बदायूं की नई एसएसपी बनीं अंकिता शर्मा, गार्ड ऑफ ऑनर के साथ संभाली जिम्मेदारी।

◆ चार्ज संभालते ही एक्शन में दिखीं लेडी सिंघम, शहर का किया भ्रमण।

◆ तेजतर्रार अंदाज वाली 2018 बैच की आईपीएस हैं लेडी सिंघम अंकिता शर्मा।

◆ चार्ज संभालते ही दिए नवीन पुलिस चौकी निर्माण के आदेश।

प्रवाह ब्यूरो
बदायूँ। यूपी में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। इस फेरबदल के तहत 2018 बैच की तेज तर्रार आईपीएस अंकिता शर्मा को बदायूं का नया वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। शनिवार को बदायूँ की कमान संभालते ही नवागंतुक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने अपने सख्त और स्पष्ट तेवर दिखा दिए। अधिकारियों के साथ पहली बैठक में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पुलिस का काम पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए, आमजन के प्रति संवेदनशीलता बनी रहनी चाहिए और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

उन्होंने संकेत दिया कि जनपद में कानून व्यवस्था को और मजबूत करना उनकी प्राथमिकता होगी, ताकि आम जनता को सुरक्षा का भरोसा मिल सके और अपराधियों में पुलिस का खौफ कायम रहे।
इससे पहले पुलिस लाइन में उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान बरेली परिक्षेत्र के डीआईजी ने उन्हें गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया, जहां पुलिस लाइन्स में दी गई सलामी से उनका सम्मान और बढ़ गया।

बता दें कि शुक्रवार को प्रदेश की योगी सरकार ने लेडी सिंघम के नाम से मशहूर अंकिता शर्मा को बदायूं जिले का नया वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बनाया है। इससे पहले वह कासगंज जिले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) के पद पर कार्यरत थीं। पदोन्नति के बाद उन्हें अब एसएसपी के रूप में बदायूं जिले की कमान सौंपी गई है। उन्हें बदायूं में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की जिम्मेदारी दी गई है।

बदायूं में एचपीसीएल प्‍लांट में घुसकर दो बड़े अफसरों की हत्‍या के बाद यूपी सरकार ने ये बड़ा एक्‍शन लिया है। जिनमें प्लांट के मुख्य प्रबंधक सुधीर गुप्ता एवं उप प्रबंधक हर्षित मिश्रा की गुरुवार को गोली मार कर हत्या कर दी गई थी, इस घटना से नाराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. बृजेश कुमार सिंह को हटाकर उनकी जगह कासंगज एसपी अंकिता शर्मा को बदायूं का नया पुलिस कप्‍तान बनाया गया है।
इसी क्रम आज चार्ज संभालते ही डीएम अवनीश राय एवं नवागत एसएसपी अंकिता शर्मा मूसाझाग थाना क्षेत्र गांव सैंजनी स्थित एचपीसीएल के प्लांट में पहुंचे, घटनास्थल का निरीक्षण कर जानकारी ली, इसके बाद नवीन पुलिस चौकी की स्थापना के आदेश दिये गये, साथ ही बताया कि इस चौकी पर दो उप-निरीक्षक तथा आठ आरक्षियों की नियुक्ति की जायेगी। उन्होंने आते ही व्यवस्था को दुरुस्त करना शुरू कर दिया है।

अंकिता शर्मा 2018 बैच की आईपीएस अफसर हैं और बेहद तेजतर्रार मानी जाती हैं। शुक्रवार को कासगंज से बदायूं स्थानांतरण होते ही शनिवार को एसएसपी अंकिता शर्मा ने पुलिस लाइंस पहुंच कर सलामी ली। इसके बाद पदभार ग्रहण किया। जिले की वर्तमान स्थिति को देखते हुए डीआईजी अजय साहनी भी यहां आए हुए थे। नवागत एसएसपी ने डीआईजी के साथ बैठक कर यहां के हालात को जाना। एचपीसीएल के सीबीजी प्लांट में हुए घटनाक्रम को बारीकी से समझा। फिलहाल वह डीआईजी के साथ ही शहर में निरीक्षण को निकल गई हैं।

लेडी सिंघम अंकिता शर्मा कासगंज में एसपी पद से पहले कानपुर कमिश्‍नरेट में पुलिस उपायुक्‍त भी रह चुकी हैं। राजस्थान के जयपुर में अशोक कुमार शर्मा के घर 23 जुलाई, 1992 को जन्मी अंकिता शर्मा ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से बीटेक किया है।
इससे पूर्व अंकिता शर्मा ने 22 दिसंबर 2024 को कासगंज में एसपी का पदभार संभाला था। कासगंज में रहते हुए उन्‍होंने कई बड़ी वारदातों का राजफाश किया। बीते दिनों अलविदा जुमा की नमाज के दौरान उन्‍होंने शहर के प्रमुख चौराहों और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिस बल के साथ सुरक्षा व्‍यवस्‍था का जायजा लिया। इस दौरान उन्‍होंने स्‍थानीय लोगों से बातचीत कर सुझाव भी लिए।

