◆ बोलीं- कल्कि अवतार के स्थान का नाम हो ‘संभल’ यह शोभा नहीं देता।
◆ कहा- जैसे अंधे को लकड़ी का सहारा वैसे ही विपक्षियों को है मुगलों का सहारा।
प्रवाह ब्यूरो संभल। उत्तर प्रदेश में लगातार शहरों के नाम बदलने की चर्चा के बीच अब संभल का नाम भी बदलने की मांग भी जोर पकड़ रही है। जिसके चलते प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने एक बार फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह किया है कि संभल का नाम बदलकर ‘कल्कि नगर’ रखा जाए। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि धार्मिक नगरी संभल में भविष्य में भगवान श्री कल्कि अवतार होने की मान्यता है, ऐसे में इस शहर का मौजूदा नाम इसकी गरिमा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि संभल धार्मिक तीर्थ है, इसका नाम कल्कि नगर या किसी अन्य महान व्यक्तित्व के नाम पर रखा जाना चाहिए जिसे मुख्यमंत्री स्वयं उचित समझते हों। वहीं नाम बदलने का विरोध करनें पर भी उन्होंने विपक्ष पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष शहरों के मुगलिया नामों को ही महत्व देता है क्योंकि जैसे अंधे को लकड़ी का सहारा वैसे ही विपक्षियों को सिर्फ और सिर्फ मुगलों का सहारा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नाम बदलने का अधिकार मुख्यमंत्री के पास है जिसके चलते ही और उन्होंने सीएम योगी से इस मांग पर गंभीरता से पुन: विचार करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि गांव आनंदपुर में जिला मुख्यालय का शिलान्यास करने मुख्यमंत्री जी आए थे, तो हमने जनता की अपील पर उनसे अनुरोध भी किया था। जैसे और शहरों का नाम बदला जा रहा है उसी प्रकार संभल का नाम भी बदलकर कल्कि नगर रख दिया जाए। आपको बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने 28 सितंबर 2011 को जनपद भीम नगर के नाम से गठन किया था। जनपद मुरादाबाद की संभल और चंदौसी तहसील के अलावा जनपद बदायूं की गुन्नौर तहसील को मिलाकर के जिला बनाया गया था। 2012 में सपा सरकार आने के बाद जनपद का नाम बदलकर संभल कर दिया गया। तब से आज तक निरंतर यही नाम प्रचलित है। प्रदेश में आठ वर्ष से अधिक बीजेपी की सरकार रहने के बावजूद भी जनपद का नाम नहीं बदल गया। अब बीजेपी सरकार की शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने स्वयं जनपद का नाम बदलने की मांग को उठाकर प्रदेश में एक नयी राजनीतिक चर्चा को हवा दे दी है।
◆ संभल में हाल ही में सीओ से एएसपी बने थे अनुज कुमार चौधरी।
◆ अनुज चौधरी को फिरोजाबाद में एडिशनल एसपी ग्रामीण बनाया गया।
प्रवाह ब्यूरो लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने 44 पुलिस अफसरों को इधर से उधर किया है। जिसमें संभल के चर्चित अनुज चौधरी भी सम्मिलित हैं जिन्हें फिरोजाबाद में एएसपी ग्रामीण का पद दिया गया है। अनुज चौधरी हाल ही में सीओ से एएसपी बने थे। अनुज कुमार चौधरी खेल कोटा से एएसपी के पद तक पहुंचने वाले यूपी के पहले पुलिस अफसर बन गए हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को 44 पुलिस अफसर का ट्रांसफर कर दिया है। जिसमें सीओ से एएसपी बनने वाले 17 पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। इसके साथ ही 13 डिप्टी एसपी भी ट्रांसफर किए गए हैं। संभल के चर्चित व सीओ से एएसपी बने अनुज कुमार चौधरी संभल में अत्यंत चर्चा में रहे। जामा मस्जिद की सर्वे के दौरान हिंसा को काबू करते समय स्वयं गोली लगने से घायल भी हो गए थे। जिनके पैर में गोली लगी थी। इसके अलावा वह अपने अन्य बयानों को लेकर भी सुर्खियों में रहे हैं। इतना ही एसपी अनुज चौधरी धार्मिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
हाल में ही इन्हें योगी सरकार ने सीओ से एएसपी बनाया था। जिसके चलते ही खेल कोटा से एएसपी के पद तक पहुंचने वाले ये यूपी के पहले पुलिस अफसर बने थे। अब पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा जनहित में किये गये तबादलों के अनुक्रम उन्हें संभल से फिरोजाबाद में एएसपी ग्रामीण का पद दिया गया है।
◆ बोले- कल्कि निर्माण में रोक, जागरण रोकने या मंदिरों को नुकसान पहुंचाने का काम किया गया।
◆ कहा- इन सभी के पीछे संभल की सियासत जिम्मेदार, योगी सरकार के आने से हिंदुओं में जगी है कुछ आस।
