चंदौसी एसडीएम का ट्रांसफर रुकवाने की मांग तेज, सीएम को भेजे ज्ञापन।

● अखिल भारतीय युवा उद्योग व्यापार मंडल सहित अन्य संगठन भी आए आगे।

● चंदौसी को अतिक्रमण मुक्त करने में एसडीम विनय कुमार मिश्रा ने ही चलाया है अभियान।

● नगर वासी बोले- एसडीएम एक अधिकारी ही नहीं, बल्कि एक आंदोलन हैं, चंदौसी को बना रहे चांद सी नगरी।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल जनपद के चंदौसी एसडीम विनय कुमार मिश्रा के तबादला होने की जानकारी पर नगर वासियों के अलावा कई संगठन उनका ट्रांसफर रुकवाने को आगे आ गए हैं।
एसडीम विनय कुमार मिश्रा चंदौसी को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए अभियान चलाकर कार्यवाही कर रहे हैं और वह लगातार चंदौसी की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने में लगे हुए हैं। जिससे लोगों को और राहगीरों को सहूलियत मिल रही है।
उनके स्थानांतरण की सूचना पर नगरवासी आगे आ गए हैं और लगातार जिलाधिकारी के अलावा मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन भेज कर उनका स्थानांतरण रुकवाने की मांग कर रहे हैं।

बता दें कि विनय कुमार मिश्रा संभल के एसडीएम भी रहे जहां उन्होंने संभल में अतिक्रमण मुक्त करने के लिए अभियान चलाया था। जिसके बाद उनका तबादला चंदौसी एसडीएम के पद पर हो गया था। चंदौसी जाने के बाद नगर वासियों में एक बार फिर चंदौसी नगरी को अतिक्रमण मुक्त करने की आस जगी।
विनय कुमार मिश्रा ने चंदौसी में राजस्व विभाग की टीम के साथ अतिक्रमण मुक्त अभियान चलाया। नगर की गलियों को अतिक्रमण मुक्त करना शुरू कर दिया।
वह चंदौसी में लगातार अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। जिससे आमजन के साथ-साथ नगर वासी और राहगीरों को काफी सहूलियत मिल रही है।
अचानक उनका ट्रांसफर चंदौसी से चंदौली हो गया है। स्थानांतरण की सूचना पर नगर वासी उनका ट्रांसफर रुकवाने की मांग कर रहे हैं।जिसमें राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अध्यक्ष कौशल किशोर वंदे मातरम के नेतृत्व में दर्जनों पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने चंदौसी के उप जिलाधिकारी विनय कुमार मिश्रा का स्थानांतरण रुकवाने के संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।
जहां उन्होंने कहा है कि चंदौसी नगर को चांद सी बनाने के प्रयास में रात दिन एक करने वाले उप जिला अधिकारी विनय कुमार मिश्रा का स्थानांतरण नहीं होना चाहिए।

वहीं इसके साथ ही अखिल भारतीय युवा उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष अनुज वार्ष्णेय अन्नू के नेतृत्व में संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा है। जिसमें चंदौसी एसडीएम विनय कुमार मिश्रा का ट्रांसफर रुकवाने की मांग की है।
उन्होंने कहा है कि हमारे क्षेत्र के विकास का सौंदर्य करण और विकास के लिए आगे बढ़ाने में एसडीएम विनय कुमार मिश्रा का महत्वपूर्ण योगदान है, इसलिए उनका ट्रांसफर रोका जाए।
नगर पालिका परिषद के सभासद अमन कुमार कोरी के नेतृत्व में भी मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर एसडीएम स्थानांतरण रुकवाने की मांग की गई है।
इसके अलावा सभासद शिवकुमार सैनी ने भी मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजा है। जिसमें विनय कुमार मिश्रा का स्थानांतरण रुकवाने की मांग की गई है।
एसडीम विनय कुमार मिश्रा का स्थानांतरण रुकवाने की मांग तेज हो गई है। नगर वासियों का कहना है कि विनय कुमार मिश्रा का स्थानांतरण जनहित में रोका जाना अति आवश्यक है, क्योंकि वह चंदौसी और नगर पालिका क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए तथा सरकारी योजनाओं के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।

सीएम से मिली बच्ची का उसकी मनपसंद स्कूल में हुआ एडमिशन।

● मुख्यमंत्री से कहा था- मेरा एडमिशन करा दो, मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुरादाबाद के सबसे महंगे स्कूल में हुआ एडमिशन।

