केक नहीं, पौधों से जन्मदिन मना, पेश की अनोखी मिशाल।

पर्यावरण संरक्षण का संदेश: जन्मदिवस को बनाया हरियाली का उत्सव।

◆ पेशे से प्रधान अध्यापक बृजेश धनगर, समाज सेवा में भी रहते हैं अग्रणी।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। सोमवार को पर्यावरण संरक्षण और समाज सेवा का प्रेरक उदाहरण पेश करते हुए पेशे से प्रधान अध्यापक बृजेश धनगर ने अपने जन्मदिवस को सादगी और सार्थकता के साथ मनाया। उन्होंने केक काटने के बजाय 108 पौधों का रोपण कर जन्मदिन को हरियाली के उत्सव में बदल दिया। जन्मदिवस के अवसर पर उन्हें मित्रों, परिजनों एवं शुभचिंतकों की ओर से व्यक्तिगत एवं सोशल मीडिया आदि माध्यमों से बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। जहां उत्तर प्रदेश सरकार में एससी-एससटी आयोग की सदस्य गीता प्रधान, लोकप्रिय पत्रकार, प्रखर वक्ता डा. गौरव उन्मुक्त एवं पिछड़ा वर्ग आयोग के प्रदेश उपाध्यक्ष सोहनलाल श्रीमाली जी ने भी उन्हें बधाई देते हुए आशीर्वाद प्रदान किया।
इस अवसर पर बृजेश धनगर ने कहा कि आज के समय में पर्यावरण संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता है और प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन के खास पलों को प्रकृति से जोड़ना चाहिए। पौधारोपण न केवल पर्यावरण को स्वच्छ बनाता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य की नींव भी रखता है।
कार्यक्रम में स्थानीय लोगों व युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पौधों की देखभाल का संकल्प भी लिया।
इस अवसर पर उनकी मां सावित्री देवी ने भी उन्हें आशीर्वाद प्रदान करते हुए इस सराहनीय पहल को निरंतर बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। इस पुनीत कार्य में में उनकी धर्मपत्नी भी पीछे नहीं रही जहां उन्होंने पति के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में स्कूली छात्रों को कपड़े आदि वितरित कर जन्मदिन मनाया।

बता दें कि ब्रजेश धनगर स्वर्गीय मा. डालचंद पाल के ज्येष्ठ पुत्र हैं। स्वर्गीय डालचंद पाल भी समाज सेवा एवं संगीत के क्षेत्र में सदैव सक्रिय रहा करते थे। वंशानुगत संस्कारों के असर के चलते ही आज पूर्वजों की सीख को आगे बढ़ाते हुए बृजेश धनगर समाज सेवा में अपना अमूल्य योगदान दे रहे हैं। कक्षा से समाज तक सेवा का जज़्बा रखने वाले प्रधान अध्यापक बृजेश धनगर ने समाज सेवा के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बना ली है। जहां वह वर्तमान में रुस्तमपुर/पीपल वाला के प्राथमिक विद्यालय में पदस्थ हैं, स्थानीय ग्रामीणों की मानें तो वह न सिर्फ कक्षा में ही बच्चों को मेहनत से पढ़ते हैं बल्कि बच्चों की मूलभूत आवश्यकताओं में भी यथासंभव सहयोग करते हैं। इसके अलावा क्षेत्र में होने वाले समाज सेवा के प्रत्येक कार्य में भी बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं, यही वजह है की क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता निरंतर बनी हुई है।
समाज सेवा के क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहने वाले बृजेश धनगर शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों का भी पूरी निष्ठा से निर्वहन कर रहे हैं। उनके इस कदम की क्षेत्र में सराहना की जा रही है और लोग इसे अनुकरणीय पहल बता रहे हैं।
बृजेश धनगर की यह पहल समाज को यह संदेश देती है कि व्यक्तिगत खुशी के अवसरों को भी जनहित और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा जा सकता है।

बदायूं में पिकअप सहित 100 पेटी शराब के साथ चार गिरफ्तार, थार गाड़ी भी बरामद।

◆ इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गंगा एक्सप्रेसवे हाईवे चंदौसी रोड पर चेकिंग के दौरान पकड़ी।

