संभल डीएम, कमिश्नर का मतदान केन्द्रों पर निरीक्षण, वाल्मीकि एकता सम्मेलन में भी की सहभागिता।

कहा- संशोधन में न हो देरी, वोटर्स तक पहुचायें लिस्ट।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। आगामी चुनावों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। जहां जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया और मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने जनपद के मतदान केन्द्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यह निरीक्षण भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चल रहे मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण 2026 कार्यक्रम के तहत किया गया। अधिकारी दोपहर लगभग 2 बजे चंदौसी के बनियाखेड़ा विकासखंड स्थित संस्कृत महाविद्यालय में मतदान केंद्र संख्या 177 से 184 तक पहुंचे।
इस दौरान मतदाता सूची, बूथों की स्थिति, मूलभूत सुविधाएं और सुरक्षा इंतजामों की बारीकी से समीक्षा की गई।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मतदाता सूची में संशोधन कार्य में किसी भी तरह की देरी न हो। उन्होंने कहा कि अद्यतन वोटर लिस्ट समय पर तैयार कर हर पात्र मतदाता तक पहुंचाई जाए, ताकि कोई भी नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे। मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आलेख्य मतदाता सूची की जानकारी सभी मतदाताओं तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में किसी भी त्रुटि या अशुद्धि की जानकारी होने पर नियमानुसार संशोधन किया जा सके। साथ ही नए मतदाता बनने के लिए फॉर्म 6 और संशोधन के लिए फॉर्म 8 भरा जाए एवं जन्मतिथि के प्रमाण के लिए वह दस्तावेज उपलब्ध कराया जाये जिसमें जन्मतिथि अंकित हो।
इसके बाद डीएम और कमिश्नर ने वाल्मीकि एकता सम्मेलन में भी सहभागिता की। सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने समाज के लोगों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने का आह्वान किया। अधिकारियों ने कहा कि मतदान ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है और प्रत्येक मतदाता का नाम सूची में होना जरूरी है।
उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जागरूकता अभियान तेज किया जाए और मतदाता सूची संशोधन की जानकारी घर-घर तक पहुंचाई जाए, जिससे अधिक से अधिक लोग निर्भीक होकर मतदान कर सकें।
बता दें कि विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत, 1 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूचियों का आलेख्य प्रकाशन 6 जनवरी 2026 को किया गया था। 11 जनवरी 2026 को जनपद के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के मतदान केंद्रों पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक एक विशेष अभियान चलाकर इन सूचियों का मतदाताओं की उपस्थिति में वाचन किया गया।
इस निरीक्षण के दौरान एसडीएम चंदौसी आशुतोष तिवारी, तहसीलदार रवि सोनकर, बीएलओ और एईआरओ सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

सुदामा चरित्र की करुणा और परीक्षित मोक्ष की महिमा संग संपन्न हुई श्रीमद् भागवत कथा।

◆ कथा सुन भाव विभोर हुए श्रोतागण, तालियों के साथ मिला सरानीय आर्थिक सहयोग।

◆ अद्भुत प्रसंगों के बीच हिमांशु भारद्वाज के भजनों ने बांधा समां।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। शिव मंदिर कृतिया में श्री राम सेवा समिति के तत्वाधान में विगत 3 जनवरी से आयोजित की जा रही श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन श्रीमद्भागवत का रसपान पाने के लिए कथा स्थल पर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। कथा के सातवें और अंतिम दिन कथा व्यास पं. प्रदीप कृष्ण भारद्वाज ने सुदामा चरित्र प्रसंग का विस्तृत वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो गए।
श्रीमद् भागवत कथा का समापन सुदामा चरित्र की करुणा और परीक्षित मोक्ष के भावपूर्ण प्रसंग के साथ हुआ। कथा के अंतिम दिवस श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही। आचार्य द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रसंगों ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया, वहीं भक्ति और वैराग्य का संदेश कथा के माध्यम से जन-जन तक पहुंचा।
कथा श्रवण के दौरान श्रोतागण बार-बार तालियों से अपनी भावनाएं व्यक्त करते नजर आए। ग्राम वासियों एवं श्रद्धालुओं द्वारा कथा आयोजन के लिए उदार एवं सराहनीय आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया गया, जिससे आयोजन को सफल बनाने में सहयोग मिला।

