मानवता शर्मसार! अस्पताल में मृत्यु के बाद भीख मांग कर चुकाया बिल, फिर भी नहीं दिया शव।

मानवता के दुश्मन बने धरती के भगवान, सड़क हादसे में घायल के बाद अस्पताल में कराया था बेटे को भर्ती।

बेटे का शव लेने के लिए डेढ़ लाख में अपना घर भी गिरवीं रखा, फिर भी कम रह गई रकम तो मांगी भीख।

अंत में पुलिस लेकर पहुंचा मजबूर पिता, तब जाकर मिला शव।

अस्पताल डॉक्टर ने कहा- आर्थिक स्थिति को देख कुछ दवाइयां मुफ्त दी गईं, और शव भी दिया गया।

प्रवाह ब्यूरो
बदायूं। बरेली के एक निजी अस्पताल का मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। सड़क हादसे में घायल बेटे के इलाज के बाद उपचार के दौरान मृत्यु होने पर बिल जमा नहीं करने पर शव नहीं दिया गया, इसके लिए पिता को सड़क पर भीख मांगनी पड़ी और गांव वालों से सहयोग लेना पड़ा उसके बाद पुलिस के सहयोग से अस्पताल ने एक पिता को उसके मृत बेटे का शव दिया।
हालांकि अस्पताल ने दावा किया है कि कुछ दवाइयां आर्थिक स्थिति को देखते हुए मुफ्त में दी गई थी और सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, अस्पताल के बाहर भीख मांगने जैसी कोई भी घटना नहीं हुई है।
बदायूं के दातागंज कोतवाली इलाके के नगरिया गांव का रहने वाला धर्मपाल बीते एक दिसंबर को सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था। सरकारी अस्पताल में सही इलाज नहीं मिलने के चलते परिजनों ने बरेली के निजी अस्पताल ओमेगा हॉस्पिटल में भर्ती कराया था।
जहां लगातार 14 दिन तक इलाज चल और अस्पताल द्वारा बिल बनाकर तैयार कर दिया गया। इलाज के दौरान धर्मपाल की मृत्यु हो गई। परिजनों का आरोप है कि बिल 3 लाख 10 हजार रुपए हो गया था। उसके बाद अस्पताल वालों ने कह दिया कि आपका बेटा मर चुका है। फिर क्या मजबूर पिता गिरगिड़ता रहा लेकिन किसी ने नहीं सुनी और अस्पताल ने शव देने से इनकार कर दिया।
उसके बाद पिता अपने घर आ गया और गांव वालों से भीख के रूप में सहयोग लिया कुछ उधार लिया तथा डेढ़ लाख रुपए में अपना घर भी गिरवी रख दिया।
वहीं कुछ लोगों से सड़क पर भी भीख मांगी। झोली फैलाकर बेटे के शव को अस्पताल से लेने के लिए सड़क पर लोगों से रुपए की भीख मांगते हुए पिता का वीडियो भी वायरल है।

जहां किसी तरह एक मजबूर पिता ने 2 लाख 80 हजार रुपए की रकम जमा कर दी। 30 हजार रुपए की रकम रहने के बाद भी डॉक्टरों द्वारा जब शव नहीं दिया गया तो उसने पुलिस का सहयोग लिया।
जहां पुलिस की सहायता से उसके बेटे का शव मिला और गांव लेकर पहुंचा उसके बाद अंतिम संस्कार किया।
अस्पताल द्वारा मानवता को शर्मसार करने का यह मामला बरेली के एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा किया गया। गांव में लोग यही चर्चा करते दिखाई दिए की धरती के भगवान आखिर ऐसे कैसे हो गए।

अस्पताल ने आरोपों को किया खारिज, बोले- फिर माफ कर दिया गया था।

इस मामले के बाद ओमेगा हॉस्पिटल के प्रबंधन ने सभी आरोपी को गलत ठहराया है। अस्पताल का कहना है कि उनका पूरा बिल माफ कर दिया गया था। आर्थिक स्थिति को देखते हुए कुछ दवाइयां भी मुफ्त में दी गई थीं। अस्पताल ने कहा है कि सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं वहां भीख मांगने जैसी कोई भी घटना नहीं हुई है। उन्होंने बताया है कि परिजनों ने कोई भी बिल का भुगतान नहीं किया था और मृत्यु के बाद पूरा बिल माफ कर दिया गया।

फिल्मी अंदाज में आए लुटेरे, असल जिंदगी में चढ़े भीड के हत्थे।

पेश की बहादुरी की मिसाल, पीछे से पकड़ छीने तमंचे, फिर बरसाईं अंधाधुंध लाठियां।

ज्वेलरी शॉप लूट तमंचा दिखा भाग रहे थे बदमाश, एक के हाथ में जेवर भरा बोरा तो दूसरे ने थाम रखा था रूपयों से भरा बैग।