◆ 100 पेटियों में निकले 4800 पव्वा,  सभी हिमालय ड्रग कंपनी का लेवल लगा।

प्रवाह ब्यूरो
बदायूं। बदायूं के इस्लामनगर थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान पिकअप और थार गाड़ी को रोक कर पिकअप में सवार चार आरोपियों तथा पिक अप में रखी सो पेटी शराब बरामद की है तथा थार गाड़ी चालक लेकर फरार हो गया और कुछ ही दूरी पर थार गाड़ी भी लावारिस के रूप में बरामद कर ली गई।
जहां पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही करते हुए जेल भेज दिया।
बदायूं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ बृजेश कुमार सिंह के निर्देशन पर इस्लामनगर थाना प्रभारी नरेश कुमार अपनी टीम के साथ गंगा एक्सप्रेसवे हाईवे क्रॉसिंग अंडरपास चंदौसी रोड पर बैरियर लगाकर चेकिंग कर रहे थे, इस दौरान एक सफेद रंग की टाटा पिकअप और काले रंग की थार गाड़ी आती हुई दिखाई दी,तो उन्होंने रुकवा लिया। बैरियर में टक्कर मारते हुए तेजी से इस्लामनगर की ओर पिकअप गाड़ी भाग गई। साथ ही थार गाड़ी भी निकल गई, जहां पुलिस ने पिकअप को रोक लिया और तलाशी लेने पर उसमें 100 पेटी अवैध शराब की बरामद हुई तथा चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में उन्होंने अपना नाम चंडीगढ़ के मौली जागरा थाना अंतर्गत मोहल्ला सुंदर नगर गांव निवासी सुमित वर्मा पुत्र भजन लाल तथा हरियाणा के पानीपत जनपद के मॉडल टाउन थाना अंतर्गत मोहल्ला सैनी कालोनी निवासी गुड्डू पुत्र मकबूल, हरियाणा के दफरपुर निवासी पारुल पुत्र प्रताप सिंह तथा चंडीगढ़ के ही माहोली जिला अंतर्गत डेरवासी थाना क्षेत्र के दफरपुर गांव निवासी मनीष शर्मा पुत्र उत्तम चंद्र शर्मा बताया। जिनके पास से 100 पेटी जिसमें अवैध शराब जिसमें 4800 पव्वा  बरामद किए गए।
कुछ दूरी पर पुलिस ने लावारिस अवस्था में थार गाड़ी को बिसौली से बरामद कर लिया। चारों आरोपियों ने पूछताछ में बताया की थार गाड़ी उनके मालिक सुनील की है जो एक अन्य साथी के साथ उसमें बैठा हुआ था और गाड़ी छोड़कर दोनों भाग गए।
इस्लामनगर थाने में आबकारी अधिनियम तथा अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर कार्यवाही की गई है।

संभल में फर्जी बीमा माफियाओं की 11.89 करोड़ की अवैध संपत्ति के कुर्की के आदेश।

◆ बीमा माफियाओं के खिलाफ संभल पुलिस की बड़ी कार्रवाई।

संभल के अलावा बदायूं, वाराणसी तथा गौतम बुद्ध नगर में भी अर्जित की है अवैध संपत्ति।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल में अंतरराज्यीय बीमा गिरोह के तीन बीमा माफियाओं के खिलाफ संभल पुलिस द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है। बीमा माफिया के तीन सदस्यों द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई 11.89 करोड़ की अवैध संपत्ति को कुर्की का आदेश दिया गया है।
संभल के अलावा बदायूं, वाराणसी तथा गौतम बुद्ध नगर में भी अवैध रूप से संपत्ति अर्जित की गई है।
अवगत रहे कि बीमा माफियाओं द्वारा 100 करोड़ से अधिक रुपए का घोटाला किया गया था। जिनका गिरोह लगभग 12 राज्यों से अधिक राज्यों में फैला हुआ था।
संभल में एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई के निर्देश पर एएसपी अनुकृति शर्मा तथा बहजोई क्षेत्राधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार के नेतृत्व में फर्जी बीमा करने वाले एक गिरोह का खुलासा किया गया था, जिसका नेटवर्क 12 राज्यों से अधिक राज्यों में फैला हुआ था।
गिरोह के 25 बीमा माफियाओं के खिलाफ संभल पुलिस द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी अवैध संपत्ति का विवरण एकत्रित किया गया साथ ही सम्मिलित 70 से अधिक बीमा माफिया पर कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया है।
जिनमें से बीमा माफिया सचिन शर्मा द्वारा 9 करोड़ 18 लाख 72 हजार तथा ओंकारेश्वर मिश्रा कारण द्वारा एक करोड़ 26 लाख 77 हजार और गौरव शर्मा द्वारा 1 करोड़ 44 लाख 2 हजार रुपए की अवैध संपत्ति अर्जित की गई। जो संभल के अलावा बदायूं, वाराणसी तथा गौतम बुद्ध नगर में भी अवैध संपत्ति अर्जित की गई है।
बीमा माफिया के तीनों सदस्यों द्वारा अवैध रूप से कुल 11 करोड़ 89 लाख 51 हजार रुपए की अवैध संपत्ति अर्जित की गई। जिस पर संभल जिला मजिस्ट्रेट द्वारा पारित आदेश के अनुसार संपत्ति कुर्की करने का आदेश पारित किया गया है।
जहां संभल पुलिस ने तीनों की करोड़ों की अवैध संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई की गई है।