● जनता दरबार में सीएम से मिलने का बच्ची का वीडियो हुआ वायरल।

प्रवाह ब्यूरो
मुरादाबाद। मुरादाबाद जनपद निवासी एक बच्ची अपने पिता के साथ मुख्यमंत्री के जनता दरबार में मिली और मुख्यमंत्री से मिलकर अपना एडमिशन कराने की बात कही तो मुख्यमंत्री ने बच्ची के एडमिशन के लिए निर्देश दे दिया और कुछ ही घंटों में बच्ची का एडमिशन मुरादाबाद के सबसे महंगे स्कूल में हो गया।
मुरादाबाद निवासी एक छोटी बच्ची मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में अपने पिता के साथ शिकायत लेकर पहुंची थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बच्ची से मिले, जिसे अपना नाम वाची बताया। बाद वाची से स्कूल का नाम पूछा गया। स्कूल का नाम आधा अधूरा बता पाई, जिसमें वह अपना प्रवेश लेना चाहती थी। उसके पिता की शिकायत थी कि स्कूल आरटीई के तहत उनकी बेटी को फ्री में एडमिशन नहीं दे रहा। मुख्यमंत्री और छोटी बच्ची का वीडियो वायरल हो गया। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने हंसते हुए यह भी पूछा था कि टेंथ में कारायें या इलेवंथ में। जहां बच्ची ने अपनी पढ़ाई की शुरुआती कक्षा का नाम बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फ्री में एडमिशन करने के निर्देश दिए तो मुरादाबाद जिलाधिकारी ने आरटीई के रिकॉर्ड के साथ शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बात की।
जिलाधिकारी के आदेश पर वाची का एडमिशन मुरादाबाद के सबसे महंगे सी एल गुप्ता वर्ल्ड स्कूल में करा दिया गया।
मुख्यमंत्री से मिलने के बाद घंटे भर बाद बच्ची का एडमिशन हो गया।
स्कूल द्वारा भी बेसिक शिक्षा अधिकारी को एक पत्र भेजकर अवगत करा दिया गया की बच्ची का एडमिशन एलकेजी कक्षा में कर लिया गया है, शिकायत को खारिज कर दिया जाए।
बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनता दरबार में लोगों की समस्याएं सुन रहे थे, सरकारी आवास पर समस्या सुनते हुए अपने पिता के साथ पहुंची छोटी बच्ची से भी उसी दौरान बातचीत हुई थी।

डीएम की मेज पर रखा कर्तव्यनिष्ठ विचारों की पत्रावली का फोटो, बना चर्चा का विषय।

● जिलाधिकारी संभल की विचारधारा की हर जगह हो रही चर्चा।

● प्रदेशवासी बोले- सभी अधिकारी इसी विचारधारा के हों तो लालफीताशाही पर स्वयं लग जाएगा अंकुश।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के संभल जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया का पदस्थ जनपद में कार्य करना तथा अपनी अलग ही विचारधारा के साथ लोगों की समस्याओं का निस्तारण करना एक अलग पहचान बन गया है। वह हर छोटी-बड़ी समस्या को गंभीरता से लेते हुए उसका निस्तारण करने के बाद ही दम लेते हैं।
संभल में जिलाधिकारी की कुर्सी के नजदीक मेज पर रखी एक अच्छी विचारधारा तथा कर्तव्यनिष्ठ शब्दों के साथ तस्वीर प्रदेश भर में चर्चा का विषय बन गई है।
जहां जिलाधिकारी ने अपने नाम और पद के आगे कुछ शब्द ही अलग अंदाज में लिख रखे हैं तो वही इससे हटकर कुछ और अलग विचार प्रस्तुत किए हैं।
जहां उनकी मेज के आगे ‘आपकी समस्या का अंतिम पड़ाव’ लिखा हुआ है। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि व्यक्ति की समस्या आदि जनपद में कहीं किसी भी अधिकारी के पास नहीं सुनी जाती है तो यहां अंतिम आना होगा और समस्या अवश्य ही निस्तारण कराई जाएगी।
इसे छोड़िए इसके अलावा उन्होंने अपनी मेज पर कुछ शब्दों में लिखा है कि “मेरी मेज पर रखी हुई प्रत्येक पत्रावली के पीछे एक व्यक्ति खड़ा अपना कार्य होने की प्रतीक्षा कर रहा है। मेरा यह कर्तव्य है कि मैं सबसे पहले इस पत्रावली का निस्तारण कर उसे व्यक्ति को राहत प्रदान करूं।” इन शब्दों को अंकित कर एक फोटो के माध्यम से उन्होंने अपनी मेज पर लगा रखा है। जिन्हें देखने के बाद जनपद वासी जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया की कार्य करने की अलग ही विचारधारा देख रहे हैं।
जिलाधिकारी की इस उत्कृष्ट विचारधारा को देख लोग कह रहे हैं कि यदि सभी अधिकारी इसी विचारधारा के साथ कार्य करने लगे तो लालफीताशाही पर तत्काल अंकुश लगने के साथ स्वयं जनता का भला होने लगेगा। हालांकि जो भी हो लेकिन वर्तमान में जिलाधिकारी का कर्तव्यनिष्ठ विचारों वाला फोटो प्रदेश भर में चर्चा का विषय बन गया है जिसके चलते जिलाधिकारी के कार्य करने की विचारधारा की जगह-जगह प्रशंसा होती दिख रही है।

