यूपी बोर्ड ने जारी किया वर्ष 2026 का परीक्षा शेड्यूल।

18 फरवरी से एक साथ शुरू होंगे 10वीं, 12वीं के एग्जाम।

पहला पेपर हिंदी तो आखरी एग्रीकल्चर के साथ कुल 23 दिन चलेंगी बोर्ड परीक्षा।

प्रभाह ब्यूरो
लखनऊ। यूपी बोर्ड यानी उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने शिक्षा सत्र 2026 के लिए 10वीं और 12वीं की परीक्षा की तारीखें जारी कर दी है। जिसे बुधवार शाम माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह द्वारा जारी किया गया है।
जारी हुई डेट शीट के अनुसार हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक कुल 23 दिन चलेंगी। अब लाखों छात्रों का इंतजार भी अब खत्म हो गया है।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में पहले दिन हिंदी विषय की परीक्षा होगी। परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली का समय सुबह 8.30 से 11.45 बजे तक है, जबकि दूसरी पाली की परीक्षा का समय दोपहर बाद 2.00 बजे से शाम 5.15 बजे है। इस बार हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा में 27, 50, 943 परीक्षार्थी हैं जबकि इंटरमीडिएट में कुल 24,79,352 परीक्षार्थी हैं।
छात्रों को सफलता सुनिश्चित करने के लिए इस समय-सारिणी के अनुसार अपनी पढ़ाई की योजना बनाने हेतु डेटशीट में विषयवार परीक्षा तिथियां स्पष्ट रूप से दी गई हैं, जिससे छात्रों को रणनीतिक योजना बनाने में मदद मिलेगी।

बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने बताया, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए परीक्षा केंद्र पर डबल लॉ वाली चार अलमारियां रखी जाएंगी। वर्ष 2025 की परीक्षा में तीन अलमारियों की व्यवस्था थी। बाद में चौथी अलमारी की व्यवस्था अतिरिक्त प्रश्नपत्र के लिए कराई गई। इस बार शुरू से ही चार अलमारियों की व्यवस्था केंद्र व्यवस्थापकों को रखनी होगी। चौथी अलमारी में अतिरिक्त प्रश्नपत्र रखे जाएंगे।
इतना ही नहीं परीक्षा को नकल-मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए इस बार भी यूपी बोर्ड ने सख्त कदम उठाने की घोषणा की है। केवल उन्हीं विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा, जो CCTV कैमरों से लैस हैं। बोर्ड स्तर पर निरीक्षण टीमों का गठन किया जाएगा, जो परीक्षा केंद्रों की निगरानी और औचक निरीक्षण करेंगी।

बहराइच में मां के पास सो रही बच्ची को उठा ले गया भेड़िया, कुछ मीटर दूर मिले खून के धब्बे।

पीछे पीछे चीखती हुए दौड़ी मां, पिता तथा अन्य ग्रामीण भी दौड़े, लेकिन नहीं मिली सफलता।

बहराइच में भेड़िया का आतंक जारी, सीएम योगी भी कर सकते हैं हवाई सर्वेक्षण।

प्रवाह ब्यूरो
बहराइच। यूपी के बहराइच जनपद में दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। जहां मां के बगल में सो रही डेढ़ वर्षीय बच्ची को भेड़िया उसकी मां के पास से अपने जबड़े में देकर उठा ले गया जहां कुछ ही मीटर दूर पर खून के धब्बे तथा कुछ मांस के टुकड़े मिले हैं।
भेड़िया ने जैसे ही बच्ची उठाई तो बच्ची चीखी और चीख सुनकर मां की नींद खुल गई। मां ने देखा तो वह चीखती हुई भेड़िए के पीछे दौड़ने लगी। शोर सुनकर बच्ची के पिता तथा ने ग्रामीण भी पीछे-पीछे दौड़े लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। संबंधित पुलिस और वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई जहां ड्रोन और डॉग स्क्वायड की टीम की मदद से भी लगातार जंगल में भेड़िए को तलाश किया जा रहा है तथा ग्रामीण भी लाठी डंडों के साथ अपना सहयोग देते दिखाई दिए।
बहराइच जनपद के खरपुर थाना क्षेत्र के कंदौली गांव निवासी राकेश यादव शनिवार रात्रि को अपने परिवार के साथ सोया हुआ था। रविवार सुबह लगभग 5 बजे पत्नी डेढ़ वर्षीय बच्ची शानवी को लेकर सो रही थी। उसके पिता पशुओं के चारा डाल रहे थे। अचानक घर में भेड़िया घुस आया और मां के पास सो रही डेढ़ वर्षीय बच्ची को जबड़े में दबोच लिया। बच्ची चीखी तो मां के नींद खुल गई। मां ने देखा तो उसके होश उड़ गए, वह चीखती हुई भेड़िया के पीछे दौड़ने लगी। शोर सुनकर उसके पिता तथा अन्य ग्रामीण भी पीछे-पीछे दौड़े लेकिन भेड़िया हाथ नहीं आया। सुबह के समय अंधेरा होने के चलते भेड़िया भाग गया और दिखाई नहीं दिया। सूचना पर संबंधित थाना पुलिस और वन विभाग की टीम में मौके पर पहुंच गई। रविवार सुबह देखा तो घर से लगभग 200 मीटर दूरी पर खून के धब्बे और कुछ मांस के टुकड़े दिखाई दिए। जिसे देख मां बेहोश हो गई। माता-पिता तथा परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है।
वहीं दूसरी तरफ वन विभाग की टीम और पुलिस लगातार भेड़िए की तलाश में है और डॉग स्क्वायड तथा ड्रोन से लगातार क्षेत्र की निगरानी की जा रही है।