कार्यक्रम के दौरान कीबोर्डिस्ट हिमांशु भारद्वाज द्वारा प्रस्तुत किए गए उत्कृष्ट भजनों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उनके मधुर स्वर और भावपूर्ण प्रस्तुति पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए और पूरा पंडाल भक्ति रस में सराबोर हो उठा।
जहां कथा व्यास ने भगवान कृष्ण की विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया गया। उन्होंने मां देवकी के छह पुत्रों को वापस लाने, सुभद्रा हरण के आख्यान और सुदामा चरित्र पर प्रकाश डाला। कथा व्यास ने सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए मित्रता निभाने के महत्व को समझाया।
उन्होंने बताया सुदामा जी के पास कृष्ण नाम का धन था। संसार की दृष्टि में गरीब तो थे, लेकिन दरिद्र नहीं थे। अपने जीवन में किसी से कुछ मांगा नहीं। पत्नी सुशीला के बार-बार कहने पर सुदामा अपने मित्र कृष्ण से मिलने गए। भगवान के पास जाकर भी कुछ नहीं मांगा। जहां भगवान अपने स्तर से सब कुछ दे देते हैं। सुदामा चरित्र के माध्यम से भक्तों के सामने दोस्ती की मिसाल पेश की और समाज में समानता का संदेश दिया। पं. प्रदीप कृष्ण ने बताया कि जब सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर अपने मित्र भगवान श्रीकृष्ण से मिलने द्वारिका पहुंचे।

द्वारिकाधीश के महल का पता पूछकर सुदामा महल की ओर बढ़े, जहां द्वारपालों ने उन्हें भिक्षा मांगने वाला समझकर रोक दिया। सुदामा ने स्वयं को कृष्ण का मित्र बताया, जिसके बाद द्वारपाल ने महल में जाकर प्रभु को सूचना दी। जैसे ही द्वारपाल के मुख से सुदामा का नाम सुना, भगवान श्रीकृष्ण ‘सुदामा, सुदामा’ कहते हुए तेजी से द्वार की ओर भागे। सामने अपने सखा सुदामा को देखकर उन्होंने उन्हें अपने सीने से लगा लिया। सुदामा ने भी ‘कन्हैया, कन्हैया’ कहकर उन्हें गले लगाया। प्रभु कृष्ण सुदामा को अपने महल में ले गए और उनका अभिनंदन किया। इस भावुक दृश्य को देखकर श्रोता भाव-विभोर हो गए और उन्होंने सुदामा-कृष्ण की झांकी पर फूलों की वर्षा की।
श्रीमद्भागवत कथा का समापन करते हुए कई कथाओं का भक्तों को श्रवण करवाया, जिसमें प्रभु कृष्ण के 16108 शादियों के प्रसंग के साथ, सुदामा प्रसंग और परीक्षित मोक्ष की कथाएं सुनाई। इसके उपरांत दत्तात्रेय जी के चौबीस गुरुओं के बारे में बताया।
कथा समापन पर आयोजकों ने पूजा पाठ एवं यज्ञ आचार्य रोहित भारद्वाज एवं रवि भारद्वाज, कीबोर्डिस्ट एवं उत्कृष्ट भजन गायक हिमांशु भारद्वाज, पैड़ संचालक विशेष ठाकुर एवं ढोलक पर मौजूद रहे मणि गुप्ता आदि का हार्दिक आभार व्यक्त किया।
जहां कथा व्यास, आचार्य एवं समस्त संचालकों ने उपस्थित श्रद्धालुओं से धर्म, भक्ति व सदाचार के मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का आह्वान किया। तदुपरांत शिव मंदिर कृतिया के महंत जयवीर गिरी जी एवं अन्य आयोजकों द्वारा प्रसाद वितरण किया गया। जहां शनिवार को भव्य भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर समिति के सदस्यों सहित सैकड़ों गणमान्य भक्तगण मौजूद रहे।