प्रवाह ब्यूरो
बदायूं। थाना उघैती क्षेत्र के खितौरा में ज्वेलरी शॉप में तमंचे के बल पर लूट को अंजाम देकर भाग रहे बदमाशों की योजना उस वक्त धरी रह गई, जब व्यापारियों एवं ग्रामीणों की भीड़ ने बहादुरी की मिसाल पेश कर दी। पीछे से दबोचकर एक बदमाश से तमंचा छीना गया, वहीं दूसरे को भी भागने का मौका नहीं मिला।
एक बदमाश के हाथ में जेवरों से भरा बोरा था तो दूसरे ने रुपयों से भरा बैग थाम रखा था जबकि तीसरा बाइक दौडाने की फिराक में उस पर बैठा हुआ था, लेकिन भीड़ के हौसले के आगे दोनों बेबस नजर आए। तमंचा छिनते ही भीड़ का गुस्सा फूट पड़ा और लुटेरों पर अंधाधुंध लाठियां बरसाईं गईं।
फिल्मी स्टाइल में आई वारदात का अंत आम लोगों की हिम्मत और सतर्कता से हुआ, जिसने न सिर्फ लूट को नाकाम किया बल्कि बदमाशों को पुलिस के हवाले करने का रास्ता भी साफ कर दिया।

बता दें कि गांव खितौरा स्थित मुख्य बाजार में लालाराम रस्तोगी की दुकान से जेवर और रुपये लूटने की पूरी घटना फिल्मी स्टाइल में हुई। लूटपाट के बाद बदमाश तमंचा लहराते हुए बाइक पर सवार होने लगे। एक बदमाश के दोनों हाथों में तमंचे थे। एक के हाथ में लूटे हुए जेवर व रुपये से भरा बैग था। तीसरा बाइक चलाने लगा।
इसी दौरान पड़ोसी दुकानदार रवि भारद्वाज ने साहस दिखाया और बाइक पर पीछे बैठे बदमाश को दबोचकर शोर भी मचा दिया।
इसके बाद जुटे लोगों ने लाठियां बरसानी शुरू कर दीं।
लोगों से लुटेरे के घिरने के दौरान सराफ लालाराम ने लूटे गए आभूषणों को समेटा और दुकान के भीतर रख दिया। उसके बाद सैकड़ों की भीड़ बदमाशों को पीटने में लग गई। जहां उन्हें इतना पीटा की दो के सिर फट गए।
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय ग्रामीण एवं व्यापारी प्रभारी निरीक्षक को बुलाने की मांग पर अड़ गए।
शोर शराबे के बीच भीड़ बढ़ती गई। इसी दौरान पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। ग्रामीण पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। उधर, बदमाश ग्रामीणों की पिटाई से खून से लथपथ हो गए। खून ज्यादा बहता देखकर ग्रामीणों ने पीटना बंद कर दिया।
आरोप है कि इस दौरान एक सिपाही एवं दारोगा ने व्यापारियों से घायल बदमाशों को अस्पताल पहुंचाने की बात कह दी। इसके बाद लोग भड़क उठे। काफी देर समझाने के बाद लोग शांत हुए। करीब दो घंटे के हंगामे को शांत कराकर पुलिस बदमाशों को साथ ले गई।
मारपीट के बाद जब बदमाश बदहवास हो गए तो ग्रामीणों ने उनके हाथ पांव बांध लिए थे। पुलिस बमुश्किल बदमाशों को ग्रामीणों के चंगुल से थाने ले जा सकी। पुलिस ने जब कड़ाई से तीनों बदमाशों से पूछताछ की तो उन्होंने अपने नाम उधैती थाना क्षेत्र के गांव स्वरूपपुर निवासी सचिन पुत्र स्वराज, बिसौली कोतवाली के गांव परसिया निवासी अंकित पुत्र धनवीर एवं आंवला कोतवाली के गांव राजपुर खुर्द निवासी प्रदीप पुत्र सुरेश बताया है। व्यापारियों व ग्रामीणों की पिटाई से बदमाश गंभीर रूप से घायल बताये जा रहें हैं। सीएचसी से तीनों बदमाशों को पुलिस अभिरक्षा में जिला अस्पताल रेफर किया गया है। जहां आईसीयू में भर्ती तीनों बदमाशों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
अवगत रहे कि विगत एक महीने में बदमाशों ने सर्राफा व्यापारियों को चौथी बार निशाना बनाया है। इससे पहले बदमाश सदर कोतवाली मूसाझाग क्षेत्र से सर्राफा व्यापारी से लूट की घटना को अंजाम दे चुके हैं जबकि उघैती में विगत 23 नवंबर को शिवकांत शर्मा की दुकान से डेढ़ सौ ग्राम के जेवन चोरी होने के बाद निरंतर दूसरी घटना होने से व्यापारियों में दहशत का माहौल है।
जिस पर एसपी देहात हृदय से कठेरिया ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया है और सीसीटीवी रिकॉर्ड के जरिए पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
उक्त संबंध में में एसपी ग्रामीण ह्रदेश कठेरिया ने बताया कि उघैती थाना क्षेत्र के खितौरा गांव में एक सर्राफा दुकान में बदमाशों ने घुसकर लूटपाट की। जहां मौके पर तीन बदमाशों को व्यापारियों व ग्रामीणों ने पकड़ लिया। घटना के समय तीन बदमाश ही शामिल पाए गए हैं। चौथे बदमाश के बारे में सीसी फुटेज से जानकारी की जा रही है। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