बहराइच में भेड़िए का आतंक जारी, इस वर्ष कई लोगों की जा चुकी है जान।

सीएम के आदेश पर आदमखोर दो भेड़ियों को मार दिया गया था।

उत्तर प्रदेश के बहराइच में भेड़िए का आतंक जारी है। लोग अपने बच्चों को घरों में ही रख रहे हैं,इसके अलावा पुलिस और वन विभाग की टीम लगातार जंगल में सर्च अभियान चला रही है।
बीते 28 सितंबर को एक भेड़िए को मार दिया गया था। वन विभाग की टीम का कहना है कि जंगल में चार भेड़िए हैं जिनमें से दो भेड़ियों को मार गिराया गया है और एक के पैर में गोली लगी है तथा एक अभी बाकी है जिसकी लगातार तलाश की जा रही है,और उसी के द्वारा हमला करने की बात सामने आई है।
वन विभाग की टीम द्वारा ग्रामीणों को सचेत किया गया है तथा बच्चों को घर में रखने के निर्देश दिए गए हैं।  मुख्यमंत्री ने लगातार बहराइच में भेड़िए की घटना को देख गोली मारने का आदेश दिया था।
जहां मुख्यमंत्री ने आदेश दिया था कि भेड़िया पकड़ में न आए तो उसे गोली मार दो।

सीएम योगी कर सकते हैं हवाई सर्वेक्षण, ट्वीट कर दी जानकारी।

बहराइच में बीते देना हुई नाव दुर्घटना से प्रवाहित लोगों के परिजनों से भेंट करने के लिए मुख्यमंत्री बहराइच पहुंच सकते हैं तथा इसके अलावा वह क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण भी करेंगे।
उधर दूसरी तरफ भेड़िए द्वारा बच्ची को ले जाने की सूचना पर वन विभाग की टीम ने कहा है कि क्षेत्र में टीमों की गस्त भी बढ़ा दी गई है और लोगों से घरों में रहने की तथा बच्चों को संभाल कर रखने की अपील की गई है। साथ ही भेड़िए को पकड़ने के लिए कई टीम सर्च अभियान पर लगी हुई है।

संभल में SP की बड़ी कार्रवाई! 16 थानों के 32 पुलिसकर्मी एक साथ लाइन हाजिर।

एसपी की इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में मचा हड़कंप।

शिकायतों की अनदेखी बनी कार्रवाई की मुख्य वजह, जांच के दायरे में कई थानों के कर्मचारी।

प्रवाह ब्यूरो
संभल।शुक्रवार रातसंभल जनपद में एसपी कृष्ण बिश्नोई ने बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए एक साथ 16 थानों में तैनात 32 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। अवगत रहे कि यह कार्रवाई उन जन शिकायतों पर की गई, जिनमें आरोप लग रहे थे कि पुलिसकर्मी जनता की सुनवाई नहीं कर रहे थे साथ आवश्यक मामलों में लापरवाही बरत रहे थे। इस कदम के बाद पूरे पुलिस विभाग में हलचल मच गई है।


