यूपी में शीतलहर के चलते 5 जनवरी तक 12वीं तक के स्कूल बंद।

◆ भीषण ठंड के बीच सीएम योगी ने लिया अहम निर्णय।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। प्रदेश में लगातार बढ़ रही शीतलहर और भीषण ठंड को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लिया है। जिसके तहत समस्त प्रकार के माध्यमिक विद्यालयों को 5 जनवरी तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।
तेजी से गिरते तापमान और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि आदेश का सख्ती से पालन कराया जाए। ठंड से बचाव को लेकर लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की गई है।

जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि बहुत ज्यादा ठंड के समय में स्टूडेंट्स घर से अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए सुरक्षित रहें। मौसम ठीक रहने पर 6 जनवरी से स्कूल फिर से खुलने की उम्मीद है। वहीं, अभिभावकों और छात्रों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।
यह फैसला तब आया है जब कई जिलों में तापमान रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। इसी कारण अधिकारियों को छात्रों और निवासियों की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाने पड़े हैं।
सीएम योगी ने अधिकारियों को सतर्क रहने के साथ फील्ड इंस्पेक्शन करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को कहा गया है कि वे सभी जिलों में कंबल और अलाव आदि का इंतजाम करें। जिससे ठंड से बचाव मिल सके। साथ ही कहा है कि कोई भी व्यक्ति खुले में ना सोए इसके लिए अधिकारियों को नाइट शेल्टर में सभी सुविधाएं सुनिश्चित करनी चाहिए। अधिकारियों को सभी नाइट शेल्टर में पूरी व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। जिससे रहने वालों को खाना और बेसिक सुविधाएं मिल सकें।
सीएम योगी ने जोर दिया कि सभी अधिकारी एक्टिव रहें। रेगुलर तौर पर जिलों का इंस्पेक्शन करें। साथ ही कोल्ड वेव की तैयारियों को लेकर रिपोर्ट दें। इन उपायों में नाइट शेल्टर बनाए रखना, कंबल और अलाव के लिए फ्यूल की सप्लाई पक्का करना, और लोगों को रात में बाहर रहने से रोकने के लिए लोकल अधिकारियों के साथ कॉर्डिनेटर करना शामिल है। इस दौरान लोगों से अपील की गई है कि वे ऑफिशियल गाइडलाइंस का पालन करें।

साल 2026 में 112 दिन अवकाश, 238 दिन होगी पढ़ाई।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने मंगलवार को जारी किया नया अवकाश कैलेंडर।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डा. महेंद्र देव ने वर्ष 2026 के लिए नया अवकाश कैलेंडर मंगलवार को जारी कर दिया। इसके मुताबिक प्रदेश के राजकीय माध्यमिक स्कूलों में नए कैलेंडर वर्ष में 365 में 238 दिन पढ़ाई होगी और 112 दिन त्योहारों, रविवार व अन्य अवकाश रहेगा। जबकि बोर्ड की परीक्षा 15 दिन होगी।
अवकाश कैलेंडर में ग्रीष्मावकाश, त्योहारों एवं अन्य सार्वजनिक अवकाशों को शामिल किया गया है। निदेशक ने स्पष्ट किया है कि विद्यालयों में निर्धारित शैक्षणिक दिवसों का कड़ाई से पालन किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
कैलेंडर जारी होने के साथ ही सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों और विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि वे शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन नए कैलेंडर के अनुसार सुनिश्चित करें। नए अवकाश कैलेंडर से विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को वर्ष भर की शैक्षणिक योजना बनाने में सुविधा मिलेगी।


विशेष परिस्थितियों में स्थानीय आवश्यकता के अनुसार प्रधानाचार्य विवेकाधीन की तीन छुट्टी कर सकेंगे। विवाहित शिक्षिकाओं को करवा चौथ की छुट्टी मिलेगी। क्षेत्र विशेष में हरि तालिका तीज या हरियाली तीज, संकठा चतुर्थी, हलषष्ठी, अहोई अष्टमी का व्रत रखने वाली शिक्षिकाओं को प्रार्थना पत्र के आधार पर प्रधानाध्यापक या प्रधानाचार्य स्तर से कोई दो छुट्टी दी जाएगी। डीएम के निर्देश पर स्थानीय अवकाश दिए जाएंगे। जबकि जारी कैलेंडर के अनुसार वर्ष 2026 में माध्यमिक विद्यालयों में कुल 112 दिन अवकाश रहेगा व 238 दिन शैक्षणिक कार्य संचालित किया जाएगा।

मेहनत की जीत: राजस्थान के IPS बेटे का यूपी में जलवा, सीएम योगी ने किया सम्मान।

वरिष्ठ अधिकारी सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने दिया ‘उत्कृष्ट सेवा अलंकरण’।

कुशल नेतृत्व और सख्त कार्रवाई से हमेशा सुर्खियों में रहते हैं संभल एसपी कृष्ण बिश्नोई।