■ दैनिक प्रवाह के लिए बदायूं से हिमालय शर्मा की रिपोर्ट

सत्र शुरू होते ही गरमाया सदन, कफ सीरप मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा।

कफ सिरप का कटआउट लेकर साइकिल से विधानसभा पहुंचे सपा विधायक ब्रजेश यादव।

◆ कफ सिरप को लेकर सपा का दावा, कहा- गरीब बच्चों की मौत के लिए भाजपा जिम्मेदार।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। यूपी के विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान सपा विधायक ब्रजेश यादव ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। वे साइकिल पर सवार होकर विधानसभा पहुंचे और साथ में एक कटआउट भी चस्पा किया जो जहरीली कफ सिरप से बच्चों की मौत के खिलाफ उनका विरोध दर्शाता है। उनकी साइकिल पर लगे कटआउट में लिखा कि, ‘जादुई कफ सिरप, पीने वाला मर जाता है. बेचने वाला दौलतमंद हो जाता है। सत्ता का संरक्षण पाता है। फिर विदेश निकल जाता है।
यह प्रदर्शन ग्रामीण और गरीब परिवारों की स्वास्थ्य सुरक्षा पर बड़ा सवाल उठाता है। विधायक ब्रजेश यादव ने कहा, ‘हमारे राज्य और पूरे देश में चर्चा हो रही है कि भाजपा ने जहरीले कफ सिरप बांटे, जिससे गरीबों के बच्चे मारे गए। लोगों ने पैसे कमाए और विदेश भाग गए। किन्तु भाजपा सरकार उन्हें बचाने में लगी है। बल्कि सरकार को ऐसे लोगों को तुरंत गिरफ्तार करके जेल भेजना चाहिए।

इतना ही नहीं सपा विधायक ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार दोषियों को संरक्षण दे रही है। विधानसभा सत्र में इस मुद्दे पर विपक्ष की ओर से और हंगामा होने की संभावना है।
बता दें कि हाल के महीनों में देश में कफ सिरप से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। मध्य प्रदेश में कोल्डरिफ नाम के कफ सिरप से 20 से ज्यादा बच्चों की मौत हुई, जिसमें डाइएथिलीन ग्लाइकॉल जैसे जहरीले केमिकल मिले। इसी तरह राजस्थान और अन्य राज्यों में भी इसके कई मामले रिपोर्ट हुए। इसके अलावा यूपी में भी कोडीन-बेस्ड कफ सिरप की अवैध सप्लाई का बड़ा रैकेट पकड़ा गया, जिसकी जड़ें वाराणसी तक बताई जा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि दवा नियमन में सख्ती की जरूरत है ताकि ऐसी त्रासदियां दोहराई न जाएं।
जिसको लेकर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी आरोप लगाया कि यह हजारों करोड़ का घोटाला है जिसमें भाजपा सरकार संरक्षण दे रही है। सपा ने इस शीतकालीन विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाने का ऐलान किया है। विधानसभा सत्र में सपा विधायकों ने अन्य मुद्दों जैसे बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और मतदाता सूची से नाम कटवाने के आरोप आदि पर भी विरोध किया।
फिलहाल इस विरोध प्रदर्शन पर सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

