
◆ शासन ने इनके निर्माण के लिए आवंटित किया है 45 करोड रूपये का बजट।
◆ खेलों के प्रति बढ़ती रुचि और युवाओं की भागीदारी को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने लिया है यह निर्णय।
प्रवाह ब्यूरो
संभल। प्रदेश में युवाओं को पढ़ाई के साथ-साथ बेहतर स्वास्थ्य के लिए विद्यालय में खेल को सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
इसी क्रम में योगी सरकार ने प्रदेश में खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा फैसला लिया है। योगी सरकार ने प्रदेश के 17 जिलों के 21 राजकीय इंटर कॉलेजों में इंडोर मिनी स्टेडियम के निर्माण की मंजूरी दी है। इस परियोजना का उद्देश्य विद्यालय स्तर पर खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन कर सकें।
सरकार का मानना है कि इन मिनी स्टेडियमों के निर्माण से न केवल विद्यार्थियों को खेलों के प्रति प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि उन्हें अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध होंगे। इंडोर स्टेडियमों में बैडमिंटन, टेबल टेनिस, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल जैसी विभिन्न खेल गतिविधियों के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस तरह की खेल संरचनाओं से खेल प्रतिभाओं को समान अवसर मिलेंगे। योगी सरकार का यह कदम ‘खेलो उत्तर प्रदेश’ की भावना को सशक्त करने के साथ-साथ युवाओं को नशा और असामाजिक गतिविधियों से दूर रखने में भी सहायक साबित होगा।
कुल 45 करोड रूपये के बजट साथ योगी सरकार ने प्रत्येक इंडोर मिनी स्टेडियम के निर्माण के लिए 4 करोड़ 92 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इसके तहत प्रथम किस्त के रूप में 2 करोड़ 16 लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं, ताकि निर्माण कार्य शीघ्र शुरू हो सके। यह निर्णय प्रदेश में खेलों के प्रति बढ़ती रुचि और युवाओं की भागीदारी को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग की मूल्यांकन समिति ने कुल 19 जिलों के 23 कालेजों के प्रस्तावों की जांच की थी। इनमें से उन्नाव और गाजीपुर के प्रस्ताव भूमि संबंधी कारणों से निरस्त कर दिए गए, जबकि शेष 17 जिलों के 21 कालेजों के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई है। जिनमें जनपद संभल के साथ-साथ कानपुर नगर, मथुरा, बिजनौर, बुलंदशहर, गौतम बुद्ध नगर, अलीगढ़, गोंडा, हरदोई, बदायूं, अयोध्या, प्रतापगढ़, भदोही, वाराणसी, अंबेडकर नगर, आगरा और पीलीभीत शामिल हैं। इनमें से बुलंदशहर के तीन, गोंडा के दो तथा अंबेडकर नगर के दो राजकीय इंटर कॉलेजों में स्टेडियम बनाए जाएंगे।

















