यूपी में होमगार्ड की भर्ती शुरू, 10वीं पास के लिए मौका।

जानें अभ्यर्थी की योग्यता से लेकर आवेदन तक की सभी डिटेल्स।

◆ कुल 41,424 पदों के साथ कानपुर में सबसे ज्यादा तो भदोही में सबसे कम पदों पर होगी भर्ती।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। योगी सरकार ने प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए होमगार्ड्स की व्यापक भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। जहां पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने मंगलवार से 41,424 रिक्त पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन स्वीकार करना शुरू कर दिया है। आवेदन की अंतिम तिथि 17 दिसंबर निर्धारित की गई है।

भर्ती बोर्ड के अनुसार आवेदन करने से पहले वन टाइम रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य बनाया गया है। इस प्रक्रिया की शुरुआत 3 नवंबर को ही की जा चुकी थी और तब से अब तक एक लाख से अधिक अभ्यर्थी रजिस्ट्रेशन भी कर चुके हैं।
जारी किए नोटिफिकेशन के अनुसार होमगार्ड्स अभ्यर्थियों के लिए सबसे अधिक पद कानपुर में जबकि सबसे कम पद भदोही में हैं।
प्रदेश में होमगार्ड स्वयंसेवकों के 1.18 लाख पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में 73 हजार कार्यरत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विगत जून माह में ही होमगार्ड भर्ती करने का निर्देश दिया था।
इस अधिसूचना में कुल 41,424 होमगार्ड पदों की घोषणा की गई है। जहां 10वीं पास पुरुष और महिला उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in  पर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरकर जमा कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 18 नवंबर 2025 से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार 17 दिसंबर 2025 तक आवेदन कर सकते हैं। ध्यान रहे, आवेदन करने से पहले ओटीआर (वन-टाइम रजिस्ट्रेशन) कराना अनिवार्य है।
शैक्षिक योग्यता के लिए अभ्यर्थी ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं कक्षा या उसके समकक्ष परीक्षा पास की हो। साथ ही
उम्मीदवार की आयु 18 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए। यानी अभ्यर्थी का जन्म 01 जुलाई 1995 से पहले नहीं और 01 जुलाई 2007 के बाद का नहीं होना चाहिए।

आवेदन के समय हाई स्कूल की मार्कशीट या प्रमाणपत्र अपलोड करना आवश्यक है, ताकि शैक्षणिक योग्यता की पुष्टि की जा सके। सामान्य, ईडब्ल्यूएस व अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आवेदन शुल्क 400 रुपए निर्धारित किया गया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लोगों को केवल 300 रुपए जमा करने होंगे।
शासनादेश के अनुसार, लिखित परीक्षा 100 नंबरों की होगी। इसमें ऑब्जेक्टिव सवाल पूछे जाएंगे। 2 घंटे की परीक्षा होगी। परीक्षा का पाठ्यक्रम उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड तय करेगा।
फिजिकल परीक्षा पास करने के लिए पुरुषों को 28 मिनट में 4.8 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी। जबकि महिलाओं को 16 मिनट में 2.4 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी।

अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर जिलावार मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। जिले में उपलब्ध रिक्तियों के दृष्टिगत पर्याप्त संख्या में अभ्यर्थियों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट ​​​के लिए बुलाया जाएगा। डीवीपीएसटी के लिए जिले स्तर पर डीएम या डीएम की ओर से नामित किसी डिप्टी कलेक्टर की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की जाएगी। इसमें एसपी या एसपी की ओर से नामित कोई डिप्टी एसपी सदस्य होगा। इसके अलावा जिला विद्यालय निरीक्षक व सीएमओ या उनकी ओर से नामित राजपत्रित अधिकारी व चिकित्साधिकारी सदस्य होगा।
भर्ती में सरकारी नियमों के अनुसार महिलाओं को 20 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रितों को 2 फीसदी, भूतपूर्व सैनिक को 5 फीसदी आरक्षण का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा यूपी होमगार्ड भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को वह सभी पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी जो आधिकारिक नोटिफिकेशन में दी गई हैं।