कासगंज में तैनाती से पूर्व अंकिता शर्मा कानपुर में डीसीपी दक्षिणी के पद पर पदस्थ थीं। उन्‍होंने अपने कार्यकाल में हत्‍या, लूट जैसी दर्जनों वारदातों का खुलासा किया। जहां आधा दर्जन से अधिक हाफ एनकाउंटर अंकिता शर्मा के ही नेतृत्‍व में हुए। उन्‍हें कानपुर में यातायात का अतिरिक्‍त प्रभार भी मिला। इस काम को भी उन्‍होंने बखूबी संभाला और शहर की यातायात व्‍यवस्‍था संभालते हेतु काफी काम किया।
इतना ही नहीं अंकिता शर्मा यूपी के व्यस्ततम शहरों में शुमार नोएडा में भी तैनात रह चुकी हैं। यहां तैनाती के दौरान उन्‍होंने मिशन शक्ति अभियान से जुड़े अनेकों काम किए। महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में उनका रुख हमेशा सख्‍त रहा है यही वजह है कि उन्हें लेडी सिंघम के नाम से बखूबी जाना जाता रहा है।

मातृभूमि की शहादत में कुपवाड़ा में शहीद हुआ संभल का लाल।

◆ पेट्रोलिंग के दौरान खाई में गिरा वाहन, देश सेवा में गई जान।

गुन्नौर के गांव पुसवाली के रहने वाले थे शहीद सूबेदार ओमप्रकाश गोस्वामी।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में तैनात बीएसएफ के सूबेदार ओमप्रकाश गोस्वामी शहीद हो गए। पेट्रोलिंग के दौरान उनका वाहन अचानक नियंत्रण खोकर गहरी खाई में जा गिरा, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जैसे ही यह दुखद खबर उनके पैतृक गांव और परिवार तक पहुंची, घर में मातम छा गया। शहीद सूबेदार ओमप्रकाश गोस्वामी जनपद संभल की तहसील गुन्नौर के थाना जुनावई क्षेत्र के गांव पुसावली के मूल निवासी थे। उनके पिता मुकुट नाथ गोस्वामी और माता चंद्रावती हैं। परिवार में उनकी पत्नी सुदेश देवी थीं, जिनका कोरोना काल में कोविड-19 संक्रमण के कारण निधन हो गया था। पत्नी के निधन के बाद से ही ओमप्रकाश अपने बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए पूरी जिम्मेदारी निभा रहे थे और सेना में अपनी सेवा जारी रखे हुए थे।

शहीद ओमप्रकाश गोस्वामी के परिवार में एक बेटा ऋतिक और एक बेटी जिया है। उनका बेटा ऋतिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है और बीटेक का छात्र है, जबकि बेटी जिया प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटी हुई है। बहजोई कस्बे में बस अड्डे के पास उनका दूसरा मकान है, जहां उनके दोनों बच्चे अपने ननिहाल पक्ष के साथ रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। ओमप्रकाश अक्सर फोन पर बच्चों से बात कर उनका हौसला बढ़ाते थे और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते थे। बुधवार शाम करीब सात बजे शहीद सूबेदार ओमप्रकाश गोस्वामी का पार्थिव शरीर दिल्ली से बीएसएफ के जवानों की मौजूदगी में उनके बहजोई स्थित आवास पर लाया गया। जैसे ही तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर घर पहुंचा, वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। परिवार के सदस्य और ग्रामीण अपने वीर सपूत की अंतिम झलक पाने के लिए उमड़ पड़े। प्रशासन और सुरक्षा बलों की मौजूदगी में पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की तैयारियां भी पूरी कर ली गईं।
शहीद के भतीजे रवि ने बताया कि मंगलवार शाम बीएसएफ मुख्यालय से फोन आया था, जिसमें उनके चाचा ओमप्रकाश गोस्वामी के दुर्घटना में शहीद होने की जानकारी दी गई। यह खबर सुनते ही परिवार के लोग स्तब्ध रह गए। बाद में परिवार के सदस्य पार्थिव शरीर लेने के लिए दिल्ली रवाना हुए और वहां से उन्हें पूरे सम्मान के साथ बहजोई लाया गया।
शहीद सूबेदार ओमप्रकाश गोस्वामी को श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी उनके आवास पहुंचे। उत्तर प्रदेश सरकार में माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