◆ गिरोह के तीनों सदस्यों की अर्जित संपत्ति का विवरण…

1. ओंकारेश्वर मिश्रा करन
वाराणसी के फुलवरिया गांव में दो मंजिला आवासीय मकान।
नजदीक ही मौजा फुलवरिया में दो मंजिला दूसरा मकान, जो उसकी बहन सुषमा मिश्रा के नाम पर है।
एक स्कॉर्पियो गाड़ी तथा एक पल्सर मोटरसाइकिल।

2. सचिन उर्फ मोनू
एक 60 वर्ग मीटर का आवासीय मकान ग्रेटर नोएडा गौतम बुध नगर में।
एक और आवासीय मकान सेक्टर अल्फा ग्रेटर नोएडा गौतम बुध नगर में।
एक आवासीय मकान संभल के गुन्नौर तहसील क्षेत्र के असदपुर मोहल्ला बाघऊ।
बदायूं के सहसवान तहसील क्षेत्र के भीमपुर दोस्तपुर गांव में 1.054 हेक्टेयर खरीदी गई भूमि।
संभल के गुन्नौर तहसील क्षेत्र के सादिकपुर गांव में 0.355 हेक्टेयर भूमि।
एक स्कूटर 2018 मॉडल।
संभल के बबराला के मोहल्ला शिवपुरी में दो मंजिला मकान अपनी मां विमलेश शर्मा के नाम।
शिवपुरी मोहल्ला में ही अपने पिता गनेशी लाल के नाम पर एक मकान।
एक कार अपनी पत्नी निधि शर्मा के नाम।
बाघऊ गांव में एक आवासीय प्लॉट भाई सोनू शर्मा के नाम।
एक आवासीय मकान ग्रेटर नोएडा गौतम बुध नगर में भाई सोनू शर्मा के नाम ।
बदायूं के सहसवान तहसील क्षेत्र के भीमपुर दोस्तपुर में 0.483 हेक्टेयर भूमि भाई सोनू शर्मा के नाम।
एक महिंद्रा कार भाई सोनू शर्मा के नाम।

3. गौरव शर्मा।
एक आवासीय मकान ग्रेटर नोएडा गौतम बुध नगर में गौरव शर्मा और उसकी पत्नी शिल्पी शर्मा के संयुक्त रूप से नाम।
बदायूं के सहसवान तहसील क्षेत्र के भीमपुर दोस्तपुर गांव में 0.445 हेक्टेयर भूमि।
एक मोटरसाइकिल स्प्लेंडर 2015 मॉडल एक स्विफ्ट कार पत्नी शिल्पी शर्मा के नाम पर।

मकर संक्रांति की छुट्टी बदली, अब 15 जनवरी को रहेगा सर्वजनिक अवकाश।

योगी सरकार का आदेश, पहले 14 जनवरी को रखा था ऑप्शनल।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। मकर संक्रांति को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक अहम फैसला लिया है, जिससे लाखों कर्मचारियों, छात्रों और दफ्तरों की योजना अब नए सिरे से बनेगी।
बता दें कि प्रदेश की योगी सरकार ने मकर संक्रांति के अवकाश में बदलाव किया है। पहले सरकार ने 14 जनवरी 2026 को निर्बंधित (वैकल्पिक) अवकाश घोषित किया था, लेकिन अब इसकी जगह 15 जनवरी 2026, गुरुवार को सार्वजनिक अवकाश रहेगा।
जिसके लिए शासन ने संशोधित आदेश भी जारी कर दिया है।
नए आदेश के मुताबिक अब 15 जनवरी 2026 (गुरुवार) को प्रदेशभर में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। इससे पहले यह अवकाश 14 जनवरी 2026 (बुधवार) के लिए घोषित किया गया था।

