◆ लोक अदालत के प्रचार-प्रसार को निकला वाहन, जिला जज ने किया रवाना।
◆ 14 मार्च की लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों के निस्तारण पर जोर।
प्रवाह ब्यूरो संभल। आगामी 14 मार्च 2026 को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन और व्यापक प्रचार-प्रसार को लेकर बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, संभल स्थित चंदौसी में बैठक आयोजित की गई। माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 11 मार्च को प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के विश्राम कक्ष में जिला सूचना अधिकारी और जनपद के पत्रकारों के साथ बैठक हुई। बैठक में प्रभारी सचिव दीपक कुमार जायसवाल ने राष्ट्रीय लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए कहा कि समय-समय पर होने वाली बैठकों और कार्यक्रमों की जानकारी मीडिया के माध्यम से समय से प्रकाशित की जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग लोक अदालत का लाभ उठा सकें। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वादकारियों और संबंधित अधिकारियों के साथ भी समय-समय पर बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिससे राष्ट्रीय लोक अदालत का प्रचार-प्रसार व्यापक स्तर पर हो सके और 14 मार्च को प्रस्तावित लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों का निस्तारण किया जा सके। बैठक में जिला सूचना अधिकारी ब्रजेश कुमार सहित जनपद के समस्त पत्रकार मौजूद रहे। जानकारी प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दीपक कुमार जायसवाल ने दी।
◆ कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर उतारा मौत के घाट, पिता सहित दो फरार।
प्रवाह ब्यूरो संभल। बुधवार को संभल पुलिस ने पांच दिन पहले हुई एक ईंट भट्टा मजदूर की हत्या का खुलासा किया। अवैध संबंध के शक में ईंट भट्ठा मजदूर की बेरहमी से हत्या करने के मामले में पुलिस ने लड़की के दो चाचा सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि लड़की का पिता समेत दो आरोपी अब भी फरार हैं। आरोप है कि मजदूर की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या कर दी गई थी, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस के मुताबिक मृतक का गांव की एक युवती से प्रेम संबंध बताया जा रहा था। इसी बात से नाराज युवती के परिजनों ने घटना को अंजाम दिया। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कई जगह दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि मुख्य आरोपी पिता सहित दो अन्य की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बुधवार को पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई और चंदौसी सीओ दीपक तिवारी ने संभल के जिला कलेक्ट्रेट बहजोई स्थित कार्यालय में इस घटना का खुलासा किया। यह वारदात 6 मार्च की रात करीब 8 बजे तहसील चंदौसी के थाना कुढ़ फतेहगढ़ क्षेत्र के बलकरनपुर गांव में हुई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव निवासी राय सिंह के 20 वर्षीय बेटे बॉबी को घर से बुलाया गया था। बाद में उसके हाथ-पैर बांधकर कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या कर दी गई। मृतक के भाई बलबीर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जसराज उर्फ तुल्लन पुत्र छोटेलाल उनके भाई बॉबी को खाना खाते समय घर से बुलाकर ले गया था। काफी देर तक बॉबी के वापस न लौटने पर परिजनों ने उसके घर जाकर देखा, जहां बॉबी लहूलुहान पड़ा था और उसकी मौत हो चुकी थी। उसके हाथ-पैर रस्सी से बंधे थे और गर्दन कुल्हाड़ी से काटी गई थी। पुलिस ने बलबीर की शिकायत पर जसराज, नेपाल, हरपाल (पुत्र छोटेलाल), नत्थू और तेजपाल (पुत्र रामस्वरूप) के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। मृतक बॉबी अपने चार भाइयों में सबसे छोटा था। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बुधवार को बताया कि हत्याकांड की विवेचना के दौरान यह सामने आया कि बॉबी की हत्या नेपाल की लड़की से अवैध संबंध होने के कारण की गई थी। हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी बरामद कर ली गई है। जिनमें से जसराज उर्फ तुल्लन, हरपाल और नत्थू लाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।