यूपी बोर्ड ने जारी किया वर्ष 2026 का परीक्षा शेड्यूल।

18 फरवरी से एक साथ शुरू होंगे 10वीं, 12वीं के एग्जाम।

पहला पेपर हिंदी तो आखरी एग्रीकल्चर के साथ कुल 23 दिन चलेंगी बोर्ड परीक्षा।

प्रभाह ब्यूरो
लखनऊ। यूपी बोर्ड यानी उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने शिक्षा सत्र 2026 के लिए 10वीं और 12वीं की परीक्षा की तारीखें जारी कर दी है। जिसे बुधवार शाम माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह द्वारा जारी किया गया है।
जारी हुई डेट शीट के अनुसार हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक कुल 23 दिन चलेंगी। अब लाखों छात्रों का इंतजार भी अब खत्म हो गया है।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में पहले दिन हिंदी विषय की परीक्षा होगी। परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली का समय सुबह 8.30 से 11.45 बजे तक है, जबकि दूसरी पाली की परीक्षा का समय दोपहर बाद 2.00 बजे से शाम 5.15 बजे है। इस बार हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा में 27, 50, 943 परीक्षार्थी हैं जबकि इंटरमीडिएट में कुल 24,79,352 परीक्षार्थी हैं।
छात्रों को सफलता सुनिश्चित करने के लिए इस समय-सारिणी के अनुसार अपनी पढ़ाई की योजना बनाने हेतु डेटशीट में विषयवार परीक्षा तिथियां स्पष्ट रूप से दी गई हैं, जिससे छात्रों को रणनीतिक योजना बनाने में मदद मिलेगी।

बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने बताया, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए परीक्षा केंद्र पर डबल लॉ वाली चार अलमारियां रखी जाएंगी। वर्ष 2025 की परीक्षा में तीन अलमारियों की व्यवस्था थी। बाद में चौथी अलमारी की व्यवस्था अतिरिक्त प्रश्नपत्र के लिए कराई गई। इस बार शुरू से ही चार अलमारियों की व्यवस्था केंद्र व्यवस्थापकों को रखनी होगी। चौथी अलमारी में अतिरिक्त प्रश्नपत्र रखे जाएंगे।
इतना ही नहीं परीक्षा को नकल-मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए इस बार भी यूपी बोर्ड ने सख्त कदम उठाने की घोषणा की है। केवल उन्हीं विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा, जो CCTV कैमरों से लैस हैं। बोर्ड स्तर पर निरीक्षण टीमों का गठन किया जाएगा, जो परीक्षा केंद्रों की निगरानी और औचक निरीक्षण करेंगी।

यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, एक साथ 46 आईएएस अफसरों का तबादला।

10 जनपदों के डीएम के साथ-साथ कई सीडीओ व कमिश्नर भी बदले।

अजय कुमार द्विवेदी बने डीएम रामपुर, तो वहीं राजा गणपति बनाये गये सीतापुर के नये जिलाधिकारी।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। सीएम योगी ने यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। एक साथ 46 आईएएस अफसरों का तबादला किया गया है। रामपुर, बलरामपुर, कौशांबी, हाथरस और बस्ती सहित 10 जिलों के डीएम बदले गए हैं। मिल रही जानकारी के मुताबिक 27 पीसीएस अधिकारियों को भी इधर से उधर किया गया है।
सरकार द्वारा किए गए इन तबादलों में मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, नगर आयुक्त सहित कई अहम पदों के अफसरों को नई तैनाती दी गई है। सूबे में कुल 10 जिलों के डीएम बदले गए हैं जिनमें हाथरस, सीतापुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, चित्रकूट, ललितपुर, श्रावस्ती, रामपुर, बलरामपुर और कौशांबी शामिल हैं।
शासन ने मेरठ और सहारनपुर के कमिश्नर भी बदल दिए हैं।

तबादले के क्रम में रूपेश कुमार को सहारनपुर का मंडलायुक्त बनाया गया है। जहां भानु गोस्वामी को मेरठ का मंडलायुक्त बनाया गया है। तो वहीं राजेश प्रकाश को विंध्याचंल का मंडलायुक्त बनाया गया है।  
वाराणसी के मुख्य विकास अधिकारी रहे हिमांशु नागपाल को अब वाराणसी का नगर आयुक्त बनाया गया है, जबकि वाराणसी की एडीएम वंदिता श्रीवास्तव को कुशीनगर का सीडीओ बनाया गया है। पूर्व मंडलायुक्त अटल कुमार राय को सचिव गृह विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह व्यापक फेरबदल शासन की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा जन-केंद्रित बनाने के लक्ष्य के साथ किया गया है।

◆ ट्रांसफर लिस्ट से देखिए किसे मिली, कहां तैनाती..?