सम्मान के मंच पर संस्कारों की झलक, कृष्ण बिश्नोई ने माता-पिता को सीएम योगी से मिलवाया।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। रविवार को प्रदेश की कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई को वरिष्ठ अधिकारी सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा अलंकरण’ से सम्मानित किया।
बता दें कि राजस्थान राज्य के धोरीमन्ना निवासी युवा आइपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई ने पुलिस में अपनी कार्यकुशलता, नेतृत्व क्षमता से प्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर बाड़मेर जिले का नाम रोशन किया है। कृष्ण बिश्नोई ने महज 24 वर्ष की आयु में यूपीएससी में 174वीं रैंक से आइपीएस बनकर इतिहास रचा। सेवा के शुरुआती वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में तैनाती के दौरान उन्होंने कुख्यात अपराधियों पर सख्त कार्रवाई कर आठ सौ करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति जब्त कराई, तदोपरांत वे चर्चाओं में आए।

जिसकी चलते ही अब यूपी के संभल जिले के पुलिस अधीक्षक के रूप में उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें पुलिस मंथन-2025 सम्मेलन में बेस्ट पुलिस अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदान किया।
राजस्थान मूल के आईपीएस अधिकारी कृष्ण कुमार बिश्नोई अपने कार्यकाल के दौरान अपराध नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई, संवेदनशील मामलों में संतुलित निर्णय और जनसुनवाई के लिए लगातार चर्चा में रहे हैं। संभल जैसे संवेदनशील जिले में उनकी सख्त कार्यशैली और टीमवर्क के चलते कई बड़ी सफलताएं दर्ज की गईं। एसपी कृष्ण बिश्नोई की कुशल नेतृत्व क्षमता, सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई तथा प्रभावी पुलिसिंग जनपद के साथ-साथ प्रदेश की प्रशासनिक भी व्यवस्था की रीढ़ है। क्योंकि संभल जैसी संवेदनशील जनपद में उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखा और जनता में पुलिस के प्रति भरोसा कायम किया।
संभल में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान कानून-व्यवस्था को सधे हुए ढंग से संभालने के साथ-साथ आइपीएस कृष्ण बिश्नोई ने एक वर्ष के भीतर 100 करोड़ रुपए से अधिक की बीमा और वित्तीय धोखाधड़ी का पर्दाफाश कर अपराध के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया। इस गिरोह के 17 मामलों में 68 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यह संगठित गिरोह वर्षों से देशभर में मरणासन्न अथवा मृत व्यक्तियों के नाम पर फर्जी बीमा पॉलिसी, बैंक खाते और फाइनेंस के जरिए करोड़ों की ठगी कर रहा था। जांच में हत्या तक कराने और मृतकों के नाम पर फर्जी ट्रैक्टर फाइनेंस कराने जैसे गंभीर आरोप भी सामने आए। संभल पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद यूआइडीएआई ने आधार संशोधन प्रक्रियाओं में देशव्यापी सुधार किए। साथ ही यूपी पुलिस द्वारा आयोजित इंश्योरेंस कॉन्क्लेव में 50 से अधिक बीमा कंपनियों के साथ नीतिगत सुधारों पर मंथन हुआ, जिससे उत्तर प्रदेश पुलिस की राष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक छवि बनी।
सम्मान मिलने पर एसपी कृष्ण बिश्नोई ने इसे पूरी पुलिस टीम की मेहनत का परिणाम बताते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना ही उनका सर्वोच्च लक्ष्य है। इस उपलब्धि पर जिले के प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस कर्मियों और जनप्रतिनिधियों ने भी उन्हें बधाई दी।
अवगत रहे कि कृष्ण बिश्नोई एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता सुजानाराम बिश्नोई किसान हैं। कृष्ण की प्रारंभिक शिक्षा बाड़मेर के गांव में ही हुई। उनकी मेहनत और प्रतिभा का ही परिणाम है कि फ्रांस सरकार ने उन्हें शिक्षा के लिए 40 लाख रुपए की अंतरराष्ट्रीय स्कॉलरशिप भी प्रदान की थी। पुलिस सम्मान अवार्ड के दौरान कृष्ण बिश्नोई अपने माता-पिता को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलवाया। जहां मुख्यमंत्री ने उनके कार्यों की भी सराहना की।

दैनिक प्रवाह के लिए संभल से ‘गौरव उन्मुक्त’ की रिपोर्ट

यूपी शिक्षा व्यवस्था में नया नियम: प्रार्थना के बाद अब न्यूज पेपर पढ़ना अनिवार्य।