लाइन हाजिर किये गये पुलिसकर्मियों में संभल थाने से कांस्टेबल राजपाल सिंह, हेड कांस्टेबल सहचालक बलराज, जबकि हयातनगर से चालक रूपचन्द्र, कांस्टेबल आशू यादव, नीरज कुमार को पुलिस लाइन भेजा गया है। वहीं नखासा से कांस्टेबल अनिरुद्ध चौधरी और सहचालक आकाश जुरैल, जबकि असमोली से कांस्टेबल रोबिन राठी व भोलू तोमर वहीं रायसत्ती से हेड कांस्टेबल अरुण सिवाल और कांस्टेबल गौरव शर्मा को पुलिस लाइन भेजा है।
ऐंचोड़ा कंबोह से सन्नी कुमार जबकि कैलादेवी से हेड कांस्टेबल अशोक कुमार और सतेन्द्र कुमार शर्मा, हजरतगढ़ी से कांस्टेबल मोहित कुमार और हेड कांस्टेबल सोवरन सिंह जबकि बबराला से हेड कांस्टेबल रोहित कुमार, कांस्टबेल रोहित कुमार, हेड मुहिरर्र अमित कुमार और कांस्टेबल वीरेन्द्र सिंह, रजपुरा से सहचालक निशांत राठी और अंकित मलिक, धनारी से कांस्टेबल अक्षय कुमार व भारत, जुनावई से सहचालक अमरजीत, बहजोई से हेड कांस्टेबल प्रवेश कुमार और कांस्टेबल आकाश कुमार, चंदौसी से कांस्टेबल दीपांशु कुमार व हेड कांस्टेबल अफसर अली, बनियाठेर से हेड कांस्टेबल सचिन कुमार और आरक्षी राहुल कुमार, जबकि कुढ़फतेहगढ़ से कांस्टेबल मनोज कुमार भी शामिल हैं।
उपरोक्त संदर्भ में एसपी कृष्ण बिश्नोई ने बताया कि कई थानों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि संबंधित पुलिसकर्मी जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुन रहे थे। शिकायतों की जांच में इन आरोपों की पुष्टि होने पर 32 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया है।

गंगा मेला सिसौना डंडा पहुंचे डीआईजी मुनिराज, देखीं तैयारियां।

संभल के मशहूर गंगा मेला सिसौना में इस बार 6 लाख लोगों के पहुंचने की उम्मीद।

मेले की तैयारियां तेज, 4 को प्रभारी मंत्री धर्मवीर प्रजापति करेंगे उद्घाटन।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल के सिसौना डांडा गंगा घाट पर कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा सुनिश्चित कर ली गई है। इसी क्रम तैयारियों का जायजा लेने मुरादाबाद डीआईजी मुनिराज जी ने कार्तिक पूर्णिमा मेले की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बैरिकेड, वॉच टावर, पीएस सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों सहित अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। जहां मेले में पांच से छह लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
शुक्रवार शाम करीब 5 बजे डीआईजी मुनिराजजी एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई और एएसपी अनुकृति शर्मा के साथ मेला स्थल सीसौना डांडा पहुंचे।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा में कोई चूक न हो। डीआईजी ने कहा कि मेले में आने वाले हर श्रद्धालु की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। क्योंकि 4 से 5 नवंबर की रात को यहां भारी भीड़ रहेगी। हर बार की भांति इस बार भी मेले में कवि सम्मेलन का आयोजन होगा तथा मेला परिसर में कृषि विभाग द्वारा कृषि मेला का आयोजन भी किया जाएगा। 3 नवंबर की शाम को ही गंगा घाट पर आरती का आयोजन होगा और जहां स्थानीय कलाकार भी अपना प्रदर्शन करेंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस व प्रशासन ने यहां बेहतर तैयारियां की हैं।

जिला पंचायत की ओर से श्रद्धालुओं के लिए सड़कें चौड़ी की गई हैं, और अस्थायी अस्पताल व थाना भी तैयार हो चुके हैं। मेले में खेल-खिलौनों की दुकानें, मीना बाजार और झूले लगाए जा रहे हैं, जिससे पूरा मेला क्षेत्र रोशनी से जगमग हो उठा है।
सीसीटीवी कैमरे और अन्य सुरक्षा इंतजामात भी पूरे कर लिए गए हैं। मेले की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। टेंट, लाइटिंग, हैंडपंप, घाट और बेरिकेडिंग जैसी अधिकांश व्यवस्थाएं पूरी हो चुकी हैं। श्रद्धालुओं के लिए वॉच टावर और चेंजिंग रूम का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है।  मेले की व्यवस्था को सुरक्षा के उद्देश्य से सफल बनाए रखने के लिए मेला परिसर में 32 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं तो वही लाउडस्पीकर के जरिए आवश्यक सूचनाओं भी प्रदान की जाएंगी तथा गंगा घाट पर निजी 30 गोताखोरों के साथ पांच मोटर वोट भी तैनात रहेंगी। श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए भी ट्रेन बसेरा बनाया गया है तो वहीं मेला परिसर में शौचायलयों की भी व्यवस्था की गई है इसके अलावा मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के साथ पीएसी बल भी तैनात रहेगा।

अवगत रहे कि कार्तिक पूर्णिमा मेले का झंडी पूजन 3 नवंबर को होगा, जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष अनामिका यादव हरिबाबा बांध धाम से झंडी लेकर आएंगी। इसके अलाबा मेले का शुभारंभ 4 नवंबर को फीता काटकर किया जाएगा, जबकि 5 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर मुख्य स्नान होगा। जिसमें पांच-छ: लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद हैं।