संभल में दर्दनाक हादसा: बाइक सवार चार लोगों की मौत।

आगरा मुरादाबाद हाईवे पर कोहरे के चलते पहले बाइक फिर पेड़ से टकराया डीसीएम।

पति-पत्नी समेत चार ही मौत, पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजे शव।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। शुक्रवार को आगरा–मुरादाबाद हाईवे पर घने कोहरे के बीच तेज रफ्तार कैंटर ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में पति-पत्नी समेत चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पूरा परिवार खत्म हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मचा है, वहीं क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
बता दें कि जनपद में आगरा-मुरादाबाद हाइवे पर घने कोहरे में तेज रफ्तार कैंटर ने बाइक सवार परिवार को टक्कर मार दी। ये दर्दनाक घटना शुक्रवार रात करीब आठ बजे तहसील चंदौसी के बहजोई कोतवाली क्षेत्र स्थित गांव खजरा के निकट हुई।
एंबुलेंस से चारों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहजोई लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान बहजोई थाना क्षेत्र के कमालपुर गांव निवासी सुरेश (34 वर्षीय) पुत्र ओमप्रकाश, उनकी पत्नी विमलेश (30 वर्षीय), बेटे प्रतीक (15 वर्षीय) और संजय (40 वर्षीय) के रूप में हुई है। ये सभी एक ही बाइक पर सवार थे।
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बहजोई कोतवाली प्रभारी संत कुमार ने बताया कि सड़क हादसे में एक किशोर और महिला सहित चार लोगों की मौत हुई है जो सब एक ही बाइक पर सवार थे।

ठिठुरन ने बढ़ाई मुश्किलें, संभल में आगामी तीन दिन तक बंद रहेंगे स्कूल।

भीषण ठंड और कोहरे के कारण जिलाधिकारी ने जारी क‍िया आदेश।

मासूम अंदाज में  ‘डीएम अंकल, से बच्चे भी कर रहे थे छुट्टी की मांग।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। जनपद में लगातार बढ़ रही कड़ाके की ठंड और शीतलहर के चलते आम जनजीवन प्रभावित हो गया है। ठिठुरन भरी सर्दी को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन बड़ा निर्णय लिया है। जहां विपरीत मौसम और बढ़ती ठंड के बीच संभल जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने जिले के सभी विद्यालयों में दो दिन का अवकाश घोषित किया है। छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संभल जनपद में डीएम ने 19 और 20 दिसंबर को नर्सरी से कक्षा 12वीं तक संचालित सभी परिषदीय, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। ठंड के कारण खासतौर पर छोटे बच्चों को हो रही परेशानियों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। प्रशासन ने विद्यालय प्रबंधन और अभिभावकों से अपील की है कि वे आदेशों का सख्ती से पालन करें।

वहीं, मौसम विभाग के अनुसार अभी ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं और तापमान में और गिरावट हो सकती है। ठंड के चलते लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। प्रशासन द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था भी की जा रही है।
जनपद में पिछली चार दिन तक घना कोहरा छाया छाया रहा जो बृहस्पतिवार को कुछ छटा किन्तु ठंडी हवा ने और ठिठुरन बढ़ा दी। बुधवार के मुकाबले बृहस्पतिवार को एक डिग्री तापमान ज्यादा दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 10 और अधिकतम तापमान 22 डिग्री दर्ज हुआ। यही बजे रही कि सर्दी को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने जनपद के सभी बोर्ड के कक्षा 12 तक के स्कूल 19 एवं 20 दिसंबर को बंद रखने के आदेश दिए हैं जबकि 21 दिसंबर को रविवार होने के चलते समस्त स्कूल स्वत: बंद रहेंगे। कपकपाते हुए स्कूल जाते उन सभी बच्चों के लिए आगामी तीन दिन की ये छुट्टी एक राहत की खबर लेकर आई हैं।
दिसंबर के दूसरे सप्ताह से लगातार सर्दी बढ़ रही है। चार दिन तक घने कोहरे ने रात और सुबह का सफर मुश्किल से भरा कर दिया। दृश्यता शून्य हो गई और रात के समय वाहनों की आवाजाही पर ब्रेक लग गया। जो वाहन जरूरी सामान लेकर आगे बढ़े वह रेंगते हुए दिखाई दिए। बृहस्पतिवार को घने कोहरे से तो राहत मिली लेकिन सर्दी का सितम जारी रहा। जो लोग घरों से बाहर निकले वह ठिठुरते हुए दिखाई दिए। अलाव पर सर्दी से राहत पाई या वह ऐसी जगह खड़े हुए जहां सीधी हवा न लगे।
पिछले कुछ दिनों से जिलाधिकारी को बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों के संदेश आ रहे थे। बच्चे ने मासूम अंदाज में ‘डीएम अंकल, छुट्टी कर दीजिए’ कहते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से अवकाश की मांग  कर रहे थे। जहां ठंड और मौसम की स्थिति को देखते हुए डीएम संभल द्वारा अब यह निर्णय लिया गया है।

प्रेम में पागलपन, एकतरफा आशिकी ने ली दो जानें।

शादी की जिद में डी-फार्मा छात्र धर्मवीर ने की युवती के दो भाइयों की निर्मम हत्या।