छात्रों के बौद्धिक विकास की पहल, समसामयिक ज्ञान पर फोकस।

अपर मुख्य सचिव का पत्र जारी, रोजाना दस मिनट होगा समाचार वाचन।

आदेश के बाद कक्षा 6 से 12 तक के स्कूलों में अनिवार्य हुई अखबारों की उपलब्धता।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अब स्कूलों में नया नियम लागू कर दिया गया है। इस नियम के तहत अब सभी सरकारी एवं माध्यमिक स्कूलों में प्रार्थना के बाद अखबार पढ़ना अनिवार्य कर दिया है। प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में छात्रों के बौद्धिक विकास और समसामयिक ज्ञान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इसे लागू किया गया है। अब प्रदेश के स्कूलों में प्रार्थना सभा के बाद प्रतिदिन विद्यार्थियों को समाचार पत्र पढ़ना अनिवार्य होगा।
इस संबंध में अपर मुख्य सचिव पार्थ शर्मा द्वारा सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। आदेश के अनुसार कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए रोजाना कम से कम दस मिनट का समाचार वाचन कराया जाएगा, जिससे छात्रों में पढ़ने की रुचि बढ़े और वे देश-दुनिया की गतिविधियों से अपडेट रहें।
नई व्यवस्था के तहत स्कूलों में हिंन्दी एवं अंग्रजी के अखबारों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करना अनिवार्य किया गया है। शिक्षक छात्रों को महत्वपूर्ण खबरों की व्याख्या भी करेंगे, ताकि विद्यार्थी समाचारों को समझ सकें और उन पर विचार कर सकें।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस पहल से विद्यार्थियों की भाषा क्षमता, विश्लेषणात्मक सोच और सामान्य ज्ञान में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा। इसका उद्देश्य शिक्षा को बेहतर बनाना, पढ़ने की आदत को विकसित करने के साथ ही सामान्य ज्ञान को बेहतर करना है। छात्रों में पढ़ने की आदत विकसित करने, मोबाइल और स्क्रीन टाइम कम करने के साथ-साथ तार्किक और आलोचनात्मक सोच को मजबूत करने के उद्देश्य से अखबार पढ़ना अनिवार्य किया गया है। आदेश के अनुसार, स्कूलों में हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं के अखबार उपलब्ध कराए जाएंगे और इन्हें स्कूल की दैनिक गतिविधियों का हिस्सा बनाया जाएगा।
बच्चों में लगातार बढ़ते स्क्रीन टाइम को कम करने के लिए यह फैसला बेहद अहम माना जा रहा है। स्कूलों में दोनों हिंदी और इंग्लिश भाषाओं के अखबार दिए जाएंगे। इस पहल के जरिये बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर, हर क्षेत्र से जोड़ना है।
यूपी बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से बताया गया कि इस पहल से न सिर्फ बच्चों की वोकैबलरी मजबूत होगी बल्कि उन्हें रोजाना नए-नए शब्द सीखने का मौका मिलेगा।
विभाग की ओर से जारी नियम के अनुसार अब स्कूलों में हिंदी और इंग्लिश में न्यूज पेपर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसका मतलब है कि सरकारी पैसे से ही अखबार खरीदे जाएंगे। पेपर पढ़ने के बाद से बच्चों से बड़ी खबरों के बारे में पूछा जाएगा। इसके साथ ही उन्हें 5 शब्द भी बताने होंगे, जो उन्होंने न्यूज पेपर से सीखे हैं।
जारी आदेश में इस बात का भी जिक्र है कि अखबारों में मौजूद सुडोकू, क्रॉसवर्ड और शब्द पहेलियां भी छात्रों की सोच को विकसित करेंगी और उन्हें तर्क करने में मदद करेगी। इससे उनके मन में कई सवाल पैदा होंगे। अपर मुख्य सचिव पार्थ शर्मा ने बताया कि अलग-अलग सब्जेक्ट के आर्टिकल को पढ़ने से छात्रों में आलोचनात्मक सोच विकसित होगी। जिससे वह सही व गलत खबर के बीच फर्क पहचान पाएंगे।

संभल में ‘मुस्कान कांड’ जैसी दरिंदगी ! रूबी ने पति राहुल को उतारा मौत के घाट।

प्रेमी के साथ मिलकर की अपने पति की हत्या, ग्लांइडर से काटा शव।

गर्दन व पैर को राजघाट गंगा तो बीच के हिस्से को दूसरे बैग में भरकर नाले में फेंका।

पत्नी रूबी और उसके प्रेमी को पुलिस ने किया गिरफ्तार।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। जहां पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की पहले हत्या की और फिर उसके शव को ग्लाइडर मशीन से काटकर गर्दन व हाथ पैर को अलग करके एक पिन्नी में लपेटकर बैग में भर लिया तथा दूसरे बैग में शव के अन्य अंगों को भरकर हाथ पैर गर्दन वाले बैग को राजघाट गंगा में बहा दिया वहीं दूसरे बैग को एक नाले में डाल दिया। और खून के छींटे वाले अपने कपड़ों को जला दिया।
जहां पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पूरा मामला संभल के चंदौसी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला चुन्नी निवासी महिला रूबी ने अपने पति के गुमशुदगी होने की रिपोर्ट बीते 18 नवंबर को दर्ज कराई थी।
विवेचना के दौरान पूछताछ में सामने आया कि रूबी के पति राहुल की हत्या उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर की थी।
जहां पुलिस ने आरोपी महिला रूबी और मोहल्ले के ही उसके के प्रेमी गौरव पुत्र जसवंत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