◆ कूलर गिरने का झांसा देकर रुकवाई थी पिकअप, फिर वारदात को दिया अंजाम।
◆ 70 सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस को मिली सफलता।
प्रवाह ब्यूरो संभल। संभल के असमोली थाना क्षेत्र में बीते 8 मार्च को सेंट्रो कार में सवार बदमाशों ने रास्ते में 20 कूलर भरी पिकअप गाड़ी को चालक से छीनकर फरार हो गए। चालक की तहरीर पर पुलिस ने जांच शुरू की और लगातार सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से बदमाशों तक पहुंच कर चारों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया, जिनके पास से पुलिस ने पिकअप गाड़ी और उसमें लगे 20 कूलर तथा घटना करने वाली सेंट्रो कार भी बरामद कर ली। बीते 8 मार्च को अमरोहा के हादरपुर निवासी निवासी शाहिद पुत्र महमूद पिकअप में 20 कूलर लादकर बहजोई जा रहा था। रास्ते में जाते समय मातीपुर के पास एक सेंट्रो सफेद रंग की कार में सवार चार बदमाशों ने गाड़ी में से कूलर नीचे गिरने का बहाना देते हुए चालक को रोका और गाड़ी रुकवा कर जब चालक ने देखा तो बदमाशों ने चालक को घेर लिया और उससे पिकअप छीन कर गाड़ी में लदे 20 कूलर लेकर फरार हो गए। तदोपरांत चालक शाहिद ने असमोली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। जहां असमोली थाना प्रभारी ने पुलिस टीम के साथ सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से छानबीन शुरू कर दी और लगातार 70 सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से अंत में बदमाशों का पता लगाया जहां कार्यवाहक असमोली थाना प्रभारी संजीव गिरी द्वारा पुलिस टीम के साथ 10 मार्च को असमोली से इकरोटिया को जाने वाले रास्ते से अमरोहा जनपद के मोतीशाह तकिया निवासी शमीम पुत्र नोशे, अमरोहा के मोहल्ला कोट लाल मस्जिद निवासी समीर पुत्र नवाब दुल्ला, अमरोहा के मोहल्ला नल निवासी कासिम पुत्र विरासत तथा मोहल्ला दरबारे कला निवासी आफताब पुत्र नायाब को गिरफ्तार कर लिया। जिनके पास से पुलिस ने लूट गई वहां पिकअप के साथ 20 कूलर तथा घटना में प्रयुक्त सेंट्रो कार भी बरामद कर ली। जहां सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर कार्यवाही करते हुए जेल भेजा गया है।
◆ थानों और आउटपोस्ट में तैनाती को लेकर डीजीपी राजीव कृष्ण के सख्त निर्देश।
◆ जनशिकायतों के निस्तारण में कमी पर सख्ती, समीक्षा के बाद लिया गया ये फैसला।
प्रवाह ब्यूरो लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अब थानों और चौकियों में पुलिसकर्मियों की तैनाती का आधार जनशिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण होगा। इस संबंध में डीजीपी राजीव कृष्ण ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि जिलों में की जा रही समीक्षा के दौरान जनशिकायतों के निस्तारण में कई स्थानों पर कमी पाई गई है। इसे गंभीरता से लेते हुए निर्णय लिया गया है कि अब थानों और आउटपोस्ट में तैनात पुलिसकर्मियों के कार्य प्रदर्शन का आकलन भी जनशिकायतों के समाधान के आधार पर किया जाएगा। दरअसल, पिछले कुछ समय से समीक्षा के क्रम में थाना और चौकियों के स्तर पर जनशिकायतों की सुनवाई में उदासीनता का मामले सामने आ रहे थे। अब ऐसे जिलों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। डीजीपी राजीव कृष्ण के स्तर पर हुई समीक्षा के क्रम में जिलास्तरीय अधिकारियों को साफ किया गया कि आम लोगों की समस्याओं को हर हाल में दूर किया जाना चाहिए। जनशिकायतों का प्रभावी निस्तारण होना चाहिए। इसी आधार पर पुलिस अधिकारियों की थाने और चौकियों में तैनाती मिलनी चाहिए।