ऑपरेशन सिंदूर की स्मृति में संभल में लगाई गई सिंदूर वाटिका।

● जिलाधिकारी व एसपी ने क्षेमनाथ मंदिर के महंत बाल योगी दीनानाथ के साथ रोपे 108 सिंदूर के पौधे।

● बोले- ऑपरेशन सिंदूर की स्मृति सभी के मन में रहे, इसलिए लगाई गई सिंदूर वाटिका।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर ऑपरेशन सिंदूर की स्मृति में संभल जनपद में जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया व एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने क्षेमनाथ मंदिर के महंत बाल योगी दीनानाथ के साथ सिंदूर वाटिका तैयार कर उसमें सिंदूर के108 पौधे रोपे गए हैं। ऑपरेशन सिंदूर की स्मृति सभी के मन में रहे, इसलिए संभल जनपद में सिंदूर वाटिका का निर्माण कराया गया है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर संभल नगर पालिका परिषद द्वारा अधिशासी अधिकारी डॉ. मणि भूषण तिवारी के नेतृत्व में जनपद में एक अनूठी पहल करते हुए ऑपरेशन सिंदूर की स्मृति में बहजोई मार्ग पर लाडम सराय स्थित कचरा संवेदनशील स्थल पर उसे विलुप्त करते हुए उसका सौंदर्यीकरण कर सिंदूर वाटिका का निर्माण किया गया। सिंदूर वाटिका बनाते हुए उसमें जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया व एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने क्षेमनाथ मंदिर के महंत बाल योगी दीनानाथ के साथ सिंदूर के 108 पौधे रोपित किए।

जिलाधिकारी ने कहा कि यह पहल बहुत ही सराहनीय है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की प्रेरणा से ऑपरेशन सिंदूर की स्मृति सभी के मन में रहे, इसलिए यहां सिंदूर वाटिका बनाई गई है।
जहां उनके साथ सैकड़ों शहर वासी उपस्थित रहे तथा संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों ने भी सिंदूर वाटिका में पौधे रोपित करने में अपना सहयोग दिया।
इस अवसर पर सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार, सहायक मजिस्ट्रेट क्षेत्राधिकारी संभल आलोक भाटी, उप जिलाधिकारी संभल विकास चंद्र, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका संभल डॉक्टर मणिभूषण तिवारी, अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।

संभल में निरीक्षण करने निकले बीडीओ की कीचड़ में फंसी गाड़ी, गाड़ी से उतर पैदल निकले।

● गुन्नौर विकासखंड क्षेत्र के गांव का मामला, गांव की विकास व्यवस्था का निरीक्षण के लिए निकले थे।