संभल में रिश्तों का खूनी सच: पहले रूबी तो अब नेहा निकली पति की कातिल।

◆ रूबी ने पति को ग्राइंडर से काटा तो नेहा ने मारकर जंगल में फेंका।

◆ रिश्तों पर सवाल: मेरठ की मुस्कान के बाद रूबी और नेहा की करतूतों से समाज हैरान।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल जनपद में रिश्तों को शर्मसार करने वाले सनसनीखेज हत्याकांड सामने आए हैं। एक के बाद एक दो मामलों में पत्नी ही पति की कातिल निकली, जिससे न सिर्फ पुलिस बल्कि पूरा समाज स्तब्ध है। पहले चंदौसी क्षेत्र में रूबी द्वारा पति की नृशंस हत्या का मामला सामने आया, वहीं अब कासगंज निवासी नेहा पर भी पति की हत्या कर शव जंगल में फेंकने के गंभीर आरोप लगे हैं।
दोनों मामलों में प्रेम संबंधों में बाधक बनने पर ही रिश्तों का कत्ल किया गया है। चंदौसी की रूबी ने प्रेमी के सहयोग से पति के शव के टुकड़े कर धड़ को नाले में और सिर व हाथ पैरों को गंगा में बहा दिया तो कासगंज की नेहा ने अपने भाई और प्रेमी के सहयोग से पति को मौत के घाट उतार शव जंगल में फिंकवा दिया।
मात्र 15 दिन के अंदर दो महिलाओं द्वारा पति की हत्या कराने की घटनाएं सभी की जुबान पर हैं।
लोग कह रहे हैं कि सात फेरे लेते समय जीवन भर साथ निभाने की कसम खाने वाली पत्नी आखिर इतनी बेरहम कैसै हो सकती है? यह गले न उतरने वाली बात है।
मेरठ के चर्चित मुस्कान कांड के बाद संभल में सामने आए इन मामलों ने रिश्तों की संवेदनशीलता और सामाजिक मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग यह सोचने पर मजबूर हैं कि आखिर आपसी विश्वास और रिश्तों में ऐसी दरार क्यों पड़ रही है कि जीवन साथी ही जीवन का दुश्मन बन जा रहा है।

विगत वर्ष तीन मार्च को मेरठ में मुस्कान ने अवैध संबंधों के चलते अपने प्रेमी साहिल की मदद से पति सौरभ की हत्या करने के बाद शव के टुकड़े किए और उन्हें एक नीले ड्रम में डालकर ऊपर से सीमेंट भर दिया था। कुछ ऐसा ही शहर के मोहल्ला चुन्नी में रहने वाले राहुल के साथ हुआ। उसकी पत्नी रूबी के पास में ही किराये पर रहने वाले युवक गौरव से प्रेम संबंध हो गए।
राहुल को शक तो था, लेकिन बीते 17 नवंबर को उसने पत्नी व उसके प्रेमी गौरव को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। उसी रात प्रेमी को बुलाकर दूसरे कमरे में सो रहे रहे राहुल के सिर में हथौड़े से प्रहार कर हत्या कर दी और बाद में ग्राइंडर से लाश के टुकड़े किए। धड़ को नाले में डाल दिया था, जबकि सिर व हाथ-पैर बैग में भरकर गंगा में बहा दिए थे।
तो वहीं दूसरी तरफ नेहा ने अपने प्रेमी और भाई के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी। पहले मारा-पीटा, फिर गला दबाया। जब मर गया तो वारदात को सुसाइड दिखाने के लिए उसे फंदे पर लटका दिया। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया। भाई और प्रेमी ने शव को घर से 5 किलोमीटर दूर बाइक से ले जाकर सड़क किनारे गड्ढे में फेंक दिया। अगले दिन 2 जनवरी को पुलिस को शव मिला। मृतक के सीने पर ‘सनी लव नेहा’ लिखा था। पुलिस ने पहचान के लिए पोस्टर लगवाए। पोस्ट देखकर मृतक के साले ने अपने जीजा की शिनाख्त की। इसके बाद मृतक की पत्नी थाने पहुंची और जोर-जोर से रोने लगी।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह गला दबाकर हत्या सामने आई। शक के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। वह पहले इधर-उधर की बात करती रही। सख्ती से पूछने पर नेहा ने अपना जुर्म कबूल किया।