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, वर्ष 2026 में मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी की रात पड़ रहा है, जबकि उसका धार्मिक और पारंपरिक प्रभाव 15 जनवरी को माना जा रहा है। इसी कारण शासन स्तर पर यह निर्णय लिया गया कि पहले घोषित 14 जनवरी के अवकाश के स्थान पर 15 जनवरी को अवकाश रखा जाए। संशोधित आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 15 जनवरी 2026 (गुरुवार) को निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 के अंतर्गत सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। इसका मतलब है कि इस दिन बैंक, सरकारी कार्यालय और अधिकतर सार्वजनिक संस्थान बंद रहेंगे। साथ ही मकर संक्रांति का सार्वजनिक अवकाश घोषित होने के बाद 2026 में 26 राजकीय अवकाश हो जाएंगे। पहले जारी सूची के अनुसार 25 सार्वजनिक अवकाश थे। अब मकर संक्रांति की छुट्टी भी घोषित होने के बाद निर्बंधित (ऑप्शनल) अवकाश 31 बचेंगे। गणतंत्र दिवस और होलिका दहन सोमवार पड़ रहे हैं, इनसे पहले शनिवार और रविवार का साप्ताहिक अवकाश होने से दफ्तरों में लगातार तीन-तीन दिन छुटि्टयां रहेंगी।

संभल डीएम, कमिश्नर का मतदान केन्द्रों पर निरीक्षण, वाल्मीकि एकता सम्मेलन में भी की सहभागिता।

कहा- संशोधन में न हो देरी, वोटर्स तक पहुचायें लिस्ट।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। आगामी चुनावों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। जहां जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया और मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने जनपद के मतदान केन्द्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यह निरीक्षण भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चल रहे मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण 2026 कार्यक्रम के तहत किया गया। अधिकारी दोपहर लगभग 2 बजे चंदौसी के बनियाखेड़ा विकासखंड स्थित संस्कृत महाविद्यालय में मतदान केंद्र संख्या 177 से 184 तक पहुंचे।
इस दौरान मतदाता सूची, बूथों की स्थिति, मूलभूत सुविधाएं और सुरक्षा इंतजामों की बारीकी से समीक्षा की गई।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मतदाता सूची में संशोधन कार्य में किसी भी तरह की देरी न हो। उन्होंने कहा कि अद्यतन वोटर लिस्ट समय पर तैयार कर हर पात्र मतदाता तक पहुंचाई जाए, ताकि कोई भी नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे। मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आलेख्य मतदाता सूची की जानकारी सभी मतदाताओं तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में किसी भी त्रुटि या अशुद्धि की जानकारी होने पर नियमानुसार संशोधन किया जा सके। साथ ही नए मतदाता बनने के लिए फॉर्म 6 और संशोधन के लिए फॉर्म 8 भरा जाए एवं जन्मतिथि के प्रमाण के लिए वह दस्तावेज उपलब्ध कराया जाये जिसमें जन्मतिथि अंकित हो।
इसके बाद डीएम और कमिश्नर ने वाल्मीकि एकता सम्मेलन में भी सहभागिता की। सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने समाज के लोगों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने का आह्वान किया। अधिकारियों ने कहा कि मतदान ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है और प्रत्येक मतदाता का नाम सूची में होना जरूरी है।
उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जागरूकता अभियान तेज किया जाए और मतदाता सूची संशोधन की जानकारी घर-घर तक पहुंचाई जाए, जिससे अधिक से अधिक लोग निर्भीक होकर मतदान कर सकें।
बता दें कि विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत, 1 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूचियों का आलेख्य प्रकाशन 6 जनवरी 2026 को किया गया था। 11 जनवरी 2026 को जनपद के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के मतदान केंद्रों पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक एक विशेष अभियान चलाकर इन सूचियों का मतदाताओं की उपस्थिति में वाचन किया गया।
इस निरीक्षण के दौरान एसडीएम चंदौसी आशुतोष तिवारी, तहसीलदार रवि सोनकर, बीएलओ और एईआरओ सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

सुदामा चरित्र की करुणा और परीक्षित मोक्ष की महिमा संग संपन्न हुई श्रीमद् भागवत कथा।