प्रवाह ब्यूरो संभल। संभल में हिंसा को लेकर न्यायिक आयोग द्वारा तैयार की गई जांच रिपोर्ट में जहां हिंदुओं की आबादी आजादी से अब तक घटकर मात्र 15 प्रतिशत रह जाने का अनुमान बताया गया है तो वहीं घटती हुई आबादी को देखते हुए कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इसे कश्मीर की तरह हिंदुओं की संख्या संभल में भी घटने की बात कही है। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अपना बयान देते हुए कहा है कि हिंदुओं के साथ अत्याचार करने, मंदिरों को नुकसान पहुंचाने तथा हिंदू मुसलमानों के बीच लंबी खाई पैदा करने का काम किया गया जिसकी जिम्मेदार संभल की सियासत है। कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अपना बयान देते हुए कहा कि संभल में 40 वर्षों तक डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क की सियासत रही। आज उनके पोते सांसद हैं। संभल में पहले कल्कि मंदिर निर्माण पर रोक लगाने, हिंदू मुसलमान के बीच खाई पैदा करने, हिंदुओं के जागरण रोकने तथा मंदिरों को नुकसान पहुंचाने का काम किया गया। संभल में हिंदुओं के साथ जो भी हुआ उस सब की जिम्मेदार संभल की सियासत है। उन्होंने कहा कि कश्मीर से हिंदुओं का पालन हुआ, वैसे ही संभल से हिंदुओं का पलायन हुआ है। योगी सरकार के आने के बाद हिंदुओं में कुछ आस जगी है। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी कहा कि 2027 में परिवर्तन हुआ तो फिर क्या होगा। जहां उन्होंने योगी सरकार से संभल के हिंदुओं की सुरक्षा का आग्रह भी किया।
◆ महिला का जवाब सुन हाथ जोड़कर बोला पति, अब तुम अपने प्रेमी के साथ ही रहो।
◆ पिछले एक साल में अब तक 10 बार भाग चुकी है विवाहिता।
प्रवाह ब्यूरो रामपुर। सुना था किपति-पत्नी के बीच प्रेमी के आ जाने से अक्सर रिश्ते टूट जाते हैं लेकिनइसके विपरीतयूपी के रामपुर में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। जिसने सबके होश उड़ा दिए हैं। जहां भरी पंचायत में महिला ने कहा कि वह 15 दिन पति और 15 दिन प्रेमी के साथ रहना चाहती है। उसके इस प्रस्ताव से पंचायत में उपस्थित लोग दंग रह गए। वहीं पति ने भी हाथ जोड़ लिए और कहा कि मुझे माफ करो, जाओ अपने प्रेमी के साथ ही रहो। महिला का प्रेम-प्रसंग पास के ही गांव के एक युवक के साथ चल रहा था। जिसके चलते विवाहिता बीते एक साल में 10 बार प्रेमी के साथ भाग चुकी हैं। बार-बार हो रही परेशानी को देखते हुए गांव में एक पंचायत बुलाई गई थी। जहां महिला ने स्वयं 15 दिन पति और 15 दिन प्रेमी के साथ रहने का अजीबोगरीब प्रस्ताव रख पंचायत सहित समस्त लोगों को हैरान कर दिया। पूरा मामला रामपुर जनपद के अजीमनगर थाना क्षेत्र और टांडा थाना क्षेत्र के दो गांवों से जुड़ा हुआ है। अजीमनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली एक युवती की शादी डेढ़ वर्ष पूर्व पड़ोस के गांव में रहने वाले युवक से हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद विवाहिता को टांडा थाना क्षेत्र के रहने वाले एक युवक से प्यार हो गया। जिसके चलते एक साल पूर्व महिला अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई थी। लेकिन पंचायत के बाद पति अपनी पत्नी को वापस घर ले गया था। इसके बाद फिर एक साल में 9 बार महिला अपने प्रेमी के साथ फरार होती रही। लेकिन आखिरी बार वह लौटकर घर नहीं आई। तदोपरांत एक हफ्ते पूर्व पति ने मामले की शिकायत अजीमनगर थाने में की। साथ ही पति ने पुलिस से बिना मुकदमा लिखवाए पत्नी को प्रेमी के पास से वापस लाने की गुहार लगाई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए पत्नी को बरामद कर पति को सौंप दिया लेकिन महिला एक रात पति के घर में रुकने के बाद 10वीं बार फिर फरार हो गई। पत्नी के घर से गायब होने की जानकारी होते ही पति के होश उड़ गए। इसके बाद पति ने जब स्वयं पत्नी के प्रेमी के घर जाकर देखा तो पत्नी वहां मौजूद थी। पति ने पत्नी को अपने घर चलने के लिए बहुत समझाने की कोशिश किन्तु पत्नी ने पति के घर लौटने की बात से मना करते हुए उसे वापस लौटा दिया। इसके बाद मामले में पंचायत बुलाई गई। जहां पंचायत में ही महिला ने 15 दिन प्रेमी और 15 दिन पति के साथ रहने का अनोखा प्रस्ताव रख दिया। जिसे सुनते ही पंचायत में मौजूद लोगों के होश उड़ गए। पत्नी के प्रस्ताव पर पति हाथ जोड़कर खड़ा हो गया और बोला कि मुझे माफ कर दो, अब तुम अपने प्रेमी के साथ रहो। इसके बाद पति ने पत्नी को उसके प्रेमी के घर छोड़ दिया और खुद वापस अपने घर लौट आया। मौके पर मौजूद रिश्तेदार और पंचायती भी अपने-अपने घर लौट गए। जिसके चलते ये घटना क्षेत्र के भर में चर्चा का विषय बन गई है।