● ड्राइवर ने निकालने की कई मिनट तक की कोशिश, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ घटना का वीडियो।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। गांव की बदहाल स्थिति या विकास की व्यवस्था का निरीक्षण करने के लिए खंड विकास अधिकारी जब गांव में पहुंचे तो उसी गांव में कीचड़ से लबालब जल भराव के गड्ढे में स्वयं खंड विकास अधिकारी की गाड़ी फंस गई। गाड़ी नहीं निकलने पर खंड विकास अधिकारी गाड़ी से उतरकर पैदल आगे बढ़ गए तथा ड्राइवर ने लगातार कोशिश की, उसके बाद गाड़ी बाहर निकल पाई। जिसका वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया और पंचायत की बदहाल सड़क व्यवस्था के बारे में सवाल उठाया है।
मामला संभल जनपद के गुन्नौर विकासखंड के एक ग्राम पंचायत का है। जहां खंड विकास अधिकारी अखिलेश कुमार अपनी सरकारी गाड़ी से गांव में निरीक्षण के लिए निकले थे। बारिश के चलते सड़क पर गड्ढा होने के चलते जल भराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। जैसे ही वह गांव पहुंचे तो उनकी सरकारी गाड़ी गांव के बाहर एक लिंक मार्ग पर कीचड़ में फंस गई। चालक ने काफी कोशिश की। गाड़ी नहीं निकल पाई तो खंड विकास अधिकारी स्वयं गाड़ी से उतरकर पैदल आगे बढ़ गए। जहां लगातार कई मिनटों तक चालक गाड़ी को निकालने की कोशिश करता रहा, और उसके बाद गाड़ी निकल पाई। बारिश के दौरान सड़क पर गड्ढे होने के चलते जल भराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। खंड विकास अधिकारी अखिलेश कुमार कीचड़ को देखते हुए गाड़ी से नीचे उतर गए और पैदल आगे बढ़ गए।
जिस गांव में खंड विकास अधिकारी निरीक्षण के लिए निकले थे, उसी गांव में सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर सड़क व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार गांव के बाहर लिंक मार्ग पर गड्ढे होने के चलते जल भराव की समस्या बारिश के दिनों में बनी हुई है। जिसके चलते ही गाड़ी कीचड़ में फंसते ही लोगों ने अपने मोबाइल से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
हालांकि दैनिक प्रवाह वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

एसडीएम विनय मिश्रा ने भगवान गणेश के चरणों में अर्पित किया प्रथम निमंत्रण पत्र।

● इस बार 65वां गणेश जन्मोत्सव 25 अगस्त से 14 सितंबर 2025 तक होगा आयोजित, 27 अगस्त को महापूजन एवं रथ यात्रा के साथ संपन्न होगा आयोजन।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। बुधवार की शाम सुप्रसिद्ध गणेश चौथ मेला के उपलक्ष्य में चंदौसी उपजिलाधिकारी विनय मिश्रा व समस्त गणेश भक्त ढोल नगाड़ों के साथ गणेश मन्दिर पर पहुंचे। जहां फूल मालाओं से एसडीएम विनय मिश्रा का उपस्थित लोगों द्वारा स्वागत किया गया। उपजिलाधिकारी चंदौसी द्वारा प्रथम पूज्य भगवान गणेश को उनके श्री चरणों में प्रथम निमन्त्रण अर्पित कर प्रार्थना की गयी कि महाराज इस बार गणेश जन्मोत्सव अपने 65वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। 

हे निर्विघ्नं प्रथम पूज्य भगवान गणपति समस्त देवी-देवताओं के साथ सर्वप्रथम अपनी उपस्थिति दर्ज कर गत् वर्षों की भांति ही इस बार भी अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखते हुए आयोजन को सकुशल संपन्न करें।
अवगत रहे कि 64 वर्षों से निर्विघ्न सम्पन्न गणेश जन्मोत्सव मनाया रहा है। इसी क्रम में 65वां गणेश जन्मोत्सव 25 अगस्त 2025 से 14 सितम्बर 2025 तक मनाया जायेगा जो 27 अगस्त को महापूजन एवं रथ यात्रा के साथ संपन्न होगा।
इस अवसर पर ब्रह्माण्ड के समस्त देवी, देवताओं का आवाहन कर मेला संबंद्ध सभी कार्यक्रमों के निर्विघ्न सफलता पूर्वक सम्पन्न हेतु मन्दिर के पुजारी द्वारा मन्त्रोच्चार के साथ श्री गणेश जी से उपजिलाधिकारी व उपस्थित समस्त भक्तगणों द्वारा प्रार्थना की गई। तदोपरांत प्रसाद वितरण कर भगवान गणेश के जयकारों के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

बदायूं में अपने प्रेमी के साथ फरार हुई नवविवाहिता, पति बोला- हनीमून पर नैनीताल जाने की थी तैयारी।

● पति ने कहा –  न कोई प्राथमिकी, न कोई खर्च वापस मांगा, राजा रघुवंशी बनने से बच गया, यही काफी है।