◆ कथा सुन भाव विभोर हुए श्रोतागण, तालियों के साथ मिला सरानीय आर्थिक सहयोग।

◆ अद्भुत प्रसंगों के बीच हिमांशु भारद्वाज के भजनों ने बांधा समां।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। शिव मंदिर कृतिया में श्री राम सेवा समिति के तत्वाधान में विगत 3 जनवरी से आयोजित की जा रही श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन श्रीमद्भागवत का रसपान पाने के लिए कथा स्थल पर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। कथा के सातवें और अंतिम दिन कथा व्यास पं. प्रदीप कृष्ण भारद्वाज ने सुदामा चरित्र प्रसंग का विस्तृत वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो गए।
श्रीमद् भागवत कथा का समापन सुदामा चरित्र की करुणा और परीक्षित मोक्ष के भावपूर्ण प्रसंग के साथ हुआ। कथा के अंतिम दिवस श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही। आचार्य द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रसंगों ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया, वहीं भक्ति और वैराग्य का संदेश कथा के माध्यम से जन-जन तक पहुंचा।
कथा श्रवण के दौरान श्रोतागण बार-बार तालियों से अपनी भावनाएं व्यक्त करते नजर आए। ग्राम वासियों एवं श्रद्धालुओं द्वारा कथा आयोजन के लिए उदार एवं सराहनीय आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया गया, जिससे आयोजन को सफल बनाने में सहयोग मिला।

कार्यक्रम के दौरान कीबोर्डिस्ट हिमांशु भारद्वाज द्वारा प्रस्तुत किए गए उत्कृष्ट भजनों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उनके मधुर स्वर और भावपूर्ण प्रस्तुति पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए और पूरा पंडाल भक्ति रस में सराबोर हो उठा।
जहां कथा व्यास ने भगवान कृष्ण की विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया गया। उन्होंने मां देवकी के छह पुत्रों को वापस लाने, सुभद्रा हरण के आख्यान और सुदामा चरित्र पर प्रकाश डाला। कथा व्यास ने सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए मित्रता निभाने के महत्व को समझाया।
उन्होंने बताया सुदामा जी के पास कृष्ण नाम का धन था। संसार की दृष्टि में गरीब तो थे, लेकिन दरिद्र नहीं थे। अपने जीवन में किसी से कुछ मांगा नहीं। पत्नी सुशीला के बार-बार कहने पर सुदामा अपने मित्र कृष्ण से मिलने गए। भगवान के पास जाकर भी कुछ नहीं मांगा। जहां भगवान अपने स्तर से सब कुछ दे देते हैं। सुदामा चरित्र के माध्यम से भक्तों के सामने दोस्ती की मिसाल पेश की और समाज में समानता का संदेश दिया। पं. प्रदीप कृष्ण ने बताया कि जब सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर अपने मित्र भगवान श्रीकृष्ण से मिलने द्वारिका पहुंचे।

द्वारिकाधीश के महल का पता पूछकर सुदामा महल की ओर बढ़े, जहां द्वारपालों ने उन्हें भिक्षा मांगने वाला समझकर रोक दिया। सुदामा ने स्वयं को कृष्ण का मित्र बताया, जिसके बाद द्वारपाल ने महल में जाकर प्रभु को सूचना दी। जैसे ही द्वारपाल के मुख से सुदामा का नाम सुना, भगवान श्रीकृष्ण ‘सुदामा, सुदामा’ कहते हुए तेजी से द्वार की ओर भागे। सामने अपने सखा सुदामा को देखकर उन्होंने उन्हें अपने सीने से लगा लिया। सुदामा ने भी ‘कन्हैया, कन्हैया’ कहकर उन्हें गले लगाया। प्रभु कृष्ण सुदामा को अपने महल में ले गए और उनका अभिनंदन किया। इस भावुक दृश्य को देखकर श्रोता भाव-विभोर हो गए और उन्होंने सुदामा-कृष्ण की झांकी पर फूलों की वर्षा की।
श्रीमद्भागवत कथा का समापन करते हुए कई कथाओं का भक्तों को श्रवण करवाया, जिसमें प्रभु कृष्ण के 16108 शादियों के प्रसंग के साथ, सुदामा प्रसंग और परीक्षित मोक्ष की कथाएं सुनाई। इसके उपरांत दत्तात्रेय जी के चौबीस गुरुओं के बारे में बताया।
कथा समापन पर आयोजकों ने पूजा पाठ एवं यज्ञ आचार्य रोहित भारद्वाज एवं रवि भारद्वाज, कीबोर्डिस्ट एवं उत्कृष्ट भजन गायक हिमांशु भारद्वाज, पैड़ संचालक विशेष ठाकुर एवं ढोलक पर मौजूद रहे मणि गुप्ता आदि का हार्दिक आभार व्यक्त किया।
जहां कथा व्यास, आचार्य एवं समस्त संचालकों ने उपस्थित श्रद्धालुओं से धर्म, भक्ति व सदाचार के मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का आह्वान किया। तदुपरांत शिव मंदिर कृतिया के महंत जयवीर गिरी जी एवं अन्य आयोजकों द्वारा प्रसाद वितरण किया गया। जहां शनिवार को भव्य भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर समिति के सदस्यों सहित सैकड़ों गणमान्य भक्तगण मौजूद रहे।