◆ गणेश मंदिर सहित जगमगाया संपूर्ण मेला परिसर, बुधवार को रथयात्रा में स्वचालित झांकियां रहेंगी आकर्षण का केंद्र।
◆ 25 अगस्त से 14 सितंबर तक चलेगा गणेश जन्मोत्सव कार्यक्रम।
चंदौसी। उत्तर भारत के प्रसिद्ध मेला गणेश चौथ मेला का आज शुभारंभ होगा। जहां चारों धर्मों के प्रतिनिधियों द्वारा मेले का भव्य आगाज किया जाएगा। साथ ही बुधवार को गणेश चतुर्थी पर श्रीगणेश मंदिर से स्वचलित झांकियों संग गणपति बप्पा की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। जो मेले का मुख्य आकर्षण रहेगी। जिसके चलते ही श्रीगणेश मंदिर को रंगीन झालरों से अलंकृत किया गया है। व्यवस्थाओं को लेकर शनिवार को जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई भी गणेश मंदिर एवं मेला ग्राउंड का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले चुके हैं। प्रसिद्ध गणेश चौथ मेला हर वर्ष की भांति इस बार भी भव्य रूप में आयोजित हो रहा है। 25 अगस्त से 14 सितंबर तक चलने वाले गणेश जन्मोत्सव कार्यक्रम की समस्त तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। साफ-सफाई से लेकर विद्युत व्यवस्था तथा आवागमन और पार्किंग व्यवस्था आदि के पुख्ता इंतजामात किए गए हैं। जिसके चलते ही इस बार समस्त मेला क्षेत्र की सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। साथ ही डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया की पहल पर इस बार मेले को प्लास्टिक मुक्त बनाने हेतु भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आज घट स्थापन और द्वार पूजन के साथ मेला गणेश चौथ का शुभारंभ किया जाएगा जहां पांच धर्म के प्रतिनिधि मेले का उद्घाटन करेंगे और बुधवार को गणेश चतुर्थी के सुअवसर पर रथयात्रा में स्वचालित झांकियों को नगर में भ्रमण कराया जाएगा।
बता दें कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश का यह प्रसिद्ध मेला सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक है। मेले में सभी धर्मों के लोग बढ़चढ़ कर भागीदारी करते हैं, साथ ही देशवासियों को सांप्रदायिक एकता का संदेश देते हैं। इतना ही नहीं समस्त शहर में 21 दिनों के लिए भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। जिसके चलते ही यह मेला महाराष्ट्र के बाद गणेश चतुर्थी पर देश में लगने वाला सबसे बड़ा मेला है। इस दौरान भगवान गणेश की भव्य रथ यात्रा एवं झांकियां को देखने के लिए शहर में लाखों भक्त एकत्र होते हैं। चंदौसी के गणेश जन्मोत्सव को भव्य महोत्सव बनाने वाले मेला गणेश चौथ के संस्थापक डॉ. गिरिराज किशोर गुप्ता ने सन् 1962 में पहली बार एक मूर्ति बनाई, तब से ही यह क्रम आज तक निरंतर जारी है।
मेले में दुकानदार अपनी-अपनी दुकानें सजाने के लिए दिन रात काम कर रहे हैं। मेला इंचार्ज रविंद्र कुमार रूपी ने बताया कि इस बार मेले में 382 दुकानें लगाई जा रही हैं। इनमें मुरादाबाद के पीतल के आइटम, अलीगढ़ के ताले, राजस्थानी कपड़े और चप्पल, ब्रज की पोशाक, हाथरस की हींग व चूरन की दुकान समेत उत्तराखंड के रेस्टोरेंट, रामपुर की फूड आदि की दुकानें आई हैं। इसके अलावा मेले में सिर्फ सिंगल यूज प्लास्टिक बैग का प्रयोग अपरिहार्य कर दिया गया है। स्वच्छता की दृष्टि से सभी दुकानदारों को डस्टबिन रखने और अग्निशमन यंत्र रखना आदि भी अनिवार्य कर दिया गया है। हर बार की भांति इस बार भी मेले में बिजली से चलने वाले झूले मुख्य आकर्षण रहेंगे। इस बार आधे दर्जन से अधिक झूले बुलाए गए हैं। जिनमें लोगों की डिमांड पर इस बार टोरा-टोरा झूले के साथ ही मेले में व्हील, नाव, ड्रैगन ट्रेन, ब्रेक डांस, सूज वाला झूला आदि झूले आए हैं। मेला गणेश चौथ में प्रतिदिन मेले के दौरान सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। जिसके चलते ही मेला परिसर में लगने वाला कार्यक्रम स्टेज और पंडाल को भी वाटरप्रूफ बनाया गया है। जिसमें डेढ़ हजार से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। साथ ही अन्य वर्षो की तुलना में इस बार मेले में सड़कों का भी ब्राॅडीकेशन किया गया है, जिससे मेले में आई श्रद्धालु को अधिक भीड होने के चलते दिक्कत का सामना न करना पड़े। साथ ही मेला परिसर में बारिश के पानी आदि से बचाव के चलते अंडरग्राउंड पाइपलाइन भी डाली गई है। जहां चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था रखने की चलते प्रशासन और पुलिस अधिकारी रोजाना मेला स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।