अब जनशिकायतों के निस्तारण पर तय होगी थाने-चौकियों में तैनाती।

◆ थानों और आउटपोस्ट में तैनाती को लेकर डीजीपी राजीव कृष्ण के सख्त निर्देश।

◆ जनशिकायतों के निस्तारण में कमी पर सख्ती, समीक्षा के बाद लिया गया ये फैसला।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अब थानों और चौकियों में पुलिसकर्मियों की तैनाती का आधार जनशिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण होगा। इस संबंध में डीजीपी राजीव कृष्ण ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।
डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि जिलों में की जा रही समीक्षा के दौरान जनशिकायतों के निस्तारण में कई स्थानों पर कमी पाई गई है। इसे गंभीरता से लेते हुए निर्णय लिया गया है कि अब थानों और आउटपोस्ट में तैनात पुलिसकर्मियों के कार्य प्रदर्शन का आकलन भी जनशिकायतों के समाधान के आधार पर किया जाएगा।
दरअसल, पिछले कुछ समय से समीक्षा के क्रम में थाना और चौकियों के स्तर पर जनशिकायतों की सुनवाई में उदासीनता का मामले सामने आ रहे थे। अब ऐसे जिलों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। डीजीपी राजीव कृष्ण के स्तर पर हुई समीक्षा के क्रम में जिलास्तरीय अधिकारियों को साफ किया गया कि आम लोगों की समस्याओं को हर हाल में दूर किया जाना चाहिए। जनशिकायतों का प्रभावी निस्तारण होना चाहिए। इसी आधार पर पुलिस अधिकारियों की थाने और चौकियों में तैनाती मिलनी चाहिए।

जनशिकायतों के निस्तारण का मामला डीजीपी राजीव कृष्ण की अपराध समीक्षा बैठक में उठा। इस दौरान जनशिकायतों के निस्तारण में पीछे रहे जिलों के पुलिस अधिकारियों को डीजीपी ने कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनशिकायतों के प्रभावी निस्तारण के लिए थानों-चौकियों पर तैनाती के आधार के रूप में भी शामिल किया जाए। मतलब, थाना-चौकियों पर जनशिकायतों को निस्तारित करने में सफलता के आधार पर पुलिस अधिकारियों की रेटिंग तय होगी। इसी आधार पर उन्हें थाना-चौकियों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
डीजीपी ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अपराध समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी जिलों को जनशिकायतों में 40 फीसदी कमी लाने का लक्ष्य दिया था। समीक्षा में पाया गया कि संभल, फिरोजाबाद और इटावा में जनशिकायतों में करीब 70 फीसदी की कमी दर्ज की गई। डीजीपी ने इन जिलों की प्रशंसा की। प्रदेश के 15 जिलों में जनशिकायतों में 40 फीसदी से अधिक की कमी दर्ज की गई है। जबकि लखनऊ, कानपुर और वाराणसी समेत 48 जिलों में जनशिकायतों में 30 फीसदी से अधिक की कमी दर्ज की गई। डीजीपी ने इन जिलों में जनसुनवाई को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही, जिन जिलों में जनशिकायतों की प्रभावी सुनवाई नहीं हो पाई है, वहां तत्काल स्थिति में सुधार का निर्देश दिया गया।
साथ ही डीजीपी ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे नियमित रूप से जनशिकायतों की समीक्षा करें और लंबित मामलों का शीघ्र समाधान कराएं, ताकि पुलिस व्यवस्था के प्रति आमजन का विश्वास मजबूत हो सके।