अपहरण के बाद दोनों की हत्या, एक शव चौथे दिन तो दूसरा 17 दिन बाद बरामद।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल के बहजोई थाना क्षेत्र से एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। जहां एक तरफा प्यार में शादी की जिद में अडे डी-फार्मा छात्र धर्मवीर ने युवती के दोनो भाइयों को अगवा कर बेरहमी से हत्या कर दी। परिजनों के अनुसार आरोपी लंबे समय से युवती पर शादी का दबाव बना रहा था। युवती व उसके परिजनों के इनकार से नाराज होकर उसने साजिश रची और एक शादी समारोह में से दोनों भाइयों का अपहरण कर लिया। अपहरण के बाद दोनों की निर्मम हत्या कर शव अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिए गए। पहला शव घटना के चौथे दिन बरामद हुआ, जबकि दूसरे भाई का शव 17 दिन बाद मिला। दूसरा शव मिलने बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद से 8 साल छोटी लड़कों की बहन से शादी करने की जिद पर अड़ा था। घर जाकर उसने हंगामा भी किया था। तब लड़की और उसके पिता ने आरोपी की चिमटे से पिटाई भी की थी। पिटाई के बाद आरोपी ने दोनों भाइयों को देख लेने की धमकी दी थी।

बता दें कि रामौतार धनगर थाना बहजोई क्षेत्र के मैथरा धर्मपुर गांव में अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनके दो बेटे अमरपाल (11) और कमल सिंह (10) और एक 16 साल की बेटी थी। 26 नवंबर की शाम दोनों भाई अपने ननिहाल थाना धनारी क्षेत्र के मझोला गांव से बारात में शामिल होने के लिए पिकअप में बैठकर निकले थे किन्तु दोनों भाई बारात में नहीं पहुंचे, तो परिवार में चिंता हुई। तदोपरांत उनकी तलाश शुरू हुई। बारातियों की जानकारी पर पिता ने थाना धनारी में बदायूं के गांव सरैरा निवासी धर्मवीर (24) के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई। बारातियों ने बताया कि था धर्मवीर, दोनों भाइयों को बाइक से बारात छोड़ने के बहाने साथ ले गया था।
इसके बाद 29 नवंबर को थाना रजपुरा क्षेत्र के गांव सिंघौली कल्लू में गन्ने के खेत में बड़े भाई अमरपाल सिंह का शव मिला।
17 दिन बाद 12 दिसंबर को थाना धनारी क्षेत्र के गांव भकरौली के तालाब से कमल सिंह का शव मिला। जहां तालाब से कुत्ता पानी पीते समय बॉडी को खींचकर बाहर ले आया था। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी थी। इसके बाद पिता की शिकायत पर आरोपी धर्मवीर के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई।

आरोपी धर्मवीर और मृतक लड़कों के नाना भूपसिंह व कल्याण सिंह आपस में चचेरे-तहेरे भाई हैं। धर्मवीर की ननिहाल भी थाना धनारी क्षेत्र के गांव मझोला में भूप सिंह के यहां है। वहीं मृतक भाइयों की ननिहाल भी इसी गांव में है। उनके नाना का नाम कल्याण सिंह है।
पिता रामौतार ने बताया कि दोनों बेटे मेरे साथ ही ससुराल गए थे। बेटे बारात में जाने की जिद करते हुए वहीं रुक गए थे। बेटी अकेली थी, इसलिए मैं घर आ गया था। घर पहुंचा तो धर्मवीर मेरी बेटी से लड़ाई कर रहा था। शादी करने की जिद पर अड़ा था जहां मेरी बेटी इसका विरोध कर रही थी। जब मैंने भी विरोध किया तो मुझसे भी मारपीट पर उतारू हो गया। मेरी बेटी ने उसे झपट दिया। चिमटे से उसकी पिटाई कर दी। घर से जाते समय बेटी से दोनों भाइयों को देख लेने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार धर्मवीर चंदौसी के एक इंस्टीट्यूट से डी-फार्मा की पढ़ाई कर रहा है। जहां वह किसी मेडिकल स्टोर पर भी काम करता है।
संभल एएसपी अनुकृति शर्मा ने बताया कि दोनों बच्चों की अपहरण के बाद हत्या की गई है। जिसमें पूर्व से ही अभियोग पंजीकृत है। आरोपी की तलाश की जा रही है। कल मिले दूसरे शव का भी पोस्टमॉर्टम कराया गया है। अब पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कहां-कहां चोट है और कितने दिन पहले हत्या की गई है।
पिता ने पहले आरोपी धर्मवीर पर अपहरण, फिर हत्या की एफआईआर दर्ज कराई है। जहां पुलिस ने आरोपी को नामजद किया है किंतु हत्यारोपी धर्मवीर पुलिस गिरफ्त से आज भी दूर है।