● बीते 17 में को हुई थी शादी, कुल 13 दिन रही ससुराल में, फिर आ गई थी अपने मायके।

● पति ने कहा – गनीमत रही कि उससे पहले ही सच सामने आ गया।

प्रवाह ब्यूरो
बदायूं। बदायूं में नव विवाहिता अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई। जहां अपनी पत्नी के प्रेमी के साथ फरार होने के बाद पति ने कहा कि मैं राजा रघुवंशी बनने से बच गया। पत्नी के मायके से लौट के बाद नैनीताल हनीमून पर जाने की तैयारी थी। गनीमत रही कि सच सामने आ गया।

बदायूं जनपद के बिसौली क्षेत्र निवासी युवक की शादी बीते 17 मई को हुई थी। शादी के बाद लगभग 13 दिन पत्नी ससुराल में रुकी और उसके बाद से मायके में रह रही थी।
जहां से वह अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई। बीते 10 जून को प्रेमी के साथ फरार होने की सूचना मिली तो उसके पिता ने 11 जून को बिसौली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 16 जून को पुलिस को नव विवाहिता अपने प्रेमी के साथ मिली। जहां पुलिस ने ससुराल पक्ष और मायके पक्ष के दोनों लोगों को बुलाया। दोनों के सामने पुलिस के समक्ष नव विवाहिता ने अपने प्रेमी के साथ रहना स्वीकार किया और पति के साथ रहने से इन्कार कर दिया। जहां प्रेमी ने भी कहा कि दोनों के बीच प्रेम संबंध हैं, और साथ रहना चाहते हैं। पति ने कहा की शादी के बाद घर पर काफी रिश्तेदार थे। नहीं तो उसी समय हनीमून पर जाने की तैयारी थी। पत्नी के मायके से लौट कर आने के बाद नैनीताल हनीमून पर जाने की तैयारी बनाई थी। गनीमत रही कि उससे पहले ही सच सामने आ गया अन्यथा मैं भी राजा रघुवंशी बन जाता। जहां पति ने किसी भी तरह की कार्यवाही करने से इन्कार कर दिया और न ही कोई तहरीर दी।
जहां पति ने कहा कि भगवान का शुक्र है कि मैं भी राजा रघुवंशी बनने से बच गया, मेरे लिए यही काफी है। जिससे सच पहले ही सामने आ गया।

तीन दिवसीय दिव्य गर्भ संस्कार विज्ञान कार्यशाला का समापन।

● बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत जिलाधिकारी के निर्देश पर हुआ कार्यक्रम।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल जनपद में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत तीन दिवसीय दिव्य गर्भ संस्कार विज्ञान कार्यशाला का गुरुवार को समापन किया गया। जिसमें महिला कल्याण विभाग द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत गर्भवती महिलाओं तथा माता-पिता के लिए शिशु तथा गर्भावस्था के दौरान आध्यात्मिक मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ संतान के लिए प्राचीन वैदिक ज्ञान से परिचित कराया गया।
गुरुवार को तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन बहजोई के बबराला रोड बी.आर. रिसार्ट में किया गया। जहां दिव्य गर्भ संस्कार विज्ञान कार्यशाला का शुभारंभ आकांक्षा समिति अध्यक्षा डॉ. ऊषा, उपाध्यक्ष मृदुला भट्ट, जिला प्रोबेशन अधिकारी चंद्रभूषण, अमिता पैंसिया, संगीता भार्गव, रचना यादव, ममता राजपूत द्वारा दीप प्रज्वलित करके मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। डॉ. ऊषा पैंसिया ने कहा कि आज के तनावपूर्ण और भाग दौड़ भरे जीवन में मातृत्व को दिव्यता प्रदान करना एक आवश्यक आवश्यकता बन गया है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए महिला कल्याण विभाग द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है।