यूपी के दो चर्चित IPS अफसर जल्द लेंगे सात फेरे।

◆ तीन साल पहले गोरखपुर में शुरू हुई कहानी, अब बाड़मेर में होगा विवाह।

◆ 29 मार्च को विवाह जबकि दिन 30 मार्च को जोधपुर में होगा ग्रैंड रिसेप्शन।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी जल्द ही विवाह बंधन में बंधने जा रहे हैं।संभल एसपी केके बिश्नोई और बरेली एसपी अंशिका वर्मा अब जल्द शादी करने जा रहे हैं। शादी के सभी कार्यक्रम राजस्थान में होंगे।
दोनों अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में मेहनत, ईमानदारी और समर्पण के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में यह विवाह सिर्फ दो व्यक्तियों का नहीं बल्कि दो जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों के जीवन का एक नया अध्याय भी है। युवा वर्ग के लिए भी यह जोड़ी प्रेरणादायक मानी जा रही है, क्योंकि दोनों ने कठिन प्रतियोगी परीक्षा को पार कर देश की प्रतिष्ठित सेवा में स्थान प्राप्त किया और अब अपने निजी जीवन में भी एक नई शुरुआत करने जा रहे हैं। केके बिश्नोई यूपी कैडर के 2018 बैच के IPS अधिकारी हैं। वह राजस्थान के बाड़मेर जिले के धोरीमना गांव के रहने वाले हैं। वर्तमान में संभल में एसपी के पद पर तैनात हैं। जबकि प्रयागराज के सिविल लाइन इलाके की रहने वाली अंशिका वर्मा 2021 बैच की IPS अधिकारी हैं और बरेली में एसपी के पद पर तैनात हैं।
संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई और बरेली की पुलिस अधीक्षक अंशिका वर्मा की शादी आगामी 29 मार्च को राजस्थान के बाड़मेर में संपन्न होगी। इस खबर के सामने आने के बाद पुलिस विभाग और उनके परिचितों में खुशी का माहौल है।
दोनों अधिकारी वर्तमान में उत्तर प्रदेश में महत्वपूर्ण जिलों में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। एक ओर जहां संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई कानून व्यवस्था संभाल रहे हैं, वहीं बरेली की एसपी अंशिका वर्मा अपने कार्यकुशल और सख्त प्रशासनिक रवैये के लिए जानी जाती हैं। अब दोनों अधिकारी अपने व्यस्त प्रशासनिक जीवन के बीच निजी जीवन की एक नई शुरुआत करने जा रहे हैं। उनकी शादी 29 मार्च को राजस्थान के बाड़मेर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आयोजित होगी। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई मूल रूप से राजस्थान के बाड़मेर जिले के निवासी हैं। राजस्थान की मिट्टी में पले-बढ़े कृष्ण बिश्नोई ने कड़ी मेहनत और लगन से संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर आईपीएस अधिकारी बनने का सपना पूरा किया। वहीं एसपी अंशिका वर्मा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की रहने वाली हैं। उन्होंने भी अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की और भारतीय पुलिस सेवा में स्थान प्राप्त किया।
दोनों अधिकारी अपने-अपने जिलों में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। संभल जिले में एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने अपराध नियंत्रण, पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने और आम जनता में विश्वास बढ़ाने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं।
दूसरी ओर बरेली की एसपी अंशिका वर्मा भी अपनी सख्त कार्यशैली और तेज प्रशासनिक फैसलों के कारण चर्चा में रहती हैं। उन्होंने महिला सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं।
दोनों आईपीएस अधिकारियों की शादी की खबर सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी खुशी का माहौल है। सहकर्मी अधिकारी और कर्मचारी उन्हें बधाई दे रहे हैं और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना कर रहे हैं। पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों के भी इस विवाह समारोह में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
कार्ड से मिली जानकारी के अनुसार 27 मार्च को बाड़मेर जिले के धोरीमना गांव में हल्दी-संगीत सेरेमनी होगी। जहां 28 मार्च को शादी और 30 मार्च को जोधपुर के लारिया रिसोर्ट में रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा। दोनों की पहली मुलाकात 2021 में गोरखपुर में पोस्टिंग के दौरान हुई थी। बिश्नोई गोरखपुर में एसपी सिटी थे। यहीं पर अंशिका अंडर ट्रेनिंग IPS ऑफिसर थीं। यहीं से दोनों की लव स्टोरी शुरू हुई। अब दोनों शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं।
शादी समारोह राजस्थान के बाड़मेर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आयोजित किया जाएगा। परिवार के सदस्य, रिश्तेदार, मित्र और प्रशासनिक सेवा से जुड़े कई लोग इस खास मौके के गवाह बनेंगे। राजस्थान की पारंपरिक संस्कृति और रीति-रिवाजों के बीच होने वाला यह विवाह समारोह खास और यादगार होने की उम्मीद है। 29 मार्च को होने वाली यह शादी न केवल दोनों परिवारों के लिए बल्कि उनके मित्रों, सहकर्मियों और परिचितों के लिए भी खुशी का अवसर है। दोनों आईपीएस अधिकारी अब अपने पेशेवर जीवन के साथ-साथ वैवाहिक जीवन की नई जिम्मेदारियों की भी शुरुआत करने जा रहे हैं। जिसके चलते ही व्यक्तिगत माध्यम के अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आदि से लोग उनके उज्जवल और सुखद भविष्य की कामना कर रहे हैं।