संभल में रिश्तों का खूनी सच: पहले रूबी तो अब नेहा निकली पति की कातिल।

◆ रूबी ने पति को ग्राइंडर से काटा तो नेहा ने मारकर जंगल में फेंका।

◆ रिश्तों पर सवाल: मेरठ की मुस्कान के बाद रूबी और नेहा की करतूतों से समाज हैरान।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल जनपद में रिश्तों को शर्मसार करने वाले सनसनीखेज हत्याकांड सामने आए हैं। एक के बाद एक दो मामलों में पत्नी ही पति की कातिल निकली, जिससे न सिर्फ पुलिस बल्कि पूरा समाज स्तब्ध है। पहले चंदौसी क्षेत्र में रूबी द्वारा पति की नृशंस हत्या का मामला सामने आया, वहीं अब कासगंज निवासी नेहा पर भी पति की हत्या कर शव जंगल में फेंकने के गंभीर आरोप लगे हैं।
दोनों मामलों में प्रेम संबंधों में बाधक बनने पर ही रिश्तों का कत्ल किया गया है। चंदौसी की रूबी ने प्रेमी के सहयोग से पति के शव के टुकड़े कर धड़ को नाले में और सिर व हाथ पैरों को गंगा में बहा दिया तो कासगंज की नेहा ने अपने भाई और प्रेमी के सहयोग से पति को मौत के घाट उतार शव जंगल में फिंकवा दिया।
मात्र 15 दिन के अंदर दो महिलाओं द्वारा पति की हत्या कराने की घटनाएं सभी की जुबान पर हैं।
लोग कह रहे हैं कि सात फेरे लेते समय जीवन भर साथ निभाने की कसम खाने वाली पत्नी आखिर इतनी बेरहम कैसै हो सकती है? यह गले न उतरने वाली बात है।
मेरठ के चर्चित मुस्कान कांड के बाद संभल में सामने आए इन मामलों ने रिश्तों की संवेदनशीलता और सामाजिक मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग यह सोचने पर मजबूर हैं कि आखिर आपसी विश्वास और रिश्तों में ऐसी दरार क्यों पड़ रही है कि जीवन साथी ही जीवन का दुश्मन बन जा रहा है।

विगत वर्ष तीन मार्च को मेरठ में मुस्कान ने अवैध संबंधों के चलते अपने प्रेमी साहिल की मदद से पति सौरभ की हत्या करने के बाद शव के टुकड़े किए और उन्हें एक नीले ड्रम में डालकर ऊपर से सीमेंट भर दिया था। कुछ ऐसा ही शहर के मोहल्ला चुन्नी में रहने वाले राहुल के साथ हुआ। उसकी पत्नी रूबी के पास में ही किराये पर रहने वाले युवक गौरव से प्रेम संबंध हो गए।
राहुल को शक तो था, लेकिन बीते 17 नवंबर को उसने पत्नी व उसके प्रेमी गौरव को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। उसी रात प्रेमी को बुलाकर दूसरे कमरे में सो रहे रहे राहुल के सिर में हथौड़े से प्रहार कर हत्या कर दी और बाद में ग्राइंडर से लाश के टुकड़े किए। धड़ को नाले में डाल दिया था, जबकि सिर व हाथ-पैर बैग में भरकर गंगा में बहा दिए थे।
तो वहीं दूसरी तरफ नेहा ने अपने प्रेमी और भाई के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी। पहले मारा-पीटा, फिर गला दबाया। जब मर गया तो वारदात को सुसाइड दिखाने के लिए उसे फंदे पर लटका दिया। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया। भाई और प्रेमी ने शव को घर से 5 किलोमीटर दूर बाइक से ले जाकर सड़क किनारे गड्ढे में फेंक दिया। अगले दिन 2 जनवरी को पुलिस को शव मिला। मृतक के सीने पर ‘सनी लव नेहा’ लिखा था। पुलिस ने पहचान के लिए पोस्टर लगवाए। पोस्ट देखकर मृतक के साले ने अपने जीजा की शिनाख्त की। इसके बाद मृतक की पत्नी थाने पहुंची और जोर-जोर से रोने लगी।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह गला दबाकर हत्या सामने आई। शक के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। वह पहले इधर-उधर की बात करती रही। सख्ती से पूछने पर नेहा ने अपना जुर्म कबूल किया।