जनशिकायतों के निस्तारण का मामला डीजीपी राजीव कृष्ण की अपराध समीक्षा बैठक में उठा। इस दौरान जनशिकायतों के निस्तारण में पीछे रहे जिलों के पुलिस अधिकारियों को डीजीपी ने कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनशिकायतों के प्रभावी निस्तारण के लिए थानों-चौकियों पर तैनाती के आधार के रूप में भी शामिल किया जाए। मतलब, थाना-चौकियों पर जनशिकायतों को निस्तारित करने में सफलता के आधार पर पुलिस अधिकारियों की रेटिंग तय होगी। इसी आधार पर उन्हें थाना-चौकियों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। डीजीपी ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अपराध समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी जिलों को जनशिकायतों में 40 फीसदी कमी लाने का लक्ष्य दिया था। समीक्षा में पाया गया कि संभल, फिरोजाबाद और इटावा में जनशिकायतों में करीब 70 फीसदी की कमी दर्ज की गई। डीजीपी ने इन जिलों की प्रशंसा की। प्रदेश के 15 जिलों में जनशिकायतों में 40 फीसदी से अधिक की कमी दर्ज की गई है। जबकि लखनऊ, कानपुर और वाराणसी समेत 48 जिलों में जनशिकायतों में 30 फीसदी से अधिक की कमी दर्ज की गई। डीजीपी ने इन जिलों में जनसुनवाई को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही, जिन जिलों में जनशिकायतों की प्रभावी सुनवाई नहीं हो पाई है, वहां तत्काल स्थिति में सुधार का निर्देश दिया गया। साथ ही डीजीपी ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे नियमित रूप से जनशिकायतों की समीक्षा करें और लंबित मामलों का शीघ्र समाधान कराएं, ताकि पुलिस व्यवस्था के प्रति आमजन का विश्वास मजबूत हो सके।
◆ तीन साल पहले गोरखपुर में शुरू हुई कहानी, अब बाड़मेर में होगा विवाह।
◆ 29 मार्च को विवाह जबकि दिन 30 मार्च को जोधपुर में होगा ग्रैंड रिसेप्शन।
प्रवाह ब्यूरो संभल। उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी जल्द ही विवाह बंधन में बंधने जा रहे हैं।संभल एसपी केके बिश्नोई और बरेली एसपी अंशिका वर्मा अब जल्द शादी करने जा रहे हैं। शादी के सभी कार्यक्रम राजस्थान में होंगे। दोनों अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में मेहनत, ईमानदारी और समर्पण के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में यह विवाह सिर्फ दो व्यक्तियों का नहीं बल्कि दो जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों के जीवन का एक नया अध्याय भी है। युवा वर्ग के लिए भी यह जोड़ी प्रेरणादायक मानी जा रही है, क्योंकि दोनों ने कठिन प्रतियोगी परीक्षा को पार कर देश की प्रतिष्ठित सेवा में स्थान प्राप्त किया और अब अपने निजी जीवन में भी एक नई शुरुआत करने जा रहे हैं। केके बिश्नोई यूपी कैडर के 2018 बैच के IPS अधिकारी हैं। वह राजस्थान के बाड़मेर जिले के धोरीमना गांव के रहने वाले हैं। वर्तमान में संभल में एसपी के पद पर तैनात हैं। जबकि प्रयागराज के सिविल लाइन इलाके की रहने वाली अंशिका वर्मा 2021 बैच की IPS अधिकारी हैं और बरेली में एसपी के पद पर तैनात हैं। संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई और बरेली की पुलिस अधीक्षक अंशिका वर्मा की शादी आगामी 29 मार्च को राजस्थान के बाड़मेर में संपन्न होगी। इस खबर के सामने आने के बाद पुलिस विभाग और उनके परिचितों में खुशी का माहौल है। दोनों अधिकारी वर्तमान