◆ शव की शिनाख्त के दौरान ही पुलिस को नेहा पर हो गया था शक।

जब नेहा अपने परिवार के साथ अज्ञात शव की शिनाख्त करने के लिए जुनावई थाने पहुंची थी, तभी बातचीत के दौरान पुलिस को उस पर शक हो गया था। नेहा और उसके भाइयों से अलग-अलग पूछताछ की गई तो शक और गहरा गया। जब सख्ती की गई तो नेहा और उसका भाई पुलिस के सामने टूट गया और पुलिस का शक यकीन में बदल गया। गुमशुदगी दर्ज न कराने के बाबत पूछे जाने पर ही नेहा उलझ गई थी और जब उससे कोई जवाब नहीं सूझा तो कह दिया वह 15 दिन के लिए अक्सर गायब हो जाते थे। अब जांच में जब सच्चाई सामने आई तो पुलिस भी हैरान रह गई।

नव वर्ष पर एएसपी अनुज चौधरी का संदेश- नव वर्ष पर नशा मुक्ति का लें प्रण।

बोले – सच्ची देशभक्ति नारे लगाने में नहीं बल्कि अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से करने में है।

देश के युवा ही भारत के भविष्य, संकल्प लेने के लिए किया प्रेरित।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। प्रदेश भर में चर्चित संभल के सीओ रहे अनुज चौधरी तथा वर्तमान में फिरोजाबाद के एएसपी ने नव वर्ष पर देश के युवाओं को एक संदेश दिया है। अनुज चौधरी ने कहा है कि नव वर्ष पर एक खुद को हमेशा नशा मुक्त रखने का संकल्प लें।
उन्होंने देश के युवाओं को भारत का भविष्य बताते हुए उन्हें इमानदारी से अपना कर्तव्य करने के लिए प्रेरित किया है।
संभल जनपद में चर्चित रहे सीओ अनुज चौधरी तथा अपने कार्य को लेकर एएसपी के पद पर पदोन्नति किए गए। संभल से फिरोजाबाद के लिए एएसपी के पद पर स्थानांतरण किए गए अनुज चौधरी एक लोकप्रिय ओलंपियन खिलाड़ी हैं  जिन्हें अर्जुन अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। अनुज चौधरी ने नववर्ष पर के युवाओं को संदेश देते हुए कहा है कि युवा ही भारत का भविष्य हैं, इसलिए उन्हें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम ईमानदारी से कार्य करें।
उन्होंने सभी युवाओं को नशा मुक्त रहने का संदेश देते हुए उन्हें नशा मुक्त रखने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया ।
उन्होंने कहा कि नशा हमें अपने मार्ग से ही नहीं भटकाता बल्कि हमारे शरीर को भी नष्ट करता है।
उन्होंने देश के युवाओं से अपने कर्तव्य के प्रति ईमानदारी रखने तथा ईमानदारी से ही अपना कर्तव्य निभाने के लिए प्रेरित किया।
अनुज चौधरी ने कहा कि सच्ची देशभक्ति नारे लगाने में नहीं बल्कि अपने कर्तव्य का ईमानदारी से निर्वहन करने में है। उन्होंने कहा कि सभी नववर्ष पर यह संकल्प लें कि हम अपना कर्तव्य ईमानदारी से करेंगे और देश को नशा मुक्त रखेंगे तथा खुद भी नशा मुक्त रहेंगे। क्योंकि नव वर्ष हमें नए संकल्प का अवसर देता है।