◆ शव की शिनाख्त के दौरान ही पुलिस को नेहा पर हो गया था शक।

जब नेहा अपने परिवार के साथ अज्ञात शव की शिनाख्त करने के लिए जुनावई थाने पहुंची थी, तभी बातचीत के दौरान पुलिस को उस पर शक हो गया था। नेहा और उसके भाइयों से अलग-अलग पूछताछ की गई तो शक और गहरा गया। जब सख्ती की गई तो नेहा और उसका भाई पुलिस के सामने टूट गया और पुलिस का शक यकीन में बदल गया। गुमशुदगी दर्ज न कराने के बाबत पूछे जाने पर ही नेहा उलझ गई थी और जब उससे कोई जवाब नहीं सूझा तो कह दिया वह 15 दिन के लिए अक्सर गायब हो जाते थे। अब जांच में जब सच्चाई सामने आई तो पुलिस भी हैरान रह गई।

यूपी में शीतलहर के चलते 5 जनवरी तक 12वीं तक के स्कूल बंद।

◆ भीषण ठंड के बीच सीएम योगी ने लिया अहम निर्णय।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। प्रदेश में लगातार बढ़ रही शीतलहर और भीषण ठंड को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लिया है। जिसके तहत समस्त प्रकार के माध्यमिक विद्यालयों को 5 जनवरी तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।
तेजी से गिरते तापमान और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि आदेश का सख्ती से पालन कराया जाए। ठंड से बचाव को लेकर लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की गई है।

जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि बहुत ज्यादा ठंड के समय में स्टूडेंट्स घर से अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए सुरक्षित रहें। मौसम ठीक रहने पर 6 जनवरी से स्कूल फिर से खुलने की उम्मीद है। वहीं, अभिभावकों और छात्रों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।
यह फैसला तब आया है जब कई जिलों में तापमान रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। इसी कारण अधिकारियों को छात्रों और निवासियों की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाने पड़े हैं।
सीएम योगी ने अधिकारियों को सतर्क रहने के साथ फील्ड इंस्पेक्शन करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को कहा गया है कि वे सभी जिलों में कंबल और अलाव आदि का इंतजाम करें। जिससे ठंड से बचाव मिल सके। साथ ही कहा है कि कोई भी व्यक्ति खुले में ना सोए इसके लिए अधिकारियों को नाइट शेल्टर में सभी सुविधाएं सुनिश्चित करनी चाहिए। अधिकारियों को सभी नाइट शेल्टर में पूरी व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। जिससे रहने वालों को खाना और बेसिक सुविधाएं मिल सकें।
सीएम योगी ने जोर दिया कि सभी अधिकारी एक्टिव रहें। रेगुलर तौर पर जिलों का इंस्पेक्शन करें। साथ ही कोल्ड वेव की तैयारियों को लेकर रिपोर्ट दें। इन उपायों में नाइट शेल्टर बनाए रखना, कंबल और अलाव के लिए फ्यूल की सप्लाई पक्का करना, और लोगों को रात में बाहर रहने से रोकने के लिए लोकल अधिकारियों के साथ कॉर्डिनेटर करना शामिल है। इस दौरान लोगों से अपील की गई है कि वे ऑफिशियल गाइडलाइंस का पालन करें।

नव वर्ष पर एएसपी अनुज चौधरी का संदेश- नव वर्ष पर नशा मुक्ति का लें प्रण।

बोले – सच्ची देशभक्ति नारे लगाने में नहीं बल्कि अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से करने में है।