स्कूली बच्चों ने कलेक्ट्रेट व एसपी कार्यालय का किया शैक्षिक भ्रमण।

डीएम बोले- “जीवन में कर्मयोगी बनें, अनुशासन और ईमानदारी को अपनाएं।”

  जिला प्रशासन की कार्यशैली को परखा, बारीकी से मिली जानकारी।

डीएम, एसपी तथा सीडीओ कार्यालय सहित अन्य विभागों का भी किया दौरा।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल के बहजोई स्थित सिल्वरस्टोन पब्लिक स्कूल के कक्षा 6 से 9वीं के लगभग 200 छात्रों ने जिला कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय सहित अन्य विभागीय अधिकारियों के कार्यों का शैक्षणिक भ्रमण कर जिला प्रशासन की कार्य पद्धति को समझते हुए सरकारी कार्य प्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से समझने का प्रयास किया।
जहां जिलाधिकारी ने भी सभी बच्चों से मुलाकात कर उन्हें आशीर्वाद दिया तथा भविष्य में अनुशासन तथा ईमानदारी को अपनाने के लिए प्रेरित किया। मंगलवार को सिल्वरस्टोन पब्लिक स्कूल बहजोई के कक्षा 6 से 9वीं तक के लगभग 200 विद्यार्थियों ने बहजोई कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर शैक्षिक भ्रमण करते हुए जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली को देखा।

विद्यार्थियों ने जिलाधिकारी से मुलाकात की तथा जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए विभागीय जानकारी दी।
जिला प्रशासन के विभिन्न कार्यालय का अवलोकन करते हुए सरकारी कार्य प्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से समझने का प्रयास किया। जहां उन्होंने एसपी कार्यालय, मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय तथा डीपीएमयू, एनआईसी, सहित अन्य विभागीय अधिकारियों के कार्यालय का निरीक्षण करते हुए डिजिटल सेवाओं तथा जनकल्याण योजनाओं के संचालन के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।
भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी से मुलाकात करते हुए आशीर्वाद लिया तथा जिलाधिकारी ने सभी बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में कर्मयोगी बनें और अपने अंदर निरंतर सुधार लाएं तथा सदैव अनुशासन में रहते हुए ईमानदारी को अपनाएं।

विद्यार्थियों ने अधिकारियों से अलग-अलग कई प्रश्न भी पूछे और प्रशासनिक व्यवस्था, कानून व्यवस्था, डिजिटल भारत परियोजनाओं तथा अन्य संबंधित जानकारी हासिल की।
विद्यालय प्रधानाचार्य ने बताया कि ऐसे भ्रमण विद्यार्थियों के अंदर नेतृत्व क्षमता, प्रशासनिक समझ और सामाजिक जागरूकता पैदा करते हैं।

सर्राफा दुकान से लाखों की चोरी की घटना में मुकदमा दर्ज।

थाने से महज 50 कदम की दूरी पर घटित हुई थी घटना।

अभियोग पंजीकृत कर जांच में जुटी पुलिस, सीसीटीवी रिकॉर्ड की मदद से की जा रही छानबीन।

प्रवाह ब्यूरो
बदायूं। सर्राफा की एक दुकान से करीब 150 ग्राम वजन के सोने के जेवर से भरा डिब्बा लेकर शातिर युवक चंपत हो गया। जानकारी के अनुसार चुराये गये सोने की कीमत 19 लाख रुपये से ऊपर है। शातिर चोर को जाने के बाद सर्राफ को दुकान की रैक में रखा डिब्बा गायब होने की भनक लगी। अचंभित कर देने वाली यह घटना कस्बा उघैती में थाने से महज 50 कदम की दूरी पर घटित हुई। जो सीसीटीवी में भी कैद हो गई। चोरी की घटना की जानकारी पर पुलिस मौके पर पहुंची और पड़ताल की। आसपास के सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले गये, जिससे युवक किस दिशा में और कौन से वाहन से गया, इसकी जानकारी हो सके। रविवार को बदायूं की उघैती पुलिस ने सर्राफा व्यापारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
बता दें कि कस्बे में सर्राफा कारोबारी शिवकांत शर्मा की दुकान पर 23 नवंबर को लगभग डेढ़ बजे चोरी की घटना हुई थी। जब ग्राहक बनकर आए व्यक्ति ने सोने की कान की बालियाँ और अन्य जेवर दिखाने के बहाने दुकान पर समय बिताया। जहां उसने काउंटर पर अखबार फैलाकर मौके का फायदा उठाया और काउंटर की रैक से करीब 150 ग्राम सोने के जेवर चोरी कर अपनी जैकेट में रखकर भाग गया। उक्त घटना से शहर के सराफा व्यापारियों में हड़कंप मच गया।
उक्त संबंध में प्रभारी निरीक्षक अवधेश कुमार ने बताया कि प्राप्त तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी चोर की तलाश की जा रही है। इसके लिए अन्य सीसीटीवी कैमरे आदि भी देखे जा रहे हैं जिससे चोर की पहचान की जा सके।