पहले हत्या की और फिर शव को ग्लाइडर मशीन से काट किए कई टुकड़े।

गिरफ्तारी के दौरान उन्होंने पूछताछ में बताया कि मृतक की पत्नी रूबी और उसके प्रेमी गौरव के अवैध संबंध थे। दोनों को शारीरिक संबंध बनाते हुए उसके पति ने देख लिया था। बीते 18 नवंबर को इस दौरान मारपीट करते हुए महिला के प्रेमी ने लोहे की रोड से हमला करते हुए राहुल को घायल कर दिया और उसकी पत्नी ने लोहे के कठोर उपकरण से हमला करते हुए दोनों ने मिलकर राहुल को जान से मार दिया था।
शव को छुपाने के लिए अगले दिन उन्होंने बाजार से दो बैग खरीदे और एक पिन्नी ली। महिला का प्रेमी जीतू मिस्त्री से ग्लाइडर मशीन लेकर आया और पहले ग्लाइडर से गर्दन को अलग किया और उसके बाद दोनों पैर काटे और एक पिन्नी में लपेटकर बैग में भर लिए।
शव के शेष अंगों को दूसरे बैग में एक पिन्नी में लपेटकर भर लिया।
मृतक की पत्नी रूबी ने ही ग्लाइडर से राहुल की गर्दन अलग की और उसके पर अलग किए थे।
गर्दन और उसके पैर तथा राहुल के मोबाइल को एक बैग में पैक करते हुए राजघाट किराए की गाड़ी में बैठकर गंगा में बहा दिया जबकि दूसरे बैग को पतरौआ रोड ईदगाह के पास नाले में फेंक दिया। राहुल का लोअर तथा रूबी और गौरव ने अपने खून में सने हुए कपड़े मोहल्ले के पीछे आलम के घर के सामने सूनसान जगह पर जाकर जला दिए और ग्लाइडर मशीन को किसी पास की ही झाड़ियों में छुपा दिया।
गौरव की निशानदेही से पुलिस ने ग्लाइडर को बरामद कर लिया तथा पत्नी द्वारा अपने पति पर हमला करने वाले जूते ठोकने वाली लोहे के उपकरण को भी बरामद कर लिया। साथ ही पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

फिल्मी अंदाज में आए लुटेरे, असल जिंदगी में चढ़े भीड के हत्थे।

पेश की बहादुरी की मिसाल, पीछे से पकड़ छीने तमंचे, फिर बरसाईं अंधाधुंध लाठियां।

ज्वेलरी शॉप लूट तमंचा दिखा भाग रहे थे बदमाश, एक के हाथ में जेवर भरा बोरा तो दूसरे ने थाम रखा था रूपयों से भरा बैग।

प्रवाह ब्यूरो
बदायूं। थाना उघैती क्षेत्र के खितौरा में ज्वेलरी शॉप में तमंचे के बल पर लूट को अंजाम देकर भाग रहे बदमाशों की योजना उस वक्त धरी रह गई, जब व्यापारियों एवं ग्रामीणों की भीड़ ने बहादुरी की मिसाल पेश कर दी। पीछे से दबोचकर एक बदमाश से तमंचा छीना गया, वहीं दूसरे को भी भागने का मौका नहीं मिला।
एक बदमाश के हाथ में जेवरों से भरा बोरा था तो दूसरे ने रुपयों से भरा बैग थाम रखा था जबकि तीसरा बाइक दौडाने की फिराक में उस पर बैठा हुआ था, लेकिन भीड़ के हौसले के आगे दोनों बेबस नजर आए। तमंचा छिनते ही भीड़ का गुस्सा फूट पड़ा और लुटेरों पर अंधाधुंध लाठियां बरसाईं गईं।
फिल्मी स्टाइल में आई वारदात का अंत आम लोगों की हिम्मत और सतर्कता से हुआ, जिसने न सिर्फ लूट को नाकाम किया बल्कि बदमाशों को पुलिस के हवाले करने का रास्ता भी साफ कर दिया।