देश के युवा ही भारत के भविष्य, संकल्प लेने के लिए किया प्रेरित।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। प्रदेश भर में चर्चित संभल के सीओ रहे अनुज चौधरी तथा वर्तमान में फिरोजाबाद के एएसपी ने नव वर्ष पर देश के युवाओं को एक संदेश दिया है। अनुज चौधरी ने कहा है कि नव वर्ष पर एक खुद को हमेशा नशा मुक्त रखने का संकल्प लें।
उन्होंने देश के युवाओं को भारत का भविष्य बताते हुए उन्हें इमानदारी से अपना कर्तव्य करने के लिए प्रेरित किया है।
संभल जनपद में चर्चित रहे सीओ अनुज चौधरी तथा अपने कार्य को लेकर एएसपी के पद पर पदोन्नति किए गए। संभल से फिरोजाबाद के लिए एएसपी के पद पर स्थानांतरण किए गए अनुज चौधरी एक लोकप्रिय ओलंपियन खिलाड़ी हैं  जिन्हें अर्जुन अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। अनुज चौधरी ने नववर्ष पर के युवाओं को संदेश देते हुए कहा है कि युवा ही भारत का भविष्य हैं, इसलिए उन्हें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम ईमानदारी से कार्य करें।
उन्होंने सभी युवाओं को नशा मुक्त रहने का संदेश देते हुए उन्हें नशा मुक्त रखने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया ।
उन्होंने कहा कि नशा हमें अपने मार्ग से ही नहीं भटकाता बल्कि हमारे शरीर को भी नष्ट करता है।
उन्होंने देश के युवाओं से अपने कर्तव्य के प्रति ईमानदारी रखने तथा ईमानदारी से ही अपना कर्तव्य निभाने के लिए प्रेरित किया।
अनुज चौधरी ने कहा कि सच्ची देशभक्ति नारे लगाने में नहीं बल्कि अपने कर्तव्य का ईमानदारी से निर्वहन करने में है। उन्होंने कहा कि सभी नववर्ष पर यह संकल्प लें कि हम अपना कर्तव्य ईमानदारी से करेंगे और देश को नशा मुक्त रखेंगे तथा खुद भी नशा मुक्त रहेंगे। क्योंकि नव वर्ष हमें नए संकल्प का अवसर देता है।

साल 2026 में 112 दिन अवकाश, 238 दिन होगी पढ़ाई।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने मंगलवार को जारी किया नया अवकाश कैलेंडर।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डा. महेंद्र देव ने वर्ष 2026 के लिए नया अवकाश कैलेंडर मंगलवार को जारी कर दिया। इसके मुताबिक प्रदेश के राजकीय माध्यमिक स्कूलों में नए कैलेंडर वर्ष में 365 में 238 दिन पढ़ाई होगी और 112 दिन त्योहारों, रविवार व अन्य अवकाश रहेगा। जबकि बोर्ड की परीक्षा 15 दिन होगी।
अवकाश कैलेंडर में ग्रीष्मावकाश, त्योहारों एवं अन्य सार्वजनिक अवकाशों को शामिल किया गया है। निदेशक ने स्पष्ट किया है कि विद्यालयों में निर्धारित शैक्षणिक दिवसों का कड़ाई से पालन किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
कैलेंडर जारी होने के साथ ही सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों और विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि वे शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन नए कैलेंडर के अनुसार सुनिश्चित करें। नए अवकाश कैलेंडर से विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को वर्ष भर की शैक्षणिक योजना बनाने में सुविधा मिलेगी।


विशेष परिस्थितियों में स्थानीय आवश्यकता के अनुसार प्रधानाचार्य विवेकाधीन की तीन छुट्टी कर सकेंगे। विवाहित शिक्षिकाओं को करवा चौथ की छुट्टी मिलेगी। क्षेत्र विशेष में हरि तालिका तीज या हरियाली तीज, संकठा चतुर्थी, हलषष्ठी, अहोई अष्टमी का व्रत रखने वाली शिक्षिकाओं को प्रार्थना पत्र के आधार पर प्रधानाध्यापक या प्रधानाचार्य स्तर से कोई दो छुट्टी दी जाएगी। डीएम के निर्देश पर स्थानीय अवकाश दिए जाएंगे। जबकि जारी कैलेंडर के अनुसार वर्ष 2026 में माध्यमिक विद्यालयों में कुल 112 दिन अवकाश रहेगा व 238 दिन शैक्षणिक कार्य संचालित किया जाएगा।