संभल से रामौतार शर्मा की रिपोर्ट…

बदायूं के ककोड़ा मेले की तैयारियां तेज, एडीजी बरेली ने किया निरीक्षण।

मेला क्षेत्र में लगाए जाएंगे 17 वाच टावर तथा अलग-अलग सीसीटीवी कैमरे।

निगरानी के लिए कंट्रोल रूम होगा स्थापित, श्रद्धालुओं के लिए चलाई जाएंगीं रोडवेज की 106 बसें।

115 सफाई कर्मचारियों के साथ 19 वॉटर टैंकर के साथ-साथ मेला क्षेत्र में स्थापित होंगे चिकित्सा शिविर।

प्रवाह ब्यूरो
बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जनपद में ककोड़ा नामक स्थान पर लगने वाले ऐतिहासिक मेले की तैयारियां तेज हो गई है। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गंगा नदी के किनारे आयोजित होने वाले मेले की तैयारियों को लेकर एडीजी जॉन बरेली ने निरीक्षण करते हुए सुरक्षा की व्यवस्था देखी तथा आवश्यक निर्देश दिए हैं। यह मेला बदायूं और कासगंज जिले की सीमा पर गंगा नदी के किनारे पर लगता है।

लगातार 15 दिनों तक चलने वाले कार्तिक पूर्णिमा के इस मेले की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बदायूं के ककोड़ा में आयोजित होने वाले मिनी कुंभ के नाम से प्रसिद्ध मेले के आयोजन को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। बदायूं प्रशासन ने सुरक्षा यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए विशेष सतर्कता रखने को कहा है। व्यवस्था को लेकर एडीजी जॉन बरेली की निरीक्षण कर चुके हैं।

मेले में 17 वॉच टावर और एक अलग कंट्रोल रूम होगा स्थापित

मेला क्षेत्र में 17 वॉच टावर लगाए जाएंगे तथा महत्वपूर्ण चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जाएगी।
मेला क्षेत्र में ही सुरक्षा के उद्देश्य से एक अलग कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाएगा। मेला क्षेत्र की निगरानी कंट्रोल रूम से ही की जाएगी, जहां सभी सीसीटीवी कैमरों मुख्य केंद्र होगा।

बैरिकेडिंग और यातायात की व्यवस्था को लेकर सतर्कता।

मेला क्षेत्र में गहरे पानी की ओर बेरीकेडिंग की जाएगी, जिससे कि श्रद्धालु उससे आगे स्नान करने के लिए नहीं पहुंच सकें। श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान के लिए चिन्हित घाटों पर ही स्नान करने के लिए कहा जाएगा। इसके साथ ही गंगा घाट पर सरकारी व निजी गोताखोर भी तैनात किए जाएंगे। यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहेगा तथा महत्वपूर्ण चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस कर्मी मौजूद रहेंगे। मुख्य मार्गों के साथ मीना बाजार और वीआईपी मार्ग का निर्माण भी चल रहा है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सरकारी रोडवेज की 106 बसें मेले तक ले जाने के लिए चलाई जाएंगी।
इसके साथ ही जिला पंचायत की टीमों को भी सक्रिय कर दिया गया है, जिसके तहत 115 सफाई कर्मचारी तैनात किए जा रहे हैं।
पानी और शौचालय व्यवस्था को लेकर धूल नियंत्रण के लिए अलग से 19 वॉटर टैंक लगाए जा रहे हैं तथा अस्थाई शौचायलयों का भी निर्माण किया जा रहा है। चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग की ओर से एंबुलेंस तथा एंटी वेनम चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे।

मनोरंजन के लिए मेले में बच्चों के झूले स्टॉल भी लगने शुरू।

मेला क्षेत्र में अलग-अलग स्थान पर बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले और स्टॉल भी लगने शुरू हो गए हैं। जिससे मेला में आने वाले बच्चे भी अपना आनंद ले सकें और मनोरंजन किसी सुविधा का लाभ ले सकें।
इसके अलावा संत महात्माओं और अधिकारियों के ठहरने के लिए भी टेंट लगाने का काम चल रहा है।

बदायूं से हिमालय शर्मा की रिपोर्ट…

यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, एक साथ 46 आईएएस अफसरों का तबादला।

10 जनपदों के डीएम के साथ-साथ कई सीडीओ व कमिश्नर भी बदले।

अजय कुमार द्विवेदी बने डीएम रामपुर, तो वहीं राजा गणपति बनाये गये सीतापुर के नये जिलाधिकारी।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। सीएम योगी ने यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। एक साथ 46 आईएएस अफसरों का तबादला किया गया है। रामपुर, बलरामपुर, कौशांबी, हाथरस और बस्ती सहित 10 जिलों के डीएम बदले गए हैं। मिल रही जानकारी के मुताबिक 27 पीसीएस अधिकारियों को भी इधर से उधर किया गया है।
सरकार द्वारा किए गए इन तबादलों में मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, नगर आयुक्त सहित कई अहम पदों के अफसरों को नई तैनाती दी गई है। सूबे में कुल 10 जिलों के डीएम बदले गए हैं जिनमें हाथरस, सीतापुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, चित्रकूट, ललितपुर, श्रावस्ती, रामपुर, बलरामपुर और कौशांबी शामिल हैं।
शासन ने मेरठ और सहारनपुर के कमिश्नर भी बदल दिए हैं।