बता दें कि गांव खितौरा स्थित मुख्य बाजार में लालाराम रस्तोगी की दुकान से जेवर और रुपये लूटने की पूरी घटना फिल्मी स्टाइल में हुई। लूटपाट के बाद बदमाश तमंचा लहराते हुए बाइक पर सवार होने लगे। एक बदमाश के दोनों हाथों में तमंचे थे। एक के हाथ में लूटे हुए जेवर व रुपये से भरा बैग था। तीसरा बाइक चलाने लगा।
इसी दौरान पड़ोसी दुकानदार रवि भारद्वाज ने साहस दिखाया और बाइक पर पीछे बैठे बदमाश को दबोचकर शोर भी मचा दिया।
इसके बाद जुटे लोगों ने लाठियां बरसानी शुरू कर दीं।
लोगों से लुटेरे के घिरने के दौरान सराफ लालाराम ने लूटे गए आभूषणों को समेटा और दुकान के भीतर रख दिया। उसके बाद सैकड़ों की भीड़ बदमाशों को पीटने में लग गई। जहां उन्हें इतना पीटा की दो के सिर फट गए।
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय ग्रामीण एवं व्यापारी प्रभारी निरीक्षक को बुलाने की मांग पर अड़ गए।
शोर शराबे के बीच भीड़ बढ़ती गई। इसी दौरान पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। ग्रामीण पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। उधर, बदमाश ग्रामीणों की पिटाई से खून से लथपथ हो गए। खून ज्यादा बहता देखकर ग्रामीणों ने पीटना बंद कर दिया।
आरोप है कि इस दौरान एक सिपाही एवं दारोगा ने व्यापारियों से घायल बदमाशों को अस्पताल पहुंचाने की बात कह दी। इसके बाद लोग भड़क उठे। काफी देर समझाने के बाद लोग शांत हुए। करीब दो घंटे के हंगामे को शांत कराकर पुलिस बदमाशों को साथ ले गई।
मारपीट के बाद जब बदमाश बदहवास हो गए तो ग्रामीणों ने उनके हाथ पांव बांध लिए थे। पुलिस बमुश्किल बदमाशों को ग्रामीणों के चंगुल से थाने ले जा सकी। पुलिस ने जब कड़ाई से तीनों बदमाशों से पूछताछ की तो उन्होंने अपने नाम उधैती थाना क्षेत्र के गांव स्वरूपपुर निवासी सचिन पुत्र स्वराज, बिसौली कोतवाली के गांव परसिया निवासी अंकित पुत्र धनवीर एवं आंवला कोतवाली के गांव राजपुर खुर्द निवासी प्रदीप पुत्र सुरेश बताया है। व्यापारियों व ग्रामीणों की पिटाई से बदमाश गंभीर रूप से घायल बताये जा रहें हैं। सीएचसी से तीनों बदमाशों को पुलिस अभिरक्षा में जिला अस्पताल रेफर किया गया है। जहां आईसीयू में भर्ती तीनों बदमाशों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
अवगत रहे कि विगत एक महीने में बदमाशों ने सर्राफा व्यापारियों को चौथी बार निशाना बनाया है। इससे पहले बदमाश सदर कोतवाली मूसाझाग क्षेत्र से सर्राफा व्यापारी से लूट की घटना को अंजाम दे चुके हैं जबकि उघैती में विगत 23 नवंबर को शिवकांत शर्मा की दुकान से डेढ़ सौ ग्राम के जेवन चोरी होने के बाद निरंतर दूसरी घटना होने से व्यापारियों में दहशत का माहौल है।
जिस पर एसपी देहात हृदय से कठेरिया ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया है और सीसीटीवी रिकॉर्ड के जरिए पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
उक्त संबंध में में एसपी ग्रामीण ह्रदेश कठेरिया ने बताया कि उघैती थाना क्षेत्र के खितौरा गांव में एक सर्राफा दुकान में बदमाशों ने घुसकर लूटपाट की। जहां मौके पर तीन बदमाशों को व्यापारियों व ग्रामीणों ने पकड़ लिया। घटना के समय तीन बदमाश ही शामिल पाए गए हैं। चौथे बदमाश के बारे में सीसी फुटेज से जानकारी की जा रही है। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

■ दैनिक प्रवाह के लिए बदायूं से हिमालय शर्मा की रिपोर्ट

ठिठुरन ने बढ़ाई मुश्किलें, संभल में आगामी तीन दिन तक बंद रहेंगे स्कूल।

भीषण ठंड और कोहरे के कारण जिलाधिकारी ने जारी क‍िया आदेश।

मासूम अंदाज में  ‘डीएम अंकल, से बच्चे भी कर रहे थे छुट्टी की मांग।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। जनपद में लगातार बढ़ रही कड़ाके की ठंड और शीतलहर के चलते आम जनजीवन प्रभावित हो गया है। ठिठुरन भरी सर्दी को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन बड़ा निर्णय लिया है। जहां विपरीत मौसम और बढ़ती ठंड के बीच संभल जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने जिले के सभी विद्यालयों में दो दिन का अवकाश घोषित किया है। छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संभल जनपद में डीएम ने 19 और 20 दिसंबर को नर्सरी से कक्षा 12वीं तक संचालित सभी परिषदीय, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। ठंड के कारण खासतौर पर छोटे बच्चों को हो रही परेशानियों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। प्रशासन ने विद्यालय प्रबंधन और अभिभावकों से अपील की है कि वे आदेशों का सख्ती से पालन करें।