करवा चौथ व्रत आज, जानें- क्या रहेगा पूजन और चांद को अर्घ्य देने का शुभ मुहूर्त।

सौभाग्य के महापर्व पर सुहागिनों का ‘सरगी’ के साथ निर्जला उपवास शुरू।

पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और सुख समृद्धि के लिए किया जाता है करवा चौथ व्रत।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। करवा चौथ आज सिद्धि योग में मनाया जा रहा है। जहां सुहागन महिलाएं सरगी करके सूर्योदय के समय से ही निर्जला व्रत हैं। आज प्रदोष काल में करवा चौथ पूजा होगी, जिसमें करवा की कथा सुनी जाएगी। यह व्रत सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक यानी चंद्रमा को अर्घ देने तक बिना अन्न और जल के रखना होता है। करवा चौथ का व्रत पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और सुख समृद्धि के लिए रखा जाता है। आज करवा चौथ शुक्रवार के दिन है ज्योतिष के अनुसार शुक्र को भौतिक सुख सुविधा, प्रेम, सुखी वैवाहिक जीवन आदि का कारक माना जाता है। सिद्ध योग में शुरू हुआ करवा चौथ व्रती महिलाओं के मनोकामनाओं की पूर्ति में भी सहायक है।
करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर पूजा-अर्चना करती हैं। शास्त्रों के अनुसार करवा चौथ पर व्रत पूर्ण होने से पूर्व यौन संबंध बनाना उचित नहीं माना जाता है, क्योंकि इससे व्रत की पूर्णता प्रभावित होती है। हिंदू धर्म में करवा चौथ का त्यौहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता रहा है। सुहागिन महिलाओं के लिए यह व्रत सबसे जरूरी माना जाता है और इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर पूजा-अर्चना करती हैं। यह त्यौहार पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं सूर्योदय से लेकर चंद्र दर्शन तक निर्जला व्रत रखती हैं। पश्चिमी यूपी में आज चांद निकलने का समय 8.24 PM है। पंचांग के अनुसार भी कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 9 अक्टूबर को रात 10:54 बजे आरंभ होगी और 10 अक्टूबर को रात 7:38 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार भी 10 अक्टूबर को ही करवा चौथ व्रत रखना उचित है। साथ ही इस वर्ष करवा चौथ व्रत का शुभ मुहूर्त भी 10 अक्टूबर 2025 की शाम 5:57 बजे से 7:11 बजे तक रहेगा। इस समय में पूजा, कथा और व्रत संबंधी अनुष्ठान सबसे अधिक प्रभावी और शुभ माने जाते हैं। साथ ही पंचांग के अनुसार भी आज चंद्रोदय समय रात 8:14 बजे है।
करवा चौथ का त्यौहार भारतीय विवाहित महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। यही कारण हैं कि करवा चौथ को लेकर कई तरह की मान्यताएं और रीति-रिवाज प्रचलित हैं।
इस दिन पत्नी अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे जीवन की कामना करते हुए व्रत रखती है। यह व्रत सूर्योदय से चंद्रमा निकलने तक चलता है। जब रात में चांद निकलता है, तो पत्नी चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपने पति का चेहरा देखकर ही व्रत तोड़ती है।
व्रत की शुरुआत सुबह-सुबह ‘सरगी’ से होती है, जो कि सास या परिवार की बड़ी महिलाएं व्रती महिला को देती हैं। सरगी में फल, सूखे मेवे, मिठाइयां, हल्का भोजन और कभी-कभी परंपरागत पकवान भी शामिल होते हैं। यह सरगी न केवल शरीर को ऊर्जा देती है, बल्कि यह सास-बहू के रिश्ते में भी आत्मीयता और आशीर्वाद का भाव जोड़ती है। सरगी न सिर्फ एक साधारण भोजन है, बल्कि इसमें गहरी धार्मिक भावना और पारिवारिक संबंधों की मिठास भी छिपी होती है। सरगी का मुख्य उद्देश्य शारीरिक ऊर्जा प्रदान करना है।  सरगी सास द्वारा बहू को दी जाती है, जो आशीर्वाद और स्नेह का प्रतीक मानी जाती है। इसे ब्रह्ममुहूर्त या सूर्योदय से पहले खाया जाता है, जिससे व्रती महिला दिनभर बिना जल और अन्न के उपवास रख सके। धार्मिक दृष्टि से सरगी सिर्फ ऊर्जा देने वाला भोजन नहीं, बल्कि यह पति की लंबी उम्र, घर में सुख-शांति और सास-बहू के रिश्ते में प्रेम और विश्वास की डोर को मजबूत करने वाली परंपरा भी है।

◆ आखिर कैसे शुरू हुई थी ‘सरगी’ की परंपरा ?

सरगी की शुरुआत को लेकर दो प्रमुख कथाएं प्रचलित हैं, जो इसके धार्मिक व पौराणिक महत्व को दर्शाती हैं।

पहली कथा माता पार्वती से जुड़ी है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब माता पार्वती ने भगवान शिव की दीर्घायु और कल्याण के लिए पहली बार करवा चौथ का व्रत रखा था, तब उनकी सास जीवित नहीं थीं। ऐसे में उनकी मां मैना देवी ने उन्हें व्रत से पहले सरगी दी थी एक विशेष थाली जिसमें पौष्टिक और शुभ खाद्य पदार्थ थे। तभी से यह परंपरा बनी कि यदि सास जीवित न हों, तो मायके से मां भी सरगी भेज सकती हैं।

