लेकर बहस हुई। जहां शौर्य ठाकुर ने उसी समय अपने घर से तमंचा निकाल कर दो राउंड फायर करते हुए कर्तव्य पटेल के गोली मार दी थी। जहां बरेली ले जाते समय रास्ते में कर्तव्य पटेल की मौत हो गई थी। मृतक के भाई हिमांशु पटेल ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी थी। नामजद तहरीर के बाद शौर्य ठाकुर को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। जिसकी निशानदेही से पुलिस ने तमंचा आदि बरामद कर आरोपी शौर्य ठाकुर को जेल भेज दिया है।
● बीते 10 जून की रात को 2 लाख के आभूषण व 27 हजार की नकदी लेकर फरार।
● पत्नी के फरार होने के बाद वियोग में पति ने भूंखे रहकर तोड़ दिया दम।
● शादी के बाद पंजाब में मजदूरी करने चला गया था पति, पत्नी के फरार होने की सूचना पर लौटा था गांव।
● बेइज्जती के डर से घर से निकलना कर दिया था बंद, और 5 दिन से नहीं खाया था खाना।
प्रवाह ब्यूरो बदायूं। बदायूं जनपद में एक और पत्नी अपने प्रेमी के साथ शादी के डेढ़ माह बाद ही फरार हो गई और पत्नी के वियोग में पति ने 5 दिन से खाना नहीं खाया और दम तोड़ दिया। डेढ़ माह पहले ही शादी हुई थी। पत्नी अपने प्रेमी के साथ घर में रखे 2 लाख रुपए के आभूषण तथा 27 हजार की नगदी भी ले गई। घर में बेटा की मृत्यु के बाद परिवार में कोहराम मच गया। जहां परिजनों का कहना है कि घर से बेटा भी खो दिया और उसकी पत्नी भी चली गई। जहां परिजनों ने बताया कि फरार होने के दौरान पत्नी ने परिवार को खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया था। पूरा मामला बदायूं के दातागंज थाना अंतर्गत मोहल्ला अरेला का है। गांव निवासी रमेश की शादी लगभग डेढ़ महिने पहले ही हुई थी। कुछ दिन बाद पति-पत्नी में अनबन रहने लगी। रमेश मजदूरी करने के लिए पंजाब चला गया था। बीते 10 जून की रात्रि को खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर पूरे परिवार को दे दिया था। मध्य रात्रि के बाद जब अधिक खटपट हुई तो रमेश की मां की आंख खुल गई। उठ कर देखा तो सामान बिखरा पड़ा था और घर से रमेश की पत्नी गायब थी। रमेश की पत्नी अपने साथ घर में रखे 2 लाख रुपए के आभूषण व 27 हजार रुपए की नकदी भी ले गई। इसकी सूचना पंजाब में मजदूरी कर रहे रमेश को हुई तो वह घर आ गया। बेइज्जती के होने के चलते रमेश लगातार पांच दिनों तक घर से बाहर नहीं निकला और न ही उसने खाना खाया। इसी सदमे में रमेश ने भूंखे रहकर 5 दिन बाद 16 जून को दम तोड़ दिया।
रमेश को पत्नी पर पहले ही से था शक, शिकायत पर पत्नी के मायके वाले देते थे धमकी।
रमेश को अपनी पत्नी पर पहले से ही शक था। इसके अलावा परिजनों ने भी बताया कि देर रात्रि तक रमेश की पत्नी फोन पर बात करती रहती थी और पूछने पर अपने मायके में बात करने का बहाना बना देती थी। जिसके चलते पति-पत्नी में विवाद भी होता था। पर जिन्होंने आरोप लगाया है की रात्रि को रमेश की पत्नी ने फरार होने से पहले घर में खाने में कोई नशीला पदार्थ दे दिया था जिससे सभी नींद में रहे। रमेश की बहन ने बताया कि भाई ने खाना पीना छोड़ दिया था और किसी से बोलता भी नहीं था। उसे काफी समझाते रहते थे, लेकिन वह किसी की नहीं सुनता था और चुपचाप रहता था। रमेश को उसकी ससुराल से धमकियां भी मिलती थीं और झूठे मुकदमे में फंसने की धमकी दी जाती थी। जहां परिजनों का आरोप है कि पुलिस से शिकायत की तो उन्होंने कहा कि पहले आप महिला को खोज कर लाओ, उसके बाद देखेंगे। वहीं पुलिस का कहना है कि कोई तहरीर नहीं दी गई है, यदि तहरीर मिलती है तो जांच कर कार्यवाई अवश्य की जाती।
● पति ने कहा – न कोई प्राथमिकी, न कोई खर्च वापस मांगा, राजा रघुवंशी बनने से बच गया, यही काफी है।
● बीते 17 में को हुई थी शादी, कुल 13 दिन रही ससुराल में, फिर आ गई थी अपने मायके।
● पति ने कहा – गनीमत रही कि उससे पहले ही सच सामने आ गया।
प्रवाह ब्यूरो बदायूं। बदायूं में नव विवाहिता अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई। जहां अपनी पत्नी के प्रेमी के साथ फरार होने के बाद पति ने कहा कि मैं राजा रघुवंशी बनने से बच गया। पत्नी के मायके से लौट के बाद नैनीताल हनीमून पर जाने की तैयारी थी। गनीमत रही कि सच सामने आ गया।
बदायूं जनपद के बिसौली क्षेत्र निवासी युवक की शादी बीते 17 मई को हुई थी। शादी के बाद लगभग 13 दिन पत्नी ससुराल में रुकी और उसके बाद से मायके में रह रही थी। जहां से वह अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई। बीते 10 जून को प्रेमी के साथ फरार होने की सूचना मिली तो उसके पिता ने 11 जून को बिसौली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 16 जून को पुलिस को नव विवाहिता अपने प्रेमी के साथ मिली। जहां पुलिस ने ससुराल पक्ष और मायके पक्ष के दोनों लोगों को बुलाया। दोनों के सामने पुलिस के समक्ष नव विवाहिता ने अपने प्रेमी के साथ रहना स्वीकार किया और पति के साथ रहने से इन्कार कर दिया। जहां प्रेमी ने भी कहा कि दोनों के बीच प्रेम संबंध हैं, और साथ रहना चाहते हैं। पति ने कहा की शादी के बाद घर पर काफी रिश्तेदार थे। नहीं तो उसी समय हनीमून पर जाने की तैयारी थी। पत्नी के मायके से लौट कर आने के बाद नैनीताल हनीमून पर जाने की तैयारी बनाई थी। गनीमत रही कि उससे पहले ही सच सामने आ गया अन्यथा मैं भी राजा रघुवंशी बन जाता। जहां पति ने किसी भी तरह की कार्यवाही करने से इन्कार कर दिया और न ही कोई तहरीर दी। जहां पति ने कहा कि भगवान का शुक्र है कि मैं भी राजा रघुवंशी बनने से बच गया, मेरे लिए यही काफी है। जिससे सच पहले ही सामने आ गया।