
◆ गुरुवार को मथुरा में प्रवेश हुई पदयात्रा में सुरक्षा के कड़े इंतजामात के चलते यूपी पुलिस के साथ आरएएफ, पीएससी भी रही तैनात।
◆ सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजामात देख पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एएसपी को किया सैल्यूट।
प्रवाह ब्यूरो
मथुरा। गुरूवार को बागेश्वर पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री की सनातन जोड़ो पदयात्रा यूपी की सीमा में प्रवेश कर मथुरा पहुंच गई। जहां पुष्प वर्षा कर सभी सनातनियों का स्वागत किया गया। पदयात्रा का भव्य स्वागत बॉर्डर कोसी कोटवन पर किया गया, जहां एएसपी अनुज चौधरी ने सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने बताया कि जोन और सेक्टर स्कीम के तहत, ड्रोन से पूरी यात्रा पर नजर रखी जा रही है। आरएएफ, पीएसी और खुफिया एजेंसियों के साथ-साथ सिविल फोर्स भी बड़ी संख्या में तैनात है।
बता दें कि बीते 7 नवंबर को दिल्ली के छतरपुर में कात्यायनी माता मंदिर से शुरू हुई बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन पदयात्रा में भक्तों की जबरदस्त भीड़ उमड़ रही है। यात्रा के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। ट्रैफिक जाम की स्थिति से बचने के लिए रूट डायवर्जन प्लान भी जारी किया जा चुका है। सनातन पदयात्रा में भगवान राम की नगरी अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर में महंत राजू दास भी 7 नवंबर को यात्रा की शुरुआत से ही धीरेंद्र शास्त्री के साथ हैं। गुरुवार को मथुरा में एसीपी अनुज चौधरी ने धीरेंद्र शास्त्री की यात्रा को रिसीव किया।

16 नवंबर को सनातन पदयात्रा वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर पहुंचेगी और वहीं पर इसका समापन होगा। मथुरा में यह पदयात्रा चार दिनों में करीब 55 किलोमीटर का सफर तय करेगी। पदयात्रा में लगभग एक लाख भक्त शामिल हैं, जो ढोल-नगाड़े बजाते हुए, राम-सीता और हनुमान की वेशभूषा में यात्रा में शामिल हुए हैं।
सनातन एकता यात्रा की सुरक्षा को लेकर बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को लगाया गया है। एसीपी अनुज चौधरी ने मथुरा सीमा पर यात्रा की अगवानी की। उनकी सुरक्षा व्यवस्था को देखकर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी उन्हें सैल्यूट करते दिखाई दिए।
यूपी के मथुरा में सनातन यात्रा के प्रवेश पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि यह एक वैचारिक यात्रा है। हिंदुओं की एकता की यात्रा है। हम देश में दंगा नहीं, गंगा चाहते हैं। बम फोड़ने वाले नहीं, नारियल चढ़ाने वाले चाहते हैं। पदयात्रा में 108 बटुक ब्राह्मणों ने स्वस्तिवाचन किया, 21 ब्राह्मणों ने एक साथ शंखनाद किया और गोस्वामी परिवार की 11 सौभाग्यवती महिलाओं ने बाबा की आरती उतारी। गुरुवार को ब्रज की सीमा में प्रवेश के बाद यह पदयात्रा 16 नवंबर को मथुरा की सीमा में ही करीब 55 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद वृंदावन पहुंचेगी। जहां छठीकरा मार्ग स्थित चार धाम के पास विशाल मैदान में इसे संत सम्मलेन के रूप में परिवर्तित किया जाएगा।
सम्मेलन के बाद बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री बांके बिहारी के दर्शन करेंगे। बाबा की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। पदयात्रा के चलते जनपद में सकुशल यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए 16 नवंबर तक दिल्ली-आगरा हाईवे को वन-वे कर दिया गया है। आगरा से दिल्ली जाने वाले मार्ग से ही वाहन आ सकेंगे। जोन और सेक्टर स्कीम के तहत, ड्रोन से पूरी यात्रा पर नजर रखी जाएगी। साथ ही मथुरा के लिए जारी किए ट्रैफिक डायवर्जन प्लान के मुताबिक, ग्वालियर और भरतपुर से मथुरा की तरफ जाने वाली गाड़ियां रैपुरा जाट अंडरपास से यूटर्न लेने के बाद आगरा के कुबेरपुर कट से होकर यमुना एक्सप्रेसवे के लिए जाएंगी।
फिरोजाबाद और कानपुर से दिल्ली की तरफ जाने वाली गाड़ियां भी यमुना एक्सप्रेसवे से ही निकाली जाएंगी। इसके अलावा जो गाड़ियां हाथरस और अलीगढ़ की तरफ से आएंगी, उन्हें खंदौली कट के जरिए यमुना एक्सप्रेसवे से निकाला जाएगा।