वहीं, मौसम विभाग के अनुसार अभी ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं और तापमान में और गिरावट हो सकती है। ठंड के चलते लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। प्रशासन द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था भी की जा रही है।
जनपद में पिछली चार दिन तक घना कोहरा छाया छाया रहा जो बृहस्पतिवार को कुछ छटा किन्तु ठंडी हवा ने और ठिठुरन बढ़ा दी। बुधवार के मुकाबले बृहस्पतिवार को एक डिग्री तापमान ज्यादा दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 10 और अधिकतम तापमान 22 डिग्री दर्ज हुआ। यही बजे रही कि सर्दी को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने जनपद के सभी बोर्ड के कक्षा 12 तक के स्कूल 19 एवं 20 दिसंबर को बंद रखने के आदेश दिए हैं जबकि 21 दिसंबर को रविवार होने के चलते समस्त स्कूल स्वत: बंद रहेंगे। कपकपाते हुए स्कूल जाते उन सभी बच्चों के लिए आगामी तीन दिन की ये छुट्टी एक राहत की खबर लेकर आई हैं।
दिसंबर के दूसरे सप्ताह से लगातार सर्दी बढ़ रही है। चार दिन तक घने कोहरे ने रात और सुबह का सफर मुश्किल से भरा कर दिया। दृश्यता शून्य हो गई और रात के समय वाहनों की आवाजाही पर ब्रेक लग गया। जो वाहन जरूरी सामान लेकर आगे बढ़े वह रेंगते हुए दिखाई दिए। बृहस्पतिवार को घने कोहरे से तो राहत मिली लेकिन सर्दी का सितम जारी रहा। जो लोग घरों से बाहर निकले वह ठिठुरते हुए दिखाई दिए। अलाव पर सर्दी से राहत पाई या वह ऐसी जगह खड़े हुए जहां सीधी हवा न लगे।
पिछले कुछ दिनों से जिलाधिकारी को बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों के संदेश आ रहे थे। बच्चे ने मासूम अंदाज में ‘डीएम अंकल, छुट्टी कर दीजिए’ कहते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से अवकाश की मांग  कर रहे थे। जहां ठंड और मौसम की स्थिति को देखते हुए डीएम संभल द्वारा अब यह निर्णय लिया गया है।

यूपी में होमगार्ड की भर्ती शुरू, 10वीं पास के लिए मौका।

जानें अभ्यर्थी की योग्यता से लेकर आवेदन तक की सभी डिटेल्स।

◆ कुल 41,424 पदों के साथ कानपुर में सबसे ज्यादा तो भदोही में सबसे कम पदों पर होगी भर्ती।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। योगी सरकार ने प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए होमगार्ड्स की व्यापक भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। जहां पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने मंगलवार से 41,424 रिक्त पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन स्वीकार करना शुरू कर दिया है। आवेदन की अंतिम तिथि 17 दिसंबर निर्धारित की गई है।

भर्ती बोर्ड के अनुसार आवेदन करने से पहले वन टाइम रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य बनाया गया है। इस प्रक्रिया की शुरुआत 3 नवंबर को ही की जा चुकी थी और तब से अब तक एक लाख से अधिक अभ्यर्थी रजिस्ट्रेशन भी कर चुके हैं।
जारी किए नोटिफिकेशन के अनुसार होमगार्ड्स अभ्यर्थियों के लिए सबसे अधिक पद कानपुर में जबकि सबसे कम पद भदोही में हैं।
प्रदेश में होमगार्ड स्वयंसेवकों के 1.18 लाख पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में 73 हजार कार्यरत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विगत जून माह में ही होमगार्ड भर्ती करने का निर्देश दिया था।
इस अधिसूचना में कुल 41,424 होमगार्ड पदों की घोषणा की गई है। जहां 10वीं पास पुरुष और महिला उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in  पर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरकर जमा कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 18 नवंबर 2025 से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार 17 दिसंबर 2025 तक आवेदन कर सकते हैं। ध्यान रहे, आवेदन करने से पहले ओटीआर (वन-टाइम रजिस्ट्रेशन) कराना अनिवार्य है।
शैक्षिक योग्यता के लिए अभ्यर्थी ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं कक्षा या उसके समकक्ष परीक्षा पास की हो। साथ ही
उम्मीदवार की आयु 18 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए। यानी अभ्यर्थी का जन्म 01 जुलाई 1995 से पहले नहीं और 01 जुलाई 2007 के बाद का नहीं होना चाहिए।

आवेदन के समय हाई स्कूल की मार्कशीट या प्रमाणपत्र अपलोड करना आवश्यक है, ताकि शैक्षणिक योग्यता की पुष्टि की जा सके। सामान्य, ईडब्ल्यूएस व अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आवेदन शुल्क 400 रुपए निर्धारित किया गया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लोगों को केवल 300 रुपए जमा करने होंगे।
शासनादेश के अनुसार, लिखित परीक्षा 100 नंबरों की होगी। इसमें ऑब्जेक्टिव सवाल पूछे जाएंगे। 2 घंटे की परीक्षा होगी। परीक्षा का पाठ्यक्रम उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड तय करेगा।
फिजिकल परीक्षा पास करने के लिए पुरुषों को 28 मिनट में 4.8 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी। जबकि महिलाओं को 16 मिनट में 2.4 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी।

अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर जिलावार मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। जिले में उपलब्ध रिक्तियों के दृष्टिगत पर्याप्त संख्या में अभ्यर्थियों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट ​​​के लिए बुलाया जाएगा। डीवीपीएसटी के लिए जिले स्तर पर डीएम या डीएम की ओर से नामित किसी डिप्टी कलेक्टर की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की जाएगी। इसमें एसपी या एसपी की ओर से नामित कोई डिप्टी एसपी सदस्य होगा। इसके अलावा जिला विद्यालय निरीक्षक व सीएमओ या उनकी ओर से नामित राजपत्रित अधिकारी व चिकित्साधिकारी सदस्य होगा।
भर्ती में सरकारी नियमों के अनुसार महिलाओं को 20 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रितों को 2 फीसदी, भूतपूर्व सैनिक को 5 फीसदी आरक्षण का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा यूपी होमगार्ड भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को वह सभी पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी जो आधिकारिक नोटिफिकेशन में दी गई हैं।

चार्टेड प्लेन में विधायक ब्रजेश यादव को साथ ले गए अखिलेश यादव।

कार्यकर्ताओं में विधायक ब्रजेश यादव को मजबूत बनाने की खुशी।

जनहित कार्यों में सक्रिय रहने के साथ-साथ क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं सहसवान विधायक।

प्रवाह ब्यूरो
बदायूं। बरेली के निजी कार्यक्रम में सम्मिलित होने आए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा बदायूं के सहसवान विधायक बृजेश यादव को अपने साथ चार्टर्ड प्लेन में ले जाने से कार्यकर्ताओं में जहां खुशी दिखाई दी तो वहीं कार्यकर्ता इसे मजबूत राय के साथ देख रहे हैं।
सूत्रों के माने तो समाजवादी पार्टी बदायूं में बड़े नेताओं के दो गुटों में होने के चलते बीते दिनों सोशल मीडिया पर टिकट कटने को लेकर एक अफवाह फैलाई गई थी। जहां कार्यकर्ताओं में तरह-तरह के विचार सामने आए थे।
शेखपुरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक हिमांशु और सहसवान विधानसभा विधायक ब्रजेश यादव का टिकट कटने को लेकर फैलाई गई अफवाह को देखते हुए जहां कार्यकर्ता समर्थक मायूस हुए तो वहीं जिलाध्यक्ष को छोड़कर बदायूं जनपद की कार्यकारिणी को राष्ट्रीय अध्यक्ष की संतुति पर तत्काल प्रभाव से पर भंग कर दिया गया था।
निजी कार्यक्रम में बरेली पहुंचे अखिलेश यादव तो वहां कार्यक्रम में बदायूं के सहसवान विधानसभा से सपा विधायक ब्रजेश यादव भी मौजूद थे। जहां अन्य बड़े दिग्गज नेता भी सम्मिलित हुए थे।
कार्यक्रम से जाते समय सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव विधायक ब्रजेश यादव को अपने साथ चार्टेड र्प्लेन में लखनऊ ले गए। इसी को लेकर समर्थक और कार्यकर्ताओं में खुशी बढ़ गई जहां स्थानीय लोगों में उनके कद व लोकप्रियता को और अधिक बढ़ने को लेकर समर्थकों में खुशी का माहौल है।
बता दें कि सहसवान विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के विधायक ब्रजेश यादव जनहित के मुद्दों और क्षेत्रीय विकास कार्यों में लगातार सक्रिय भूमिका निभाने के लिए जाने जाते हैं। जनता से सीधे संवाद, समस्याओं की पहचान और उनके समाधान को प्राथमिकता देने की उनकी कार्यशैली पूर्व से ही क्षेत्र में सराही जाती रही है। इतना ही नहीं सहसवान विधायक जनसुनवाई कार्यक्रमों, क्षेत्रीय दौरों और ग्रामीण संपर्कों के माध्यम से जनता की समस्याओं को सुनते हैं और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ मिलकर समाधान हेतु भरसक प्रयास करते हैं।
सहसवान क्षेत्र के विकास कार्यों को गति देने के लिए वे समय-समय पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों के साथ बैठकें आयोजित करते रहतें हैं। ब्रजेश यादव सदैव कहते हैं कि अगर मेरे क्षेत्र सहसवान की जनता ने मुझे भरोसा देकर विधानसभा भेजा है तो इस भरोसे भी पर खरा उतरना अब ही मेरी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