■ दैनिक प्रवाह के लिए डॉ. गौरव उन्मुक्त की रिपोर्ट…
◆ घट स्थापन और द्वार पूजन के साथ शुरू होगा कार्यक्रम, पांच धर्म के प्रतिनिधि करेंगे उद्घाटन।
◆ 25 अगस्त से 14 सितंबर तक चलेगा गणेश जन्मोत्सव कार्यक्रम।
◆ 27 को विचरित रथयात्रा में स्वचालित झांकियां रहेंगी आकर्षण का केंद्र।
प्रवाह ब्यूरो संभल। मिनी वृंदावन के नाम से प्रसिद्ध संभल के चंदौसी नगर में भव्य रूप से आयोजित हो रहे गणेश जन्मोत्सव कार्यक्रम की तैयारी अंतिम दौर में हैं। 25 अगस्त से 14 सितंबर तक चलने वाले 65वें गणेश जन्मोत्सव कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार हो चुकी है। जिसके अनुसार 25 अगस्त को सर्वप्रथम घट स्थापन और द्वार पूजन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी। उत्तर भारत का सबसे प्रसिद्ध गणेश चौथ मेला हर वर्ष की भांति इस बार भी भव्य रूप में आयोजित होगा। 25 अगस्त से 14 सितंबर तक चलने वाले गणेश जन्मोत्सव कार्यक्रम की तैयारियां भी अब अंतिम दौर में हैं। साफ-सफाई से लेकर विद्युत व्यवस्था तथा आवागमन और पार्किंग व्यवस्था आदि के पुख्ता इंतजामात किए गए हैं। जिसके चलते ही समस्त मेला क्षेत्र को सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संभल जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया की पहल पर इस बार मेले को प्लास्टिक मुक्त बनाने हेतु भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 21 दिन तक चलने वाले गणेश जन्मोत्सव कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जा चुकी है। जहां पंच पुरोहित गंगोत्री, यमुनोत्री सहित 31 गंगा कुंडों के पवित्र जल से भगवान गणेश को महाभिषेक भी करा चुके हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश का यह प्रसिद्ध मेला सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक है। मेले में सभी धर्मों के लोग बढ़चढ़ कर भागीदारी करते हैं, साथ ही देशवासियों को सांप्रदायिक एकता का संदेश देते हैं। इतना ही नहीं समस्त शहर में 21 दिनों के लिए भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। जिसके चलते ही यह मेला महाराष्ट्र के बाद गणेश चतुर्थी पर देश में लगने वाला सबसे बड़ा मेला है। इस दौरान भगवान गणेश की भव्य रथ यात्रा एवं झांकियां को देखने के लिए शहर में लाखों भक्त एकत्र होते हैं। चंदौसी के गणेश जन्मोत्सव को भव्य महोत्सव बनाने वाले मेला गणेश चौथ के संस्थापक डॉ. गिरिराज किशोर गुप्ता ने सन् 1962 में पहली बार एक मूर्ति बनाई, तब से ही यह क्रम आज तक निरंतर जारी है।
श्री गणेश मेला परिषद के सचिव हरि गोपाल वार्ष्णेय ने बताया कि मेला और गणेश महोत्सव निर्विघ्न संपन्न हो सके। इसके लिए मेला आरंभ से पूर्व गणेश मंदिर पर विशेष पूजा अर्चना की जाती है। जहां 25 अगस्त को एसडीएम व सीओ के पूजन के बाद हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और बौद्ध धर्म के प्रतिनिधि फीता काटकर मेले का उद्घाटन करेंगे। इस वर्ष मेले में 382 दुकानें आवंटित की गईं हैं जो पिछले वर्ष तुलना में 82 अधिक हैं। विद्यमान दुकानों में खानपान, खेल-खिलौने और दैनिक उपयोग की वस्तुएं उपलब्ध होंगी। साथ ही झूलों और मनोरंजन की भी विशेष व्यवस्था की गई है। जहां चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था रखने की चलते प्रशासन और पुलिस अधिकारी रोजाना मेला स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।
◆ 1961 में प्रथम बार हाथ से बनी थी भगवान गणेश की मिट्टी की मूर्ति ।
◆ डॉ. गिरिराज किशोर ने गणेश भगवान की मिट्टी की मूर्ति बनाकर किया था नगर में भ्रमण।
चंदौसी में गणेश चौथ मेले का शुभारंभ सर्वप्रथम 1961 में पहली बार किया गया था। जहां डॉ. गिरिराज किशोर ने पहली बार अपने हाथों से बनाई भगवान गणेश की मिट्टी की मूर्ति को चंदौसी नगर में भ्रमण कराया था। उस दौरान मंदिर के आसपास पूजा अर्चना के लिए सिर्फ एक-दो प्रसाद की दुकान लगा करती थीं। जहां मेला गणेश चौथ का उस समय सिर्फ सात दिवसीय आयोजन होता था। धीरे-धीरे मान्यता बढ़ती गई और लोग जुड़ते गए। मेला मंदिर के आसपास में लगता था। जिसके चलते लोगों को दिक्कत होती थी तब डॉ. गिरिराज किशोर ने मेले के लिए अलग से जमीन लेकर हर साल मेले का आयोजन करवाया जो आज तक निरंतर जारी है।
◆ 65वें गणेश जन्मोत्सव कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार….