■ दैनिक प्रवाह के लिए हिमालय शर्मा की रिपोर्ट…

यूपी बोर्ड परीक्षा आज से: 5 अहम बदलाव जो हर छात्र को जानने चाहिए।

◆ अब हर पन्ने पर लिखना होगा अनुक्रमांक और कॉपी नंबर, नकल पर कसेगा शिकंजा।

कॉपी में नाम, चिह्न या पहचान के अलावा रखे रूपये तो सील होगी कॉपी।

8 हजार परीक्षा केंद्रों पर बड़ी तैयारी, 53 लाख से अधिक परीक्षार्थियों की इस बार ए4 साइज में लंबवत होगी उत्तर पुस्तिका।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। एशिया के सबसे बड़े शिक्षा बोर्डों में गिने जाने वाले यूपी बोर्ड परीक्षा आज से शुरू हो रही हैं। जिसमें इस बार कई अहम बदलाव किए गए हैं। इस साल करीब 53 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे, जिसके लिए 75 जिलों में कुल 8033 परीक्षा केंद्र बनाए गए है। नकल पर सख्ती और पारदर्शिता के लिए बोर्ड ने नई व्यवस्था लागू की है। नकलविहीन परीक्षा के लिए ऑनलाइन मॉनिटरिंग और कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
इसमें से कई बदलावों से छात्रों का स्ट्रेस काफी हद तक कम भी होने वाला है। परीक्षाएं पूरे राज्य में पेन-एंड-पेपर मोड में होंगी। सुबह का सेशन सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक चलेगा, जबकि दोपहर का सेशन दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगा। क्लास 10 और 12 दोनों के लिए पहली परीक्षा हिंदी की है।
इन नियमों के तहत महिला स्टाफ की तैनाती से लेकर जांच के दौरान जूते मोजे उतारने से लेकर कई सारे अहम निर्देश जारी किए गए हैं।
यूपी बोर्ड परीक्षा में जांच के दौरान छात्रों के साथ खराब व्यवहार के कई मामले सामने आ चुके हैं। जिसके चलते ही परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी और ऑडियो रिकॉर्डिंग के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बोर्ड ने बताया कि इस बार जांच के दौरान छात्रों को जूते और मोजे नहीं उतारने होंगे। बोर्ड ने नकल रोकने के लिए ये फैसला लिया है। अतिसंवेदनशील कैटेगरी में पड़ने वाले केंद्रों की दो बार जांच की जाएगी। वहीं 20 एग्जाम सेंटर्स में जैमर लगाया जाएगा। पहले कॉपियां आड़ी होती थीं अब उन्हें लंबवत कर दिया गया है। साथ ही हर आंसर शीट पर यूनिक नंबर और सुरक्षा चिह्न भी लगाए गए हैं। हर पेज पर रोल नंबर और कॉपी की संख्या लिखना जरूरी है। कॉपी में नाम, चिह्न या फिर पहचान लिखना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। एग्जाम कॉपी में पैसे मिलने पर आंसर शीट को सील कर दिया जाएगा। साथ ही परीक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई भी हो सकती है। बरामद राशि को सरकारी ट्रेजरी में जमा किया जाएगा। घटना की रिपोर्ट जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजी जाएगी। बोर्ड ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि एग्जाम से पहले वे सभी स्टूडेंट्स को ये सभी नियम बता दें।
उत्तर पुस्तिकाओं में चार रंगों में क्रमांक, परिषद का लोगो और UPMSP की सूक्ष्म अंकन जैसा विशेष सुरक्षा फीचर्स जोड़ा गया है, जिससे अदला-बदली रोक जा सके। इस साल पहली बार परीक्षा की ऑनलाइन मॉनीटरिंग भी की जाएगी। इसके अलावा, ‘उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024’ के तहत परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई होगी।
राज्य मंत्री गुलाब देवी ने लखनऊ में राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया। हर परीक्षा कक्ष में दो वॉयस रिकॉर्डर वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के साथ राउटर, डीवीआर और हाई-स्पीड इंटरनेट भी उपलब्ध है। परीक्षा की संपूर्ण लाइव मॉनिटरिंग वेबकास्टिंग के माध्यम से होगी। इन केन्द्रों पर एसटीएफ और स्थानीय टीम लगातार निगरानी करेगी। परीक्षा के संबंध में स्टूडेंट्स और पैरेंट्स को अगर कोई समस्या आती है तो मदद के लिए लखनऊ में राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम बनाए गए और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं- टोल-फ्री नंबर 18001806607 और 18001806608 जबकि माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के टोल-फ्री नंबर 18001805310 और 18001805312 भी सक्रिय रहेंगे। साथ ही शिकायत या सुझाव ईमेल, फेसबुक, एक्स (X) और व्हाट्सएप के माध्यम से भी भेजे जा सकते हैं। प्रयागराज मुख्यालय के साथ ही वाराणसी, मेरठ, बरेली और गोरखपुर के क्षेत्रीय कार्यालयों में भी कंट्रोल सेंटर बनाए गए हैं, जिससे परीक्षार्थियों को हर जगह मदद मिल सके।

योगी सरकार का बड़ा फैसला, लड़कियों की शादी पर अब 1 लाख का अनुदान।

◆ यूपी बजट में महिलाओं और बेटियों पर विशेष फोकस, शिक्षा, सुरक्षा और स्वावलंबन पर दिखी प्राथमिकता।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। प्रदेश की योगी सरकार ने लड़कियों की शादी कराने के लिए दिए जाने वाले अनुदान की राशि दोगुना करने की घोषणा कर दी है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस योजना को लागू किया था।
जहां यूपी के इस बजट में महिलाओं और लड़कियों पर फोकस किया गया है। जिसमें गरीब परिवार की बेटियों को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अनुदान राशि दिए जाने का प्रावधान है। अब योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में बडी राशि का प्रावधान किया है। यूपी विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सभी वर्ग की लड़कियों के विवाह के लिए अनुदान राशि बढ़ाए जाने की घोषणा की। इस योजना के तहत पहले 51,000 रुपये की राशि अनुदान के तौर पर मिलती थी। यूपी बजट 2026 में इसे बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। बजट में योजना के लिए 750 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। सीएम योगी के नेतृत्व वाली सरकार ने इस योजना के जरिए गरीब परिवारों को फोकस किया है। गरीब परिवारों में बेटी की शादी एक बड़ी चुनौती बनती है। ऐसे में अगर सरकार की ओर से एक लाख रुपये की आर्थिक मदद की जाती है तो यह उनके लिए बड़ी राहत होगी। यूपी चुनाव 2027 से पहले सभी वर्ग के लोगों के लिए बजट में किए गए इस प्रावधान से बड़े स्तर पर लोगों को जोड़ने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