तबादले के क्रम में रूपेश कुमार को सहारनपुर का मंडलायुक्त बनाया गया है। जहां भानु गोस्वामी को मेरठ का मंडलायुक्त बनाया गया है। तो वहीं राजेश प्रकाश को विंध्याचंल का मंडलायुक्त बनाया गया है।  
वाराणसी के मुख्य विकास अधिकारी रहे हिमांशु नागपाल को अब वाराणसी का नगर आयुक्त बनाया गया है, जबकि वाराणसी की एडीएम वंदिता श्रीवास्तव को कुशीनगर का सीडीओ बनाया गया है। पूर्व मंडलायुक्त अटल कुमार राय को सचिव गृह विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह व्यापक फेरबदल शासन की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा जन-केंद्रित बनाने के लक्ष्य के साथ किया गया है।

◆ ट्रांसफर लिस्ट से देखिए किसे मिली, कहां तैनाती..?

संभल पुलिस की दादी वाली दिवाली…गरीब, असहाय बुजुर्ग महिलाओं को वितरित कीं दैनिक उपयोग की वस्तुएं व मिठाई।

एएसपी अनुकृति शर्मा गुन्नौर के बबराला पहुंचीं, जाहिर की खुशी।

अकेली रह रहीं असहाय महिलाओं के बीच फैलाया खुशी का प्रकाश।

मिशन शक्ति के तहत असहाय महिलाओं को किया गया था चिन्हित।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल में दीपावली के त्यौहार पर गरीब तथा असहाय बुजुर्ग महिलाओं के साथ संभल पुलिस द्वारा ‘दादी वाली दिवाली’ मनाई गई। जहां एसपी अनुकृति शर्मा ने गुन्नौर के बबराला पहुंचकर बुजुर्ग महिलाओं के साथ दादी वाली दिवाली के नाम से खुशी जाहिर की व उन्हें दैनिक उपयोग की वस्तुओं के साथ-साथ मिठाई वितरित करते हुए दीपावली की शुभकामनाएं दीं तो वहीं बुजुर्ग महिलाओं ने भी शुभ आशीर्वाद दिया।

गुन्नौर के बबराला में मिशन शक्ति अभियान के तहत संबंधित पुलिस द्वारा ऐसी तीन गरीब तथा असहाय महिलाओं को चिन्हित किया गया था जिनका कोई सहारा नहीं है। तदुपरांत दिवाली के सुअवसर में संभल एएसपी दक्षिणी अनुकृति शर्मा गुन्नौर के बबराला पहुंची और उन गरीब तथा असहाय बुजुर्ग महिलाओं के साथ दिवाली मनाई।

असहाय परिवार के साथ दिवाली मना कर खुशी का प्रकाश फैलाया। जिसे एएसपी अनुकृति शर्मा ने “दादी वाली दिवाली” नाम दिया।

बबराला पहुंचकर एएसपी अनुकृति शर्मा थानाध्यक्ष बबराला नरेंद्र कुमार और पुलिस टीम के साथ कस्बा बबराला में ही रह रहीं असहाय बुजुर्ग महिला किरन पत्नी संतलाल, राजवती पत्नी खचेड़ू व माया देवी के बीच पहुंचकर दीपावली की शुभकामनाएं दीं तथा भोजन, मिठाई और कुछ बर्तन आदि वितरित करते हुए उन्हें दीपावली की खुशी का इजहार कराया।

जहां एएसपी अनुकृति शर्मा ने दादी वाली दिवाली के नाम से खुशी जाहिर करते हुए उनके साथ खुशी के पल बिताए और शुभकामनाएं दीं तथा बुजुर्ग महिलाओं ने भी अनुकृति शर्मा को आशीर्वाद देते हुए उनके सिर पर हाथ फिराते हुए गले लगाया।

जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है जहां लोगों द्वारा भी पुलिस की इस सराहनीय पहल की जमकर प्रशंसा की जा रही है।

उपरोक्त संदर्भ में एसपी अनुकृति शर्मा ने बताया कि इन तीनों अत्यधिक गरीब एवं असहाय महिलाओं को कांस्टेबल वीरेंद्र द्वारा मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत चिन्हित किया गया था। तदुपरांत स्वयं मेरे व थानाध्यक्ष बबराला नरेंद्र कुमार के द्वारा यह तय किया गया कि इनके घर में दिवाली की खुशियां जरूर लाई जाएगीं। उसी के क्रम में हम सभी लोग आज दिवाली के उपलक्ष्य में इनके घरों पर गये व रोजमर्रा की चीजों के साथ-साथ मिठाइयां आदि वितरित की गईं।
बता दें कि संभल में एएसपी अनुकृति शर्मा अपने उत्कृष्ट कार्यों के लिए सदैव चर्चाओं में रहती हैं और आए दिन कुछ न कुछ नया कार्य करते हुए सभी का ध्यान खींच लेती हैं।