चंदौसी में 25 अगस्त से प्रारंभ होने वाले गणेश जन्मोत्सव कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार हो चुकी है जिसमें…
● 25 अगस्त को प्रथम दिन घट स्थापन और द्वार पूजन कार्यक्रम होगा। साथ ही शाम के समय सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा गणेश जी की फूल डोल निकाली जाएगी।
जहां प्रथम दिन ही सर्वधर्म प्रतिनिधियों द्वारा भव्य मेले का उद्घाटन किया जाएगा व रात्रि में विशाल देवी जागरण का आयोजन होगा।
● 26 अगस्त को निधिवन झांकी उद्घाटन, शिव विवाह कार्यक्रम, व शाम के समय प्रतिदिन स्वांग कार्यक्रम हुआ करेंगे साथ ही रात्रि के समय नटराज रंगमंच आयोजित होगा।
● 27 अगस्त को गणेश महापूजन, रासलीला प्रतिदिन, रथ यात्रा नगर भ्रमण।
● 28 अगस्त को एक शाम मुकेश के गीतों के नाम, भोपाल रंगमंच।
● 29 अगस्त को रंगोली सजाओ, प्रतियोगिता ग्रुप डांस प्रतियोगिता।
● 30 अगस्त को फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन होगा।
● 31 अगस्त को चित्रकला प्रतियोगिता, अंताक्षरी प्रतियोगिता।
● 1 सितंबर को कैरम प्रतियोगिता, शतरंज प्रतियोगिता।
● 3 सितंबर को ऑडियो लिप्सिंग प्रतियोगिता, उत्तर प्रदेश सरकार कार्यक्रम, रात्रि के समय भोपाल रंगमंच, नहाराज रंगमंच।
● 4 सितंबर को एक मिनट प्रतियोगिता, उत्तर प्रदेश सरकार कार्यक्रम।
● 5 सितंबर को नरान्तक वध, भारत सरकार के कार्यक्रम। मेला ग्राउंड में नटराज रंगमंच, नाटक कल्कि अवतार।
● 6 सितंबर को श्री गणेश प्रतिमा विसर्जन, गणेश मंदिर चंदौसी से नरौरा व शाम 7 बजे मां परमेश्वरी प्रताप गायन प्रतियोगिता।
● 7 सितंबर को पतंग प्रतियोगिता तथा भारत सरकार के कार्यक्रम। दोपहर के समय हनुमान ग्राउंड पर नटराज रंगमंच, सुर क्षेत्र गायन प्रतियोगिता।
● 8 सितंबर को मेहंदी प्रतियोगिता, मद्य निषेध कार्यक्रम, राष्ट्र को समर्पित कार्यक्रम व रात्रि 8 बजे भूपाल रंगमंच।
● 9 सितंबर को कव्वाली, उत्तर प्रदेश सरकार के कार्यक्रम, रात्रि भोपाल रंगमंच, नटराज रंगमंच, कैराओके सिंगिंग प्रतियोगिता।
● 10 सितंबर को विराट कवि सम्मेलन, डॉ हरिओम पंवार व अन्य की उपस्थिति में।
● 11 सितंबर को चादर शरीफ, उत्तर प्रदेश सरकार के कार्यक्रम, शाम 5 बजे गणेश मंदिर से खान बाबा मजार, मिनी बॉलीवुड स्टार।
● 12 सितंबर को देशभक्ति गीत एवं नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन।
● 13 सितंबर को बॉलीवुड नाइट, ख्याल, नृत्य नाटिका।
● 14 सितंबर को समापन समारोह एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम एवं शाम 6 बजे भूपाल रंगमंच का आयोजन।
इसके अलावा प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम, तथा 26 अगस्त से प्रतिदिन मेला ग्राउंड झांकी व निधिवन दर्शन आदि कार्यक्रम भी हुआ करेंगे।
◆ देशभर में प्रसिद्ध है चंदौसी का गणेश चौथ मेला।
संभल के चंदौसी नगर में लगने वाले गणेश जन्मोत्सव कार्यक्रम देश भर में प्रसिद्ध है। उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी यहां लोग मेला देखने के लिए आते हैं। उत्तर प्रदेश राज्य भर से गणेश चौथ मेला देखने के लिए श्रद्धालु आते हैं। मेला कमेटी द्वारा विशेष रूप से भव्य तैयारियां की जा रही हैं। मुख्य रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक गणेश चौथ मेला के रूप में जाना जाता है। मुंबई के प्रसिद्ध गणेश महोत्सव की तर्ज पर मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले में मुख्य रूप से रथ यात्रा की मुख्य झांकी तैयार की जा रही है। जिसे कृत्रिम सीप से सजाया जा रहा है। गणेश चौथ मेला के दौरान मंदिर पर महिलाओं द्वारा संकीर्तन भी किया जाता है।
◆ यूपी पुलिस में खेल कोटे से ‘एएसपी’ बनने वाले, बने पहले अफसर।
◆ संभल हिंसा के बाद पहली बार सुर्खियों में आये थे सीओ अनुज चौधरी।
प्रवाह ब्यूरो संभल। यूपी के चर्चित पुलिस अधिकारी अनुज चौधरी अब एएसपी बन गए हैं। प्रशासन की तरफ से शुक्रवार की रात प्रमोशन संबंधी नोटिफिकेशन जारी किया गया। जिसकी चलते शनिवार को संभल अधीक्षक कृष्ण कुमार व अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) राजेश कुमार श्रीवास्तव द्वारा चंदौसी क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार चौधरी के अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर पदोन्नत होने पर रैंक प्रतीक/अशोक स्तंभ लगाकर पदोन्नति की बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। बता दें कि 2012 बैच के पीपीएस अधिकारी अनुज खेल कोटे से पुलिस सेवा में आए और अब इस कोटे से एडिशनल एसपी बनने वाले चंदौसी सीओ अनुज चौधरी पहले अफसर हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक, सीओ से एडिशनल एसपी बनने के लिए 12 साल की सेवा जरूरी होती है। इस बैच में केवल अनुज चौधरी ने यह सेवा अवधि पूरी की है। 2012 बैच के अनुज चौधरी, संभल हिंसा और विवादित बयानों के कारण चर्चा में रहे थे। खेल कोटे से पहले नियुक्ति पाने और सीनियरिटी मिलने के कारण, वे प्रमोशन के लिए एकमात्र पात्र अफसर बन गए हैं। जिसके चलते 2 अगस्त को हुई डीपीसी बैठक में यह फैसला लिया गया।