बदायूं में सहसवान विधानसभा एसआईआर में आगे।

जनपद की 6 विधानसभाओं में सबसे अव्वल रही है सहसवान।

प्रवाह ब्यूरो
बदायूं। बदायूं में एसआईआर अभियान के तहत शासन को भेजी गई रिपोर्ट में विधानसभा वार प्रतिशत देखने पर सहसवान विधानसभा सबसे अव्वल रही है। मतदाता सूची के सत्यापन, संशोधन और अद्यतन कार्य में सहसवान विधानसभा की प्रगति जिले की अन्य पांचों विधानसभाओं की तुलना में सबसे बेहतर रही है।
विधायक बृजेश यादव की मेहनत रंग लाई और उन्होंने लगातार लोगों के बीच जाकर उन्हें विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की जानकारी देते हुए अपना मताधिकार बनाए रखने तथा फॉर्म भरने की जानकारी दी। जिसके चलते ही मतदाता सूची के सत्यापन और अद्यतन कार्य में सहसवान की प्रगति सबसे बेहतर रही, जिससे यह विधानसभा जनपद में अव्वल बनकर उभरी है।
बदायूं की सहसवान विधानसभा 81.70 प्रतिशत से अधिक रही है। जिला प्रशासन की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट में जनपद की 6 विधानसभा में सहसवान विधानसभा सबसे आगे रही।
जबकि स्वयं बदायूं विधानसभा उससे पीछे रही है जिसमें 76.44 प्रतिशत कार्य के साथ रिपोर्ट सामने आई है तो वहीं सहसवान के बराबर हीं पहुंची शेखूपुर विधानसभा 81 प्रतिशत रही है। वहीं बिसौली विधानसभा 80.06 प्रतिशत पर रही। बिल्सी 79.60 और दातागंज 77.94 प्रतिशत पर रही। जहां दातागंज विधानसभा 77.94 प्रतिशत रही।
सहसवान विधायक बृजेश यादव ने लगातार कार्यकर्ताओं के साथ लोगों को विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की जानकारी दी, जिसका असर विधानसभावार के रूप में देखने को मिला है।
बता दें कि एसआईआर अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक मजबूत करना है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, सहसवान विधानसभा क्षेत्र में बीएलओ और सुपरवाइजरों द्वारा घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन का कार्य तेजी और पारदर्शिता के साथ पूरा किया गया। नए मतदाताओं का नाम जोड़ने, मृतक एवं स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने तथा त्रुटियों के सुधार में सहसवान विधानसभा ने उल्लेखनीय बढ़त बनाई।

जनपद में एक जनवरी तक बंद रहेंगे 12वीं तक के स्कूल।

शीतलहर और कोहरे को देखते हुए जिलाधिकारी ने भी दिया निर्देश।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल जिलाधिकारी ने भी जनपद में 1 जनवरी तक 12वीं तक के सभी स्कूलों में घने कोहरे तथा शीत लहर के चलते बच्चों के स्वास्थ्य को दृष्टिगत रखते हुए अवकाश घोषित किया है।
प्रदेश में लगातार पड़ रही शीतलहर तथा घने कोहरे को देखते हुए जनपद के सभी प्रकार के संचालित परिषदीय, मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त, राजकीय तथा अन्य समस्त बोर्ड के कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी विद्यालयों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1 जनवरी तक अवकाश घोषित किया है तो वहीं जनपद स्तर पर भी आदेश का पालन कराने के लिए जिला अधिकारी ने भी जनपद के समस्त 12वीं तक के स्कूलों में 1 जनवरी तक अवकाश घोषित कर दिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संभल जनपद में भी जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने मुख्यमंत्री के आदेश का पालन कराने के लिए जनपद के 12वीं तक के सभी स्कूलों को 1 जनवरी तक बंद रखने व कढाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

संभल में संभल यूथ अवॉर्ड्स का आयोजन, 50 से अधिक युवा हुए सम्मानित।

सोशल मीडिया पर सकारात्मक प्रभाव डालने वाले युवाओं को किया गया सम्मानित।

सामाजिक जागरुकता और डिजिटल प्लेटफॉर्म के सकारात्मक उपयोग के लिए किया प्रेरित।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल के चंदौसी में संभल यूथ अवॉर्ड्स का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें सोशल मीडिया के माध्यम से सकारात्मक प्रभाव डालने वाले युवाओं को सम्मानित किया गया।
जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैसिया की उपस्थिति में शानदार प्रस्तुतियों के बीच हरियाणवी कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी। जहां 50 से अधिक युवाओं को सामाजिक जागरूकता डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सकारात्मक उपयोगिता के साथ सकारात्मक प्रभाव डालने वाले युवाओं को सम्मानित किया गया।