जिसमें गर्भवती महिलाओं होने वाले माता-पिता और परिवारों को गर्भावस्था के दौरान आध्यात्मिक मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ संतान के लिए प्राचीन वैदिक ज्ञान से परिचित कराना था।
उन्होंने कहा कि गर्भ संस्कार न केवल शारीरिक, स्वास्थ्य बल्कि मानसिक, आध्यात्मिक और भावनात्मक विकास के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। यह कार्यशाला वेदों ,आयुर्वेद, योग ,ध्यान और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के समय से तैयार की गई है। जिसमें विशेषज्ञ डॉक्टर,आयुर्वेदाचार्य, योगाचार्य तथा आध्यात्मिक मार्गदर्शक अपने अनुभव और मार्गदर्शन से प्रतिभागियों को लाभान्वित करा रही हैं। जिसमें बताया गया कि शिशु के समग्र विकास के लिए जागरुकता फैलाना माता-पिता को संस्कार युक्त पालन पोषण की प्राचीन तकनीक से अवगत कराना और एक स्वस्थ बुद्धिमान और संस्कारवान पीढ़ी के निर्माण में योगदान देना है। गर्भ संस्कार के माध्यम से आने वाली पीढ़ियां स्वस्थ, सुदृढ़, समृद्ध और दिव्य हों इसके बारे में विस्तार से बताया गया।
जहां आकांक्षा समिति की उपाध्यक्ष मृदुला भट्ट, अध्यक्ष डॉ. ऊषा पैंसिया, मुख्य चिकित्साधिकारी तरूण पाठक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, सामाजिक संगठन, वन स्टॉप सेंटर एवं मिशन वात्सल्य के सभी कर्मी आदि के साथ कार्यशाला का समापन किया गया।

विश्व पर्यावरण दिवस : पर्यावरण बचाने को शासन स्तर से करोड़ों पौधे, पर कागजों में सिमट रहा संरक्षण।

विश्व पर्यावरण दिवस : पर्यावरण बचाने को शासन स्तर से करोड़ों पौधे, पर कागजों में सिमट रहा संरक्षण।

● आओ बनाएं अपनी धरती को स्वर्ग, कागजों में नहीं, जमीनी स्तर पर लें संकल्प।

● धरती माता करे पुकार….वृक्ष काट, मत करो अत्याचार।

● जनसंख्या वृद्धि ही नहीं, बल्कि हमारी उपभोग वादी संस्कृति भी जिम्मेदार।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। हर वर्ष 5 जून का दिन और विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाने का अवसर, लोगों में जागरूकता फैलाना और फिर उसके बाद वर्ष भर शांत रहना। यह केवल कागजी संरक्षण को दर्शाता है। जिसके चलते पृथ्वी का अस्तित्व संकट में बढ़ता जा रहा है और तापमान भी आसमान छू रहा है। संभल जनपद में जहां हर वर्ष पृथ्वी को हरा-भरा करने के लिए शासन प्रशासन द्वारा करोड़ों पौधों का रोपण किया जाता है, लेकिन वर्ष भर बाद ही वह पौधे एक बड़े वृक्ष के रूप में आखिर दिखाई क्यों नहीं देते। इसलिए हमें कागजों में खाना पूर्ति करने के बजाय जमीन स्तर पर उतरकर धरती को स्वर्ग बनाने का संकल्प लेना होगा। वृक्षों को काटना, जल प्रदूषण करना, जल को बर्बाद करना, प्लास्टिक उपयोग, कूड़े कचरे की जमीनी स्तर पर अधिक वृद्धि होना आदि पृथ्वी के अस्तित्व पर संकट को दर्शा रहे हैं।
संभल जनपद में जहां प्रशासन द्वारा पिछले वर्ष भी वर्षा ऋतु के दौरान लक्ष्य के अनुसार लाखों पौधे लगाए गए थे, तो वहीं यह प्रक्रिया हर वर्ष अपनाई जाती है। स्वंय अंदाजा लगाया जाए की यदि हर वर्ष लाखों पौधे लगाए जा रहे हैं और यही पौधे वृक्ष बन जाएं तो संभल जनपद क्या पृथ्वी ही हरी भरी दिखाई देगी।