दूसरी कथा महाभारत काल से जुड़ी है। कहा जाता है कि जब द्रौपदी ने पांडवों की रक्षा और दीर्घायु के लिए करवा चौथ का व्रत रखा था, तब उनकी सास कुंती ने उन्हें सरगी दी थी। इस प्रसंग से यह मान्यता और भी प्रबल हो गई कि सरगी ससुराल पक्ष की ओर से दी जानी चाहिए। खासकर सास की ओर से, जो इसे आशीर्वाद और प्रेम के रूप में अपनी बहू को देती है।
ये दोनों कथाओं से स्पष्ट करतीं है कि सरगी की परंपरा सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि यह आस्था, मातृत्व, और पारिवारिक रिश्तों की मिठास का प्रतीक है, जो पौराणिक काल से ही चली आ रही है।

संभल से अनुज चौधरी सहित यूपी में 44 पुलिस अफसरों का ट्रांसफर।

◆ संभल में हाल ही में सीओ से एएसपी बने थे अनुज कुमार चौधरी।

अनुज चौधरी को फिरोजाबाद में एडिशनल एसपी ग्रामीण बनाया गया।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने 44 पुलिस अफसरों को इधर से उधर किया है। जिसमें संभल के चर्चित अनुज चौधरी भी सम्मिलित हैं जिन्हें फिरोजाबाद में एएसपी ग्रामीण का पद दिया गया है। अनुज चौधरी हाल ही में सीओ से एएसपी बने थे। अनुज कुमार चौधरी खेल कोटा से एएसपी के पद तक पहुंचने वाले यूपी के पहले पुलिस अफसर बन गए हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को 44 पुलिस अफसर का ट्रांसफर कर दिया है। जिसमें सीओ से एएसपी बनने वाले 17 पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। इसके साथ ही 13 डिप्टी एसपी भी ट्रांसफर किए गए हैं। संभल के चर्चित व सीओ से एएसपी बने अनुज कुमार चौधरी संभल में अत्यंत चर्चा में रहे। जामा मस्जिद की सर्वे के दौरान हिंसा को काबू करते समय स्वयं गोली लगने से घायल भी हो गए थे। जिनके पैर में गोली लगी थी।
इसके अलावा वह अपने अन्य बयानों को लेकर भी सुर्खियों में रहे हैं। इतना ही एसपी अनुज चौधरी धार्मिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।

हाल में ही इन्हें योगी सरकार ने सीओ से एएसपी बनाया था। जिसके चलते ही खेल कोटा से एएसपी के पद तक पहुंचने वाले ये यूपी के पहले पुलिस अफसर बने थे। अब पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा जनहित में किये गये तबादलों के अनुक्रम उन्हें संभल से फिरोजाबाद में एएसपी ग्रामीण का पद दिया गया है।

एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज प्रकरण में सीएम योगी ने लिया एक्शन।

◆ बाराबंकी सीओ सस्पेंड, पूरी चौकी लाइन हाजिर।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। सीएम योगी ने बाराबंकी जिले में छात्रों की समस्या पर सख्त संज्ञान लिया है। लाठी चार्ज को लेकर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की है। साथ ही उन्होंने अयोध्या के मंडलायुक्त और पुलिस महानिरीक्षक को जांच के निर्देश दिए है।
इधर एबीवीपी छात्रों पर हुए लाठी चार्ज को लेकर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए क्षेत्राधिकारी नगर हर्षित चौहान को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं नगर कोतवाली प्रभारी आरके राणा और गदिया चौकी के सभी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया। सरकार ने आईजी अयोध्या प्रवीण कुमार को मामले की जांच सौंपी है। इसके अलावा अयोध्या कमिश्नर गौरव दयाल को यूनिवर्सिटी की वैधता की जांच के आदेश भी दिए हैं।
जिसके चलते ही मंगलवार दोपहर 2:30 बजे कमिश्नर गौरव दयाल और आईजी प्रवीण कुमार यूनिवर्सिटी पहुंचे। उन्होंने लाठीचार्ज की घटना की जांच की।
इधर, छात्राओं की पिटाई से नाराज एबीवीपी छात्रों ने विधानसभा का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने छात्रों को हटाने की कोशिश की तो वे सड़क पर बैठ गए। तदोपरांत पुलिस ने टांगकर उन्हें वैन में भरा और इको गार्डन ले गई।
इसके अलावा छात्रों ने लखनऊ यूनिवर्सिटी के बाहर भी प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्र पुलिस की गाड़ी पर चढ़ गए। छात्र यूनिवर्सिटी से विधानसभा तक पैदल मार्च निकालने वाले थे, लेकिन पुलिसवालों पर एक्शन के बाद पैदल मार्च को स्थगित कर दिया।