में उत्तर प्रदेश में महत्वपूर्ण जिलों में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। एक ओर जहां संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई कानून व्यवस्था संभाल रहे हैं, वहीं बरेली की एसपी अंशिका वर्मा अपने कार्यकुशल और सख्त प्रशासनिक रवैये के लिए जानी जाती हैं। अब दोनों अधिकारी अपने व्यस्त प्रशासनिक जीवन के बीच निजी जीवन की एक नई शुरुआत करने जा रहे हैं। उनकी शादी 29 मार्च को राजस्थान के बाड़मेर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आयोजित होगी। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई मूल रूप से राजस्थान के बाड़मेर जिले के निवासी हैं। राजस्थान की मिट्टी में पले-बढ़े कृष्ण बिश्नोई ने कड़ी मेहनत और लगन से संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर आईपीएस अधिकारी बनने का सपना पूरा किया। वहीं एसपी अंशिका वर्मा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की रहने वाली हैं। उन्होंने भी अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की और भारतीय पुलिस सेवा में स्थान प्राप्त किया। दोनों अधिकारी अपने-अपने जिलों में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। संभल जिले में एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने अपराध नियंत्रण, पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने और आम जनता में विश्वास बढ़ाने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। दूसरी ओर बरेली की एसपी अंशिका वर्मा भी अपनी सख्त कार्यशैली और तेज प्रशासनिक फैसलों के कारण चर्चा में रहती हैं। उन्होंने महिला सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। दोनों आईपीएस अधिकारियों की शादी की खबर सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी खुशी का माहौल है। सहकर्मी अधिकारी और कर्मचारी उन्हें बधाई दे रहे हैं और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना कर रहे हैं। पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों के भी इस विवाह समारोह में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। कार्ड से मिली जानकारी के अनुसार 27 मार्च को बाड़मेर जिले के धोरीमना गांव में हल्दी-संगीत सेरेमनी होगी। जहां 28 मार्च को शादी और 30 मार्च को जोधपुर के लारिया रिसोर्ट में रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा। दोनों की पहली मुलाकात 2021 में गोरखपुर में पोस्टिंग के दौरान हुई थी। बिश्नोई गोरखपुर में एसपी सिटी थे। यहीं पर अंशिका अंडर ट्रेनिंग IPS ऑफिसर थीं। यहीं से दोनों की लव स्टोरी शुरू हुई। अब दोनों शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। शादी समारोह राजस्थान के बाड़मेर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आयोजित किया जाएगा। परिवार के सदस्य, रिश्तेदार, मित्र और प्रशासनिक सेवा से जुड़े कई लोग इस खास मौके के गवाह बनेंगे। राजस्थान की पारंपरिक संस्कृति और रीति-रिवाजों के बीच होने वाला यह विवाह समारोह खास और यादगार होने की उम्मीद है। 29 मार्च को होने वाली यह शादी न केवल दोनों परिवारों के लिए बल्कि उनके मित्रों, सहकर्मियों और परिचितों के लिए भी खुशी का अवसर है। दोनों आईपीएस अधिकारी अब अपने पेशेवर जीवन के साथ-साथ वैवाहिक जीवन की नई जिम्मेदारियों की भी शुरुआत करने जा रहे हैं। जिसके चलते ही व्यक्तिगत माध्यम के अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आदि से लोग उनके उज्जवल और सुखद भविष्य की कामना कर रहे हैं।
◆ चप्पे-चप्पे पर दिखा पुलिस का पहरा, सीसीटीवी से रखी गई पैनी नजर।
◆ मेले में दिखा उत्साह : महिलाओं ने की खरीदारी तो बच्चों ने उठायाझूलों का लुत्फ।