यूपी पहुंची धीरेंद्र शास्त्री की सनातन एकता पदयात्रा में एएसपी अनुज चौधरी ने संभाला सुरक्षा का जिम्मा।

गुरुवार को मथुरा में प्रवेश हुई पदयात्रा में सुरक्षा के कड़े इंतजामात के चलते यूपी पुलिस के साथ आरएएफ, पीएससी भी रही तैनात।

सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजामात देख पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एएसपी को किया सैल्यूट।

प्रवाह ब्यूरो
मथुरा। गुरूवार को बागेश्वर पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री की सनातन जोड़ो पदयात्रा यूपी की सीमा में प्रवेश कर मथुरा पहुंच गई। जहां पुष्प वर्षा कर सभी सनातनियों का स्वागत किया गया। पदयात्रा का भव्य स्वागत बॉर्डर कोसी कोटवन पर किया गया, जहां एएसपी अनुज चौधरी ने सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने बताया कि जोन और सेक्टर स्कीम के तहत, ड्रोन से पूरी यात्रा पर नजर रखी जा रही है। आरएएफ, पीएसी और खुफिया एजेंसियों के साथ-साथ सिविल फोर्स भी बड़ी संख्या में तैनात है।
बता दें कि बीते 7 नवंबर को दिल्ली के छतरपुर में कात्यायनी माता मंदिर से शुरू हुई बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन पदयात्रा में भक्तों की जबरदस्त भीड़ उमड़ रही है। यात्रा के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। ट्रैफिक जाम की स्थिति से बचने के लिए रूट डायवर्जन प्लान भी जारी किया जा चुका है। सनातन पदयात्रा में भगवान राम की नगरी अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर में महंत राजू दास भी 7 नवंबर को यात्रा की शुरुआत से ही धीरेंद्र शास्त्री के साथ हैं। गुरुवार को मथुरा में एसीपी अनुज चौधरी ने धीरेंद्र शास्त्री की यात्रा को रिसीव किया।

16 नवंबर को सनातन पदयात्रा वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर पहुंचेगी और वहीं पर इसका समापन होगा। मथुरा में यह पदयात्रा चार दिनों में करीब 55 किलोमीटर का सफर तय करेगी। पदयात्रा में लगभग एक लाख भक्त शामिल हैं, जो ढोल-नगाड़े बजाते हुए, राम-सीता और हनुमान की वेशभूषा में यात्रा में शामिल हुए हैं।
सनातन एकता यात्रा की सुरक्षा को लेकर बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को लगाया गया है। एसीपी अनुज चौधरी ने मथुरा सीमा पर यात्रा की अगवानी की। उनकी सुरक्षा व्यवस्था को देखकर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी उन्हें सैल्यूट करते दिखाई दिए।
यूपी के मथुरा में सनातन यात्रा के प्रवेश पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि यह एक वैचारिक यात्रा है। हिंदुओं की एकता की यात्रा है। हम देश में दंगा नहीं, गंगा चाहते हैं। बम फोड़ने वाले नहीं, नारियल चढ़ाने वाले चाहते हैं। पदयात्रा में 108 बटुक ब्राह्मणों ने स्वस्तिवाचन किया, 21 ब्राह्मणों ने एक साथ शंखनाद किया और गोस्वामी परिवार की 11 सौभाग्यवती महिलाओं ने बाबा की आरती उतारी। गुरुवार को ब्रज की सीमा में प्रवेश के बाद यह पदयात्रा 16 नवंबर को मथुरा की सीमा में ही करीब 55 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद वृंदावन पहुंचेगी। जहां छठीकरा मार्ग स्थित चार धाम के पास विशाल मैदान में इसे संत सम्मलेन के रूप में परिवर्तित किया जाएगा।
सम्मेलन के बाद बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री बांके बिहारी के दर्शन करेंगे। बाबा की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। पदयात्रा के चलते जनपद में सकुशल यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए 16 नवंबर तक दिल्ली-आगरा हाईवे को वन-वे कर दिया गया है। आगरा से दिल्ली जाने वाले मार्ग से ही वाहन आ सकेंगे। जोन और सेक्टर स्कीम के तहत, ड्रोन से पूरी यात्रा पर नजर रखी जाएगी। साथ ही मथुरा के लिए जारी किए ट्रैफिक डायवर्जन प्लान के मुताबिक, ग्वालियर और भरतपुर से मथुरा की तरफ जाने वाली गाड़ियां रैपुरा जाट अंडरपास से यूटर्न लेने के बाद आगरा के कुबेरपुर कट से होकर यमुना एक्सप्रेसवे के लिए जाएंगी।
फिरोजाबाद और कानपुर से दिल्ली की तरफ जाने वाली गाड़ियां भी यमुना एक्सप्रेसवे से ही निकाली जाएंगी। इसके अलावा जो गाड़ियां हाथरस और अलीगढ़ की तरफ से आएंगी, उन्हें खंदौली कट के जरिए यमुना एक्सप्रेसवे से निकाला जाएगा।