वहीं दूसरी तरफ संभल में भी एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद का फोटो हाथों में लेकर पुतला दहन किया। यह विरोध बाराबंकी के रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में किया गया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि लखनऊ प्रशासन ने शांतिपूर्वक धरना दे रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया।
यह प्रर्दशन एबीवीपी कार्यकर्ताओं द्वारा विभाग के संगठन मंत्री दिवाकर बाबरा के नेतृत्व में संभल में शंकर कॉलेज चौराहे पर किया गया।

गजब! बिना सैलरी 15 साल बने रहे पीडब्ल्यूडी अफसर।

बिना वेतन इतने लंबे समय आखिर कैसी चलता रहा घर-बार।

एक माह बाद रिटायर होने वाले है साहब! तब याद आया सैलरी नहीं तो पेंशन कैसे मिलेगी?

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। यह खबर गजब ही नहीं बल्कि हैरान करने वाली है। जी हां, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एक अधिकारी ने पूरे 15 साल तक बिना सैलरी के नौकरी की। अब जब वह महज एक माह बाद सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं, तब उन्हें एहसास हुआ कि वेतन ही नहीं लिया तो पेंशन कैसे मिलेगी। क्योंकि पेंशन तो वेतन और सेवा रिकॉर्ड पर आधारित होती है।
विभागीय स्तर पर कागजी खानापूर्ति के चलते यह मामला सालों तक दबा रहा और अफसर भी चुपचाप अपनी ड्यूटी निभाते रहे।
अब जब रिटायरमेंट नजदीक आया तो पेंशन के कागज़ात तैयार करने में सैलरी का पूरा रिकॉर्ड न होने की गड़बड़ी उजागर हो गई।
बता दें कि लोक निर्माण विभाग के एक वरिष्ठ इंजिनियर साहब इन दिनों खासे चर्चा में हैं। है। चर्चा हो भी क्यों न? पिछले 15 साल से उन्होंने अपना सैलरी अकाउंट चेक तक नहीं किया। उन्हें पता ही नहीं चला कि वर्ष 2010 के बाद से उनके अकाउंट में सेलरी आ ही नहीं रही है। अब जब एक माह बाद साहब को रिटायर होना है तो अचानक उन्हें ध्यान आया कि अरे 15 साल हो गए सैलरी तो मिल ही नहीं रही है तो फिर रिटायर होने के बाद पेंशन कैसे मिलेगी? अब पेंशन रुकावट की उलझन देख साहब ने आनन-फानन में सैलरी बहाल करने के साथ पिछले 15 साल का वेतन देने की भी गुहार लगाई है। जांच-पड़ताल में पता चला कि 15 साल पहले साहब के घर में उनके जरूरी दस्तावेज खो गए थे। इस बीच साहब प्रमोशन पाते-पाते सीनियर पद पर पहुंच गए लेकिन अभी तक कभी सैलरी का मुंह नहीं देखा। इतना ही नहीं साहब अपने से बड़े अफसरों के इतने चहेते थे कि कभी पीडब्ल्यूडी से ज्यादा राजकीय निर्माण निगम के अहम प्रॉजेक्ट्स में लगे रहे। अब रिटायरमेंट से एक महीना पहले उन्हें सैलरी की चिंता हुई है तब विभाग को बताया कि घर पर गुम हुए दस्तावेज मिल गए है लिहाजा पिछला पूरा वेतन दे दिया जाए। मामला सामने आते ही विभाग में हड़कंप मच गया है। अब विभाग में उनकी सैलरी चर्चा में हैं। जहां लोग भी सवाल उठा रहे हैं कि आखिर एक अधिकारी बिना वेतन के इतने लंबे समय तक कैसे काम करता रहा और विभाग को अब तक इसकी भनक क्यों नहीं लगी।

संभल में सीएम योगी की जनसभा : बोले- संभल, आस्था और विकास की भूमि।

कहा- कांग्रेस ने करवाईं सामूहिक हत्या, सपा ने डाला उनके पाप पर पर्दा, अब मिलेगी सजा।

संभल में 659 करोड़ की 222 विकास परियोजनाओं का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण व शिलान्यास।

संभल जामा मस्जिद के ऊपर हेलीकॉप्टर के लगाए तीन राउंड।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल में हिंसा के बाद पहली बार संभल पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद के लिए 659 करोड़ रुपए की 222 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया।
साथ ही संभल के पुरातात्विक इतिहास का वर्णन करते हुए विपक्ष पर हमला बोला। संभल आने पर मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर ने शाही जामा मस्जिद के ऊपर तीन राउंड लगाए। नवीन पुलिस लाइन में पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने बहजोई के आनंदपुर में मुख्यालय का शिलान्यास व पूजन किया। संभल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिले की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण तथा मुख्यालय का शिलान्यास करने के लिए आए थे।