बच्चों के उज्ज्वल भविष्य में अभिभावकों के साथ शिक्षकों की भूमिका अहमः महबूब अली।

बोले- जैसे भोजन से शरीर, वैसे ही शिक्षा से होता है व्यक्तित्व का निर्माण।

कहा- देश की नींव बच्चों से, शिक्षक-अभिभावक मिलकर निभाएं दायित्व।

प्रवाह ब्यूरो
अमरोहा। शनिवार को सिनौरा रोड स्थित एक स्कूल के वार्षिकोत्सव समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए अमरोहा सदर विधायक एवं उत्तर प्रदेश लोक-लेखा समिति के सभापति महबूब अली ने बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि बच्चों को संवारने और आने वाले कल के लिए तैयार करने की जितनी जिम्मेदारी अभिभावकों की है, उतनी ही जिम्मेदारी शिक्षकों की भी है। लिहाजा, हर शिक्षक निष्ठापूर्वक अपनी इस जिम्मेदारी का निर्वहन करे। उन्होंने कहा कि जैसे स्वास्थ्य निर्माण के लिए भोजन की आवश्यकता होती है, ठीक उसी प्रकार व्यक्तित्व निर्माण के लिए शिक्षा अनिवार्य है। शिक्षा ही बच्चों को संस्कार, अनुशासन और सही दिशा प्रदान करती है।
महबूब अली ने कहा कि बच्चे देश की नींव हैं और उनके सर्वांगीण विकास की जिम्मेदारी केवल अभिभावकों की ही नहीं, बल्कि शिक्षकों की भी है। शिक्षक और अभिभावक यदि मिलकर अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें, तो बच्चों का भविष्य उज्ज्वल होने के साथ ही देश का भविष्य भी मजबूत होगा। श्री अली ने सभी से बच्चों की शिक्षा और संस्कारों पर विशेष ध्यान दे, मेहनत व लगन से पढ़ाई के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि जीवन में पढ़ाई का बहुत महत्व है, इसलिए खूब मेहनत और लगन के साथ पढाई करें। बोले जीवन में आपके समक्ष बहुत सी चुनौतियां आएंगी। लेकिन, आपका दृढ़ आत्मविश्वास होना चाहिए। तभी जीवन में आने वाली बड़ी से बड़ी बाधा को पार करते हुए सफलता को हासिल किया जा सकता है। इस दौरान बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जहां प्रधानाचार्या ने भी स्कूल की वार्षिक रिपोर्ट पढकर सुनाई और बच्चों को निरंतर नवीन ज्ञानार्जन हेतु प्रेरित किया।
बता दें कि अमरोहा सदर विधायक, पूर्व मंत्री एवं उत्तर प्रदेश लोक-लेखा समिति के सभापति महबूब अली समाज सेवा के क्षेत्र में भी सदैव सक्रिय रहते हैं और बच्चों के प्रति विशेष लगाव के लिए जाने जाते हैं। वे समय-समय पर शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।

विधायक महबूब अली को पार्टी में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव का बेहद करीबी माना जाता है। राजनीतिक हो या सामाजिक कोई भी मुद्दा, वे उस पर स्पष्ट और बेबाक वक्तव्य देने के लिए न सिर्फ जनपद बल्कि पूरे प्रदेश में प्रख्यात हैं।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख जुल्फिकार अली, जिला पंचायत सदस्य हाजी मुंशाद अली, डॉ. जी नीट/जेईई क्लासेस के एमडी-सीईओ मोहम्मद आमिर, अशरफ अली, गय्यूर गाजी, हाजी बाबू, महताब अली, मोहम्मद आमिर, मास्टर अनादिल, नवाब मलिक, मोहम्मद आक्कि, साकिब अली, आसिफ अली आदि मौजूद रहे।