चंदौसी स्थित जेनरेशन मेगा मॉल में आयोजित किए गए कार्यक्रम में संभल यूथ अवार्ड से 50 से अधिक स्थानीय उभरते हुए युवाओं को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को उनकी प्रतिभा, रचनात्मक और सामाजिक योगदान देने के लिए सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि रहे जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने सोशल मीडिया पर सभी को सकारात्मक प्रभाव डालने तथा समाज के लिए सकारात्मक दिशा देने के लिए युवाओं को प्रेरित किया।
आयोजन की थीम युवाओं को जिम्मेदार कंटेंट क्रिएशन सामाजिक जागरुकता और डिजिटल प्लेटफॉर्म के सकारात्मक उपयोग के लिए प्रेरित करना रहा। स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने और युवाओं को समाज के लिए सकारात्मक दिशा में प्रेरित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम रहा।
इस दौरान डॉ. अरविंद कुमार गुप्ता और डॉ. पारितोष धन्वंतरी फार्मेसी ने सोशल मीडिया पर समाज को नई दिशा देने तथा सकारात्मक सोच के साथ जागरूकता फैलाने पर युवाओं को उत्साहित किया।

मेहनत की जीत: राजस्थान के IPS बेटे का यूपी में जलवा, सीएम योगी ने किया सम्मान।

वरिष्ठ अधिकारी सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने दिया ‘उत्कृष्ट सेवा अलंकरण’।

कुशल नेतृत्व और सख्त कार्रवाई से हमेशा सुर्खियों में रहते हैं संभल एसपी कृष्ण बिश्नोई।

सम्मान के मंच पर संस्कारों की झलक, कृष्ण बिश्नोई ने माता-पिता को सीएम योगी से मिलवाया।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। रविवार को प्रदेश की कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई को वरिष्ठ अधिकारी सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा अलंकरण’ से सम्मानित किया।
बता दें कि राजस्थान राज्य के धोरीमन्ना निवासी युवा आइपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई ने पुलिस में अपनी कार्यकुशलता, नेतृत्व क्षमता से प्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर बाड़मेर जिले का नाम रोशन किया है। कृष्ण बिश्नोई ने महज 24 वर्ष की आयु में यूपीएससी में 174वीं रैंक से आइपीएस बनकर इतिहास रचा। सेवा के शुरुआती वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में तैनाती के दौरान उन्होंने कुख्यात अपराधियों पर सख्त कार्रवाई कर आठ सौ करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति जब्त कराई, तदोपरांत वे चर्चाओं में आए।