प्रवाह ब्यूरो संभल। संभल तहसील क्षेत्र के सिंहावली स्थित श्री गोपाल धाम बाबरा बाबा आश्रम पर लगने वाले ध्वजा मेले में लाखों लोगों का सैलाब दिखा जिसमें श्रद्धालुओं का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। जहां दूर-दूर से आए हजारों भक्तों ने मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मेले में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती रही, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया। मेले में भक्ति के साथ-साथ उत्साह और रौनक भी देखने को मिली। महिलाओं ने पूजा-अर्चना करने के बाद मेले में जमकर खरीदारी की, जबकि बच्चों ने झूलों और मनोरंजन के साधनों का भरपूर आनंद उठाया। दिनभर मेले में चहल-पहल बनी रही। मेले को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा और सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरे मेले की पैनी निगरानी की गई। पुलिस अधिकारी भी लगातार मेले का जायजा लेते रहे। जहां कैलादेवी थाना पुलिस ने मेले में आने वाले मार्गो पर बैरिकेडिंग कर यातायात व्यवस्था को सुलभ बनाया साथ ही वाहनों की अलग पार्किंग व्यवस्था भी की गई। मेले में पीएसी बल के साथ अलग-अलग कई थानों की पुलिस मौजूद रही।
बता दें कि सिंहावली स्थित श्री गोपाल धाम बाबरे बाबा आश्रम पर होली मिलन के अगले दिन लगने वाले ध्वज मेले में लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ मंदिर में पूजा अर्चना कर मेले में जमकर खरीदारी की। महिलाओं ने मीना बाजार में खरीदारी की तो बच्चों ने खेल खिलौने खरीदे और चांट पकोड़ी खाकर मौज मस्ती की, वहीं झूले का आनंद लिया। साथ ही मेले में मौजूद राजस्थानी ऊंटों से युवाओं तथा बच्चों ने जमकर आनंद लिया। चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर ही मंदिर में महिलाओं तथा पुरुषों के प्रवेश की अलग व्यवस्था रही। महिला पुलिस कर्मियों ने मीना बाजार तथा मंदिर के आसपास व्यवस्था संभाली। बता दें कि थाना प्रभारी जितेंद्र वर्मा ने सभी मेला कमेटी के सदस्यों के साथ पूर्व में ही बैठक आयोजित कर जानकारी ली थी साथ ही मेले में व्यवस्था को सही रूप देने के लिए सहयोग हेतु अपील की थी। मेले में भारी संख्या में पीएसी जवान भी मौजूद रहे तथा फायर ब्रिगेड मशीन भी दिन भर मेले में मौजूद रही। हर वर्ष की भांति इस बार भी स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भी मेले में कैंप लगाया गया। वहीं सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा जगह-जगह पानी की पर्याप्त व्यवस्था की गई। व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाने के लिए साउंड के जरिए संचालन होता रहा जहां निरंतर सभी को निर्देशित करते हुए मेले में भाईचारा एवं शांति व्यवस्था बनाने रखने की अपील की जाती रही। जहां मेले में भाजपा जिलाध्यक्ष हरेंद्र सिंह रिंकू पूर्व एमएलसी परमेश्वर लाल सैनी एवं पवांसा ब्लॉक प्रमुख के पति हृदेश यादव आदि मौजूद रहे।
◆ पुलिस कर्मियों ने कंधे पर बिठा जमकर उडाया अमीर गुलाल।
प्रवाह ब्यूरो बदायूं। गुरुवार कोपुलिस लाइन में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार सिंह अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ होली के रंगों में रंगे दिखे। कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों ने एसएसपी को कंधों पर उठा लिया जहां एसएसपी भी डीजे की धुन पर नृत्य करते तथा गुलाल उड़ाते नजर आए। समारोह में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। समारोह के दौरान पुलिसकर्मियों ने डीजे की धुन पर जमकर नृत्य किया। पूरे परिसर में होली का भव्य उल्लास दिखाई दिया। एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने भी सभी को होली की बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। एसएसपी ने जनपद में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता तथा समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