कलयुग की मीरा बनी पिंकी ने कान्हा संग रचाई शादी।

कार में दूल्हा बनकर सवार हुए प्रतिमा स्वरूप श्रीकृष्ण, निकली पूरी बारात।

अनोखी शादी बनीं चर्चा का विषय, लोग बोले कलयुग की मीराबाई है पिंकी।

पिता बोले- प्रसाद में अंगूठी मिली, तभी मान लिया था कान्हा को पति।

प्रवाह ब्यूरो
बदायूं। यूपी के बदायूं जनपद में भक्ति और आस्था का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला है। जहां 28 वर्षीय पिंकी शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा को अपना जीवनसाथी चुन मीरा की राह पर चल अनोखी मिसाल पेश की है। इतना ही नहीं परिवार ने भी बेटी की खुशी के लिए विवाह की सभी पारंपरिक रस्में पूरी कीं साथ ही पिंकी शर्मा ने श्रीकृष्ण की प्रतिमा को गोद में लेकर सात फेरे लिए। जीजा इंद्रेश कुमार का परिवार बाराती बनकर आया। पूरे गांव ने घराती की भूमिका निभाई। परिवार ने विवाह की रस्में पूरी कीं। पिंकी ने प्रतिमा को गोद में लेकर सात फेरे भी लिए। पिंकी पोस्ट ग्रेजुएट हैं और बचपन से ही कान्हा की भक्त हैं।

बता दें कि शनिवार रात इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गांव ब्यौर कासिमाबाद में एक अनोखा विवाह संपन्न हुआ जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां एक युवती ने भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति के साथ सात फेरे लिए और वरमाला भी पहनाई।
बारात जब पिंकी शर्मा के घर पहुंची तो द्वार पूजा हुई। श्रीकृष्ण की मूर्ति गोद में लेकर खुद पिंकी स्टेज पर चढ़ी। पहले पिंकी ने श्रीकृष्ण को जयमाल डाली, फिर श्रीकृष्ण को माला चढ़ाकर खुद पहनी। 
ग्रामीणों ने प्रसाद ग्रहण किया। रविवार सुबह विदाई हुई। युवती उसी गांव निवासी बहनोई के घर चली गई। परिजनों ने बताया वृंदावन में दर्शन के दौरान सोने की अंगूठी मिलने पर युवती ने कान्हा से शादी करने का संकल्प लिया था। वहीं पिंकी शर्मा आने वाले दिनों में वृंदावन जाकर श्रीकृष्ण की सेवा में अपना जीवन बिताना चाहती है।
इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गांव ब्यौर कासिमाबाद निवासी पोस्ट ग्रेजुएट पिंकी शर्मा (28) ने शनिवार रात भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति के साथ हिन्दू रीति-रिवाज से विवाह किया। घर को बरात आगमन के लिए बेहतर ढंग से सजाया गया था। युवती का बहनोई पक्ष बराती बना। लगभग सौ बराती कान्हा की मूर्ति के साथ बारात लेकर गांव पहुंचे। जिसके बाद गांव के प्राथमिक विद्यालय में मंडप में सात फेरे हुए। हवन-पूजन, मंत्र उच्चारण और विधि-विधान के साथ पिंकी शर्मा ने कान्हा की मूर्ति को वरमाला पहनाई। विवाह के दौरान दावत हुई। जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। रविवार को पिंकी शर्मा की विदाई हुई।

वह कान्हा की मूर्ति लेकर बहनोई के घर चली गईं। जहां द्वार पूजा हुई। पिंकी शर्मा ने कहा कि उन्हें कान्हा से बचपन से ही गहरा लगाव है। वह एक साल पहले दर्शन करने के लिए वृंदावन गई थीं। जहां प्रसाद के रूप में सोने की अंगूठी मिली, जो शुभ संकेत है। जिसे कान्हा का आशीर्वाद मानकर उनके साथ विवाह का संकल्प लिया। इसके अलावा कई दिनों से उन्हें सपना आ रहा था। कान्हा ने सपने में दो बार उन्हें वरमाला पहनाई थी। जब समाज और रिश्तेदार उन पर शादी करने का दबाव बना रहे थे तो उन्होंने किसी युवक की बजाय कान्हा से ही शादी करने का निर्णय लिया था। इसलिए कान्हा को अपना जीवनसाथी बना लिया है।
दैनिक प्रवाह से बातचीत में शिक्षा शास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएट पिंकी शर्मा ने बताया कि उनका संपूर्ण जीवन भगवान को समर्पित। आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि पढ़ाई अपनी जगह है, पर मेरी रुचि भक्ति में है। कान्हा ने ही यह रास्ता दिखाया, वही अब जीवन की डोर संभालेंगे।
पिंकी शर्मा के गांव ब्यौर कासिमाबाद निवासी सुरेश चंद्र शर्मा की पांच संतानें तीन बेटे और दो बेटियां में सबसे छोटी बेटी हैं।