प्रशासन द्वारा लगातार पर्यावरण को बचाने हेतु जहां प्रचार-प्रसार किया जाता है संबंधित अधिकारी भी अपने-अपने संबंधित क्षेत्र में और विभागीय कर्मचारियों को निर्देशित करते हुए पौधारोपण पर ध्यान देते हैं, वहीं यह प्रक्रिया जमीनी स्तर पर पहुंचती है, लेकिन जमीनी स्तर पर जाते-जाते दम तोड़ देती है।
मात्र कागजी कार्यवाही में लाखों पौधे रोपण होना दर्शाया जाता है। पौधारोपण के बाद जिम्मेदारी से दूर भागना, उन्हें ऐसे ही छोड़ देना, आखिर कैसे हम जनपद को हरा भरा बना सकते हैं।
देशभर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर काफी बातें, सम्मेलन, सेमिनार आयोजित किए जाते हैं। लेकिन वास्तविक धरातल पर यह कुछ दिखाई देता नजर नहीं आता।
ऐसे में हम सबको प्रचार-प्रसार के साथ ग्रामीण क्षेत्र में भी लोगों को जागरूक करने का कार्य करना होगा साथ ही जमीन स्तर पर उतारकर पृथ्वी के अस्तित्व को बचाते हुए जल के दुरुपयोग को रोकना, वृक्षों के अस्तित्व को बचाना तथा प्लास्टिक के प्रयोग से दूर रहना होगा।
जनपद के प्रत्येक सरकारी संस्थान, माध्यमिक, परिषदीय विद्यालयों तथा डिग्री कॉलेज में भी छात्र-छात्राओं द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करते हुए ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अधिक जागरूक करने की जरूरत है।
मनरेगा के तहत तो कहीं ग्राम प्रधान, शिक्षा विभाग द्वारा अपने क्षेत्र में पौधे लगाने का लक्ष्य दिया जाता है। लेकिन कुछ पौधे लगाने से पहले ही सूख जाते हैं तो कुछ लगाने के बाद उनकी देखभाल नहीं होने के चलते नष्ट हो जाते हैं। और कागजों में खाना पूर्ति कर लाखों पौधे लगाने की रिपोर्ट भेज दी जाती है। इतना ही नहीं तमाम फैक्ट्रियों से निकलता धुआं भी लगातार पर्यावरण को दूषित कर रहा है।

जनसंख्या वृद्धि ही नहीं उपभोग वादी संस्कृति भी जिम्मेदार।

पृथ्वी के अस्तित्व पर संकट खड़ा करने में वास्तव में जनसंख्या वृद्धि ही पर्यावरण असंतुलन के लिए जिम्मेदार नहीं है, बल्कि हमारी उपभोग वादी संस्कृति भी इसकी प्रमुख जिम्मेदार है। औद्योगिक उत्पादन में बढ़ोत्तरी को आजकल हम विकास मानते जा रहे हैं, साथ ही हैसियत बढ़ा चढ़ा कर दिखाने की कोशिश में जल, जमीन तथा जंगल और ऊर्जा जैसे संस्थानों का अपने निजी इस्तेमाल के लिए उनका शोषण और उन्हें नष्ट करने पर लगे हुए हैं।
लगातार भयंकर गर्मी, भीषण ठंड, यह सब पर्यावरण असंतुलन के कारण हो रहा है और इसके जिम्मेदार भी हम ही हैं।
जहां पूरा देश ही नहीं बल्कि विश्व के अनेकों देश पर्यावरण को संतुलन करने में लगे हैं, तो वहीं भारत में भी पर्यावरण को बचाने हेतु तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। हर वर्ष प्रत्येक राज्य के प्रत्येक जनपद में लाखों पौधों का रोपण, जल के दुरुपयोग पर रोक लगाने जैसे अभियान चलाकर हम पर्यावरण के अस्तित्व को बचाए रखने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन यह सब कागजों में ही सिमट कर रह जाना भीषण दयनीय स्थिति को दर्शाता है।
पौधों को लगाने के बाद उनका पालन पोषण नहीं करने, जल की बर्बादी, धरती पर प्लास्टिक उपयोग आदि के उपयोग के चलते हैं पृथ्वी पर संकट बढ़ता जा रहा है।
अधिक वर्षों के कटान के चलते पृथ्वी सुनसान लगने लगी है। जिसके चलते लगातार तापमान बढ़ता जा रहा है। संभल जनपद में भी तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार तक पहुंच जाता है। अधिक पेड़ पौधों के कटने और तापमान बढ़ने के चलते वन्य जीव भी विलुप्तता की ओर बढ़ने लगे हैं। साथ ही पेड़ पौधे नहीं होने के चलते बारिश के दौरान मिट्टी की ऊपरी परत नष्ट होने के चलते मृदा अपरदन भी निरंतर बढ़ रहा है। जिसके चलते अब हम सबके लिए अत्यावश्यक है कि पर्यावरण संरक्षण व अपनी धरती को स्वर्ग बनाने हेतु कागजों में नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर संकल्प लें।