जिसकी चलते ही अब यूपी के संभल जिले के पुलिस अधीक्षक के रूप में उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें पुलिस मंथन-2025 सम्मेलन में बेस्ट पुलिस अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदान किया।
राजस्थान मूल के आईपीएस अधिकारी कृष्ण कुमार बिश्नोई अपने कार्यकाल के दौरान अपराध नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई, संवेदनशील मामलों में संतुलित निर्णय और जनसुनवाई के लिए लगातार चर्चा में रहे हैं। संभल जैसे संवेदनशील जिले में उनकी सख्त कार्यशैली और टीमवर्क के चलते कई बड़ी सफलताएं दर्ज की गईं। एसपी कृष्ण बिश्नोई की कुशल नेतृत्व क्षमता, सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई तथा प्रभावी पुलिसिंग जनपद के साथ-साथ प्रदेश की प्रशासनिक भी व्यवस्था की रीढ़ है। क्योंकि संभल जैसी संवेदनशील जनपद में उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखा और जनता में पुलिस के प्रति भरोसा कायम किया।
संभल में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान कानून-व्यवस्था को सधे हुए ढंग से संभालने के साथ-साथ आइपीएस कृष्ण बिश्नोई ने एक वर्ष के भीतर 100 करोड़ रुपए से अधिक की बीमा और वित्तीय धोखाधड़ी का पर्दाफाश कर अपराध के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया। इस गिरोह के 17 मामलों में 68 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यह संगठित गिरोह वर्षों से देशभर में मरणासन्न अथवा मृत व्यक्तियों के नाम पर फर्जी बीमा पॉलिसी, बैंक खाते और फाइनेंस के जरिए करोड़ों की ठगी कर रहा था। जांच में हत्या तक कराने और मृतकों के नाम पर फर्जी ट्रैक्टर फाइनेंस कराने जैसे गंभीर आरोप भी सामने आए। संभल पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद यूआइडीएआई ने आधार संशोधन प्रक्रियाओं में देशव्यापी सुधार किए। साथ ही यूपी पुलिस द्वारा आयोजित इंश्योरेंस कॉन्क्लेव में 50 से अधिक बीमा कंपनियों के साथ नीतिगत सुधारों पर मंथन हुआ, जिससे उत्तर प्रदेश पुलिस की राष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक छवि बनी।
सम्मान मिलने पर एसपी कृष्ण बिश्नोई ने इसे पूरी पुलिस टीम की मेहनत का परिणाम बताते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना ही उनका सर्वोच्च लक्ष्य है। इस उपलब्धि पर जिले के प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस कर्मियों और जनप्रतिनिधियों ने भी उन्हें बधाई दी।
अवगत रहे कि कृष्ण बिश्नोई एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता सुजानाराम बिश्नोई किसान हैं। कृष्ण की प्रारंभिक शिक्षा बाड़मेर के गांव में ही हुई। उनकी मेहनत और प्रतिभा का ही परिणाम है कि फ्रांस सरकार ने उन्हें शिक्षा के लिए 40 लाख रुपए की अंतरराष्ट्रीय स्कॉलरशिप भी प्रदान की थी। पुलिस सम्मान अवार्ड के दौरान कृष्ण बिश्नोई अपने माता-पिता को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलवाया। जहां मुख्यमंत्री ने उनके कार्यों की भी सराहना की।

दैनिक प्रवाह के लिए संभल से ‘गौरव उन्मुक्त’ की रिपोर्ट

युवा प्रतिभाओं को मंच, संभल में अंडर-16 क्रिकेट टूर्नामेंट का आगाज़।

◆ ब्लॉक प्रमुख हनी यादव और प्रधान अध्यापिका लक्ष्मी रावत ने किया शुभारंभ।

◆ डीपी विद्यापीठ धनारी के प्रांगढ़ में जीनियस क्रिकेट एकेडमी ने दर्ज की पहली जीत।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल के धनारी स्थित डीपी विद्यापीठ में अंडर 16 क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया जिसका शुभारंभ ब्लॉक प्रमुख हनी यादव और विद्यापीठ की प्रधान अध्यापिका लक्ष्मी रावत द्वारा संयुक्त रूप से किया गया जिसमें जीनियस क्रिकेट धनारी टीम ने 242 रन बनाते हुए विक्ट्री 11 वर्सेस को 57 रनों पर ही ढेर कर दिया ।
धनारी के डीपी विद्यापीठ में अंडर 16 क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन ब्लॉक प्रमुख हनी यादव व डीपी विद्यापीठ की प्रधान अध्यापक लक्ष्मी रावत के द्वारा किया गया। तत्पश्चात विक्ट्री 11 वर्सेस जीनियस क्रिकेट अकादमी धनारी के मध्य प्रथम मैच शुरू हुआ।