दैनिक प्रवाह के लिए ‘संभल से’ गौरव उन्मुक्त की रिपोर्ट…

करवा चौथ व्रत आज, जानें- क्या रहेगा पूजन और चांद को अर्घ्य देने का शुभ मुहूर्त।

सौभाग्य के महापर्व पर सुहागिनों का ‘सरगी’ के साथ निर्जला उपवास शुरू।

पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और सुख समृद्धि के लिए किया जाता है करवा चौथ व्रत।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। करवा चौथ आज सिद्धि योग में मनाया जा रहा है। जहां सुहागन महिलाएं सरगी करके सूर्योदय के समय से ही निर्जला व्रत हैं। आज प्रदोष काल में करवा चौथ पूजा होगी, जिसमें करवा की कथा सुनी जाएगी। यह व्रत सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक यानी चंद्रमा को अर्घ देने तक बिना अन्न और जल के रखना होता है। करवा चौथ का व्रत पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और सुख समृद्धि के लिए रखा जाता है। आज करवा चौथ शुक्रवार के दिन है ज्योतिष के अनुसार शुक्र को भौतिक सुख सुविधा, प्रेम, सुखी वैवाहिक जीवन आदि का कारक माना जाता है। सिद्ध योग में शुरू हुआ करवा चौथ व्रती महिलाओं के मनोकामनाओं की पूर्ति में भी सहायक है।
करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर पूजा-अर्चना करती हैं। शास्त्रों के अनुसार करवा चौथ पर व्रत पूर्ण होने से पूर्व यौन संबंध बनाना उचित नहीं माना जाता है, क्योंकि इससे व्रत की पूर्णता प्रभावित होती है। हिंदू धर्म में करवा चौथ का त्यौहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता रहा है। सुहागिन महिलाओं के लिए यह व्रत सबसे जरूरी माना जाता है और इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर पूजा-अर्चना करती हैं। यह त्यौहार पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं सूर्योदय से लेकर चंद्र दर्शन तक निर्जला व्रत रखती हैं। पश्चिमी यूपी में आज चांद निकलने का समय 8.24 PM है। पंचांग के अनुसार भी कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 9 अक्टूबर को रात 10:54 बजे आरंभ होगी और 10 अक्टूबर को रात 7:38 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार भी 10 अक्टूबर को ही करवा चौथ व्रत रखना उचित है। साथ ही इस वर्ष करवा चौथ व्रत का शुभ मुहूर्त भी 10 अक्टूबर 2025 की शाम 5:57 बजे से 7:11 बजे तक रहेगा। इस समय में पूजा, कथा और व्रत संबंधी अनुष्ठान सबसे अधिक प्रभावी और शुभ माने जाते हैं। साथ ही पंचांग के अनुसार भी आज चंद्रोदय समय रात 8:14 बजे है।
करवा चौथ का त्यौहार भारतीय विवाहित महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। यही कारण हैं कि करवा चौथ को लेकर कई तरह की मान्यताएं और रीति-रिवाज प्रचलित हैं।
इस दिन पत्नी अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे जीवन की कामना करते हुए व्रत रखती है। यह व्रत सूर्योदय से चंद्रमा निकलने तक चलता है। जब रात में चांद निकलता है, तो पत्नी चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपने पति का चेहरा देखकर ही व्रत तोड़ती है।
व्रत की शुरुआत सुबह-सुबह ‘सरगी’ से होती है, जो कि सास या परिवार की बड़ी महिलाएं व्रती महिला को देती हैं। सरगी में फल, सूखे मेवे, मिठाइयां, हल्का भोजन और कभी-कभी परंपरागत पकवान भी शामिल होते हैं। यह सरगी न केवल शरीर को ऊर्जा देती है, बल्कि यह सास-बहू के रिश्ते में भी आत्मीयता और आशीर्वाद का भाव जोड़ती है। सरगी न सिर्फ एक साधारण भोजन है, बल्कि इसमें गहरी धार्मिक भावना और पारिवारिक संबंधों की मिठास भी छिपी होती है। सरगी का मुख्य उद्देश्य शारीरिक ऊर्जा प्रदान करना है।  सरगी सास द्वारा बहू को दी जाती है, जो आशीर्वाद और स्नेह का प्रतीक मानी जाती है। इसे ब्रह्ममुहूर्त या सूर्योदय से पहले खाया जाता है, जिससे व्रती महिला दिनभर बिना जल और अन्न के उपवास रख सके। धार्मिक दृष्टि से सरगी सिर्फ ऊर्जा देने वाला भोजन नहीं, बल्कि यह पति की लंबी उम्र, घर में सुख-शांति और सास-बहू के रिश्ते में प्रेम और विश्वास की डोर को मजबूत करने वाली परंपरा भी है।

◆ आखिर कैसे शुरू हुई थी ‘सरगी’ की परंपरा ?