संभल में आते ही उन्होंने संभल के हिंसा विवादित शाही जामा मस्जिद के ऊपर सीएम योगी के हेलीकॉप्टर ने तीन राउंड लगाए। जिसके पश्चात बहजोई नवीन पुलिस लाइन में उनका हेलीकॉप्टर उतरा।

जहां उन्होंने नवीन पुलिस लाइन का भ्रमण किया तथा कार द्वारा जनसभा स्थल पहुंचे। तदोपरांत आनंदपुर में पहुंचने पर शिलान्यास व पूजन किया। जहां प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी भी साथ रहे।
जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संभल एक सच्चाई है। जिन लोगों ने संभल के साथ पाप किया है उन्हें सजा मिलेगी। संभल को जो लोग दंगाग्रस्त बनाना चाहते थे, उन्हें कीमत चुकानी होगी।

बोले- कांग्रेस ने कराईं सामूहिक हत्याएं तो सपा ने पापों पर पर्दा डाला।

संभल पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि संभल के साथ जिन लोगों ने पाप किया है, उन्हें सजा मिलेगी। संभल को दंगाग्रस्त बनाने वालों को इसकी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने कहा कि हमारे संभल में ही भगवान कल्कि के रूप में श्री हरि विष्णु का दसवां अवतार होगा। इतना ही नहीं विपक्ष पर बार करते हुए योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी
हत्यारों को बचाने का काम करती थी। आजादी के बाद जो भी कत्लेआम हुआ, उसकी सच्चाई यदि सामने आती तो समाजवादी पार्टी को वोट बैंक खिसकने का डर था।
उन्होंने कहा कि ये लोग गरीबों पर डकैती डालने का काम करते थे।
आगे बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग वोट बैंक के लिए नहीं बल्कि विरासत का संरक्षण करने के लिए आए हैं।

◆ दक्षिणा के लिए जेब पर डाली नजर तो प्रदेश अध्यक्ष ने दिए दक्षिणा के रुपए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहजोई के आनंदपुर में शिलान्यास पूजन के दौरान जब पंडित जी ने संकल्प के लिए दक्षिण मांगी तो उन्होंने अपनी जेब पर नजर डाली। इतने में वहीं बैठे प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने अपने पास से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दक्षिणा के रूप में कुछ रुपए दिए।

संभल के तीर्थों को विदेशी अत्याचारियों ने अपवित्र किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संभल के तीर्थों को विदेशी अत्याचारियों ने अपवित्र कर किया है। यहां 19 कूपों पर कब्जा हो गया। उन्होंने सपा और कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस और सपा को डर था कि संभल की सच्चाई सामने आई तो उनका वोट बैंक खिसक जाएगा। लेकिन हम वोट बैंक के लिए नहीं आए हैं। संभल के तीर्थों का उद्धार हमारी सरकार करेगी।

सीएम बोले- मैं बहन गुलाब देवी को जिला मुख्यालय के रूप में रक्षाबंधन का उपहार दे रहा हूं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी की ओर इशारा करते हुए कहा कि मैं बहन गुलाब देवी को रक्षाबंधन के त्यौहार के उपहार के रूप में जिला मुख्यालय दे रहा हूं। 2011 में जिसकी घोषणा की गई थी, लेकिन अब मुख्यालय मिला है।

योगी ने कहा- संभल को अब दंगाइयों से लड़ने की शक्ति मिली है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसभा के दौरान कहा कि संभल को अब दंगाइयों से लड़ने की शक्ति मिल चुकी है।
उन्होंने कहा कि 16 अगस्त को श्री कृष्ण जन्माष्टमी है। भगवान हर साल आते हैं, फिर आएंगे।
जिन लोगों ने संभल के साथ पाप किया था, उन्हें सजा मिलेगी।
चंदौसी का जिक्र करते हुए कहा कि चंदौसी को मिनी काशी कहा जाता है। यहां भगवान राम की मूर्ति स्थापित हो रही है, जिसमें हम एक बार फिर आएंगे। उन्होंने कहा कि काशी में लाखों सनातनी आकर पूजा करते हैं, अयोध्या में नई अयोध्या के दर्शन हो रहे हैं। अयोध्या और काशी में अगर ऐसा हो सकता है तो संभल में क्यों नहीं हो सकता? भगवान कल्कि की नगरी में अब विकास होंगे। संभल की सच्चाई बताने के लिए हमारे पास पुरातात्विक प्रमाण हैं। जहां
चंदौसी में बजरंगबली की बड़ी मूर्ति बनी है। उन्होंने कहा कि ये संभल की धरती है। संभल को विरासत में विवाद लेकर चलने वाले कुछ लोगों को ही ऐसा लगता है यह विवादित स्थल लगता है। बोले- संभल विवादित स्थल नहीं बल्कि आस्था और विकास की भूमि।