जिसमें जीनियस क्रिकेट अकादमी के कप्तान ललित शर्मा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। पहले खेलते हुए जीनियस क्रिकेट अकादमी ने 23.2 गेंद में 242 रन पर अपने सभी 10 विकेट गवा दिए। जिसमें बल्लेबाज शोभित यादव ने 82 रन अनिल यादव ने 41 व ललित शर्मा ने 26 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया। विक्ट्री किंग 11 के गेंदबाज विवेकानंद ने तीन विकेट विवेक दीपक समीर ने एक-एक विकेट लिया।
243 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी विक्ट्री किंग 11 के बल्लेबाज मात्र 57 रनों पर धराशाई हो गए। जिसमें सावेज रिजवी ने 14 वह फैज ने 8 रनों का योगदान दिया।
जीनियस क्रिकेट अकादमी के गेंदबाज अंकित यादव ने पांच विकेट झटके वह मदन गोपाल ने दो जबकि ऋषित गबर व सचिन यादव ने एक-एक विकेट अपने नाम किया ।
82 रन की शानदार पारी खेलने पर शोभित यादव को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया। मैच के दौरान खिलाड़ियों में जबरदस्त जोश देखने को मिला और दर्शकों ने तालियों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर खिलाड़ियों से खेल भावना, अनुशासन और मेहनत के साथ बेहतर प्रदर्शन करने का आह्वान किया गया।
जीनियस क्रिकेट अकादमी के इस अंडर 16 क्रिकेट टूर्नामेंट में कुल 8 टीम में प्रतिभागित करेंगे। आयोजक अंकित गुप्ता ने बताया कि इस टूर्नामेंट का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की युवा क्रिकेट प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना है, ताकि वे अपनी क्षमता को निखार सकें। जहां प्रतियोगिता में विभिन्न टीमों की भागीदारी से आगामी दिनों में रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।
इस मौके पर रोहतास, मुकेश मानवी, अरविंद मोहित, अधिराज, नितेश, गौरीश, केशु, प्रखर, विनीत, अमन, दक्ष, सचिन, लालटेश भविष्य आदि लोग मौजूद रहे।

सौंधन में दशकों से खंडहर में तब्दील स्कूल की ईंटें चोरी करते ट्रैक्टर ट्राली पकड़ी।

कभी आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में था नामी स्कूल, दशकों से खंडहर में हुआ तब्दील।

ग्राम प्रधान पति ने चोरी करते पकड़ा, मौके पर पहुंची पुलिस, चालक फरार।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल के कैला देवी थाना क्षेत्र के सौंधन में कई दशकों से बंद पड़े तथा खंडहर में बदले चमेली देवी जूनियर हाई स्कूल की ईंटों को सुबह के समय ट्रैक्टर ट्राली में भरकर चोरी करते हुए ग्राम प्रधान पति ने पकड़ लिया, जहां चालक मौके से फरार हो गया तथा ट्रैक्टर ट्राली को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
संभल तहसील क्षेत्र के सौंधन स्थित चमेली देवी जूनियर हाई स्कूल पहले क्षेत्र में एक प्रसिद्ध स्कूल के रूप में संचालित होता था, जो लगभग कई दशकों से खंडहर में तब्दील हो चुका है। ग्रामीण क्षेत्र में एक नामी स्कूल था जहां आसपास दर्जनों गांवों के सैकड़ों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते थे। जो शिक्षा के क्षेत्र में एक मिसाल था। बताया जाता है कि सोंधन गांव निवासी ग्रामीण द्वारा शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए स्कूल के नाम अपनी जमीन दान में दी गई थी, उसके बाद समिति गठित कर विद्यालय संचालित कर दिया गया। जिसका नाम चमेली देवी जूनियर हाई स्कूल रखा गया। लगभग पिछले कई दशकों से जिसकी दीवारें भी जर्जर हो चुकी हैं। उसकी चार दिवारी भी धीरे-धीरे कुछ गांव के ही माफियाओं द्वारा खत्म कर दी गई।
गांव निवासी कुछ लोग चार दिवारी तथा कमरों की ईंटें उखाड़ कर अपने ट्रैक्टर ट्राली से ले जा रहे थे उसी समय स्कूल में ही ग्राम प्रधान पति ने अचानक उन्हें देख लिया और तुरंत सौंधन पुलिस चौकी को सूचना दी। ग्राम प्रधान पति अरविंद यादव ने जब इसके बारे में पूछा तो आरोपी फरार हो गए।
सूचना पर चौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई और ट्रैक्टर ट्राली को अपने कब्जे में लेकर चौकी ले आई। जानकारी के बाद पता चला कि ईंटें किसी धार्मिक स्थल पर ले जाई जा रही थीं।