सरगी की शुरुआत को लेकर दो प्रमुख कथाएं प्रचलित हैं, जो इसके धार्मिक व पौराणिक महत्व को दर्शाती हैं।

पहली कथा माता पार्वती से जुड़ी है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब माता पार्वती ने भगवान शिव की दीर्घायु और कल्याण के लिए पहली बार करवा चौथ का व्रत रखा था, तब उनकी सास जीवित नहीं थीं। ऐसे में उनकी मां मैना देवी ने उन्हें व्रत से पहले सरगी दी थी एक विशेष थाली जिसमें पौष्टिक और शुभ खाद्य पदार्थ थे। तभी से यह परंपरा बनी कि यदि सास जीवित न हों, तो मायके से मां भी सरगी भेज सकती हैं।

दूसरी कथा महाभारत काल से जुड़ी है। कहा जाता है कि जब द्रौपदी ने पांडवों की रक्षा और दीर्घायु के लिए करवा चौथ का व्रत रखा था, तब उनकी सास कुंती ने उन्हें सरगी दी थी। इस प्रसंग से यह मान्यता और भी प्रबल हो गई कि सरगी ससुराल पक्ष की ओर से दी जानी चाहिए। खासकर सास की ओर से, जो इसे आशीर्वाद और प्रेम के रूप में अपनी बहू को देती है।
ये दोनों कथाओं से स्पष्ट करतीं है कि सरगी की परंपरा सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि यह आस्था, मातृत्व, और पारिवारिक रिश्तों की मिठास का प्रतीक है, जो पौराणिक काल से ही चली आ रही है।

कल्कि महोत्सव का शुभारंभ आज, तैयारियां पूर्ण।

06 से 13 अक्टूबर तक चलेगा कल्कि महोत्सव, होंगे विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम।

◆ महोत्सव में कई मंत्री भी होंगे शामिल, डीएम ने लिया तैयारियों का जायजा।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। आज संभल के बहजोई स्थित बड़े मैदान में कल्कि महोत्सव का शुभारंभ होगा। जहां जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया के नेतृत्व में प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। 
आज महोत्सव के पहले दिन कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम निर्धारित हैं। सुबह 11 बजे तक “बदलता उत्तर प्रदेशः प्रोजेक्ट अलंकार” विषय पर माध्यमिक शिक्षा का कार्यक्रम होगा, जिसमें माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी मुख्य अतिथि होंगी।
जिसमें जनपद के विभिन्न माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहकर कार्यक्रम में सहभागिता देंगें।
इसके बाद, शाम 4 बजे तक “मत्स्य में रोजगार आत्मनिर्भरता की ओर उत्तर प्रदेश” विषय पर मत्स्य सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें मत्स्य मंत्री संजय कुमार निषाद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। आज शाम 7 बजे सांस्कृतिक संध्या के साथ महोत्सव का शुभारंभ भी होगा, जिसमें माध्यमिक शिक्षामंत्री गुलाब देवी, प्रभारी मंत्री होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा धर्मवीर प्रजापति और मंडलायुक्त मुरादाबाद आंजनेय कुमार सिंह उपस्थित रहेंगे।
इस बार कल्कि महोत्सव/विकासोत्सव में बी. प्राक की बॉलीवुड नाइट, कवि सम्मेलन भजन मुख्य आकर्षण रहेंगे। वहीं 13 अक्तूबर तक चलने वाले इस सप्त दिवसीय कार्यक्रम में हरियाणवी संगीत, सूफी नाइट समेत पंजाबी संगीत की भी धूम रहेगी।

आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जारी हुए पोस्टर्स के मुताबिक सोमवार को उद्घाटन कार्यक्रम व स्वागत समारोह में कुमार विशु व बिजेंद्र राणा अपनी प्रस्तुति देंगे। वहीं, 7 अक्तूबर को राजस्थानी व पंजाबी संगीत में जस्सी गिल व बब्बल राय रहेंगे। साथ ही 8 अक्तूबर को मोनाली ठाकुर की बॉलीवुड संध्या रहेगी। इसके अलावा 9 अक्तूबर को होने वाले कवि सम्मेलन में कवि विनीत चौहान व डॉ. सौरभकांत शर्मा समेत अन्य कवि अपनी रचनाएं सुनाएंगे। 10 अक्तूबर को साधो बैंड की सूफी नाइट रहेगी। वहीं, 11 अक्तूबर को गोपाल मोहन भारद्वाज के भजन व नाटिका समेत कृष्ण नाटिका होगी। इसके अलावा 12 अक्तूबर को रुचिका जांगिड़ का हरियाणवी संगीत कार्यक्रम होगा। तो वहीं महोत्सव के समापन दिवस 13 अक्तूबर को बी. प्राक की बॉलीवुड संध्या कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम के अलावा महोत्सव में आने वाले बच्चों के लिए इस बार चरक-झूले आदि की भी व्यवस्था की गई है।