अनुज चौधरी मुजफ्फरनगर के बहेड़ी गांव के रहने वाले हैं। वे एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान भी रहे हैं। उन्होंने कुश्ती में भारत का नाम रोशन किया है। इतना ही 1997 से 2014 तक वे नेशनल चैंपियन रहे। इनके द्वारा 2002 और 2010 के नेशनल गेम्स में दो सिल्वर मेडल जीते गए। इसके अलावा एशियाई चैंपियनशिप में उन्होंने दो ब्रॉन्ज मेडल भी जीते हैं। जिसकी चलती अनुज चौधरी को साल 2001 में लक्ष्मण अवॉर्ड व साल 2005 में अर्जुन अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है। अवगत रहे कि अनुज चौधरी ने कुश्ती में भारत का नाम रोशन किया है। अनुज चौधरी 2012 बैच के इकलौते ऐसे अफसर हैं, जो प्रमोशन के लिए योग्य पाए गए हैं।
अनुज चौधरी संभल में हुई हिंसा के दौरान सुर्खियों में आए थे। उस समय उनके पैर में गोली लगी थी। उन्होंने एक विवादित बयान भी दिया था। उन्होंने कहा था, “होली साल में एक बार आती है, जुमा 52 बार आता है।” उनके इस बयान पर काफी विवाद हुआ था। लेकिन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि “पहलवान है, पहलवान की तरह ही बोलेगा।” अब एसपी बनने के बाद अनुज चौधरी के प्रशंसकों में खुशी की लहर दौड़ गई है जहां लोग उन्हें सोशल मीडिया के साथ-साथ फोन के माध्यम आदि से बधाईयां दे रहे हैं।
■ दैनिक प्रवाह के लिए संभल से गौरव उन्मुक्त की रिपोर्ट…
◆ बेटी की शादी में भी शिक्षा मंत्री के मुस्लिम भाई ने निभाई थी भात की रस्म।
◆ हिंदू मुस्लिम भाई-बहन का ये रिश्ता बन गया है धार्मिक और सामाजिक एकता की मिसाल।
प्रवाह ब्यूरो संभल। संभलमें रक्षाबंधन का पर्व नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में हर्षोउल्लास के साथ मानाया गया। बहनों ने अपने भाईयों की कलाईयों पर राखी बांधी और उनकी दीर्घ आयु की कामना की। भाईयो ने भी अपनी बहनों को हर हाल में रक्षा करने का वचन दिया। तो वहीं संभल से रक्षाबंधन पर एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई जहां उत्तर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने अपने आवास पर मदरसे के मौलाना मोहम्मद फिरोज खां की कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान दोनों बहन-भाई काफी उत्साहित थे। ऐसा नहीं था कि यह खुशी सिर्फ राज्यमंत्री के चेहरे पर थी, बल्कि रविवार को उस बहन के चेहरे पर भी देखने को मिल रही थी जो अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने जा रही थी। जहां चंदौसी में रक्षाबंधन का त्यौहार एक अलग ही मिसाल पेश करता दिखा। मौलाना फिरोज, मदरसा मोहम्मद अली जौहर के प्रबंधक हैं और मंत्री गुलाब देवी के मुंहबोले भाई हैं। बता दें कि गुलाब देवी और मौलाना फिरोज का यह रिश्ता कोई नया नहीं है। वह वर्षों से भाई दूज पर तिलक और रक्षाबंधन पर राखी बांधकर इस रिश्ते को निभाती आ रही हैं। दिलचस्प बात यह है कि प्रदेश सरकार की मंत्री गुलाब देवी के कोई सगे भाई नहीं हैं। ऐसे में उन्होंने मौलाना मोहम्मद फिरोज और कांग्रेस कार्यकर्ता सलीम सैफी को अपना मुंहबोला भाई बनाया हुआ है। इतना ही नहीं दोनों भाई, मंत्री के परिवार में शादी-ब्याह जैसे सभी अवसरों पर पूरे उत्साह से शामिल होकर भाई का फर्ज भी निभाते हैं। इस बार भी रक्षा बंधन पर यह रिश्ता धार्मिक और सामाजिक एकता की मिसाल बन गया।
‘संभल संवाद’ ऐप का उद्घाटन करते सीएम योगी आदित्यनाथ।
◆ जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने शुरू की पहल: जानकारी के साथ शिकायत दर्ज करने की भी सुविधा।
◆ ‘संभल संवाद एप’ के बारे में मुख्यमंत्री को भी कराया गया अवगत।
प्रवाह ब्यूरो संभल। संभल में जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया की पहल से ‘संभल संवाद एप’ की शुरुआत हो गई है। एप पर एक क्लिक करने पर ही पूरे जनपद से संबंधित जानकारी तथा विभागीय अधिकारियों की जानकारी मिल जाएगी। जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को बहजोई में अपनी जनसभा के दौरान किया। डिजिटल गवर्नेंस की तरफ बढ़ रहे संभल ने अब अपनी एक अलग पहचान बना ली है। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया द्वारा एक नई पहल के साथ संभल जनपद की पूरी जानकारी, सभी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी, लाभ लेने की प्रक्रिया, जनपद के इतिहास, भूगोल तथा राजनीतिक क्षेत्र की जानकारी, इतना ही नहीं शिकायत दर्ज करने की भी सुविधा आदि सब सिर्फ एक ही ऐप के माध्यम से प्रदान की गई है। जिसका नाम ‘संभल संवाद एप‘ रखा गया है। जिलाधिकारी की पहल के चलते अब किसी भी जनपद वासी को जानकारी के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है। किसी भी विभाग के अधिकारी से संपर्क करने शिकायत दर्ज करने तथा किसी भी सुविधा के बारे में जानकारी लेने संभल की राजनीतिक क्षेत्र के बारे में जानकारी करने जैसी तमाम जानकारी इस एक एप के माध्यम से प्रदान की गई है। इसके अलावा इसकी जानकारी अंग्रेजी तथा हिंदी दोनों माध्यमों में दी गई है। जिससे कि सभी जनपदवासी इसका लाभ ले सकें। इतना ही नहीं एप के माध्यम से जनपद के सभी सरकारी तथा निजी अस्पताल, बैंक, थाने, जनपद के सभी विभागीय अधिकारी कार्यालय, विकासखंड, विकासखंड से संबंधित अधिकारी, तहसील, जनपद के सभी परिषदीय विद्यालय, माध्यमिक विद्यालय, स्कूल, कॉलेज, सार्वजनिक शौचालय, पार्क, परिवहन साधन आदि की जानकारी भी यहां उपलब्ध कराई गई है।
इतना ही नहीं इसके माध्यम से किसी भी विभागीय अधिकारियों से संबंधित शिकायत भी एप के माध्यम से दर्ज कराई जा सकती है। जिसका नेतृत्व सीधे जिलाधिकारी द्वारा किया जाएगा। ‘संभल संवाद’ एप में अपने नाम के मुताबिक जनपदीय लोगों की सुगमता के लिए जनपद के सभी प्रशासनिक मोबाइल नंबर तथा हेल्पलाइन नंबर भी जोड़े गए हैं। जहां सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी गई है तथा आवेदन करने के लिए भी एप के माध्यम से सुविधा प्रदान की गई है। एप निर्माण में तीन माह की सतत मेहनत के अब जिलाधिकारी द्वारा इसे लागू कर गूगल प्ले स्टोर पर अपलोड कर दिया गया है जहां से कोई भी यूजर इसे सहजता से डाउनलोड कर जनपद के बारे में जानकारी ले सकता है। जहां गुरुवार को बहजोई में जिला मुख्यालय के साथ विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण तथा शिलान्यास करने आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल संवाद ऐप का भी शुभारंभ किया।
■ दैनिक प्रवाह के लिए डा. गौरव उन्मुक्त की रिपोर्ट….
◆ कहा- कांग्रेस ने करवाईं सामूहिक हत्या, सपा ने डाला उनके पाप पर पर्दा, अब मिलेगी सजा।
◆ संभल में 659 करोड़ की 222 विकास परियोजनाओं का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण व शिलान्यास।
◆ संभल जामा मस्जिद के ऊपर हेलीकॉप्टर के लगाए तीन राउंड।
प्रवाह ब्यूरो संभल। संभल में हिंसा के बाद पहली बार संभल पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद के लिए 659 करोड़ रुपए की 222 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया। साथ ही संभल के पुरातात्विक इतिहास का वर्णन करते हुए विपक्ष पर हमला बोला। संभल आने पर मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर ने शाही जामा मस्जिद के ऊपर तीन राउंड लगाए। नवीन पुलिस लाइन में पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने बहजोई के आनंदपुर में मुख्यालय का शिलान्यास व पूजन किया। संभल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिले की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण तथा मुख्यालय का शिलान्यास करने के लिए आए थे।
संभल में आते ही उन्होंने संभल के हिंसा विवादित शाही जामा मस्जिद के ऊपर सीएम योगी के हेलीकॉप्टर ने तीन राउंड लगाए। जिसके पश्चात बहजोई नवीन पुलिस लाइन में उनका हेलीकॉप्टर उतरा।
जहां उन्होंने नवीन पुलिस लाइन का भ्रमण किया तथा कार द्वारा जनसभा स्थल पहुंचे। तदोपरांत आनंदपुर में पहुंचने पर शिलान्यास व पूजन किया। जहां प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी भी साथ रहे। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संभल एक सच्चाई है। जिन लोगों ने संभल के साथ पाप किया है उन्हें सजा मिलेगी। संभल को जो लोग दंगाग्रस्त बनाना चाहते थे, उन्हें कीमत चुकानी होगी।
◆ बोले- कांग्रेस ने कराईं सामूहिक हत्याएं तो सपा ने पापों पर पर्दा डाला।
संभल पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि संभल के साथ जिन लोगों ने पाप किया है, उन्हें सजा मिलेगी। संभल को दंगाग्रस्त बनाने वालों को इसकी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने कहा कि हमारे संभल में ही भगवान कल्कि के रूप में श्री हरि विष्णु का दसवां अवतार होगा। इतना ही नहीं विपक्ष पर बार करते हुए योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी हत्यारों को बचाने का काम करती थी। आजादी के बाद जो भी कत्लेआम हुआ, उसकी सच्चाई यदि सामने आती तो समाजवादी पार्टी को वोट बैंक खिसकने का डर था। उन्होंने कहा कि ये लोग गरीबों पर डकैती डालने का काम करते थे। आगे बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग वोट बैंक के लिए नहीं बल्कि विरासत का संरक्षण करने के लिए आए हैं।
◆ दक्षिणा के लिए जेब पर डाली नजर तो प्रदेश अध्यक्ष ने दिए दक्षिणा के रुपए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहजोई के आनंदपुर में शिलान्यास पूजन के दौरान जब पंडित जी ने संकल्प के लिए दक्षिण मांगी तो उन्होंने अपनी जेब पर नजर डाली। इतने में वहीं बैठे प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने अपने पास से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दक्षिणा के रूप में कुछ रुपए दिए।