योगी बोले-  भगवान कल्कि की धरा को नमन करता हूं।

जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान कल्कि की धरा को मैं नमन करता हूं। रक्षाबंधन और जन्माष्टमी से पहले मिलने वाली इन परियोजनाओं के लिए जनपदवासियों को बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर हमारी बहनें एक सह यात्री के साथ पूरे प्रदेश में फ्री यात्रा कर सकती हैं।
उनसे कोई भी किराया नहीं लिया जाएगा। संभल में 14 साल के बाद संभल को मुख्यालय मिला है और एक बड़ी पुलिस लाइन भी बनने जा रही है।

सीएम ने प्रदर्शनी के दौरान गोद लिया बच्चा, कराया अन्नप्राशन।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहजोई के आनंदपुर में जनसभा के बाद प्रदर्शनी के आयोजन के दौरान जब प्रदर्शनी का अवलोकन किया तो वहीं एक महिला के गोद में दिखे बच्चे को गोद ले लिया, जिसके हाथ में खिलौना था। जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चे को चम्मच से अन्नप्राशन कराया।
साथ ही बच्चे को दुलारा। बच्चे पर ध्यान देने के लिए बच्चे की मां को प्रेरित किया।

भूपेंद्र चौधरी ने कहा- 2017 से पहले दंगाइयों के हवाले था प्रदेश।

जनसभा के दौरान प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज इस पुण्य धरती पर पधारे हैं। मुख्यमंत्री ने आज करोड़ों की योजनाओं का शिलान्यास किया है। 2012 से 2017 तक पूरे प्रदेश में दंगे होते थे। जहां पूर्व की सरकारों ने पूरे प्रदेश को दंगाइयों के हवाले सौंप दिया था।

राज्य मंत्री गुलाब देवी ने उठाई संभल के नाम बदलवाने की मांग।

जनसभा के दौरान माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी ने मुख्यमंत्री से कहा कि आप दया के भंडार हैं। संभल जिले का नाम बदल दीजिए व चंदौसी तथा बहजोई में फ्लाईओवर चाहिए। साथ ही
उन्होंने कहा कि आपसे उम्मीद है कि ये जरूर मिलेंगे।
जनसभा के दौरान कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, जिलाध्यक्ष चौधरी हरेंद्र सिंह रिंकू, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अनामिका यादव, माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी, जिला प्रभारी हेमंत राजपूत, मंत्री बलदेव सिंह औलख, पश्चिम क्षेत्र के अध्यक्ष सत्येंद्र सिसोदिया, उपाध्यक्ष सत्यपाल सैनी, कैला देवी मंदिर के महंत ऋषि राज गिरी महाराज, पूर्व एमएलसी परमेश्वर लाल सैनी, गुन्नौर पूर्व विधायक अजीत कुमार उर्फ राजू आदि उपस्थित रहे।

संभल के ग्राउंड जीरो से प्रवाह ब्यूरो की रिपोर्ट…

यूपी में अब 50 छात्र संख्या वाले प्राइमरी स्कूल नहीं होंगे मर्ज।

शिक्षा मंत्री बोले- मर्ज हो चुके स्कूलों में शुरू की जाएगी बाल वाटिका, पढ़ेंगे 3 से 6 साल के बच्चे।

शिक्षा मंत्री ने कहा एक भी टीचर का पद नहीं किया जाएगा समाप्त।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग के तहत संचालित प्राथमिक और प्राथमिक विद्यालयों को मर्ज करने के आदेश के बाद शिक्षा मंत्री ने 50 की छात्र संख्या वाले प्राइमरी स्कूलों को मर्ज नहीं करने को कहा है।
शिक्षा मंत्री ने कहा है कि 50 छात्र संख्या वाले किसी भी स्कूल को बंद नहीं किया जाएगा और न ही किसी भी टीचर का एक भी पद समाप्त होगा।
उत्तर प्रदेश में प्राइमरी स्कूलों के मर्जर पर सरकार द्वारा फैसला लिया गया है। जहां सर्वप्रथम सरकार ने 100 छात्र संख्या वाले स्कूलों को मर्ज करने का आदेश दिया था।
इसके बाद 50 छात्र संख्या वाले स्कूलों की बात सामने आई।
उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में शिक्षकों द्वारा इसका विरोध भी किया गया। हाई कोर्ट में भी याचिका डाली गई।
जहां बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि एक किलोमीटर से अधिक दूरी पर किसी भी स्कूल को मर्ज नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही 50 या इससे अधिक छात्र संख्या वाले किसी भी स्कूल को मर्ज नहीं किया जाएगा। इसके अंतर्गत जो भी स्कूल मर्ज हो चुके हैं उन्हें रद्द करते हुए पुनः संचालित किया जाएगा।
50 से कम संख्या वाले मर्ज हुए स्कूलों में बाल कल्याण विभाग के सहयोग से बाल वाटिका शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मर्ज हो चुके स्कूलों में बाल वाटिका की शुरुआत करते हुए उसमें 3 से 6 साल तक के बच्चों को पढ़ाया जाएगा।
कोई भी स्कूल बंद नहीं होगा। साथ ही किसी भी शिक्षक का पद भी समाप्त नहीं किया जाएगा।
जून 2025 में प्राइमरी स्कूलों के मर्ज करने के सरकार के आदेश के अनुसार अब तक 10 हजार से अधिक स्कूलों का मर्जर हुआ है।
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि सरकार शिक्षा भारती के खिलाफ नहीं है। छात्र और शिक्षक अनुपात के अनुसार 50 छात्र संख्या वाले स्कूलों में एक विषय अध्यापक के साथ दो सहायक अध्यापक भी नियुक्त किए जाएंगे।
मर्जर किए गए स्कूलों में महिला और बाल कल्याण विभाग के सहयोग से बाल वाटिका चलाई जाएगी, जिसमें 3 से 6 साल तक के बच्चों को पढ़ाया जाएगा।