पिंकी शर्मा के विषय में अधिक जानकारी करने पर उनके पिता सुरेश चंद्र शर्मा ने बताया कि पिंकी हमारी सबसे छोटी संतान है। बचपन से ही वह अत्यंत धार्मिक रही है। जिसके चलते ही वह मेरे साथ अक्सर वृंदावन जाती रहती थी। करीब चार महीने पहले बांके बिहारी मंदिर में पिंकी ने ऐसा अनुभव किया, जिसने उनका जीवन बदल दिया। प्रसाद लेते समय उनके आंचल में शुद्ध सोने की एक अंगूठी भी आई। पिंकी ने इसे कान्हा का आशीर्वाद माना और उसी दिन तय कर लिया कि वह किसी मानव से नहीं, केवल कान्हा से ही विवाह करेंगी।
तदोपरांत हमने भी अपनी बेटी की खुशी में पूरा समर्थन दिया उसी अनुक्रम में आज यह विवाह संपन्न हुआ है।
इस अवसर पर पिंकी के पिता सुरेश चंद शर्मा ने अपनी बेटी पिंकी को और बेटों की तरह ही प्रॉपर्टी में हिस्सा देने का ऐलान किया।
वहीं मां रामेन्द्री ने कहा- “शुरू में थोड़ा अजीब लगा, पर बेटी का फैसला भक्ति से भरा था, इसलिए खुशी-खुशी शादी करा दी।
इस अनोखी शादी की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है। गांव वाले पिंकी को मीरा कहने लगे हैं। 

पुलिस परिवार परामर्श समझौता केंद्र ने आयोजित की साप्ताहिक बैठक।

बैठक में परामर्श एवं विधिक समझ के माध्यम से किया गया सौहार्दपूर्ण समाधान।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। शनिवार को संभल पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई के नेतृत्व, अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिण श्रीमती अनुकृति शर्मा के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार सिंह के सुविचारित पर्यवेक्षण में पुलिस परिवार परामर्श सुलह-समझौता केंद्र, बहजोई में साप्ताहिक बैठक आयोजित की गई। जहां परामर्श केंद्र प्रभारी डॉ. रुकम पाल सिंह की देखरेख में सम्पन्न इस बैठक का उद्देश्य पारिवारिक विवादों को संवाद, परामर्श एवं विधिक समझ के माध्यम से सौहार्दपूर्ण समाधान प्रदान करना रहा।
जिसमें कुल 69 पत्रावलियों की सुनवाई की गई, जिनमें प्रत्येक प्रकरण की परिस्थितियों, कथनों और व्यवहारिक संभावनाओं का विस्तृत परीक्षण किया गया। इनमें से 25 पत्रावलियों का निस्तारण सफलतापूर्वक किया गया साथ ही 10 दंपतियों को आपसी सहमति के आधार पर पुनः मिलाया गया एवं 11 पत्रावलियाँ आवेदकों द्वारा बल न देने या अनुपस्थित रहने के कारण नियमानुसार समाप्त कर दी गईं तथा 04 मामलों में आवश्यक विधिक प्रक्रिया के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की गई।
इस अवसर पर परामर्श केंद्र प्रभारी डॉ. रुकम पाल सिंह ने कहा कि
“पुलिस विभाग का लक्ष्य केवल विवादों का निस्तारण भर नहीं, बल्कि परिवारों के मध्य संवाद, विश्वास और संतुलन को पुनर्स्थापित करना है। यह केंद्र सामाजिक सामंजस्य को मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है।”
इस अवसर पर बैठक में अमन खुराना, श्वेता गुप्ता, अखिलेश अग्रवाल, बबीता शर्मा, कंचन महेश्वरी, सीमा आर्या
ने सक्रिय सहभागिता निभाई साथ ही हेड कॉन्स्टेबल रश्मि गहलोत, कांस्टेबल ज्योति, कांस्टेबल शहज़ाद मलिक ने परामर्श प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित कराने में महत्त्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।