‘कल्कि संभल’ से फिर सुर्खियों में अमित जानी, पोस्टर किया रिलीज।

🔸 संभल में हुए दोनों दंगों पर आधारित है पूरी फिल्म की कहानी।

🔸 विजय राज और महेश मांजरेकर का पोस्टर मेंदिखा दमदार लुक।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। ‘कल्कि संभल’ से एक बार फिर अमित जानी सुर्खियों में आ गए हैं। फिल्म का पोस्टर रिलीज होते ही इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पूरी फिल्म की कहानी संभल में हुए दोनों दंगों की पृष्ठभूमि पर आधारित बताई जा रही है। पोस्टर में अभिनेता विजय राज और महेश मांजरेकर दमदार और गंभीर लुक में नजर आ रहे हैं, जिसने दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है।
तो वहीं कल्कि संभल’ का निर्देशन भी भरत एस श्रीनेत कर रहे हैं, जबकि प्रोडक्शन की जिम्मेदारी अमित जानी के पास है। अमित जानी इससे पहले अपनी फिल्म उदयपुर फाइल्स को लेकर विवादों में रहे हैं, जिस वजह से कल्कि संभल को लेकर भी बहस और चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पहला पोस्टर किरदारों की पहचान स्थापित करने के लिए रिलीज किया गया है, ताकि दर्शक कहानी से पहले किरदारों से जुड़ सकें।
अमित जानी ने स्वयं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह फिल्म साल 1978 के संभल दंगों पर आधारित है और इसे साल 2024 से जोड़कर दिखाया जाएगा। फिल्म में दो मुख्य खलनायक किरदार हैं। पहले किरदार का नाम अब्बाजान है, जिस पर साल 1978 में राजनीतिक फायदे के लिए दंगे भड़काने का आरोप लगाया गया था। इस किरदार में एक्टर महेश मांजरेकर नजर आएंगे। तो वहीं, दूसरे महत्वपूर्ण किरदार का नाम भाईजान है, जो अब्बाजान का पोता है। इस रोल में विजय राज दिखाई आएंगे, जिन पर कहानी के अनुसार 2024 में संभल में हिंसा फैलाने का आरोप दिखाया जाएगा। फिल्म में एक और अहम किरदार, संभल के एसपी कृष्ण बिश्नोई का है। इस भूमिका को एक मशहूर एक्टर अभिनेता निभा रहे हैं, लेकिन मेकर्स ने अभी उनकी पहचान गुप्त रखी है। बताया जा रहा है कि अगले पोस्टर में इस किरदार का खुलासा किया जाएगा।
फिल्म संभल के ऐतिहासिक और वर्तमान दंगों को केंद्र में रखकर सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों को उठाती दिख रही है। ऐसे में मेकर्स का दावा है कि फिल्म किरदारों की गहराई और उनकी पृष्ठभूमि पर फोकस करेगी फिल्म की रिलीज डेट और अन्य डिटेल्स जल्द ही अनाउंस होने की उम्मीद है।

प्रदेश के वार्षिक कैलेंडर में छाए संभल के दो प्रमुख स्थल।

◆ प्राचीन श्री कल्कि विष्णु मंदिर व पीएम श्री स्कूल को मिली जगह।

सूचना विभाग उत्तर प्रदेश ने जारी किया 2026 का वार्षिक कैलेंडर।

नेतृत्व की मिसाल बनी डीएम की पहल, संभल में 16 पीएम श्री विद्यालयों की बदली तस्वीर।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। सूचना विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा जारी किए गए 2026 के वार्षिक कैलेंडर में संभल जनपद को विशेष पहचान मिली है। प्रदेश स्तर पर प्रकाशित इस प्रतिष्ठित कैलेंडर में संभल के दो प्रमुख स्थलों को स्थान दिया गया है, जिनमें प्राचीन श्री कल्कि विष्णु मंदिर और जनपद के आटा स्थित पीएम श्री विद्यालय शामिल हैं। इस कैलेंडर में प्रकाशित कुल 24 स्थान में से संभल के दो स्थलों को जगह मिलना जनपद के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा 2026 का वार्षिक कैलेंडर जारी किया गया है। जिसे शासन के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी किया गया है, जिसमें संभल जनपद के दो स्थानों में एक शिक्षा के मंदिर तो एक धार्मिक आस्था वाले मंदिर को जगह मिली है।
सूचना विभाग द्वारा जारी किए गए वार्षिक कैलेंडर में दोनों स्थानों की कार्यकारिणी को दर्शाया गया है तथा जिन्हें अपनी विशेष पहचान के साथ उजागर किया गया है।
संभल के जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया के नेतृत्व में बीते दिनों जनपद में 16 पीएम श्री विद्यालयों का निर्माण कराया।
जिनका उद्देश्य आधुनिक डिजिटल युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बच्चों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना, आधुनिक व्यवस्थाओं के अनुरूप शिक्षा प्रणाली को सशक्त बनाना तथा विद्यालयों के समग्र कायाकल्प को मजबूत और सुदृढ़ करना था।
जिससे शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार हुआ और विद्यालयों की तस्वीर पूरी तरह बदल गई।

निजी स्कूलों से भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी द्वारा जनपद में 16 पीएम श्री विद्यालयों का निर्माण कराया गया, जिसकी बदौलत उनकी सतत मेहनत और दूरदर्शी सोच अब धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगी है।
यहां के स्कलों में हर विद्यार्थी समुचित गणवेश (प्रॉपर ड्रेस) में उपस्थित होने के साथ-साथ हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में भी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन विद्यालयों में एजुकेशन पार्क, साइंस की आधुनिक लैब, भोजनालय, औषधीय वाटिका के साथ ही हरिश्चंद्र सभागार भी आकर्षण का केंद्र हैं। जिसके चलते ही अब इन विद्यालयों में बच्चों का तेजी से दाखिला हो रहा है। यहां के दिव्यांगों के लिए की गई प्रेरक व्यवस्था के लिए सीएम योगी द्वारा डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया को सम्मानित भी किया गया।