समारोह के दौरान पुलिसकर्मियों ने डीजे की धुन पर जमकर नृत्य किया। पूरे परिसर में होली का उल्लास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी के लिए जलपान की व्यवस्था की गई, जहां सौहार्दपूर्ण माहौल में होली मिलन समारोह संपन्न हुआ। इस दौरान सभी ने आपसी भाईचारे के साथ पर्व का आनंद लिया। कार्यक्रम में एएसपी ग्रामीण डॉ. हृदेश कठेरिया, एएसपी नगर विजयेन्द्र द्विवेदी, क्षेत्राधिकारीगण, थाना प्रभारी व बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।
◆ युवक को बाहर खींचकर बचाया, जान बचते ही मौके से भागा।
प्रवाह ब्यूरो संभल। बुधवार को थाना गुन्नौर क्षेत्र के गांव नदरौली में होलिका दहन के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक अचानक जलती हुई होली के बीच जा खड़ा हुआ। आग में खड़े होकर सबको हाथ जोड़कर राम-राम करने लगा। इसके बाद होली मुबारक के नारे लगाने लगा। करीब 15 सेकेंड तक आग की लपटों के बीच हाथ जोड़े खड़ा रहा। ऐसा देखकर लोगों की आंखें फटी की फटी रह गईं। आग की तेज लपटों के बीच युवक को खड़ा देख मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान एक व्यक्ति ने बहादुरी दिखाते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना युवक को जलती होली से बाहर खींच लिया। तब तक युवक गंभीर रूप से झुलस चुका था। उसके आधे से अधिक कपड़े भी जल चुके थे। जैसे ही युवक आग से बाहर निकला, वह मौके से भागने लगा। लोगों ने उसे नजदीकी सीएचसी पहुंचाया। जहां युवक का इलाज जारी है। परिजनों ने बताया कि युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। वह बिना बताए घर से निकला था। बता दें कि गुन्नौर थाना क्षेत्र के नंदरौली गांव में 4 मार्च की सुबह होलिका दहन का कार्यक्रम चल रहा था। होली जलने के बाद लोग जौं, गन्ना आदि भून परिक्रमा कर रहे थे। कई महिलाएं घरों की छतों से इस पूरे आयोजन का वीडियो और तस्वीरें बना रही थीं। माहौल पूरी तरह उत्सव का था। इसी दौरान सफेद कुर्ता-पैजामा पहने और सिर पर गमछी बांधे एक युवक पहुंचा। देखते ही देखते सैकड़ों लोगों की आंखों के सामने होलिका की ऊंची-ऊंची लपटों के बीच जाकर खड़ा हो गया। जहां करीब 15 सेकेंड तक युवक आग की लपटों के बीच खड़ा रहा। हाथ जोड़कर लोगों को राम-राम बोलता रहा। दोनों हाथ हवा में उठाकर होली मुबारकबाद देने लगा। होलिका जलाने के लिए पहुंचे लोगों ने जब यह नजारा देखा तो हक्का-बक्का रह गए। भीड़ में से एक युवक ने जान पर खेलते हुए आग में जाकर युवक का हाथ खींचकर उसे लपटों से बाहर निकाल लिया। आग से बाहर निकलने के बाद युवक तेजी से भीड़ से दूर भागने लगा। तब तक युवक के पकड़े और शरीर के कई अंग बुरी तरह से झुलस चुके थे। लोगों ने एंबुलेंस 108 की मदद से युवक को गुन्नौर सीएचसी पहुंचाया, जहां मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक वीरपाल का इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार वीरपाल की मानसिक हालत ठीक नहीं है और वह गांव में ही रहकर खेतीबाडी करता है। उसके दो बेटे हैं। वीरपाल, बहजोई थाना क्षेत्र के गांव सिंगपुर का निवासी है। नंदरौली गांव में ससुराल होने की चलते वह वहां होली मनाने के लिए आया हुआ था। ससुर मलखान ने बताया- वीरपाल की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। होली दहन के दौरान वह भी अन्य लोगों के साथ मौजूद था और अचानक जलती होली पर चढ़कर खड़ा हो गया। घटना को लेकर कुछ देर तक वहां मौजूद लोगों में चर्चा का माहौल बना