संभल से वीरेश कुमार की रिपोर्ट…

साइकिल चलाना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक – डीएम।

अन्य प्रतिभागियों के साथ साइकिल चलाते डीएम राजेंद्र पैंसिया

● जिलाधिकारी ने साइकिल चला कर दिया ग्रीन इंडिया-क्लीन इंडिया का संदेश।

● जिलाधिकारी बोले- निरंतर चलाएं साइकिल, स्वास्थ्य के लिए है लाभदायक।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल में विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने बहजोई एथलेटिक्स क्लब द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान जहां साइकिल चलाने से शरीर के स्वस्थ रहने के बारे में बताया तो वहीं उन्होंने साइकिल चलाकर ग्रीन इंडिया क्लीन इंडिया का संदेश दिया। जहां जिलाधिकारी ने साइकिल मैराथन में 8 किलोमीटर साइकिल चलाई।
विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर बहजोई एथलेटिक क्लब और बीएमबीएल जैन कॉलेज एवं भारत साइकिल के संयुक्त तत्वाधान में साइकिल मैराथन का आयोजन किया गया। जिसका उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य, पर्यावरण और सतत जीवन शैली के प्रति जागरूक करना था। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में साइकिल प्रेमी, युवा, बुजुर्ग और बच्चों ने भी उत्साह पूर्वक प्रतिभाग किया। मैराथन में लगभग 8 किलोमीटर तक जिलाधिकारी द्वारा भी साइकिल चलाई गई, जिसमें लगभग 238 लोगों ने पंजीकृत होकर प्रतिभाग किया। मैराथन की शुरुआत चंदौसी रोड स्थित बस स्टैंड से होकर चंदौसी मार्ग होते हुए खाटू श्याम मंदिर से स्टेशन रोड बर्तन बाजार होते हुए बीएमबीएल जैन कॉलेज पहुंची। जैन कॉलेज के सभागार में पहुंचकर मैराथन प्रतिभागियों ने स्वस्थ जीवन, स्वच्छ पर्यावरण के साथ जागरूकता का संदेश दिया। मैराथन का शुभारंभ जिलाधिकारी द्वारा किया गया।

जहां जिलाधिकारी ने बताया कि साइकिल चलाना न सिर्फ एक व्यायाम है बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अच्छा कदम भी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन से समाज में सकारात्मक ऊर्जा और बदलाव आता है।
मैराथन के समापन पर चौपा शोभापुर निवासी जरूरतमंद छात्र-छात्राओं अरविंद तथा अनन्या, मिर्जापुर निवासी छात्र बसंती को भारत साइकिल स्टोर और सिल्वर स्टोन सेवा समिति के द्वारा जिलाधिकारी के हाथों साइकिल प्रदान की गई। इस मौके पर जैन सेवा न्यास के चेयरमेन डॉ. पवन कुमार जैन द्वारा जिलाधिकारी को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
जहां संभव जैन, साइकिल मां जयप्रकाश गुप्ता द्वारा भी साइकिलिंग के विषय में विचार प्रस्तुत किए गए।
इस अवसर पर एकांश गुप्ता, सुमित वार्ष्णेय, राजू सिंह यादव, विनीत यादव, शालिनी गुप्ता, कीर्ति होरा, चैतन्य सिंह, नकुल प्रताप सिंह, मंजू दिलेर, ओम प्रकाश शास्त्री, डॉ. सत्यपाल बसंत, नरेंद्र कुमार, जयवीर सिंह, राहुल शंकर आदि उपस्थित रहे।

विश्व साइकिल दिवस पर खेल प्रतिभाओं को किया सम्मानित।

साइकिल दिवस के अवसर पर बहजोई एथलेटिक्स क्लब द्वारा  जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया की अध्यक्षता में वर्चुअल रनिंग इवेंट दिसंबर डायनामिक विजेताओं को सम्मानित किया गया। जिसमें प्रथम स्थान पर अनुराग प्रजापति और दूसरे स्थान पर प्रिंस तथा तीसरा स्थान सचिन शर्मा ने पाया। विश्व साइकिल दिवस पर मंगलवार को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया तथा जूडो के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें भी सम्मानित किया गया।
साइकिल मैन जयप्रकाश गुप्ता ने बताया कि हमारा उद्देश्य युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करना, फिटनेस की भावना को बढ़ावा देना और उभरती पत्रिकाओं को मंच प्रदान करना है। जहां ए.डी ट्रेडर्स के निदेशक अनुराग वार्ष्णेय ने भी अपना सहयोग दिया। भेजो एथलेटिक क्लब के संयोजक ने बताया कि हमारा लक्ष्य बहजोई जैसे नगरों से भी राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करना है। कार्यक्रम में खेल प्रेमी, शिक्षाविद, अभिभावक आदि उपस्थित रहे।