एसपी गोयल बनाए गए यूपी के नए मुख्य सचिव, लोक भवन सभागार में संभाला पदभार।

मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद, 1989 बैच के टॉपर आईएएस हैं एसपी गोयल।

56वें मुख्य सचिव बने है एसपी गोयल, जनवरी 2027 में होंगे रिटायर, मनोज सिंह को नहीं मिला एक्सटेंशन, हुए सेवानिवृत।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नए मुख्य सचिव आईएएस शशि प्रकाश गोयल बनाए गए हैं। एसपी गोयल ने लखनऊ स्थित लोक भवन सभागार में कार्यभार ग्रहण किया। जहां उन्होंने मुख्य सचिव के पद पर पदभार ग्रहण करते ही मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।
इससे पहले एक वर्ष से मनोज सिंह मुख्य सचिव के पद पर तैनात थे। जिनके रिटायर होने के बाद मोदी सरकार ने उन्हें सेवा विस्तार नहीं दिया गया जहां नए मुख्य सचिव एसपी गोयल को बनाया गया है।
बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज सिंह रिटायर हो गए हैं। जिन्हें सेवा विस्तार देने के लिए केंद्र सरकार को भी पत्र लिखा गया था। लेकिन उनका सेवा विस्तार नहीं किया गया। नए मुख्य सचिव के रूप में 1989 बैच के आईएएस एसपी गोयल को बनाया गया है।
गुरुवार शाम को मनोज सिंह ने अपना कार्यभार एसपी गोयल को सौंप दिया। बड़े अफसर की मौजूदगी में मुख्य सचिव के पद पर अब तक रहे मनोज सिंह ने बताया कि उन्होंने इस पद पर एक साल से मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में बड़े-बड़े कार्य किए। एसपी गोयल ने पदभार ग्रहण करने के दौरान मुख्यमंत्री का शुक्रिया अदा करते हुए धन्यवाद दिया।
जहां उन्होंने भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वह सरकार की प्राथमिकताओं के साथ जीरो टॉलरेंस और जीरो क्रीम के साथ काम करेंगे।
उन्होंने कहा कि आप सभी का सहयोग मेरे लिए बहुत जरूरी होगा।
सरकार की सभी योजनाओं को तेज गति से आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।

◆ 1989 बैच के टॉपर रहे हैं आईएएस शशि प्रकाश गोयल।

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव के पद पर एसपी गोयल ने पदभार संभाल लिया। एसपी गोयल 1989 बैच के टॉपर आईएएस रहे हैं। वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भरोसेमंद माने जाते हैं।
एसपी गोयल इटावा में असिस्टेंट मजिस्ट्रेट के पद पर रह चुके हैं। इसके अलावा मेरठ, बहराइच तथा अलीगढ़ के मुख्य विकास अधिकारी के पद पर भी कार्यरत रह चुके हैं।
मूलत: लखनऊ के रहने वाले एसपी गोयल ने मथुरा, इटावा तथा प्रयागराज और देवरिया में जिलाधिकारी के पद पर भी कमान संभाली है। इतना ही नहीं वह केंद्र की मोदी सरकार में मानव संसाधन मंत्रालय में संयुक्त सचिव भी रह चुके हैं। गोयल, गंभीर और मेहनती अधिकारी हैं जो बिना चर्चा में आए अपने काम पर यकीन रखते हैं। साथ ही किसी के दबाव में काम नहीं करते जो अब 31 जनवरी 2027 को सेवानिवृत होंगे।

■ दैनिक प्रवाह से वीरेश कुमार की रिपोर्ट…