रहा। आखिरकर स्थानीय लोगों की सूझबूझ और बहादुरी से एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना का एक 2 मिनट का वीडियो गुरुवार से सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जहां वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक कुछ लोगों के साथ भीड़ से गुजरते हुए होलिका के पास तक पहुंचता है। देखते ही देखते आग की लपटों से होते हुए जलती हुई होलिका के बीच जाकर खड़ा हो जाता है। पहले लोगों को हाथ जोड़कर राम-राम करता है और फिर दोनों हाथ हवा में उठाकर होली मुबारक के नारे लगाने लगता है। भीड़ में से एक युवक जान जोखिम में डालकर आग के बीच जाता है और युवक का हाथ खींचकर उसे बाहर निकाल लेता है। बाहर आते ही सिरफिरा युवक भीड़ से दूर भागने लगता है। गुन्नौर थाना प्रभारी राजीव मलिक ने बताया कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो से मामला संज्ञान में आया है। युवक की पहचान हो चुकी है जिसका सीएचसी गुन्नौर में इलाज जारी है। जहां उसकी हालत खतरे से बाहर है, युवक की मानसिक स्थिति आदि को लेकर भी परिजनों से पूछताछ की जा रही है।
◆ डीएम-एसपी के सख्त निर्देश अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई।
◆ मुस्लिम धर्मगुरुओं की अपील – सौहार्द और भाईचारे के साथ मनाएं त्यौहार।
प्रवाह ब्यूरो संभल। संभल में होली, रमजान और ईद के त्यौहारों को लेकर जिला स्तरीय पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में नई परंपरा डालने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में 64 जुलूस, 1215 होलिका दहन और 17 मेले लगेंगे। बैठक शनिवार शाम 3:30 बजे शुरू होकर 5:30 बजे समाप्त हुई।जहांहोली के त्यौहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। शनिवार को पूर्व कलेक्ट्रेट सभागार में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनप्रतिनिधि, धर्मगुरु, समाजसेवी और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में डीएम और एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी तरह की अफवाह या भड़काऊ पोस्ट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि त्योहार को आपसी प्रेम, भाईचारे और परंपरागत उल्लास के साथ मनाएं।
मौके पर मौजूद मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी समाज को एकता और सद्भाव का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि होली रंगों का त्योहार है, इसे आपसी सम्मान और सौहार्द के साथ मनाया जाना चाहिए। किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा और शांति व्यवस्था भंग करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। बैठक में पीस कमेटी के सदस्यों ने कई समस्याएं और सुझाव प्रस्तुत किए। बदायूं चुंगी चंदौसी के पास पार्किंग, त्योहारों पर बैंक और एटीएम में नकदी की कमी, सिरसी के मोहल्ला चौधरियान में होलिका दहन स्थल के पास ढीले विद्युत तार और संभल में पुरानी तहसील के पास सड़क में गड्ढे जैसी शिकायतें शामिल थीं।जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं के तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए। एडीएम प्रदीप वर्मा ने होलिका दहन स्थलों का निरीक्षण करने के लिए लेखपालों और ग्राम सचिवों को निर्देशित किया ताकि किसी भी बाधा को दूर किया जा सके। उन्होंने होली पर अवैध शराब की बिक्री रोकने के निर्देश दिए और ऐसी किसी भी शिकायत पर तत्काल जिला आबकारी अधिकारी या संबंधित थाने को सूचित करने को कहा। होलिका दहन स्थलों पर साफ-सफाई, पेयजल और विद्युत की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। सीएमओ को एम्बुलेंस और पर्याप्त दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया। डीजे के प्रयोग को निर्धारित मानकों के अनुसार करने को कहा गया। साथ ही होली के जुलूस केवल निर्धारित मार्गों पर ही निकाले जाएं और कोई नई परंपरा शुरू न की जाए। जुलूस के आयोजकों को इसे लीड करने, निर्धारित मार्ग का पालन करने और स्वयंसेवकों की व्यवस्था करने के लिए कहा गया। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दिया जाए, अगर कोई अफवाह फैलाता पाया गया उस पर कड़ी कार्यवाही होगी, त्यौहारों पर कोई भी नई परम्परा न डाली जाए। उन्होंने बताया कि जनपद में 64 जुलूस एवं शोभायात्रा निकाली जाएंगी, कुल 1215 होलिका दहन स्थल हैं तथा 17 मेले लगेंगे। सोशल मीडिया पर भी निगरानी रहेगी, किसी ने भ्रामक पोस्ट की तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने कहा कि सौहार्द का संदेश दें। रात्रि 10 बजे के बाद शोरगुल ना हो, डीजे मानक के अनुसार ही बजे। जहां बैठक में सीडीओ गोरखनाथ भट्ट, एएसपी कुलदीप सिंह, सीएमओ डाॅ. तरुण पाठक, एसडीएम संभल रामानुज, एसडीएम चंदौसी आशुतोष तिवारी, एसडीएम गुन्नौर अवधेश कुमार, डिप्टी कलक्टर विकास चन्द, सीओ चंदौसी दीपक तिवारी, सीओ बहजोई डॉ. प्रदीप कुमार, जिला सूचना अधिकारी बृजेश कुमार, अखिल भारतीय युवा व्यापार मण्डल के अध्यक्ष सागर गुप्ता, अखिल भारतीय युवा व्यापार मण्डल के युवा प्रदेश उपाध्यक्ष शाह आलम मंसूरी, हाजी एहतेशाम, मोहम्मद नाजिम आदि उपस्थित रहे।
◆ माध्यमिक शिक्षा मंत्री के आवास पर एकत्रित हुए सभी व्यवसायिक प्रशिक्षक।
◆ समय पर वेतन न मिलने व टेंडर अवधि 11 माह करने आदि समस्याओं से कराया अवगत।
प्रवाह ब्यूरो संभल। शनिवार को सभी प्रशिक्षक एकत्रित होकर माध्यमिक शिक्षा मंत्री के आवास पहुंचे और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। प्रशिक्षकों ने बताया कि उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश के समस्त व्यावसायिक प्रशिक्षकों ने अपनी सेवा अवधि, मानदेय वृद्धि और नौकरी सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में प्रशिक्षकों ने अपनी समस्याओं और मांगों को विस्तार से रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। प्रशिक्षकों का कहना है कि वर्तमान में शिक्षा मित्रों का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये तथा अनुदेशकों का 17 हजार रुपये कर दिया गया है, जबकि व्यावसायिक प्रशिक्षकों की सेवा अवधि मात्र 7.5 माह निर्धारित कर रखी है। बोर्ड परीक्षाएं समाप्त होने के बाद उनकी सेवाएं खत्म कर दी जाती हैं और जुलाई में नए सत्र से पुनः नियुक्ति दी जाती है। इस दौरान उन्हें कोई मानदेय नहीं मिलता, जिससे परिवार के भरण-पोषण में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था के कारण प्रशिक्षकों का शोषण हो रहा है तथा कई महीनों तक मानदेय का भुगतान लंबित रहता है। कुछ प्रशिक्षकों को 6 माह से वेतन नहीं मिलने की बात भी सामने आई है, जिससे आर्थिक संकट गहरा गया है। प्रशिक्षकों ने अपनी प्रमुख मांगों में सेवा अवधि 7.5 माह से बढ़ाकर न्यूनतम 11 माह करने, 1 अप्रैल 2026 से मानदेय 30 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने, आउटसोर्सिंग सेवा आयोग को प्रभावी रूप से लागू करने, नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक माह की 1 से 5 तारीख के बीच अनिवार्य रूप से मानदेय भुगतान कराने की मांग की है। साथ ही समस्त व्यावसायिक प्रशिक्षकों की सेवाएं सरकार के अधीन करने और कंपनियों की भूमिका समाप्त करने की भी मांग उठाई गई है। प्रशिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया तो वे आगे आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे। ज्ञापन की प्रतिलिपि संबंधित अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है।