बनिया खेड़ा विकासखंड के आटा स्थित पीएम श्री विद्यालय की कायाकल्प पूरी तरह से बेहतर सुविधाएं प्रदान करते हुए बेहतर शिक्षा प्रणाली को दर्शा रही है। अपनी इसी पहचान के साथ उसे शासन द्वारा जारी किए गए वार्षिक कैलेंडर में जगह मिली है।
इसके अलावा जनपद के संभल स्थित प्राचीन श्री कल्कि विष्णु मंदिर को भी जारी किए गए वार्षिक कैलेंडर में दर्शाया गया है। प्राचीन श्री कल्कि विष्णु मंदिर धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। जनपद के इस प्राचीन कल्कि मंदिर का जीर्णोद्धार अहिल्याबाई होल्कर द्वारा कराया गया था। अयोध्या की तर्ज पर यहां भी 24 कोसी परिक्रमा मार्ग बनाने की तैयारी की जा रही है। यह मार्ग ही संभल की पहचान बनेगी। इसके जरिए श्रद्धालु 68 तीर्थों का भ्रमण कर सकेंगे। जल्द ही इस परिक्रमा मार्ग का निर्माण लोक निर्माण विभाग पूरा कराया जायेगा।
अब इसे प्रदेश के वार्षिक कैलेंडर में शामिल किए जाने से न केवल इसकी ऐतिहासिक महत्ता को मान्यता मिली है, बल्कि इससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

वहीं दूसरी ओर, जनपद के आटा स्थित पीएम श्री विद्यालय को कैलेंडर में स्थान मिलना जनपद में शिक्षा के क्षेत्र में हुए सकारात्मक बदलावों को दर्शाता है। यह उपलब्धि संभल जिलाधिकारी डा. राजेंद्र पैंसिया के नेतृत्व और सतत प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है। डीएम की पहल और निगरानी में जनपद के 16 पीएम श्री विद्यालयों की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। इन विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विकास, स्मार्ट कक्षाएं, स्वच्छ परिसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था और छात्रों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। शिक्षा सुधार की यह पहल अब प्रदेश स्तर पर उदाहरण बनकर उभरी है, जिसका प्रमाण सूचना विभाग के वार्षिक कैलेंडर में पीएम श्री स्कूल को मिली जगह से स्पष्ट होता है। जनपद के अधिकारियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई है।
“आपकी समस्या का अंतिम पड़ाव” स्लोगन को सार्थक करते हुए संभल के जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया आमजनमानस में न केवल अपने उत्कृष्ट और संवेदनशील व्यवहार के लिए पहचाने जाते हैं, बल्कि जनपद के सर्वांगीण उत्थान के लिए किए गए उनके नवाचारों ने संभल को प्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी एक नई पहचान दिलाई है। उनकी कार्यशैली, जनहितैषी निर्णय और प्रभावी प्रशासन ने जिले को विकास की नई दिशा दी है।

कुल मिलाकर, 2026 के प्रदेशीय वार्षिक कैलेंडर में संभल के इन दो स्थलों का चयन जनपद की धार्मिक विरासत और शैक्षिक प्रगति दोनों को एक साथ दर्शाता है, जहां सूचना एवं जन संपर्क विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा राज्य के 24 प्रमुख स्थानों को वार्षिक कैलेंडर में शामिल किया गया है वहां अकेले संभल जनपद के दो स्थानों को जगह मिलना संभल के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।

दैनिक प्रवाह के लिए डा. गौरव उन्मुक्त की रिपोर्ट…

यूपी पंचायत चुनाव पर सस्पेंस खत्म? मंत्री ओपी राजभर के बयान ने दिया बड़ा इशारा।

बोले- SIR पूरा होते ही चुनावी तारीखों का होगा औपचारिक ऐलान।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। यूपी के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा इशारा दिया है। राजभर के बयान के बाद पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों और आम जनता को चुनाव टलने की आसार वाली चिंता से मुक्ति मिल गई है।
उन्होंने स्पष्ट कहा है कि प्रदेश में पंचायत चुनाव तय समय पर ही कराए जाएंगे। सुल्तानपुर दौरे के दौरान जब पत्रकारों ने उनसे पंचायत चुनाव को लेकर सवाल पूछा, तो उन्होंने पूरे भरोसे के साथ कहा कि पंचायत चुनाव में किसी तरह की देरी नहीं होगी।
सरकार पूरी तैयारी के साथ पंचायत चुनाव कराने जा रही है। आने वाले दिनों में चुनाव को लेकर औपचारिक घोषणाएं भी हो सकती हैं।
इस विषय पर राजभर ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से पंचायत चुनाव को लेकर विस्तार से चर्चा की है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि फिलहाल प्रदेश के अधिकारी और कर्मचारी ‘एसआईआर’ कार्यक्रम में लगे हुए हैं। जैसे ही यह काम पूरा होगा, पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
राजभर के अनुसार SIR का काम 6 फरवरी तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद प्रशासन पूरी तरह से पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुट जाएगा। उन्होंने कहा कि SIR पूरा होते ही चुनाव की तारीखों को लेकर औपचारिक ऐलान कर दिया जाएगा।
बता दें कि पिछले कुछ समय से पंचायत चुनाव को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। कहीं कहा जा रहा था कि चुनाव टल सकते हैं, तो कहीं तारीख आगे बढ़ने की बातें हो रही थीं। ओम प्रकाश राजभर के इस बयान के बाद इन अटकलों पर विराम लग गया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकार संविधान और नियमों के अनुसार ससमय चुनाव कराएगी।