◆ संभल के तीर्थों को विदेशी अत्याचारियों ने अपवित्र किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संभल के तीर्थों को विदेशी अत्याचारियों ने अपवित्र कर किया है। यहां 19 कूपों पर कब्जा हो गया। उन्होंने सपा और कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस और सपा को डर था कि संभल की सच्चाई सामने आई तो उनका वोट बैंक खिसक जाएगा। लेकिन हम वोट बैंक के लिए नहीं आए हैं। संभल के तीर्थों का उद्धार हमारी सरकार करेगी।
◆ सीएम बोले- मैं बहन गुलाब देवी को जिला मुख्यालय के रूप में रक्षाबंधन का उपहार दे रहा हूं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी की ओर इशारा करते हुए कहा कि मैं बहन गुलाब देवी को रक्षाबंधन के त्यौहार के उपहार के रूप में जिला मुख्यालय दे रहा हूं। 2011 में जिसकी घोषणा की गई थी, लेकिन अब मुख्यालय मिला है।
◆ योगी ने कहा- संभल को अब दंगाइयों से लड़ने की शक्ति मिली है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसभा के दौरान कहा कि संभल को अब दंगाइयों से लड़ने की शक्ति मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि 16 अगस्त को श्री कृष्ण जन्माष्टमी है। भगवान हर साल आते हैं, फिर आएंगे। जिन लोगों ने संभल के साथ पाप किया था, उन्हें सजा मिलेगी। चंदौसी का जिक्र करते हुए कहा कि चंदौसी को मिनी काशी कहा जाता है। यहां भगवान राम की मूर्ति स्थापित हो रही है, जिसमें हम एक बार फिर आएंगे। उन्होंने कहा कि काशी में लाखों सनातनी आकर पूजा करते हैं, अयोध्या में नई अयोध्या के दर्शन हो रहे हैं। अयोध्या और काशी में अगर ऐसा हो सकता है तो संभल में क्यों नहीं हो सकता? भगवान कल्कि की नगरी में अब विकास होंगे। संभल की सच्चाई बताने के लिए हमारे पास पुरातात्विक प्रमाण हैं। जहां चंदौसी में बजरंगबली की बड़ी मूर्ति बनी है। उन्होंने कहा कि ये संभल की धरती है। संभल को विरासत में विवाद लेकर चलने वाले कुछ लोगों को ही ऐसा लगता है यह विवादित स्थल लगता है। बोले- संभल विवादित स्थल नहीं बल्कि आस्था और विकास की भूमि।
◆ योगी बोले- भगवान कल्कि की धरा को नमन करता हूं।
जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान कल्कि की धरा को मैं नमन करता हूं। रक्षाबंधन और जन्माष्टमी से पहले मिलने वाली इन परियोजनाओं के लिए जनपदवासियों को बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर हमारी बहनें एक सह यात्री के साथ पूरे प्रदेश में फ्री यात्रा कर सकती हैं। उनसे कोई भी किराया नहीं लिया जाएगा। संभल में 14 साल के बाद संभल को मुख्यालय मिला है और एक बड़ी पुलिस लाइन भी बनने जा रही है।
◆ सीएम ने प्रदर्शनी के दौरान गोद लिया बच्चा, कराया अन्नप्राशन।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहजोई के आनंदपुर में जनसभा के बाद प्रदर्शनी के आयोजन के दौरान जब प्रदर्शनी का अवलोकन किया तो वहीं एक महिला के गोद में दिखे बच्चे को गोद ले लिया, जिसके हाथ में खिलौना था। जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चे को चम्मच से अन्नप्राशन कराया। साथ ही बच्चे को दुलारा। बच्चे पर ध्यान देने के लिए बच्चे की मां को प्रेरित किया।
◆ भूपेंद्र चौधरी ने कहा- 2017 से पहले दंगाइयों के हवाले था प्रदेश।
जनसभा के दौरान प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज इस पुण्य धरती पर पधारे हैं। मुख्यमंत्री ने आज करोड़ों की योजनाओं का शिलान्यास किया है। 2012 से 2017 तक पूरे प्रदेश में दंगे होते थे। जहां पूर्व की सरकारों ने पूरे प्रदेश को दंगाइयों के हवाले सौंप दिया था।
◆ राज्य मंत्री गुलाब देवी ने उठाई संभल के नाम बदलवाने की मांग।
जनसभा के दौरान माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी ने मुख्यमंत्री से कहा कि आप दया के भंडार हैं। संभल जिले का नाम बदल दीजिए व चंदौसी तथा बहजोई में फ्लाईओवर चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि आपसे उम्मीद है कि ये जरूर मिलेंगे। जनसभा के दौरान कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, जिलाध्यक्ष चौधरी हरेंद्र सिंह रिंकू, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अनामिका यादव, माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी, जिला प्रभारी हेमंत राजपूत, मंत्री बलदेव सिंह औलख, पश्चिम क्षेत्र के अध्यक्ष सत्येंद्र सिसोदिया, उपाध्यक्ष सत्यपाल सैनी, कैला देवी मंदिर के महंत ऋषि राज गिरी महाराज, पूर्व एमएलसी परमेश्वर लाल सैनी, गुन्नौर पूर्व विधायक अजीत कुमार उर्फ राजू आदि उपस्थित रहे।
■ संभल के ग्राउंड जीरो से प्रवाह ब्यूरो की रिपोर्ट…