विकसित यूपी 2047 का रोड मैप तैयार हेतु मांगे सुझाव।

समर्थ उत्तर प्रदेश के तहत मोबाइल से ही दे सकेंगे सुझाव।

मोबाइल की लोकेशन को रखना होगा ऑन, 12 क्षेत्रों में से किसी एक पर दें सुझाव।

लोकेशन ऑन होने के बाद ही जाएगा 6 अंकों का ओटीपी।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। उत्तर प्रदेश सरकार ने समर्थ उत्तर प्रदेश, विकसित उत्तर प्रदेश 2047 अभियान के तहत सुझाव मांगे हैं। 12 क्षेत्र में से किसी एक पर सुझाव देना होगा सुझाव देते समय लोकेशन भी ऑन रखनी होगी अन्यथा ओटीपी नहीं जाएगा।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा समर्थ उत्तर प्रदेश विकसित उत्तर प्रदेश 2047 अभियान के तहत राज्य की नीतियों का निर्धारण करने तथा पूरे प्रदेश में विकसित उत्तर प्रदेश 2047 का रोड मैप तैयार करने हेतु मूल्यवान सुझाव उत्तर प्रदेश की जनता से मांगे हैं।
मोबाइल चलाने वाले सभी उत्तर प्रदेश के नागरिक स्कैनर के जरिए क्यू आर कोड से स्कैन कर संबंधित जानकारी भरकर 12 क्षेत्र में से किसी एक पर सुझाव दे सकेंगे।

जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा,नगर विकास, पशुधन विकास ,पर्यटन विकास तथा अन्य संबंधित 12 क्षेत्रों में से अपने जनपद को क्लिक करते हुए किसी एक क्षेत्र में सुझाव दे सकेंगे। अच्छे सुझाव देने वालों को सम्मानित भी किया जाएगा।
संभल जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने सरकार के इस सुझाव संबंधी जानकारी को जनपद वासियों से सुझाव साझा करने की अपील की है।

◆ ऐसे दे सकेंगे सुझाव…………..

स्कैन क्यूआर कोड को स्कैन कर सबसे पहले पोर्टल पर दिए गए सुझाव फॉर्म के बटन पर जाना होगा। इसके बाद बटन पर क्लिक कर मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। अपने मोबाइल की लोकेशन ऑन रखनी होगी मोबाइल पर ओटीपी तभी जाएगा जब लोकेशन ऑन होगी उसे पोर्टल पर भरना होगा। फिर फिर एक फॉर्म खुल जाएगा जिससे भरना होगा। 12 क्षेत्र में से किसी एक पर अपना सुझाव लिखकर या बोलकर दर्ज करें। संपूर्ण जानकारी भरने के बाद फॉर्म सबमिट करें।

◆ आखिर क्यों मांगा गये सुझाव………..

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की जनता से सुझाव मांगे हैं ताकि वह सुझाव की समीक्षा कर नीतियों का निर्माण कर सकें।
विकसित उत्तर प्रदेश 2047 का रोड मैप तैयार किया जाएगा।
मूल्यवान सुझाव देने वाले को सम्मानित किया जाएगा।
प्रत्येक नागरिक को पोर्टल पर सुझाव देने का अधिकार है तथा यह व्यवस्था निशुल्क रहेगी। यदि आपको इस पोर्टल पर सुझाव देने में कोई परेशानी आती है तो किसी नजदीकी जन सेवा केंद्र पहुंचकर सुझाव देने में मदद प्राप्त कर सकेंगे या नीचे दी गई लिंक से सीधे वेबसाइट पर पहुंच अपने सुझाव प्रेषित कर सकते हैं…⤵️

https://samarthuttarpradesh.up.gov.in/MobileHome/

क्या बोले संभल के जिलाधिकारी……….

संभल जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि समृद्ध उत्तर प्रदेश विकसित उत्तर प्रदेश 2047 का रोड मैप सरकार द्वारा तैयार किया जाएगा जिसके चलते ही उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जनता से सुझाव मांगे गए हैं। जिसमें आपको अपने मोबाइल पर कर कोड स्कैन कर मोबाइल की लोकेशन ऑन रखनी होगी।
एक मोबाइल में यदि एक सिम है तो एक सिम पर तीन अलग-अलग ओटीपी प्राप्त कर सकते हैं और तीन सुझाव अलग-अलग परिवार के नाम से दे सकते हैं तथा यदि मोबाइल में दो सिम हैं तो 6 बार ओटीपी लेकर सुझाव दे सकते हैं। अच्छे सुझाव देने वाले को सम्मानित भी करेंगे।